जामुन के फायदे



जामुन कम समय के लिए आने वाला लेकिन बेहद लाभदायक फल है। यह स्वाद और सेहत से भी भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। जामुन के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
*यह पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। खास बात यह है कि डायबिटीज वाले लोग भी इसका सेवन कर सकते हैं। बस एक बात का ध्यान रखें कि कभी भी खाली पेट जामुन का सेवन न करें।

*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*

न ही कभी जामुन खाने के बाद दूध का सेवन करें। साथ ही अधिक मात्रा में भी जामुन खाने से बचें।
*यदि आप अपने चेहरे पर रौनक लाना चाहती हैं तो जामुन के गूदे का पेस्ट बनाकर इसे गाय के दूध में मिलाकर लगाने से निखार आता है।
 *विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए जामुन खाना अच्छा रहता है। बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि जामुन में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

 *जामुन शुगर पेशेंट के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमे कैरोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और सोडियम भी पाया जाता है। इस वजह से यह शुगर का लेवल मेंटेन रखता है।
 जामुन का सिरका बनाकर बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सेवन करने से यह न केवल भूख बढ़ाता है, बल्कि कब्ज की शिकायत को भी दूर करता है।

*पित्ताश्मरी(Gallstone) की अचूक औषधि*

* जामुन में फ्लेवोनॉइड्स, फेनॉल्स, प्रोटीन और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए लाभकारी होता है।
*ग्लूकोज और फ्रक्टोज के रूप में मिलने वाली शुगर शरीर को हाईड्रेट करने के साथ ही कूल और रिफ्रेश करती है।
*जामुन में फाइटोकेमिकल्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
* अगर आपको कमजोरी महसूस होती है या आप एनीमिया से पीडित हैं तो जामुन का सेवन आपके लिए 
फायदेमंद रहेगा।

कालमेघ के उपयोग ,फायदे

 *यदि आपको एसिडिटी की समस्या रहती है तो काले नमक में भुना जीरा मिलाकर पीस लें। फिर इसके साथ जामुन का सेवन करें। एसिडिटी की समस्या दूर हो जाएगी।
 *यदि आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन के बीजों को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाएं।
जामुन के और भी फायदे हैं-

*जामुन को मधुमेह के बेहतर उपचार के तौर पर जाना जाता है।
*पाचनशक्ति मजबूत करने में जामुन काफी लाभकारी होता है।



रतनजोत के औषधीय प्रयोग,उपयोग,लाभ


*यकृत (लिवर) से जुड़ी बीमारियों के बचाव में जामुन रामबाण साबित होता है।
*अध्ययन दर्शाते हैं कि जामुन में एंटीकैंसर गुण होता है।
*कीमोथेरेपी और रेडिएशन में जामुन लाभकारी होता है।
*हृदय रोगों, डायबिटीज, उम्र बढ़ना और अर्थराइटिस में जामुन का उपयोग फायदेमंद होता है।
*जामुन का फल में खून को साफ करने वाले कई गुण होते हैं।
*जामुन का जूस पाचनशक्ति को बेहतर करने में सहायक होता है।



दमा( श्वास रोग) के असरदार उपचार


*जामुन के पेड़ की छाल और पत्तियां रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होती हैं।
*कब्ज और उदर रोग में जामुन का सिरका उपयोग करें। जामुन का सिरका गुणकारी और स्वादिष्ट होता है, इसे घर पर ही आसानी से बनाया जा सकता है और कई दिनों तक उपयोग में लाया जा सकता है।
*सिरका बनाने की विधि- काले पके हुए जामुन साफ धोकर पोंछ लें। इन्हें मिट्टी के बर्तन में नमक मिलाकर मुँह साफ कपड़े से बाँधकर धूप में रख दें। एक सप्ताह धूप में रखने के पश्चात इसको साफ कपड़े से छानकर रस को काँच की बोतलों में भरकर रख लें। यह सिरका तैयार है।


शुक्राणुओ में वृद्धि करने के रामबाण उपाय

मूली, प्याज, गाजर, शलजम, मिर्च आदि के टुकड़े भी इस सिरके में डालकर इसका उपयोग सलाद पर आसानी से किया जा सकता है। जामुन साफ धोकर उपयोग में लें।
*यथासंभव भोजन के बाद ही जामुन का उपयोग करें। जामुन खाने के एक घंटे बाद तक दूध न पिएँ। जामुन पत्तों की भस्म को मंजन के रूप में उपयोग करने से दाँत और मसूड़े मजबूत होते है|


किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि


लंबे बालों को सेहतमंद रखने के उपाय


                                                                      

गर्मी में लंबे बालों को संभालना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। आपके दिल में भी कई बार अपने बालों को इसी वजह से कटवाने का ख्याल आया होगा। पर समस्या है तो समाधान भी तो है। बताते हैं गर्मी में अपने लंबे बालों की देखभाल कैसे करें,
*गर्मी के मौसम में बालों की समस्या बढ़ जाती है। अगर लंबे बाल हों तो उनको संभालना और मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हम लंबे बालों को एक मुसीबत के रूप में देखते हैं और अक्‍सर बालों को कटवाने का खयाल मन में आने लगता है। गर्मी के इन तीन महीनों में बाल ज्यादा घुंघराले और भारी भी हो जाते हैं, जिसके कारण वे और मुश्किल पैदा करते हैं।

डेंगू ज्वर :कारण और निवारण के उपाय 


*आप जूड़ा भी बना सकती हैं। बाल सुरक्षित रहेंगे और उलझेंगे भी नहीं। इसके अलावा आप बालों में गांठ भी लगा सकती हैं। बालों में तरह-तरह से गांठ लगाएं, बालों को एक नया लुक मिलेगा।
*इस मौसम में बालों को अतिरिक्त गर्मी बिल्कुल न दें। बालों में हेयर ड्रायर या हेयर कर्लर का प्रयोग बिल्कुल न करें। इनके प्रयोग से आपके बालों को नुकसान पहुंचेगा और बाल झड़ने भी लगेंगे। लंबे बालों को हमेशा प्राकृतिक तरीके से ही सुखाने की कोशिश करें।
*गर्मी के मौसम में पानी बहुत महत्वपूर्ण होता है, इससे आपमें नमी की कमी नहीं होगी। यह न सिर्फ आपके लिए, बल्कि आपके बालों के लिए भी बहुत जरूरी है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी कम-से-कम पिएं। घर से बाहर निकल रही हैं, तो पानी जरूर रखें।
*इसके अलावा इस मौसम में पोषणयुक्त आहार का सेवन अवश्य करें। मौसमी फल और तरबूज खाने से बालों को पोषण मिलता है और इससे बाल मजबूत और घने होते हैं। 
बालों में बार-बार हाथ फेरना भी बुरी आदत है। हम पहले कीटाणुयुक्त चीजें छूते हैं, फिर उसी गंदे हाथ से अपने बाल छूते हैं। यही कीटाणु डैंड्रफ व बालों के टूटने की वजह बनते हैं।
*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*
पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

