गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) के रामबाण उपचार // Home Remedies to dissolve Kidney Stones


 किडनी,,युरेटर या ब्ला्डर, में पथरी निर्माण होना एक भयंकर पीडादायक रोग है। मूत्र में पाये जाने वाले रासायनिक पदार्थों से मूत्र अन्गों में पथरी बनती है,जैसे युरिक एसिड,फ़स्फ़ोरस केल्शियम और ओ़क्झेलिक एसिड। जिन पदार्थों से पथरी निर्माण होती है उनमें केल्शियम ओक्झेलेट प्रमुख है। लगभग ९० प्रतिशत पथरी का निर्माण केल्शियम ओक्झेलेट से होताहै। गुर्दे की पथरी( kidney stone) का दर्द आमतौर पर बहुत भयंकर होता है। रोगी तडफ़ उठता है। पथरी जब अपने स्थान से नीचे की तरफ़ खिसकती है तब यह दर्द पैदा होताहै। पथरी गुर्दे से खिसक कर युरेटर और फ़िर युरिन ब्लाडर में आती है। पेशाब होने में कष्ट होता
है,उल्टी मितली,पसीना होना और फ़िर ठड मेहसूस होना ,ये पथरी के समान्य लक्षण हैं।नुकीली पथरी से खरोंच लगने पर पेशाब में खून भी आता है।इस रोग में पेशाब थोड़ी मात्रा में कष्ट के साथ बार-बार आता है| रोग के निदान के लिये सोनोग्राफ़ी करवाना चाहिये।वैसे तो विशिष्ठ हर्बल औषधियों से ३० एम एम तक की पथरी निकल जाती है लेकिन ४-५ एम एम तक की पथरी घरेलू नुस्खों के प्रयोग से समाप्त हो सकती हैं। मैं ऐसे ही कुछ सरल नुस्खे यहां प्रस्तुत कर रहा हूं।

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार

 १..तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच एक चम्मच शहद में मिलाकर जल्दी सबेरे लें। ऐसा ५-६ माह तक करने से छोटी पथरी निकल जाती है।
 २) मूली के पत्तों का रस २०० एम एल दिन में २ बार लेने से पथरी रोग नष्ट होता है।
 ३) दो अन्जीर एक गिलास पानी मे उबालकर सुबह के वक्त पीयें। एक माह तक लेना जरूरी है।
 ४) नींबू के रस में स्टोन को घोलने की शक्ति होती है। एक नींबू का रस दिन में १-२ बार मामूली गरम जल में लेना चाहिये।
 ५) पानी में शरीर के विजातीय पदार्थों को बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है। गरमी में ४-५ लिटर और सर्द मौसम में ३-४ लिटर जल पीने की आदत बनावें।

*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

 ६) दो तीन सेवफ़ल रोज खाने से पथरी रोग में लाभ मिलता है।
 ७) तरबूज में पानी की मात्रा ज्यादा होती है । जब तक उपलब्ध रहे रोज तरबूज खाएं। तरबूज में पुरुषों के लिये वियाग्रा गोली के समान काम- शक्ति वर्धक असर भी पाया गया है।
 ८) कुलथी की दाल का सूप पीने से पथरी निकलने के प्रमाण मिले है। २० ग्राम कुलथी दो कप पानी में उबालकर काढा बनालें। सुबह के वक्त और रात को सोने से पहिले पीयें।
 ९) शोध में पाया गया है कि विटमिन बी६ याने पायरीडोक्सीन के प्रयोग से पथरी समाप्त हो जाती है और नई पथरी बनने पर भी रोक लगती है। १०० से १५० एम जी की खुराक कई महीनों तक लेने से पथरी रोग का स्थायी समाधान होता है।

गोखरू के औषधीय गुण और प्रयोग

 १०. अंगूर में पोटेशियम और पानी की अधिकता होने से गुर्दे के रोगों लाभदायक सिद्ध हुआ है। इसमें अल्बुमिन और सोडियम कम होता है जो गुर्दे के लिये उत्तम है।
 ११. गाजर और मूली के बीज १०-१० ग्राम,गोखरू २० ग्राम,जवाखार और हजरूल यहूद ५-५ ग्राम लेकर पावडर बनालें और ४-४ ग्राम की पुडिया बनालें। एक खुराक प्रत: ६ बजे दूसरी ८ बजे और तीसरी शाम ४ बजे दूध-पानी की लस्सी के साथ लें। बहुत कारगर उपचार है|
 १२) पथरी को गलाने के लिये चौलाई की सब्जी गुणकारी है। उबालकर धीरे-धीरे चबाकर खाएं।दिन में ३-४ बार यह उपक्रम करें।

वर्षा ऋतु के रोग और आयुर्वेदिक घरेलू उपचार 

 १३) बथुआ की सब्जी आधा किलो लें। इसे ८०० मिलि पानी में उबालें। अब इसे कपडे या चाय की छलनी में छान लें। बथुआ की सब्जी भी भी इसमें अच्छी तरह मसलकर मिलालें। काली मिर्च आधा चम्मच और थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर पीयें। दिन में ३-४ बार प्रयोग करते रहने से गुर्दे के विकार नष्ट होते हैं और पथरी निकल जाती है।
 १४) प्याज में पथरी नाशक तत्व होते हैं। करीब ७० ग्राम प्याज को अच्छी तरह पीसकर या मिक्सर में चलाकर पेस्ट बनालें। इसे कपडे से निचोडकर रस निकालें। सुबह खाली पेट पीते रहने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।
 १५) सूखे आंवले बारीक पीसलें। यह चूर्ण कटी हुई मूली पर लगाकर भली प्रकार चबाकर खाने से कुछ ही हफ़्तों में पथरी निकलने के प्रमाण मिले हैं।
 १६) स्टूल पर चढकर १५-२० बार फ़र्श पर कूदें। पथरी नीचे खिसकेगी और पेशाब के रास्ते निकल जाएगी। निर्बल व्यक्ति यह प्रयोग न करें।

बढ़ी हुई तिल्ली प्लीहा के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार

 १७) मिश्री,सौंफ,सूखा धनिया सभी ५०-५० ग्राम की मात्रा में लेकर रात को डेढ़ लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए २४ घंटे बाद छानकर सौंफ, धनिया पीसकर यह पेस्ट पुन; तरल मिश्रण में घोलकर पीते रहने से मूत्र पथरी निकल जाती है|
 १८) जवाखार: गाय के दूध के लगभग 250 मिलीलीटर मट्ठे में 5 ग्राम जवाखार मिलाकर सुबह-शाम पीने से गुर्दे की पथरी खत्म होती है। जवाखार और चीनी 2-2 ग्राम की मात्रा में लेकर पीसकर पानी के साथ खाने से पथरी टूट-टूटकर पेशाब के साथ निकल जाती है। इस मिश्रण को रोज सुबह-शाम खाने से आराम मिलता है।
 १९) पालक: 100 मिलीलीटर नारियल का पानी लेकर, उसमें 10 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से 14 दिनों में पथरी खत्म हो जाती है। पालक के साग का रस 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम खाने से पथरी में लाभ मिलता है।
 २०) गोक्षुर: गोक्षुर के बीजों का चूर्ण 3 से 6 ग्राम बकरी के दूध के साथ प्रतिदिन 2 बार खाने से पथरी खत्म होती है।