किस दवा के साथ क्या क्या न खाएं




चिकित्सक अक्सर परामर्श देते हैं कि दवाएं कभी भी खाली पेट नहीं खानी चाहिए, इसके बहुत आनुषंगिक दुष्प्रभाव होते हैं। लेकिन अगर कुछ दवाएं खा भी रहे हैं तो भी ध्यान रखना होगा कि क्या खा रहे हैं। कुछ बीमारियों से जुड़ी दवाइयां हर किसी चीज के साथ नहीं खा सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे कुछ खास कॉम्बिनेशन लेने से बचना चाहिए।


*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*

*मुलेठी शरीर में पोटेशियम को कम करती है जो दिल की बीमारी वालों के लिए खतरनाक हो सकता है। उच्च रक्तचाप, धड़कनों का बढ़ना या दिल के दौरे का इलाज कर रहे हो तो मुलेठी खाने से बचें। दोनों चीजें एक साथ लेने से शरीर में पोटेशियम का स्तर एक साथ घट जाएगा, जो कि खतरनाक हो सकता है।
*ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए दवाएं ले रहे हैं तो केले मत खाएं। कारण ये है कि केले में खूब सारा पोटेशियम होता है जो दवा के अतिरिक्त लेने से शरीर में पोटेशियम के स्तर को दोगुना कर देगा। बहुत सारा पोटेशियम दिल की धड़कनों को अनियंत्रित कर सकता है और घबराहट पैदा करेगा।


गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*कफ या जुकाम की दवा ले रहें हो तो उस समय नींबू या संतरे जैसे खट्टे फल ना खाएं।
*पेरासिटामोल, पेनकिलर या फिर अगर डॉयबटीज की दवा ले रहे हैं तो उस दौरान शराब ना पिएं। कारण ये है कि इन दवाओं को लेने के बाद लीवर को अतिरिक्त काम करना पड़ता है लेकिन उसी समय शराब पी जाएं तो यकृत को दोगुना काम करना पड़ेगा। इस तरह से दोगुना काम करने की वजह से लीवर को नुकसान हो सकता है। यकृत के क्षतिग्रस्त होने की आंशका बढ़ सकती है।


*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

*वॉरफेरिन, ये दवा खून के थक्के नहीं बनने देती। इसे या ऐसी कोई भी दवा खा रहे हैं तो हरे पत्तेदार सब्जियां कम खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सब्जियों में विटामिन k बहुत ज्यादा होता है जो खून में थक्के बनाता है। *जब आप इन दवाओं के साथ वॉरफेरिन खाएंगे तो दवा का असर कम हो जाएगा और फायदा नहीं पहुंचेगा।

*गठिया रोग के घरेलू,आयुर्वेदिक उपचार*

*सिप्रोफ्लोक्सेसिन और टेट्रासाइक्लिन को एक ग्लास पानी के साथ ही लेना चाहिए। इसे खाना खाने से एक घंटे पहले या फिर खाने के दो घंटे बाद लें। इन दवाओं को सोखने में समय लगता है जिससे अगर खाना खा लिया जाए तो ये काम बाधित हो जाता है। ऐसा दूध के साथ ज्यादा होता है। तो इन दवाओं को दूध के साथ ना लें।

अंगूर खाने के फायदे // Benefits of grapes




अंगूर एक बलवर्घक एवं सौन्दर्यवर्घक फल है। अंगूर फल मां के दूघ के समान पोषक है। फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। यह हर तरह से आपके लिए फायदा करता है। अंगूर की कई तरह की प्रजातियां हैं। जैसे लंबे अंगूर, काले अंगूर, छोटे अंगूर आदि। इन्ही अंगूरों से किशमिश बनाई जाती है। अंगूर में कैलोरी, फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अंगूर प्राकृति का एैसा फल है जिसमें हर तरह के उत्तम गुण हैं जो सेहत और उम्र को बढ़ाने में मददगार होते हैं।

भगंदर को जड़ से खत्म करने के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

*कहते हैं कि जब लगभग सभी खाने की चीजें अपथ्य हो जाएं, अर्थात खाने को मना हों तो भी अंगूर का सेवन किया जा सकता है। यानि रोगी के लिए बलवर्धक पथ्य फल है यह अंगूर। स्वाद के अनुसार काले अंगूर(जिसे सुखाकर मुनक्का बनाया जाता है ) ,बैंगनी अंगूर ,लम्बे अंगूर ,छोटे अंगूर और बीज रहित अंगूर होते हैं जिन्हें सुखाकर किशमिश बनाई जाती है। अब इसके गुणों के बारे में चर्चा करें तो पके अंगूर शीतल, नेत्रों के लिए हितकारी, कसैले, वीर्यवर्धक,पौष्टिक एवं रुचि बढ़ाने वाले होते हैं। जबकि कच्चे अंगूर गुणों में हीन ,भारी एवं कफ व पित्त को कम करने वाले होते हैं।

लीवर  के रोगों के उपचार 

*अंगूर के ताजेफल खून को बढ़ाने एवं पतला करने वाले और छाती से सम्बंधित रोगों में भी लाभकारी होते हैं।

*डायबिटीज-

जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए अंगूर सेवन करना हितकारी है। अंगूर शूगर की मात्रा को कम करता है। खून में मौजूद शूगर को नियंत्रित करने में अंगूर अहम भूमिका निभाता है।

*अंगूर खून की कमी और आयरन की कमी को दूर करता है।
*यदि सिर में दर्द हो रहा हो तो 8-10 नग मुनक्का ,10 ग्राम मिश्री और इतनी ही मात्रा में मुलेठी एवं थोड़ी मात्रा में शुद्ध जल रात भर खुले आसमान के नीचे छोड़ दें और सुबह मिलाकर पीस लें। नाक में दो बूँद टपका दें। सिरदर्द में लाभ मिलेगा। नाक से खून आना (नकसीर)में भी ऊपर लिखा फार्मूला अत्यंत लाभकारी है।

डेंगू ज्वर :कारण और निवारण के उपाय 

*यदि पांच से दस ग्राम मुनक्का नियमित रूप से खाई जाए तो मुख की दुर्गन्ध में लाभ मिलता है।
*आठ से दस नग मुनक्का और हरीतकी का काढ़ा लगभग20 मिली की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर खाने से दमा रोग में भी लाभ मिलता है।
माइग्रेन-
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है वे सुबह उठकर अंगूर का रस पीयें। एैसा कुछ दिनों तक करने से माइग्रेन की समस्या से निजात मिल सकता है।
*घी ,मुनक्का,खजूर ,पिप्पली एवं कालीमिर्च, इन सब को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर एक चटनी सी बनाकर नित्य सेवन करने से सुखी खांसी और क्षयरोग में लाभ मिलता है।