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 २१)  फिटकरी: भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम दिन में 3 बार रोगी को पानी के साथ सेवन कराने से रोग ठीक होता है।
 २२) कमलीशोरा: कमलीशोरा, गंधक और आमलासार 10-10 ग्राम अलग-अलग पीसकर मिला लें और हल्की आग पर गर्म करने के 1-1 ग्राम का आधा कप मूली के रस के साथ सुबह-शाम लेने से गुर्दे की पथरी में लाभ मिलता है।
 २३) आलू: एक या दोनों गुर्दो में पथरी होने पर केवल आलू खाते रहने पर बहुत लाभ होता है। पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक मात्रा में पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियां और रेत आसानी से निकल जाती हैं। आलू में मैग्नीशियम पाया जाता है जो पथरी को निकालता है तथा पथरी बनने से रोकता है। 

लो ब्लड प्रेशर होने पर तुरंत करें ये पाँच उपाय 

२४) तुलसी: 20 ग्राम तुलसी के सूखे पत्ते, 20 ग्राम अजवायन और 10 ग्राम सेंधानमक लेकर पॉउड़र बनाकर रख लें। यह 3 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से गुर्दे का तेज दर्द दूर होता है। २५) पके हुए प्याज का रस पीना पथरी निकालने के लिए बेहद लाभ प्रद उपाय है| दो मध्यम आकार के प्याज लेंकर भली प्रकार छीलें | एक गिलास जल में डालकर मध्यम आंच पर पकाएं| अब इस मिश्रण को मिक्सर में डालकर चलाएं | इस रस को छानकर पियें| ७ दिन तक यह उपचार करने से पथरी के टुकड़े निकल जाते हैं| 
 विशिष्ट  परामर्श- 
      

वैध्य श्री दामोदर 9826795656  की जड़ी बूटी - निर्मित औषधि से 30 एम एम तक के आकार की बड़ी  पथरी  भी  आसानी से नष्ट हो जाती है|  पथरी का भयंकर दर्द , गुर्दे की सूजन,पेशाब मे दिक्कत,जलन को तुरंत समाप्त करने मे यह  औषधि  रामबाण की तरह असरदार है|जो पथरी का दर्द महंगे इंजेक्शन से भी काबू मे नहीं आता ,इस औषधि की कुछ ही खुराक लेने से आराम लग जाता है|  आपरेशन की जरूरत ही नहीं पड़ती|औषधि मनी बेक गारंटी युक्त है|


जामुन के फायदे



जामुन कम समय के लिए आने वाला लेकिन बेहद लाभदायक फल है। यह स्वाद और सेहत से भी भरपूर होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। जामुन के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
*यह पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। खास बात यह है कि डायबिटीज वाले लोग भी इसका सेवन कर सकते हैं। बस एक बात का ध्यान रखें कि कभी भी खाली पेट जामुन का सेवन न करें।

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न ही कभी जामुन खाने के बाद दूध का सेवन करें। साथ ही अधिक मात्रा में भी जामुन खाने से बचें।
*यदि आप अपने चेहरे पर रौनक लाना चाहती हैं तो जामुन के गूदे का पेस्ट बनाकर इसे गाय के दूध में मिलाकर लगाने से निखार आता है।
 *विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए जामुन खाना अच्छा रहता है। बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि जामुन में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

 *जामुन शुगर पेशेंट के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमे कैरोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और सोडियम भी पाया जाता है। इस वजह से यह शुगर का लेवल मेंटेन रखता है।
 जामुन का सिरका बनाकर बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सेवन करने से यह न केवल भूख बढ़ाता है, बल्कि कब्ज की शिकायत को भी दूर करता है।

*पित्ताश्मरी(Gallstone) की अचूक औषधि*

* जामुन में फ्लेवोनॉइड्स, फेनॉल्स, प्रोटीन और कैल्शियम भी पाया जाता है, जो सेहत के लिए लाभकारी होता है।
*ग्लूकोज और फ्रक्टोज के रूप में मिलने वाली शुगर शरीर को हाईड्रेट करने के साथ ही कूल और रिफ्रेश करती है।
*जामुन में फाइटोकेमिकल्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
* अगर आपको कमजोरी महसूस होती है या आप एनीमिया से पीडित हैं तो जामुन का सेवन आपके लिए 
फायदेमंद रहेगा।

कालमेघ के उपयोग ,फायदे

 *यदि आपको एसिडिटी की समस्या रहती है तो काले नमक में भुना जीरा मिलाकर पीस लें। फिर इसके साथ जामुन का सेवन करें। एसिडिटी की समस्या दूर हो जाएगी।
 *यदि आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन के बीजों को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाएं।
जामुन के और भी फायदे हैं-

*जामुन को मधुमेह के बेहतर उपचार के तौर पर जाना जाता है।
*पाचनशक्ति मजबूत करने में जामुन काफी लाभकारी होता है।



रतनजोत के औषधीय प्रयोग,उपयोग,लाभ


*यकृत (लिवर) से जुड़ी बीमारियों के बचाव में जामुन रामबाण साबित होता है।
*अध्ययन दर्शाते हैं कि जामुन में एंटीकैंसर गुण होता है।
*कीमोथेरेपी और रेडिएशन में जामुन लाभकारी होता है।
*हृदय रोगों, डायबिटीज, उम्र बढ़ना और अर्थराइटिस में जामुन का उपयोग फायदेमंद होता है।
*जामुन का फल में खून को साफ करने वाले कई गुण होते हैं।
*जामुन का जूस पाचनशक्ति को बेहतर करने में सहायक होता है।



दमा( श्वास रोग) के असरदार उपचार


*जामुन के पेड़ की छाल और पत्तियां रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होती हैं।
*कब्ज और उदर रोग में जामुन का सिरका उपयोग करें। जामुन का सिरका गुणकारी और स्वादिष्ट होता है, इसे घर पर ही आसानी से बनाया जा सकता है और कई दिनों तक उपयोग में लाया जा सकता है।
*सिरका बनाने की विधि- काले पके हुए जामुन साफ धोकर पोंछ लें। इन्हें मिट्टी के बर्तन में नमक मिलाकर मुँह साफ कपड़े से बाँधकर धूप में रख दें। एक सप्ताह धूप में रखने के पश्चात इसको साफ कपड़े से छानकर रस को काँच की बोतलों में भरकर रख लें। यह सिरका तैयार है।


शुक्राणुओ में वृद्धि करने के रामबाण उपाय

मूली, प्याज, गाजर, शलजम, मिर्च आदि के टुकड़े भी इस सिरके में डालकर इसका उपयोग सलाद पर आसानी से किया जा सकता है। जामुन साफ धोकर उपयोग में लें।
*यथासंभव भोजन के बाद ही जामुन का उपयोग करें। जामुन खाने के एक घंटे बाद तक दूध न पिएँ। जामुन पत्तों की भस्म को मंजन के रूप में उपयोग करने से दाँत और मसूड़े मजबूत होते है|


किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

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लंबाई बढ़ाने के उपाय और उपचार// How to increase hight ?