धतूरा के औषधीय उपयोग 

* एक एंटासिड बनाना बताते हैं :मुनक्का एवं हरड़ बराबर मात्रा में लेकर उतनी ही मात्रा में शक्कर मिला लें। अब सबको पीसकर 1-1- ग्राम की गोली बना लें। हो गयी एंटासिड गोली तैयार। अब एक गोली सुबह-शाम ठन्डे पानी से लें और हायपरएसिडीटी की समस्या से निजात पाएं।
*आप कब्ज से हैं परेशान तो मुनक्का 6 से सात नग, भुना जीरा 5 से 10 ग्राम और सैंधा नमक 1.5 ग्राम(उच्च रक्तचाप के रोगी के लिए मात्रा चिकित्सक अनुसार ) इन सबका चूर्ण बनाकर गुनगुने पानी से लें ..देखें आपको इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
*खूनी बवासीर के रोगी अंगूर के गुच्छों को एक बर्तन (मिट्टी का हो ) में बंद कर राख बना लें, अब मिलनेवाली भस्म को तीन से पांच ग्राम की मात्रा में मिश्री एवं घी के साथ लेने से खून आना बंद हो जाता है।
यदि पेशाब खुल कर नहीं आ रहा हो तो आठ से दस मुनक्का एवं लगभग दस ग्राम मिश्री को पीसकर दही के पानी से लेने पर यह एक अच्छा डाययूरेटिक का काम करता है।

*छाती का  कैंसर

हाल ही में हुए नये शोध में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में अंगूर सेवन एक कारगर उपाय है। साथ ही हर्ट अटैक के रोग से बचने के लिए काले अंगूर का जूस पीने से लाभ मिलता है। *काले अंगूर का रस खून के थक्कों को बनने से रोक देता है।
*अंगूर का रस पीने से दिल में हो रहे दर्द में आराम मिलता है।
*दस ग्राम मुनक्का ,पाषाणभेद ,पुनर्नवा की जड़ तथा अमलतास की गुदी पांच ग्राम की मात्रा में मोटा-मोटा कुटकर आधा लीटर पानी में खुले बर्तन में उबालकर आठ भाग बचने पर छान कर बना काढ़ा पीने से पेशाब से सम्बंधित तकलीफों में फायदा पहुंचाता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*मुनक्का 10 नग, छुहारा 3 नग तथा मखाना तीन नग शारीरिक रूप से कमजोर रोगी नियमित 250 मिली दूध से सेवन करें और लाभ देखें।याददास्त
*याददास्त को बढ़ाने के लिए अंगूर के रस की 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को पानी के साथ मिलाकर, खाना खाने के बाद लें। यह आपकी कमजोर स्मरण  शक्ति को बढ़ाएगा।
*अंगूर और अड़ूसे (वासा) का काढ़ा बीस से तीस मिली की मात्रा में पिलाने पर पेटदर्द दूर होता है।
सोते समय पांच से दस ग्राम किशमिश के साथ गुनगुना दूध पीएं, इससे प्रात:काल आपका पेट साफ रहेगा।

*रक्त स्त्राव-

शरीर से खून निकलने से या रक्त स्त्राव होने पर शहद के दो चम्मच एक गिलास अंगूर के जूस में मिलाकर पीएं। यह रक्त स्त्राव की वजह से हुई खून कमी को दूर करता है।
*गले की परेशानी में अंगूर के रस से गरारे कराना भी फायदेमंद होता है।

*उल्टी होने पर

उल्टी की समस्या हो या जी मिचला रहा हो ऐसे में काली मिर्च और थोड़ा सा नमक को अंगूर के रस में मिलाकर पींए।

सोरायसिस(छाल रोग) के आयुर्वेदिक उपचार 

*भोजन के आघा घंटे बाद अंगूर का रस पीने से खून बढता है और कुछ ही दिनों में पेट फूलना, बदहजमी आदि बीमारियों से छुटकारा मिलता है। अंगूर के रस की दो-तीन बूंद नाक में डालने से नकसीर बंद हो जाती है।
*गोल मुनक्का, वीर्यवर्धक,भारी गुणों से युक्त। जबकि किशमिश, शीतल, रुचिकारक और मुख के कड़वेपन को दूर करने वाली होती है।
*अंगूर के शरबत का नित्य सेवन गर्मी में लू के कारण होनेवाली परेशानियों को दूर करता है। तो है न कमाल का *अंगूर एक रसीला फल लेकिन गुणों की खान | इसका औषधीय प्रयोग चिकित्सकीय परामर्श से करें तो बेहतर है।


*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक औषधि*

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

काले नमक के गुण//Benefits of Black Salt



भारतीय काला नमक एशिया के कुछ हिस्सों में विशेष रूप से हिमालय पर्वत की चोटियों के आसपास कई पीढ़ियों से एक मसाले की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह मूल रूप से भारत के उत्तर और पाकिस्तान या सांभर या डीडवाना के नमक के पानी से प्राप्त हुआ था।
भारतीय काला नमक आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक  ठंडे मसाले के रूप में माना जाता है और इसे कब्ज, पेट की ख़राबी,, सूजन, पेट फूलना, गण्डमाला, हिस्टीरिया के साथ साथ कमज़ोर नेत्र दृष्टि वाले लोगो के लिए सिफारिश किया जाता है।

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

* रसोई घर की मेज पर - नमक की तुलना में काले नमक मे सोडियम की मात्रा कम होती है| यही कारण है की भारत मे उच्च रक्तचाप की वजह से कम नमक खाने वाले लोगों के आहार में काला नमक को शामिल करने की सिफारिश की जाती है| कहने की जरूरत नहीं की मूल निवासी भारतीय काला नमक बहुत भिन्न होता है और यह मुख्य रूप से निर्भर करता है की इसका उत्पादन पारंपरिक या आधुनिक तकनीक से किया गया है।
*अगर आपको स्वस्थ जिंदगी जीनी है तो रोज सुबह काला नमक और पानी मिला कर पीना शुरु कर दें। जी हां, इस घोल को सोल वॉटर कहते हैं, जिससे आपकी ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ऊर्जा में सुधार, मोटापा और अन्य तरह की बीमारियां झट से ठीक हो जाएंगी। ध्यान रखियेगा कि आपको किचन में मौजूद सादे नमक का प्रयोग नहीं करना है, अथवा यह लाभ नहीं करेगा। काले नमक में 80 खनिज और जीवन के लिए वे सभी आवश्यक प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो जरुरी हैं।

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*


*नमक वाला पानी बनाने की विधि – एक गिलास हल्के गरम पानी में एक तिहाई छोटा चम्मच काला नमक
मिलाइये। इस गिलास को प्लास्टिक के ढक्कन से ढंक दीजिये। फिर गिलास को हिलाते हुए नमक मिलाइये और 24 घंटे के लिये छोड़ दीजिये। 24 घंटे के बाद देखिये कि क्या काले नमक का टुकड़ा (क्रिस्टल) पानी में घुल चुका है। उसके बाद इसमें थोड़ा सा काला नमक और मिलाइये। जब आपको लगे कि पानी में नमक अब नहीं घुल रहा है तो, समझिये कि आपका घोल पीने के लिये तैयार हो गया है।