लम्बाई कैसे बढ़ाएं

स्त्री हो या पुरुष, अच्छी हाइट दोनो की सुंदरता और व्यक्तित्व में निखार लाती है। क्योंकि लम्बाई जीन्स पर निर्भर करती है, इसलिए कुछ लोग सोचते हैं कि लम्बाई बढ़ा पाना मुमकिन नहीं होता। लेकिन आपको यह जानकर खुशी होगी कि कुछ ऐसे प्रकृतिक तरीके हैं जिनको अपनाकर आप अपनी लम्बाई बढ़ा सकते हैं।
हमारे शरीर में लंबाई बढ़ाने का सबसे बड़ा योगदान होता है ह्यूमन ग्रोथ हॉरमोन का यानी की एचजीएच। एचजीएच पिटूइटेरी ग्लैंलड से निकलता है जिससे हमारी हाइट बढ़ती है। सही प्रोटीन और न्यूटिशन न मिलने के कारण शरीर का विकास होना बंद या कम हो जाता है। और अगर आप शरीर का सही विकास करना चाहते हैं तो खान-पान का पूरा ध्यान रखना शुरु कर दें। आजकल कोल्ड ड्रिंक्स पीना फैशन बन गया है, लेकिन यह सेहत के लिहाज से सही नहीं है। बर्गर, नूडल्स, पिज्जा खाने से भी हाइट नहीं बढ़ती। दूध, दही, पनीर, मक्खन, दालें खाने से हाइट बढ़ती है। प्रोटीन दूध, दही, अंडे में खूब होता है। विटामिन, मिनरल्स के लिए फल खाओ, जूस पियो और हरी सब्जी, दालें खाना मत भूलना। आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे पोषक तत्व जिनका उपयोग कर के आप अपनी रुकी हुई हाइट को बढ़ा सकते हैं।

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

 खाएं, हाइट बढ़ाएं

कैल्शियम- 


कैल्शियम शरीर के लिए एक आवश्यक खनिज है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है। कैल्शियम हमें दूध, चीज़, दही आदि में मिलता है। ऊंचा लंबा कद पाने के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी है। *मिनरल- खनिज हड्डी के ऊतकों का निर्माण करता है। ये हड्डी के विकास और शरीर में रक्त के प्रवाह में सुधार करते हैं। अगर आपको अपनी लंबाई बढ़ानी है तो खनिज से भरपूर तत्वों का इस्तेमाल करें। यह पालक, हरी बीन्स, फलियां, ब्रोकोली, गोभी, कद्दू, गाजर, दाल, मूंगफली, केले, अंगूर और आड़ू में पाया जाता है।

दालचीनी के अद्भुत फायदे

*सुबह व्यायाम करें। व्यायाम में ताड़ासन करना सर्वोत्तम है। ताड़ासन– दोनों हाथ उपर करके सीधे खड़े हो जायें, दीर्घ श्वास लें, हाथ ऊपर धीरे-धीरे उठाते जायें और साथ-साथ पैर की एडियां भी उठती रहे। पूरी एड़ी उठाने के बाद शरीर को पूरी तरह से तान दें और दीर्घ श्वास लें। इससे फेफडे़ फैलते हैं और स्वच्छ वायु मिलती भी है। ताड़ासन करने से स्नायु सक्रिय होकर विस्तृत होते हैं। इसी कारण यह कद बढ़ाने में सहायक साबित होता है।*विटामिन डी- लंबाई बढ़ाने के लिए जिस विटामिन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है उनमें से एक है व‍िटामिन डी। अच्छी तरह से कैल्शियम को हड्डी में अवशोषित करने के लिए, हड्डी के विकास के लिए और प्रतिरक्षा प्रणाली के बेहतर कार्य करने के लिए आपको विटामिन डी की जरूरत होती है जो मछली, दाल, अंडा, टोफू, सोया मिल्कर, सोया बीन, मशरूम और बादाम आदि में पाया जाता है।


प्रोटीन- 

प्रोटीन रिच फूड न केवल हेल्थी होते हैं बल्कि आपकी हाईट भी बढ़ाते हैं। यह शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं। अमीनो एसिड से भरपूर पदार्थ शरीर को सही ग्रोथ और बेहतर कार्य करने की क्षमता प्रदान करते हैं। कुछ आहार जिनमें प्रोटीन पाए जाते हैं वह हैं- मछली, दूध, चीज़, बींस, मीट, मूगंफली, दालें और चिकन आदि।
*शरीर में लंबाई बढ़ाने का सबसे बड़ा योगदान होता है ह्यूमन ग्रोथ हॉरमोन का यानी की एचजीएच। एचजीएच पिटूइटेरी ग्लैंड से निकलता है जिससे हाइट बढ़ती है। सही प्रोटीन और न्यूटिशन न मिलने के कारण शरीर का विकास होना बंद या कम हो जाता है। और अगर आप शरीर का सही विकास करना चाहते हैं तो खान-पान का पूरा ध्यान रखना शुरु कर दें।



शुक्राणुओ में वृद्धि करने के रामबाण उपाय



; * कद बढ़ाने के लिये सूखी नागौरी अश्वगंधा की जड़ को कूटकर बारीक कर चूर्ण बना लें। बराबर मात्रा में खांड मिलाकर किसी टाईट ढक्कन वाली कांच की शीशी में रखें। इसे रात सोते समय रोज दो चम्मच गाय के दूध के साथ लें। इससे दुबले व्यक्ति भी मोटे हो जायेंगे। कम कद वाले लोग लंम्बे हो सकते हैं। इससे नया नाखून भी बनना शुरू होता है। इस चूर्ण का सेवन करने से कमजोर व्यक्ति अपने अंदर स्फूर्ति महसूस करने लगता है। इस चूर्ण को लगातार 40 दिन तक लेते रहें। इस चूर्ण को शीतकाल में लेने  
* 1 से 2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण, 1 से 2 ग्राम काले तिल, 3 से 5 खजूर को 5 से 20 ग्राम गाय के घी में एक महीने तक खाने से लाभ होता है। साथ में पादपश्चिमोत्तानासन, 'पुल्ल-अप्स' करने से एवं हाथ से शरीर झुलाने से ऊँचाई बढ़ती है।