*सिर्फ आपरेशन नहीं ,प्रोस्टेट वृद्धि की 100% अचूक हर्बल औषधि *

रोज़ सुबह नमक वाला पानी पीने से होते हैं ये फायदे-
*पाचन दुरस्त करे-
नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में मदद करता है। अच्छी पाचन के लिये यह पहला कदम बहुत जरुरी है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। इसके अलावा इंटेस्‍टाइनिल ट्रैक्ट और लिवर में भी एंजाइम को उत्तेजित होने में मदद मिलती है, जिससे खाना पचने में आसानी होती है।
*यह ना केवल स्वाद  बढ़ाने का काम करता है बल्कि स्वस्थ्य  और सौंदर्य में भी सुधार करता है। इसमे सोडियम की मात्रा कम होती है इसलिये उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए ठीक रहता है| । इसके अलावा यह सुंदरता को भी निखारता है।
*भारतीय काला नमक चटनी, दही, अचार, सलाद और कई फलों सहित भारतीय खाद्य पदार्थ में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। यह आमतौर पर शाकाहारी लोगो मे सराहा जाता है जिसका कारण है इसका विशेष स्वाद जो की टोफू, अंडे और अन्य शाकाहारी भोजन मे इस्तेमाल होता है। गर्मी के मौसम मे अत्यधिक पसीना के माध्यम से खोए हुए नमक को वापस लाने के लिए भारतीय काले नमक को स्वच्छ पेय मे स्वाद लाने के लिए मिला के पिया जाता है
*त्वचा की समस्या -
नमक में मौजूद क्रोमियम एक्‍ने से लड़ता है और सल्फर से त्वचा साफ और कोमल बनती है। इसके अलावा नमक वाला पानी पीने से एग्जिमा और रैश की समस्या दूर होती है।
*खुजली -अगर आपकी त्वचा रूखी है और बहुत खुजली हो रही है तो काले नमक के पानी से नहाना  आपको बहुत लाभ पहुंचाएगा।
*मोटापा घटाए-यह पाचन को दुरस्त कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है।नींद लाने में लाभदायक
*अपरिष्कृत नमक में मौजूदा खनिज हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। नमक, कोर्टिसोल और एड्रनलाईन, जैसे दो खतरनाक स्ट्रेस  हार्मोन को कम करता है। इसलिये इससे रात को अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है।
*फटी एडियों के लिये एक गरम पानी की बाल्टी में काला नमक डाल कर पैरों को डुबोइये। इससे आपकी एडियां ठीक हो जाएंगी।
*शरीर को विजातीय पदार्थों से मुक्त करता है-
नमक में काफी खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टीरियल का काम भी करता है। इस‍की वजह से शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया का नाश होता है।
*हड्डी की मजबूती-
कई लोगों को नहीं पता कि हमारा शरीर हमारी हड्डियों से कैल्शियम और अन्य खनिज खींचता है। इससे हमारी हड्डियों में कमजोरी आ जाती है इसलिये नमक वाला पानी उस मिनरल लॉस की पूर्ती करता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।







आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार


प्याज खाने के फायदे //Benefits of Onion









. भोजन के साथ सलाद के रूप में खाया जाने वाला कच्चा प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। सैंडविच, सलाद या फिर चाट, प्याज सभी के स्वाद को दोगुना कर देता है। यदि आपको डर है कि प्याज खाने से दुर्गंध आएगी तो खाने के बाद माउथ फ्रेशनर खाइए या ब्रश कर लीजिए, लेकिन प्याज जरूर खाइए। आहार विशेषज्ञों की मानें तो यह यौन दुर्बलता को दूर करने में भी बहुत उपयोगी है। यौन शक्ति के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्याज एक सस्ता एवं सुलभ विकल्प है। आइए आज हम आपको बताते हैं प्याज के कुछ ऐसे ही उपयोग और गुणों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप कई समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।
*भारतीय खाने की बात करें तो यहां बनने वाली कोई भी सब्जी बिना प्याज के बनाई ही नहीं जा सकती। प्याज नॉनवेज और वेज पंसद करने वाले सबके काम आता है। तो इतना खूबियां जानने के बाद ये जरुरी हो जाता है कि प्याज का प्रयोग क्यों होता है खाने में और इसे खाने के क्या फायदे हैं।
*प्याज में फैल्वोनाइड होता है रक्त से ग्लूकोज कम करता है। एक शोध बताता है कि प्याज खाने से टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह के डायबीटीज में फायदा होता है। *यदि आप सर्दी, कफ या खराश से पीड़ित हैं तो ताजे प्याज का रस पीजिए। इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद होता है।
रोजाना प्याज खाने से इंसुलिन पैदा होता है। यदि आप डायबिटिक हैं तो इसे खाने के साथ रोज सलाद के रूप में खाएं।
हिस्टीरिया का रोगी अगर बेहोश हो जाए तो उसे प्याज कूटकर सुंघाएं। इससे रोगी तुरंत होश में आ जाता है। -
प्याज में मौजूद रेशे पेट के लिए बेहद फायदेमंद हैं। प्याज खाने से कब्ज दूर हो जाती है। यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो कच्चा प्याज रोज खाना शुरू कर दीजिए।
नाक से खून बह रहा हो तो कच्चा प्याज काट कर सूंघ लीजिए। इसके अलावा यदि पाइल्स की समस्या हो तो सफेद प्याज खाना शुरू कर दें।
.*प्याज के रस को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों पर मालिश करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। माना जाता है कि इस नुस्खे को दो महीनों तक लगातार आजमाया जाए तो बहुत फायदा होता है। प्याज के रस और नमक का मिश्रण मसूड़ों की सूजन और दांत दर्द को कम करता है। पातालकोट के आदिवासी मधुमक्खी या ततैया के काटे जाने पर घाव पर प्याज का रस लगाते हैं। प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर दाद-खाज और खुजली में लगाने पर शीघ्र आराम मिलता है।त्वचा पर होने वाली झुर्रियां को कम करता है प्याज। साथ ही मुंहासो पर भी असर करता है।
3 चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर लेने से मासिक धर्म की अनियमितता व उस दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। गर्मियों में प्याज रोज खाना चाहिए। यह आपको लू लगने से बचाएगा। प्याज का रस और सरसों का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है प्याज। इसमें विटामिन सी होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है।
प्याज में सल्फर की मात्रा सबसे ज्यादा होता है तो खून में कोलेस्टॉल के स्तर को कम करता है। इसके अलावा इसमें मिलने वाला एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करता है|








आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार


गुटखा खाने के नुकसान //Chewing food threats




लोग गुटका, पान मसाला, तंबाकू, धूम्रपान और इसी तरह की कितनी ही चीजों के आदी होते हैं। कुछ लोग तो ऐसी चीजों को खाने के लिए हरदम बेचैन रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करके आप बीमारियों को खुद बुलावा दे रहे हैं-क्या आप जानतें हैं पान मसाला, तंबाकू और गुटका आपके शरीर पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इतना ही नहीं इनका प्रभाव कई बार इतना खतरनाक होता है कि आपको कैंसर तक हो सकता है। सिर्फ बीमारियां ही नहीं, इनसे व्याक्ति का हार्मोंन संतुलन भी बिगड़ने लगता है और सेक्स हार्मोंस भी प्रभावित होते हैं|इस बार जब किसी गुटखे के पाउच की रंग-बिरंगी पैकिंग खोलकर अपने मुंह में डालें तो इस बात का भी ध्यान रखें कि इससे न केवल आपको मुंह का कैंसर हो सकता है, बल्कि इससे दांत भी खराब हो सकते हैं। इतना ही नहीं, गुटखे में मौजूद कई किस्म के रसायनों से हमारे डीएनए को भी नुकसान हो सकता है।
    गुटका, तंबाकू और इसी तरह की अन्य चीजों से आपको मुंह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है। इसके साथ ही आपकों मुंह की कई और समस्याएं भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं गुटका इत्यादि चीजों से आपके दांत भी खराब हो जाते हैं और आपको सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी रहता है।   आपको गुटका, तंबाकू, पान इत्यादि खाने से इसीलिए भी बचना चाहिए क्योंकि इनके निर्माण में कई तरह के रसायन और खुशबुदार कलर्स का इस्तेमाल होता है जिससे आपके हार्मोंस तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।
   शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि गुटका व इसी तरह की अन्य चीजों के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि ये नए नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है। इसके साथ ही इनसे होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है।

     दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है, इसका सबसे बड़ा कारण भारतीयों द्वारा गुटके का अधिक सेवन करना| दरअसल, गुटके में मिलाया जाने वाला तंबाकू, सुपारी, चूना, नशीले ,पदार्थ और कत्था इत्यादि से शरीर के एंजाइम्स पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर के हर हिस्से में पाए जाने वाले इन एंजाइम्स की कार्यशैली और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।इसके अलावा हमारे सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हाल ही में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एज्यूकेशन एंड िसर्च चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि गुटखा खाने का बुरा असर हमारे शरीर के विभिन्न अंगों पर होता है। इससे पहले विभिन्न अध्ययनों में धुआंरहित तंबाकू उत्पाद गुटखा से दांतों के खराब होने पर ही सहमति थी।
     भारत में दुनिया के दूसरे देशों की अपेक्षा कैंसर होने के खतरे सबसे ज्यादा होते हैं। गुटखे में तंबाकू, कत्था, सुपारी, चूने के साथ और कई नशीले पदार्थों को मिलाया जाता है, जो हमारे शरीर के एंजाइमों पर बुरा प्रभाव डालते हैं। हमारे शरीर के हर अंग में पाए जाने वाले साइप-450 नामक एंजाइम की कार्यक्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है। चंडीगढ़ में हुआ यह अध्ययन साइंस जर्नल 'केमिकल रिसर्च इन टॉक्सीकोलॉजी' में प्रकाशित किया गया है।
    हमारे शरीर में ये एंजाइम हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा गुटखा हमारे शरीर में टॉक्सिन बनने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाता है। जो हार्मोन टॉक्सीन बनाते हैं, यह उनको नुकसान पहुंचाता है। इस अध्ययन के लिए जानवरों को चुना गया था। पीजीआई चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ बायोफिजिक्स के मुख्य अनुसंधानकर्ता डॉ. कृष्ण एल. खंडूजा के अनुसार गुटखे का आदमी और जानवर दोनों पर ही विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस अध्ययन के कई महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए हैं। इससे यह पता चला है कि धुआंरहित तंबाकू से न केवल मुंह और दांत संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि शरीर के कई अंगों जैसे फेफड़ों, लीवर, सेक्स और किडनी पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
   चबाने वाली तंबाकू में कई किस्म के रसायन होते हैं, जो हमारे रक्त में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं। इससे पहले वैज्ञानिकों के पास धुआंरहित तंबाकू का शरीर के अन्य अंगों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के विषय में ज्यादा ज्ञान नहीं था। इसी बात की जाँच करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों पर अपने प्रयोग किए और धुआंरहित तंबाकू यानी गुटखे के एंजाइम्स और जेनेटिक्स पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जांचा गया।
   हैलिस शेखसरिया इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ, मुंबई के डायरेक्टर डॉ. प्रकाश सी. गुप्ता के अनुसार इस शोध से यह संदेश मिलता है कि गुटखा मुंह संबंधी बीमारियों को बुलावा तो देता है, पर सेक्स हार्मोन पर इसका सबसे ज्यादा निगेटिव प्रभाव देखा गया है।
यहां तक कि अधिक मात्रा में लगातार सेवन से आदमी नपुंसक हो सकता है। साथ ही यदि गर्भवती महिलाएं लगातार गुटखे का सेवन करती हैं तो इससे उनके आने वाले बच्चे को कई किस्म की समस्याएं हो सकती हैं। गुटखा मौत का पैगाम लेकर आता है हम उसे सुनने में देर कर देते हैं।

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सेहत के लिए बेहतरीन है कटहल, जानते है क्यों? //Benefits of jackfruit


अगर आप कटहल को सिर्फ स्वाद में मांसाहार का शाकाहारी विकल्प मानकर खाते हैं तो इसके पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद इसका स्वाद आपको और बेहतर लगेगा।
*100 ग्राम कटहल में 303 मिलीग्राम पोटैशियम, 24 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए,सी और थाइमिन, 0.108 ग्राम विटामिन बी6, 37 ग्राम मैग्नीशियम, 94 कैलोरी, 14 एमसीजी फोलेट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं।
*पोटैशियम की अधिकता की वजह से यह लो ब्लड प्रेशर में बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा, यह डायरिया और दमा के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। विटामिन सी की वजह से यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और पेट में अल्सर की आशंका कम करता है। *कटहल के फल के अलावा इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। कटहल की मसालेदार सब्जी किसी के भी मुंह में पानी ला सकती है. ये दुनिया के सबसे बड़े फलों में से एक है. कटहल का इस्तेमाल न केवल सब्जी बनाने में बल्क‍ि अचार, पकौड़े और कोफ्ता बनाने में भी किया जाता है| पका कटहल भी काफी पसंद किया जाता है|
* कटहल एक ऐसी सब्जी है जो कई औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन फिर भी बहुत कम लोग हैं, जो इसका सेवन नियमित रूप से करते हैं। कटहल का वानस्पतिक नाम आर्टोकार्पस हेटेरोफिल्लस है। इसके फलों में कई महत्वपूर्ण कार्बोहाइड्रेट के अलावा कई विटामिन भी पाए जाते हैं। सब्जी के तौर पर खाने के अलावा कटहल का अचार और पापड़ भी बनाया जाता है।
*जोड़ों के दर्द में रामबाण
फल के छिलकों से निकलने वाला दूध यदि गांठनुमा सूजन, घाव और कटे-फ़टे अंगों पर लगाया जाए तो आराम मिलता है। इसी दूध से जोड़ों पर मालिश की जाए तो जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
*कटहल में ढ़ेरों ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की कई आवश्यकताओं को पूरा करते हैं. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, थायमीन, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और जिंक प्रचुर मात्रा में होता है|
*इन सबके अलावा इसमें भरपूर फाइबर होता है. अच्छी बात ये है कि इसमें कैलोरी नहीं होती है. ऐसे में ये हार्ट से जुड़ी कई बीमारियों में भी फायेमंद है|