शीघ्रपतन का होमियोपैथिक इलाज


**विटामिन ए- शरीर के अंगों के सही प्रकार से कार्य करें इसके लिए आपको विटामिन ए से भरा हुआ आहार अपने रोजाना आहार में शामिल करना चाहिए। इससे हड्डियां मजबूत रहेंगी और साथ ही लम्बाई भी बढ़ेगी। तो विटामिन ए का सेवन जरूर करें। पालक, चुकदंर, गाजर, चिकन, दूध, टमाटर आदि के अलावा सब्जियों के जूस का भी सेवन करें।
*बच्चों को अपने हाथ तथा पैरों के बल झूलने तथा दौड़ने जैसी कसरतों के अलावा भोजन में प्रोटीन, कैल्शियम तथा विटामिनों की जरूरत बहुत आवश्यक है तथा पौष्टिक भोजन करने से लम्बाई बढ़ने में फायदा मिलता है।

पथरी की अचूक हर्बल औषधि से डाक्टर की बोलती बंद!

यदि आप अपनी हाइट को थोड़ा बढ़ाना चाहते हैं तो कुछ सब्जियां इसमें बड़ी सहायक बन सकती है। ये सब्जियां हार्मोन को बैलेन्स करती हैं। आइए, आज जानते हैं कुछ ऐसी सब्जियों के बारे में जिन्हें खाने से हाइट बढ़ने लगती है।

शलजम-शलजम एक ऐसी सब्जी है, जिसे भोजन में नियमित शामिल करने से हार्मोन संतुलित रहते हैं और हाइट बढ़ने लगती है। शलजम मुख्य रूप से शीतोष्ण क्षेत्र में पैदा होता है और यह पूरे विश्व में पाया जाता है। शलजम में भरपूर मात्रा में मिनरल्स, प्रोटीन, फाइबर्स व कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। शलजम को आप सलाद के रूप में या किसी सब्जी में मिलाकर रोजाना उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, इसका जूस भी लिया जा सकता है।


गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

*इसके अलावा कुछ छोटी-छोटी मगर मोटी बातें है जिनको अपनाकर भी आप अपनी हाईट बढ़ा सकते है, जैसे- सही तरीके से बैठें और चलें। कभी भी झुककर बैठना और चलना नहीं चाहिए। चलते और बैठते समय अपनी कमर को सीधा रखें। समय पर सोएं। देर रात तक जागना नहीं चाहिए। रात 10 बजे तक सो जाएं और सुबह उठकर थोड़ा-सा व्यायाम करें, अच्छा रहेगा।

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 


लंबे बालों को सेहतमंद रखने के उपाय


                                                                      

गर्मी में लंबे बालों को संभालना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। आपके दिल में भी कई बार अपने बालों को इसी वजह से कटवाने का ख्याल आया होगा। पर समस्या है तो समाधान भी तो है। बताते हैं गर्मी में अपने लंबे बालों की देखभाल कैसे करें,
*गर्मी के मौसम में बालों की समस्या बढ़ जाती है। अगर लंबे बाल हों तो उनको संभालना और मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हम लंबे बालों को एक मुसीबत के रूप में देखते हैं और अक्‍सर बालों को कटवाने का खयाल मन में आने लगता है। गर्मी के इन तीन महीनों में बाल ज्यादा घुंघराले और भारी भी हो जाते हैं, जिसके कारण वे और मुश्किल पैदा करते हैं।

डेंगू ज्वर :कारण और निवारण के उपाय 


*आप जूड़ा भी बना सकती हैं। बाल सुरक्षित रहेंगे और उलझेंगे भी नहीं। इसके अलावा आप बालों में गांठ भी लगा सकती हैं। बालों में तरह-तरह से गांठ लगाएं, बालों को एक नया लुक मिलेगा।
*इस मौसम में बालों को अतिरिक्त गर्मी बिल्कुल न दें। बालों में हेयर ड्रायर या हेयर कर्लर का प्रयोग बिल्कुल न करें। इनके प्रयोग से आपके बालों को नुकसान पहुंचेगा और बाल झड़ने भी लगेंगे। लंबे बालों को हमेशा प्राकृतिक तरीके से ही सुखाने की कोशिश करें।
*गर्मी के मौसम में पानी बहुत महत्वपूर्ण होता है, इससे आपमें नमी की कमी नहीं होगी। यह न सिर्फ आपके लिए, बल्कि आपके बालों के लिए भी बहुत जरूरी है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। एक दिन में 8 से 10 गिलास पानी कम-से-कम पिएं। घर से बाहर निकल रही हैं, तो पानी जरूर रखें।
*इसके अलावा इस मौसम में पोषणयुक्त आहार का सेवन अवश्य करें। मौसमी फल और तरबूज खाने से बालों को पोषण मिलता है और इससे बाल मजबूत और घने होते हैं। 
बालों में बार-बार हाथ फेरना भी बुरी आदत है। हम पहले कीटाणुयुक्त चीजें छूते हैं, फिर उसी गंदे हाथ से अपने बाल छूते हैं। यही कीटाणु डैंड्रफ व बालों के टूटने की वजह बनते हैं।
*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*
पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

किस दवा के साथ क्या क्या न खाएं




चिकित्सक अक्सर परामर्श देते हैं कि दवाएं कभी भी खाली पेट नहीं खानी चाहिए, इसके बहुत आनुषंगिक दुष्प्रभाव होते हैं। लेकिन अगर कुछ दवाएं खा भी रहे हैं तो भी ध्यान रखना होगा कि क्या खा रहे हैं। कुछ बीमारियों से जुड़ी दवाइयां हर किसी चीज के साथ नहीं खा सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे कुछ खास कॉम्बिनेशन लेने से बचना चाहिए।


*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*

*मुलेठी शरीर में पोटेशियम को कम करती है जो दिल की बीमारी वालों के लिए खतरनाक हो सकता है। उच्च रक्तचाप, धड़कनों का बढ़ना या दिल के दौरे का इलाज कर रहे हो तो मुलेठी खाने से बचें। दोनों चीजें एक साथ लेने से शरीर में पोटेशियम का स्तर एक साथ घट जाएगा, जो कि खतरनाक हो सकता है।
*ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए दवाएं ले रहे हैं तो केले मत खाएं। कारण ये है कि केले में खूब सारा पोटेशियम होता है जो दवा के अतिरिक्त लेने से शरीर में पोटेशियम के स्तर को दोगुना कर देगा। बहुत सारा पोटेशियम दिल की धड़कनों को अनियंत्रित कर सकता है और घबराहट पैदा करेगा।


गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*कफ या जुकाम की दवा ले रहें हो तो उस समय नींबू या संतरे जैसे खट्टे फल ना खाएं।
*पेरासिटामोल, पेनकिलर या फिर अगर डॉयबटीज की दवा ले रहे हैं तो उस दौरान शराब ना पिएं। कारण ये है कि इन दवाओं को लेने के बाद लीवर को अतिरिक्त काम करना पड़ता है लेकिन उसी समय शराब पी जाएं तो यकृत को दोगुना काम करना पड़ेगा। इस तरह से दोगुना काम करने की वजह से लीवर को नुकसान हो सकता है। यकृत के क्षतिग्रस्त होने की आंशका बढ़ सकती है।


*किडनी फेल रोग का अचूक इलाज* 

*वॉरफेरिन, ये दवा खून के थक्के नहीं बनने देती। इसे या ऐसी कोई भी दवा खा रहे हैं तो हरे पत्तेदार सब्जियां कम खाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन सब्जियों में विटामिन k बहुत ज्यादा होता है जो खून में थक्के बनाता है। *जब आप इन दवाओं के साथ वॉरफेरिन खाएंगे तो दवा का असर कम हो जाएगा और फायदा नहीं पहुंचेगा।

*गठिया रोग के घरेलू,आयुर्वेदिक उपचार*

*सिप्रोफ्लोक्सेसिन और टेट्रासाइक्लिन को एक ग्लास पानी के साथ ही लेना चाहिए। इसे खाना खाने से एक घंटे पहले या फिर खाने के दो घंटे बाद लें। इन दवाओं को सोखने में समय लगता है जिससे अगर खाना खा लिया जाए तो ये काम बाधित हो जाता है। ऐसा दूध के साथ ज्यादा होता है। तो इन दवाओं को दूध के साथ ना लें।

अंगूर खाने के फायदे // Benefits of grapes




अंगूर एक बलवर्घक एवं सौन्दर्यवर्घक फल है। अंगूर फल मां के दूघ के समान पोषक है। फलों में अंगूर सर्वोत्तम माना जाता है। यह निर्बल-सबल, स्वस्थ-अस्वस्थ आदि सभी के लिए समान उपयोगी होता है। यह हर तरह से आपके लिए फायदा करता है। अंगूर की कई तरह की प्रजातियां हैं। जैसे लंबे अंगूर, काले अंगूर, छोटे अंगूर आदि। इन्ही अंगूरों से किशमिश बनाई जाती है। अंगूर में कैलोरी, फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, ई और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए अंगूर प्राकृति का एैसा फल है जिसमें हर तरह के उत्तम गुण हैं जो सेहत और उम्र को बढ़ाने में मददगार होते हैं।

भगंदर को जड़ से खत्म करने के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

*कहते हैं कि जब लगभग सभी खाने की चीजें अपथ्य हो जाएं, अर्थात खाने को मना हों तो भी अंगूर का सेवन किया जा सकता है। यानि रोगी के लिए बलवर्धक पथ्य फल है यह अंगूर। स्वाद के अनुसार काले अंगूर(जिसे सुखाकर मुनक्का बनाया जाता है ) ,बैंगनी अंगूर ,लम्बे अंगूर ,छोटे अंगूर और बीज रहित अंगूर होते हैं जिन्हें सुखाकर किशमिश बनाई जाती है। अब इसके गुणों के बारे में चर्चा करें तो पके अंगूर शीतल, नेत्रों के लिए हितकारी, कसैले, वीर्यवर्धक,पौष्टिक एवं रुचि बढ़ाने वाले होते हैं। जबकि कच्चे अंगूर गुणों में हीन ,भारी एवं कफ व पित्त को कम करने वाले होते हैं।

लीवर  के रोगों के उपचार 

*अंगूर के ताजेफल खून को बढ़ाने एवं पतला करने वाले और छाती से सम्बंधित रोगों में भी लाभकारी होते हैं।

*डायबिटीज-

जिन लोगों को डायबिटीज है उनके लिए अंगूर सेवन करना हितकारी है। अंगूर शूगर की मात्रा को कम करता है। खून में मौजूद शूगर को नियंत्रित करने में अंगूर अहम भूमिका निभाता है।

*अंगूर खून की कमी और आयरन की कमी को दूर करता है।
*यदि सिर में दर्द हो रहा हो तो 8-10 नग मुनक्का ,10 ग्राम मिश्री और इतनी ही मात्रा में मुलेठी एवं थोड़ी मात्रा में शुद्ध जल रात भर खुले आसमान के नीचे छोड़ दें और सुबह मिलाकर पीस लें। नाक में दो बूँद टपका दें। सिरदर्द में लाभ मिलेगा। नाक से खून आना (नकसीर)में भी ऊपर लिखा फार्मूला अत्यंत लाभकारी है।

डेंगू ज्वर :कारण और निवारण के उपाय 

*यदि पांच से दस ग्राम मुनक्का नियमित रूप से खाई जाए तो मुख की दुर्गन्ध में लाभ मिलता है।
*आठ से दस नग मुनक्का और हरीतकी का काढ़ा लगभग20 मिली की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर खाने से दमा रोग में भी लाभ मिलता है।
माइग्रेन-
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है वे सुबह उठकर अंगूर का रस पीयें। एैसा कुछ दिनों तक करने से माइग्रेन की समस्या से निजात मिल सकता है।
*घी ,मुनक्का,खजूर ,पिप्पली एवं कालीमिर्च, इन सब को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर एक चटनी सी बनाकर नित्य सेवन करने से सुखी खांसी और क्षयरोग में लाभ मिलता है।

धतूरा के औषधीय उपयोग 

* एक एंटासिड बनाना बताते हैं :मुनक्का एवं हरड़ बराबर मात्रा में लेकर उतनी ही मात्रा में शक्कर मिला लें। अब सबको पीसकर 1-1- ग्राम की गोली बना लें। हो गयी एंटासिड गोली तैयार। अब एक गोली सुबह-शाम ठन्डे पानी से लें और हायपरएसिडीटी की समस्या से निजात पाएं।
*आप कब्ज से हैं परेशान तो मुनक्का 6 से सात नग, भुना जीरा 5 से 10 ग्राम और सैंधा नमक 1.5 ग्राम(उच्च रक्तचाप के रोगी के लिए मात्रा चिकित्सक अनुसार ) इन सबका चूर्ण बनाकर गुनगुने पानी से लें ..देखें आपको इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
*खूनी बवासीर के रोगी अंगूर के गुच्छों को एक बर्तन (मिट्टी का हो ) में बंद कर राख बना लें, अब मिलनेवाली भस्म को तीन से पांच ग्राम की मात्रा में मिश्री एवं घी के साथ लेने से खून आना बंद हो जाता है।
यदि पेशाब खुल कर नहीं आ रहा हो तो आठ से दस मुनक्का एवं लगभग दस ग्राम मिश्री को पीसकर दही के पानी से लेने पर यह एक अच्छा डाययूरेटिक का काम करता है।

*छाती का  कैंसर

हाल ही में हुए नये शोध में यह बात सामने आई है कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में अंगूर सेवन एक कारगर उपाय है। साथ ही हर्ट अटैक के रोग से बचने के लिए काले अंगूर का जूस पीने से लाभ मिलता है। *काले अंगूर का रस खून के थक्कों को बनने से रोक देता है।
*अंगूर का रस पीने से दिल में हो रहे दर्द में आराम मिलता है।
*दस ग्राम मुनक्का ,पाषाणभेद ,पुनर्नवा की जड़ तथा अमलतास की गुदी पांच ग्राम की मात्रा में मोटा-मोटा कुटकर आधा लीटर पानी में खुले बर्तन में उबालकर आठ भाग बचने पर छान कर बना काढ़ा पीने से पेशाब से सम्बंधित तकलीफों में फायदा पहुंचाता है।

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

*मुनक्का 10 नग, छुहारा 3 नग तथा मखाना तीन नग शारीरिक रूप से कमजोर रोगी नियमित 250 मिली दूध से सेवन करें और लाभ देखें।याददास्त
*याददास्त को बढ़ाने के लिए अंगूर के रस की 2 चम्मच सुबह और 2 चम्मच शाम को पानी के साथ मिलाकर, खाना खाने के बाद लें। यह आपकी कमजोर स्मरण  शक्ति को बढ़ाएगा।
*अंगूर और अड़ूसे (वासा) का काढ़ा बीस से तीस मिली की मात्रा में पिलाने पर पेटदर्द दूर होता है।
सोते समय पांच से दस ग्राम किशमिश के साथ गुनगुना दूध पीएं, इससे प्रात:काल आपका पेट साफ रहेगा।

*रक्त स्त्राव-

शरीर से खून निकलने से या रक्त स्त्राव होने पर शहद के दो चम्मच एक गिलास अंगूर के जूस में मिलाकर पीएं। यह रक्त स्त्राव की वजह से हुई खून कमी को दूर करता है।
*गले की परेशानी में अंगूर के रस से गरारे कराना भी फायदेमंद होता है।

*उल्टी होने पर

उल्टी की समस्या हो या जी मिचला रहा हो ऐसे में काली मिर्च और थोड़ा सा नमक को अंगूर के रस में मिलाकर पींए।

सोरायसिस(छाल रोग) के आयुर्वेदिक उपचार 

*भोजन के आघा घंटे बाद अंगूर का रस पीने से खून बढता है और कुछ ही दिनों में पेट फूलना, बदहजमी आदि बीमारियों से छुटकारा मिलता है। अंगूर के रस की दो-तीन बूंद नाक में डालने से नकसीर बंद हो जाती है।
*गोल मुनक्का, वीर्यवर्धक,भारी गुणों से युक्त। जबकि किशमिश, शीतल, रुचिकारक और मुख के कड़वेपन को दूर करने वाली होती है।
*अंगूर के शरबत का नित्य सेवन गर्मी में लू के कारण होनेवाली परेशानियों को दूर करता है। तो है न कमाल का *अंगूर एक रसीला फल लेकिन गुणों की खान | इसका औषधीय प्रयोग चिकित्सकीय परामर्श से करें तो बेहतर है।


*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक औषधि*

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

काले नमक के गुण//Benefits of Black Salt



भारतीय काला नमक एशिया के कुछ हिस्सों में विशेष रूप से हिमालय पर्वत की चोटियों के आसपास कई पीढ़ियों से एक मसाले की तरह इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह मूल रूप से भारत के उत्तर और पाकिस्तान या सांभर या डीडवाना के नमक के पानी से प्राप्त हुआ था।
भारतीय काला नमक आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक  ठंडे मसाले के रूप में माना जाता है और इसे कब्ज, पेट की ख़राबी,, सूजन, पेट फूलना, गण्डमाला, हिस्टीरिया के साथ साथ कमज़ोर नेत्र दृष्टि वाले लोगो के लिए सिफारिश किया जाता है।

गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज

* रसोई घर की मेज पर - नमक की तुलना में काले नमक मे सोडियम की मात्रा कम होती है| यही कारण है की भारत मे उच्च रक्तचाप की वजह से कम नमक खाने वाले लोगों के आहार में काला नमक को शामिल करने की सिफारिश की जाती है| कहने की जरूरत नहीं की मूल निवासी भारतीय काला नमक बहुत भिन्न होता है और यह मुख्य रूप से निर्भर करता है की इसका उत्पादन पारंपरिक या आधुनिक तकनीक से किया गया है।
*अगर आपको स्वस्थ जिंदगी जीनी है तो रोज सुबह काला नमक और पानी मिला कर पीना शुरु कर दें। जी हां, इस घोल को सोल वॉटर कहते हैं, जिससे आपकी ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ऊर्जा में सुधार, मोटापा और अन्य तरह की बीमारियां झट से ठीक हो जाएंगी। ध्यान रखियेगा कि आपको किचन में मौजूद सादे नमक का प्रयोग नहीं करना है, अथवा यह लाभ नहीं करेगा। काले नमक में 80 खनिज और जीवन के लिए वे सभी आवश्यक प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो जरुरी हैं।

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*नमक वाला पानी बनाने की विधि – एक गिलास हल्के गरम पानी में एक तिहाई छोटा चम्मच काला नमक
मिलाइये। इस गिलास को प्लास्टिक के ढक्कन से ढंक दीजिये। फिर गिलास को हिलाते हुए नमक मिलाइये और 24 घंटे के लिये छोड़ दीजिये। 24 घंटे के बाद देखिये कि क्या काले नमक का टुकड़ा (क्रिस्टल) पानी में घुल चुका है। उसके बाद इसमें थोड़ा सा काला नमक और मिलाइये। जब आपको लगे कि पानी में नमक अब नहीं घुल रहा है तो, समझिये कि आपका घोल पीने के लिये तैयार हो गया है।