*डायबिटीज में लाभदायक-

गुजरात के आदिवासी कटहल की पत्तियों के रस का सेवन करने की सलाह डायबिटीज के रोगियों को देते हैं। यही रस हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों के लिए भी उत्तम है।
कटहल में मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है. जिसकी वजह से हड्डियां भी स्वस्थ और मजबूत रहती हैं.
*खाना जल्दी पचा देता है
*पके हुए कटहल के गूदे को अच्छी तरह से मैश करके पानी में उबाल लें। इस मिश्रण को ठंडा कर एक गिलास पीने से जबरदस्त स्फूर्ति आती है। यही मिश्रण यदि अपच के शिकार रोगी को दिया जाए तो उसे फायदा मिलता है।कटहल में पाए जाने वाले विटामिन सी की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहती है.
*कटहल का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें भरपूर रेशे होते हैं. जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखते हैं.
*कटहल में पाया जाने वाला पोटैशियम हार्ट से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रखता है. उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए ये बहुत ही फायदेमंद है.
*अल्सर में है बेहतरीन दवा
कटहल की पत्तियों की राख अल्सर के इलाज के लिए बहुत उपयोगी होती है। हरी ताजा पत्तियों को साफ धोकर सुखा लें। सूखने के बाद पत्तियों का चूर्ण तैयार करें। पेट के अल्सर से ग्रस्त व्यक्ति को इस चूर्ण को खिलाएं। अल्सर में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।
ये आयरन का एक अच्छा स्रोत है जिसकी वजह से रक्ताल्पता से बचाव होता है. साथ ही *इसके प्रयोग से रक्त परिसंचरण भी नियंत्रित रहता है.
*अस्थमा के इलाज में भी ये एक कारगर औषधि की तरह काम करता है. कच्चे कटहल को पानी में उबालकर छान लें. जब ये पानी ठंडा हो जाए तो इसे पी लें. नियमित रूप से ऐसा करने से अस्थमा की समस्या में फायदा होता है.

*मुंह के छालों में असरदार

जिन लोगों को मुंह में बार-बार छाले होने की शिकायत हो, उन्हें कटहल की कच्ची पत्तियों को चबाकर थूकना चाहिए। आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार, यह छालों को ठीक कर देता है।इसमें पाए जाने वाले कई खनिज हार्मोन्स को भी नियंत्रित करते हैं.
कटहल में मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है. जिसकी वजह से हड्डियां भी स्वस्थ और मजबूत रहती हैं.


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गाजर खाने के फायदे //Benefits of carrots




*मासिक धर्म के दिन हर महिला के लिए बहुत तकलीफदेह होते हैं. ज्यादातर महिलाओं को मासिक के दौरान तेज दर्द, चिड़चिड़ेपन और अनियमित स्त्राव की शिकायत रहती है.इसके साथ ही कई स्त्रियों को पीठ दर्द और पैर दर्द भी होता है|
*गाजर के जूस से मिलेगी राहत पीरियड्स के दौरान अगर आपको भी इन तकलीफों का सामना करना पड़ता है तो गाजर का जूस पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा| गाजर का जूस काफी आसानी से मिल भी जाता है| अगर जूस न पीना चाहें तो गाजर खाना भी उतना ही फायदा देगा| किसी भी रूप में गाजर का सेवन करना पीरियड्स के दौरान फायदेमंद रहता है| गाजर रक्त परिसंचरण को ठीक रखता है, दर्द में राहत देता है और चिड़चिड़ाहट को भी कम करता है|आयरन से भरपूर मासिक के दौरान खून निकलने से अनीमिया की समस्या भी हो सकती है|ऐसे में आयरन की मात्रा लेते रहना फायदेमंद रहेगा| यह एक सबसे प्रमुख कारण है जिसकी वजह से पीरियड्स में गाजर खाने की सलाह दी जाती है|
* गाज़र के मीठेपन को लेकर आपको कैलोरी की चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं क्योंकि इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है। गाज़र के जूस में खनिज तत्व , विटामिन्स और विटामिन ए पाया जाता है, इसलिए इसे त्वचा और आंखों के लिए अच्छा माना जाता है। गाज़र का प्रयोग आप सूप बनाने, सब्जि़यों, हल्वे और सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।


*त्वचा निखार के लिए:
 

प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या गाज़र का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है।
* गाजर रक्त की विषाक्तता कम करता है और इसके सेवन से कील-मुहासों से भी छुटकारा मिलता है।


*नजर तेज करने के लिए-:

गाजर में विटामिन ए प्रचूर मात्रा में होता है इसलिए इसके सेवन से आंखों की रोशनी ठीक होती है। आंखों से संबंधी सामान्य समस्याओं का कारण है विटामिन ए की कमी।
*पुरुषों को भी अपने खून की सफाई करनी जरुरी है। गाजर का जूस पीने से खून की सफाइ होती है।

* हृदय रोगी भी खा सकते हैं गाजर: 

गाजर में कैरोटीनायड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा होता है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कालेस्ट्राल के स्तर को कम करता है।

* डायबीटीज़ के मरीजों के लिए- 

गाज़र के प्रतिदिन सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर ठीक रहता है।
*गाजऱ में बीटा कैरोटीन होती है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा होता है।

*बीटा कैरोटीन से भरपूर- 

मासिक के दौरान बीटा कैरोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना फायदेमंद रहता है| ये हैवी ब्लड फ्लो को नियंत्रित करने का काम करता है. दर्द से आराम दिलाने में गाजर न केवल रक्त बहाव को नियंत्रित करने का काम करता है बल्क‍ि इस दौरान होने वाले दर्द में भी राहत दिलाता है| साथ ही मूड को भी ठीक रखता है.

*कैंसर से बचने के लिए: 

गाज़र खाने से, पेट और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।

*कैसे करें सेवन -

आप चाहें तो गाजर को चबा-चबाकर खा सकती हैं लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है और आप कुछ भी करने की हालत में नहीं हैं तो इसका जूस फायदेमंद रहेगा. दिन में एक या दो गिलास गाजर का जूस













आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, अपनी आंखों की रोशनी बनाए रखना चाहते हैं या फिर अपनी त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ बालों को भी चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो गाजर का सेवन करें। गाजर क्यों आपके दैनिक आहार में शामिल होनी चाहिए, बता रही हैं राजलक्ष्मी त्रिपाठी
खाने में स्वादिष्ट और कम कैलरी वाली गाजर में पौष्टिक तत्वों की बहुतायत होती है, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं। इसमें बीटा कैरोटिन, विटामिन ए, विटामिन सी, खनिज लवण, विटामिन बी 1 के साथ-साथ एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है। अगर आप गाजर को नियमित तौर पर अपने आहार का हिस्सा बनाते हैं तो आप खुद को बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाये रख सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल आप कच्चा या फिर पकाकर किसी भी तरह से कर सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल केवल भोजन में ही नहीं होता, बल्कि इसका इस्तेमाल बहुत सारी दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है।
* हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने एक शोध में बताया कि जो लोग सप्ताह में पांच या उससे अधिक गाजर खाते हैं, उन्हें उन लोगों के मुकाबले हार्ट अटैक का खतरा काफी कम रहता है, जो महीने में एक बार गाजर खाते हैं या कभी गाजर का सेवन करते ही नहीं है। गाजर का नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शरीर में मौजूद पित्त के प्रभाव को कम करते हैं।
* विटामिन ए शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है। गाजर में मौजूद फाइबर कोलोन की सफाई करके कोलोन कैंसर की आशंका को काफी हद तक कम करते हैं।
*गाजर के इस्तेमाल से दांतों की सेहत भी दुरुस्त रहती है। यह दांतों की सफाई करने के साथ साथ सांसों को स्वच्छ रखता है और मसूड़ों को मजबूत करता है।
* अगर त्वचा कहीं जल गई हैतो प्रभावित हिस्से पर बार-बार गाजर का रस लगाने से अराम मिलता है। खुजली की समस्या से परेशान हैं तो गाजर को कद्दूकस करके उसमें नमक मिलाकर खाने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।
* यह त्वचा की सेहत को दुरुस्त रखने में भी मददगार साबित होता है। इसमें विटामिन सी और एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है, जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल करने से त्वचा को सूर्य की तेज रोशनी से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सकता है। विटामिन ए की कमी की वजह से त्वचा, नाखून और बाल रूखे होने लगते हैं। अगर आप नियमित तौर पर गाजर को अपने आहार में शामिल करते हैं तो साफ सुथरी निखरी हुई त्वचा के मालिक बन सकते हैं। इसके इस्तेमाल से वक्त से पहले आने वाली झुर्रियों, रूखी त्वचा, एक्ने, पिगमेंटेशन, झांइयां, चितकबरी त्वचा आदि की समस्याओं को अपने से दूर रख सकते हैं।
* गाजर के जूस में काला नमक, धनिया की पत्ती, भुना हुआ जीरा, काली मिर्च और नीबू का रस मिलाकर नियमित तौर पर पीने से पाचन संबंधी गड़बड़ी से तुरंत छुटकारा मिलता है।
* गाजर का किसी भी रूप में नियमित तौर पर सेवन करने से आपकी आंखों की रोशनी दुरुस्त रहती है। इसमें बीटा कैरोटिन की बहुतायत होती है, जो खाने के बाद पेट में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। आंखों के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है, यह हम सब जानते हैं। विटामिन ए रेटिना के अंदर परिवर्तित होता है। इसके बैंगनी से दिखने वाले पिगमेंट में इतनी शक्ति होती है कि गाजर खाने से रतौंधी जैसे रोग की आशंका कम हो जाती है। यह आंखों के रोग मोतियाबिंद की आशंका को कम करता है।
* गाजर को अपने आहार का हिस्सा बनाने से फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। एक मात्र गाजर ही ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें फाल्केरिनोल नामक प्राकृतिक कीटनाशक पाया जाता है। विभिन्न सर्वेक्षणों में यह पाया गया है कि गाजर का सेवन करने से किसी भी कैंसर का खतरा एक तिहाई तक कम होता है।
* गाजर का सेवन करने से आप पर उम्र का असर देर से नजर आता है। यह एंटी एजिंग एजेंट की तरह कार्य करता है। इसमें भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला बीटा कैरोटिन, एंटी ऑक्सिडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करता है, इससे कोशिकाओं की उम्र देरी से घटती है और शरीर पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।
* गाजर में मौजूद औषधीय गुण किसी भी किस्म के संक्रमण की आशंका को कम करते हैं। आप चाहें इसका जूस पिएं या इसे उबालकर खाएं, यह फायदेमंद है।


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अखरोट खाने के फायदे//Health benefits of walnut






अखरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। एक तरह यह हमारी फिटनेस बरकरार रखता है वहीं यह हमें गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।अखरोट के स्वास्थ्य लाभ जानते हैं-
1) नट्स में वसा की मात्रा मानी जाती है और इसलिए इन्हें वजन बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन, हकीकत इससे जरा अलग है। अखरोट भी ऐसा ही नट' है। इसमें कई पौष्टि‍क तत्व होते हैं।
2) अखरोट में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ओमेगा थ्री फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी असरदार बनाता है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में इजाफा करने का भी काम करता है, जो इसे आपके दिल के लिए और भी उपयोगी बनाता है।
3) एक शोध के मुताबिक जो महिलायें सप्ताह में दो बार 28 ग्राम अखरोट खाती हैं, उन्हें टाइप टू डायबिटीज होने का खतरा 24 फीसदी कम होता है। जर्नल ऑफ न्यूट्रीश‍न में प्रकाश‍ित इस शोध में यह भी कहा गया कि हालांकि यह शोध महिलाओं पर किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है कि पुरुषों को भी अखरोट के इसी प्रकार के लाभ मिलने की उम्मीद है।



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4) अखरोट आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। अखरोट में मौजूद विटामिन बी7 होता है जो आपके बालों को मजबूत बनाने का काम करता है। विटामिन बी7 बालों का गिरना रोककर उन्हें बढ़ाने में मदद करता है।
5) अखरोट वजन कम करने में मदद करता है। एक औंस यानी करीब 28 ग्राम अखरोट में 2.5 ग्राम ओमेगा थ्री फैटी एसिड, 4 ग्राम प्रोटीन और 2 ग्राम फाइबर होता है जिससे लंबे समय तक तृप्त‍ि की भावना बनी रहती है। वजन कम करने के लिए जरूरी है कि आपका पेट भरा रहे। तो अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आपको अखरोट को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।

6) अखरोट में बी-विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आपकी त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे आपकी त्वचा को उम्र के निशान और झुर्रियों के प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। तो अगर आप मिडिल एज में चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं तो अखरोट का सेवन कीजिए।



7) रोजाना करीब 75 ग्राम अखरोट रोजाना खाने से स्वस्थ युवा पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। यूसीएल के शोधकर्ताओं का कहना है रोजाना अखरोट का पर्याप्त सेवन करने से 21 से 35 वर्ष की आयु के पुरुषों के शुक्राणुओं में अध‍िक जीवनशक्ति और गतिशीलता आती है।
8) हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि अखरोट के सेवन से तनाव का स्टार घट जाता है। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा मिलती रहती है। 9) नट्स आपकी नींद सुधार सकते हैं, इनमें मेsलाटोनिन हॉरमोन होता है, जो नींद के लिए प्रेरित करना और नींद को नियंत्रित करता है। अगर आप शाम को या सोने से पहले अखरोट खायें तो इससे आपकी नींद में सुधार आए।
10) गर्भवती महिलायें जो अखरोट जैसे फैटी एसिड युक्त आहार का सेवन करती हैं, उनके बच्चों को फूड एलर्जी होने की आशंका बहुत कम होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि माताओं के आहार में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) होता है उनके बच्चे का विकास अच्छी तरह होता है। पूफा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोश‍िकाओं को मजबूत बनाता है।
11) सुखद लंबी आयु के लिए अखरोट का सेवन अच्छा रहता है। इसक नियमित सेवन से जीवनकाल बढ़ता है और आपका जीवन ऊर्जा से भरपूर रहता है।
12) जो पुरूष पिता बनने की लालसा रखते हैं उनके लिए अखरोट काफी लाभकारी होता है। इसके सेवन से स्पर्म काउंट बढ़ता है।
13) अगर आपको अपने 
स्तन को सुडौल और स्वस्थ बनाएं रखना है तो अखरोट का दैनिक रूप से सेवन करें। इससे आपको काफी लाभ मिलेगा। 
14) अखरोट का नियमित रूप से सेवन, दिमाग को तेज बनाता है इसीलिए इसे ब्रेन फूड के नाम से भी जाना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई होने ही वजह से यह दिमाग को तेज और स्वस्थ बनाएं रखता है।

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बुद्धि तेज करने के उपाय // How to improve memory power ?




अच्छी और तीव्र स्मरण शक्ति के लिए हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ, सबल और निरोग रहना होगा | जब तक हम पूरी तरह से स्वस्थ और सबल नहीं रहेंगे हमारी स्मरण शक्ति कभी भी तेज नहीं हो सकती हैं |
ध्यान रहे कि स्मरण शक्ति हमेशा ध्यान और मन की एकाग्रता पर ही निर्भर होती हैं | हम जिस तरफ जितना अधिक ध्यान केन्द्रित करेंगे उस तरफ हमारी विचार शक्ति उतनी ही अधिक तीव्र हो जायेगी | आप जिस भी कार्य पर जितना अधिक तीव्रता और ध्यान के साथ, स्थिरिता के साथ मन लगायेंगे वह चीज उतनी ही जल्दी हमारे मानस पटल पर, हमारे स्मृति पटल पर अंकित हो जायेगा |



याद शक्ति को बढ़ाने के कारगर और आसान तरीके-

1). सौंफ को मोटा कूट कर उसे छान लें और इसे एक-एक चम्मच सुबह शाम दो बार पानी या दूध के साथ फंकी लें।
2) जीरा, अदरक, और मिश्री को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर खाने से याददाशत की कमजोरी दूर होती है।
3) गुलकन्द को रोज दिन में दो से तीन बार खाने से स्मरण शक्ति को लाभ मिलता है।
4) शहद में 10 ग्राम दालचीनी को मिलाकर चाटने से दिमाग तेज होता है।
5) 6 से 7 काली मिर्च में 25 से 30 ग्राम मक्खन और शक्कर मिलाकर रोज खाने से दिमाक तेज होता है और भूलने की बीमारी दूर होती है।



गुर्दे के रोगों का आयुर्वेदिक घरेलू पदार्थों से इलाज


6) गेहूं के पौधे जवारे का रस कुछ दिनों तक रोज पीने से भूलने की बीमारी दूर होती है
7) गाय के घी से सिर पर कुछ दिनों तक मालिश करने से आपकी स्मर्ण शक्ति बढ़ती है।
8) यदि आप अखरोट खाते हैं तो भी आपकी याददाश बढ़ती है। 10 ग्राम किशमिश के साथ 20 ग्राम अखरोट खायें। इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है
9) गाजर का हलुआ खाते रहने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है।
10). सुबह खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाने से दिमागी विकार दूर होता है।
11) रात को 10 बादामों को पानी में भिगोकर सुबह उनका छिलका उतार लें और इसे 10 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर कुछ दिनों तक खाने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
12) रात को उड़द की दाल को भिगोकर सुबह पीस लें और इसे दूध और मिश्री के साथ खायें। एैसा करने से दिमाग तेज होता है|

एक गाजर लें और लगभग 50-60 ग्राम पत्ता गोभी अर्थात 10-12 पत्ते पत्ता गोभी के अच्छी तरह से काटकर एक प्लेट में रख लें और इस पर हरा धनिया काटकर डाल दें , फिर उसके ऊपर से सेंधा नमक, काली मिर्च कर चूर्ण और नीम्बू का रस डाल कर अच्छी तरह से मिला लें फिर इसे नास्ते में खाए, खूब चबाकर कर खाए और भोजन के साथ एक गिलास छाछ भी पिया करें |
ऐसा करने से आपकी स्मरणशक्ति बहुत अधिक बढ़ेगी, और इसका असर आपको बहुत ही जल्द देखने को मिलेगा |
आवश्यक सामग्री –
शंखावली (शंखपुष्पी) को अच्छी तरह से कूट-पीसकर एक शीशी में भर कर रख ले I 2 बादाम, खरबूजा, तरबूज, पतली ककड़ी, खीरा इन सभी के बीज 5-5 ग्राम लें साथ में 2 पिस्ता, 1छुहारा, 4 छोटी इलायची, 5 ग्राम सौंफ, 1 चमच्च मक्खन, 1 गिलास दूध ले |
लाभ – यह प्रयोग करने से आपके दिमाग की ताकत, तरावट और स्मरण शक्ति को बढाने के लिए बहुत ही बेजोड़ उपाय हैं | साथ ही साथ यह शरीर में शक्ति और स्फूर्ति भी पैदा करता हैं I इसे लगातार 40 दिनों तक प्रतिदिन सुबह नित्यकर्मों से निवृत होकर खाली पेट प्रयोग में लाने से आपको चमत्कारिक लाभ देखने को मिल सकते हैं |
पढ़ते समय सावधानी बरतें –
पढ़ते समय आप हमेशा ध्यान रखे कि आपकी कमर झुकी हुई नहीं होनी चाहिए या फिर आप कभी लेट कर या फिर झुक कर अगर पढने की सोच रहे हैं या फिर आप अगर ऐसा कर रहे हैं तो यह बहुत ही गलत हैं |
अगर आप रात के 9 बजे के बाद भी पढ़ रहे हैं या फिर आपको देर रात तक पढ़ना पड़ता हैं तो आप हर आधे घंटे पर आधा –आधा गिलास ठंडा पानी पीते रहे हैं इससे रात में जागने के कारण होने वाला वात प्रकोप नहीं होगा .| वैसे तो कहा जाता हैं कि रात में 11 बजे से पहले सो जाना चाहिए और सुबह जल्दी उठकर पढायी करनी चाहिए |
पढ़ते समय आलस्य लगने पर चाय या फिर सिगरेट का सेवन कभी न करें यह थोड़ी देर के आलस्य को भगाने के लिए आपको जीवन भर के लिए दिक्कत दे सकती हैं|
धार्मिक उपायों में ज्ञान, बुद्धि, विद्या, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती की उपासना न केवल मानसिक शक्ति को मजबूत बनाने वाली, बल्कि उसके बूते मिली दक्षता, निर्णय क्षमता व कला सफलता की नई-नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाली मानी गई है।
देवी पूजा के विशेष दिन शुक्रवार को माता सरस्वती की उपासना बहुत शुभ मानी गई है। बुद्धि और सफलता की कामना से हर सुबह भी एक विशेष व छोटा-सा मंत्र द्वारा माता सरस्वती का ध्यान बड़ा मंगलकारी सिद्ध होता है। प्रस्तुत है वह मंत्र और पूजा उपाय -
- सुबह स्नान के बाद सफेद वस्त्र पहन माता सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर की केसरिया या सफेद चंदन, अक्षत, केसरिया या पीले फूल माता सरस्वती को अर्पित करें।
- माता को दूध की खीर, तिल्ली या सूखे मेवों से बने पकवानों का भोग लगाएं। सुगंधित धूप व दीप जलाकर महासरस्वती के नीचे लिखे बीज मंत्र 'ऐं' युक्त इस असरदार मंत्र को आसन पर बैठकर यथाशक्ति अधिक से अधिक बार तुलसी या चंदन की माला से बुद्धि व विवेक से सफलता की कामना के साथ करें -
ॐ ऐं नम:
 पूजा व मंत्र जप के बाद आरती कर देवी को चढ़ाया प्रसाद स्वयं व परिजनों का खिलाएं।


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