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रोज़ सुबह नमक वाला पानी पीने से होते हैं ये फायदे-
*पाचन दुरस्त करे-
नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में मदद करता है। अच्छी पाचन के लिये यह पहला कदम बहुत जरुरी है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। इसके अलावा इंटेस्‍टाइनिल ट्रैक्ट और लिवर में भी एंजाइम को उत्तेजित होने में मदद मिलती है, जिससे खाना पचने में आसानी होती है।
*यह ना केवल स्वाद  बढ़ाने का काम करता है बल्कि स्वस्थ्य  और सौंदर्य में भी सुधार करता है। इसमे सोडियम की मात्रा कम होती है इसलिये उच्च रक्तचाप वाले लोगों के लिए ठीक रहता है| । इसके अलावा यह सुंदरता को भी निखारता है।
*भारतीय काला नमक चटनी, दही, अचार, सलाद और कई फलों सहित भारतीय खाद्य पदार्थ में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। यह आमतौर पर शाकाहारी लोगो मे सराहा जाता है जिसका कारण है इसका विशेष स्वाद जो की टोफू, अंडे और अन्य शाकाहारी भोजन मे इस्तेमाल होता है। गर्मी के मौसम मे अत्यधिक पसीना के माध्यम से खोए हुए नमक को वापस लाने के लिए भारतीय काले नमक को स्वच्छ पेय मे स्वाद लाने के लिए मिला के पिया जाता है
*त्वचा की समस्या -
नमक में मौजूद क्रोमियम एक्‍ने से लड़ता है और सल्फर से त्वचा साफ और कोमल बनती है। इसके अलावा नमक वाला पानी पीने से एग्जिमा और रैश की समस्या दूर होती है।
*खुजली -अगर आपकी त्वचा रूखी है और बहुत खुजली हो रही है तो काले नमक के पानी से नहाना  आपको बहुत लाभ पहुंचाएगा।
*मोटापा घटाए-यह पाचन को दुरस्त कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है।नींद लाने में लाभदायक
*अपरिष्कृत नमक में मौजूदा खनिज हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। नमक, कोर्टिसोल और एड्रनलाईन, जैसे दो खतरनाक स्ट्रेस  हार्मोन को कम करता है। इसलिये इससे रात को अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है।
*फटी एडियों के लिये एक गरम पानी की बाल्टी में काला नमक डाल कर पैरों को डुबोइये। इससे आपकी एडियां ठीक हो जाएंगी।
*शरीर को विजातीय पदार्थों से मुक्त करता है-
नमक में काफी खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टीरियल का काम भी करता है। इस‍की वजह से शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया का नाश होता है।
*हड्डी की मजबूती-
कई लोगों को नहीं पता कि हमारा शरीर हमारी हड्डियों से कैल्शियम और अन्य खनिज खींचता है। इससे हमारी हड्डियों में कमजोरी आ जाती है इसलिये नमक वाला पानी उस मिनरल लॉस की पूर्ती करता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।







आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार


प्याज खाने के फायदे //Benefits of Onion









. भोजन के साथ सलाद के रूप में खाया जाने वाला कच्चा प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। सैंडविच, सलाद या फिर चाट, प्याज सभी के स्वाद को दोगुना कर देता है। यदि आपको डर है कि प्याज खाने से दुर्गंध आएगी तो खाने के बाद माउथ फ्रेशनर खाइए या ब्रश कर लीजिए, लेकिन प्याज जरूर खाइए। आहार विशेषज्ञों की मानें तो यह यौन दुर्बलता को दूर करने में भी बहुत उपयोगी है। यौन शक्ति के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्याज एक सस्ता एवं सुलभ विकल्प है। आइए आज हम आपको बताते हैं प्याज के कुछ ऐसे ही उपयोग और गुणों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप कई समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।
*भारतीय खाने की बात करें तो यहां बनने वाली कोई भी सब्जी बिना प्याज के बनाई ही नहीं जा सकती। प्याज नॉनवेज और वेज पंसद करने वाले सबके काम आता है। तो इतना खूबियां जानने के बाद ये जरुरी हो जाता है कि प्याज का प्रयोग क्यों होता है खाने में और इसे खाने के क्या फायदे हैं।
*प्याज में फैल्वोनाइड होता है रक्त से ग्लूकोज कम करता है। एक शोध बताता है कि प्याज खाने से टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह के डायबीटीज में फायदा होता है। *यदि आप सर्दी, कफ या खराश से पीड़ित हैं तो ताजे प्याज का रस पीजिए। इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद होता है।
रोजाना प्याज खाने से इंसुलिन पैदा होता है। यदि आप डायबिटिक हैं तो इसे खाने के साथ रोज सलाद के रूप में खाएं।
हिस्टीरिया का रोगी अगर बेहोश हो जाए तो उसे प्याज कूटकर सुंघाएं। इससे रोगी तुरंत होश में आ जाता है। -
प्याज में मौजूद रेशे पेट के लिए बेहद फायदेमंद हैं। प्याज खाने से कब्ज दूर हो जाती है। यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो कच्चा प्याज रोज खाना शुरू कर दीजिए।
नाक से खून बह रहा हो तो कच्चा प्याज काट कर सूंघ लीजिए। इसके अलावा यदि पाइल्स की समस्या हो तो सफेद प्याज खाना शुरू कर दें।
.*प्याज के रस को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों पर मालिश करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। माना जाता है कि इस नुस्खे को दो महीनों तक लगातार आजमाया जाए तो बहुत फायदा होता है। प्याज के रस और नमक का मिश्रण मसूड़ों की सूजन और दांत दर्द को कम करता है। पातालकोट के आदिवासी मधुमक्खी या ततैया के काटे जाने पर घाव पर प्याज का रस लगाते हैं। प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर दाद-खाज और खुजली में लगाने पर शीघ्र आराम मिलता है।त्वचा पर होने वाली झुर्रियां को कम करता है प्याज। साथ ही मुंहासो पर भी असर करता है।
3 चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर लेने से मासिक धर्म की अनियमितता व उस दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। गर्मियों में प्याज रोज खाना चाहिए। यह आपको लू लगने से बचाएगा। प्याज का रस और सरसों का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है प्याज। इसमें विटामिन सी होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है।
प्याज में सल्फर की मात्रा सबसे ज्यादा होता है तो खून में कोलेस्टॉल के स्तर को कम करता है। इसके अलावा इसमें मिलने वाला एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करता है|








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गुटखा खाने के नुकसान //Chewing food threats




लोग गुटका, पान मसाला, तंबाकू, धूम्रपान और इसी तरह की कितनी ही चीजों के आदी होते हैं। कुछ लोग तो ऐसी चीजों को खाने के लिए हरदम बेचैन रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करके आप बीमारियों को खुद बुलावा दे रहे हैं-क्या आप जानतें हैं पान मसाला, तंबाकू और गुटका आपके शरीर पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इतना ही नहीं इनका प्रभाव कई बार इतना खतरनाक होता है कि आपको कैंसर तक हो सकता है। सिर्फ बीमारियां ही नहीं, इनसे व्याक्ति का हार्मोंन संतुलन भी बिगड़ने लगता है और सेक्स हार्मोंस भी प्रभावित होते हैं|इस बार जब किसी गुटखे के पाउच की रंग-बिरंगी पैकिंग खोलकर अपने मुंह में डालें तो इस बात का भी ध्यान रखें कि इससे न केवल आपको मुंह का कैंसर हो सकता है, बल्कि इससे दांत भी खराब हो सकते हैं। इतना ही नहीं, गुटखे में मौजूद कई किस्म के रसायनों से हमारे डीएनए को भी नुकसान हो सकता है।
    गुटका, तंबाकू और इसी तरह की अन्य चीजों से आपको मुंह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है। इसके साथ ही आपकों मुंह की कई और समस्याएं भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं गुटका इत्यादि चीजों से आपके दांत भी खराब हो जाते हैं और आपको सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी रहता है।   आपको गुटका, तंबाकू, पान इत्यादि खाने से इसीलिए भी बचना चाहिए क्योंकि इनके निर्माण में कई तरह के रसायन और खुशबुदार कलर्स का इस्तेमाल होता है जिससे आपके हार्मोंस तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।
   शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि गुटका व इसी तरह की अन्य चीजों के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि ये नए नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है। इसके साथ ही इनसे होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है।

     दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है, इसका सबसे बड़ा कारण भारतीयों द्वारा गुटके का अधिक सेवन करना| दरअसल, गुटके में मिलाया जाने वाला तंबाकू, सुपारी, चूना, नशीले ,पदार्थ और कत्था इत्यादि से शरीर के एंजाइम्स पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर के हर हिस्से में पाए जाने वाले इन एंजाइम्स की कार्यशैली और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।इसके अलावा हमारे सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हाल ही में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एज्यूकेशन एंड िसर्च चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि गुटखा खाने का बुरा असर हमारे शरीर के विभिन्न अंगों पर होता है। इससे पहले विभिन्न अध्ययनों में धुआंरहित तंबाकू उत्पाद गुटखा से दांतों के खराब होने पर ही सहमति थी।
     भारत में दुनिया के दूसरे देशों की अपेक्षा कैंसर होने के खतरे सबसे ज्यादा होते हैं। गुटखे में तंबाकू, कत्था, सुपारी, चूने के साथ और कई नशीले पदार्थों को मिलाया जाता है, जो हमारे शरीर के एंजाइमों पर बुरा प्रभाव डालते हैं। हमारे शरीर के हर अंग में पाए जाने वाले साइप-450 नामक एंजाइम की कार्यक्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है। चंडीगढ़ में हुआ यह अध्ययन साइंस जर्नल 'केमिकल रिसर्च इन टॉक्सीकोलॉजी' में प्रकाशित किया गया है।
    हमारे शरीर में ये एंजाइम हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा गुटखा हमारे शरीर में टॉक्सिन बनने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाता है। जो हार्मोन टॉक्सीन बनाते हैं, यह उनको नुकसान पहुंचाता है। इस अध्ययन के लिए जानवरों को चुना गया था। पीजीआई चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ बायोफिजिक्स के मुख्य अनुसंधानकर्ता डॉ. कृष्ण एल. खंडूजा के अनुसार गुटखे का आदमी और जानवर दोनों पर ही विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस अध्ययन के कई महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए हैं। इससे यह पता चला है कि धुआंरहित तंबाकू से न केवल मुंह और दांत संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि शरीर के कई अंगों जैसे फेफड़ों, लीवर, सेक्स और किडनी पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
   चबाने वाली तंबाकू में कई किस्म के रसायन होते हैं, जो हमारे रक्त में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं। इससे पहले वैज्ञानिकों के पास धुआंरहित तंबाकू का शरीर के अन्य अंगों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के विषय में ज्यादा ज्ञान नहीं था। इसी बात की जाँच करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों पर अपने प्रयोग किए और धुआंरहित तंबाकू यानी गुटखे के एंजाइम्स और जेनेटिक्स पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जांचा गया।
   हैलिस शेखसरिया इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ, मुंबई के डायरेक्टर डॉ. प्रकाश सी. गुप्ता के अनुसार इस शोध से यह संदेश मिलता है कि गुटखा मुंह संबंधी बीमारियों को बुलावा तो देता है, पर सेक्स हार्मोन पर इसका सबसे ज्यादा निगेटिव प्रभाव देखा गया है।
यहां तक कि अधिक मात्रा में लगातार सेवन से आदमी नपुंसक हो सकता है। साथ ही यदि गर्भवती महिलाएं लगातार गुटखे का सेवन करती हैं तो इससे उनके आने वाले बच्चे को कई किस्म की समस्याएं हो सकती हैं। गुटखा मौत का पैगाम लेकर आता है हम उसे सुनने में देर कर देते हैं।

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सेहत के लिए बेहतरीन है कटहल, जानते है क्यों? //Benefits of jackfruit


अगर आप कटहल को सिर्फ स्वाद में मांसाहार का शाकाहारी विकल्प मानकर खाते हैं तो इसके पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद इसका स्वाद आपको और बेहतर लगेगा।
*100 ग्राम कटहल में 303 मिलीग्राम पोटैशियम, 24 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए,सी और थाइमिन, 0.108 ग्राम विटामिन बी6, 37 ग्राम मैग्नीशियम, 94 कैलोरी, 14 एमसीजी फोलेट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं।
*पोटैशियम की अधिकता की वजह से यह लो ब्लड प्रेशर में बहुत फायदेमंद है। इसके अलावा, यह डायरिया और दमा के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। विटामिन सी की वजह से यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है और पेट में अल्सर की आशंका कम करता है। *कटहल के फल के अलावा इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। कटहल की मसालेदार सब्जी किसी के भी मुंह में पानी ला सकती है. ये दुनिया के सबसे बड़े फलों में से एक है. कटहल का इस्तेमाल न केवल सब्जी बनाने में बल्क‍ि अचार, पकौड़े और कोफ्ता बनाने में भी किया जाता है| पका कटहल भी काफी पसंद किया जाता है|
* कटहल एक ऐसी सब्जी है जो कई औषधीय गुणों से भरपूर है, लेकिन फिर भी बहुत कम लोग हैं, जो इसका सेवन नियमित रूप से करते हैं। कटहल का वानस्पतिक नाम आर्टोकार्पस हेटेरोफिल्लस है। इसके फलों में कई महत्वपूर्ण कार्बोहाइड्रेट के अलावा कई विटामिन भी पाए जाते हैं। सब्जी के तौर पर खाने के अलावा कटहल का अचार और पापड़ भी बनाया जाता है।
*जोड़ों के दर्द में रामबाण
फल के छिलकों से निकलने वाला दूध यदि गांठनुमा सूजन, घाव और कटे-फ़टे अंगों पर लगाया जाए तो आराम मिलता है। इसी दूध से जोड़ों पर मालिश की जाए तो जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
*कटहल में ढ़ेरों ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की कई आवश्यकताओं को पूरा करते हैं. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, थायमीन, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन और जिंक प्रचुर मात्रा में होता है|
*इन सबके अलावा इसमें भरपूर फाइबर होता है. अच्छी बात ये है कि इसमें कैलोरी नहीं होती है. ऐसे में ये हार्ट से जुड़ी कई बीमारियों में भी फायेमंद है|

*डायबिटीज में लाभदायक-

गुजरात के आदिवासी कटहल की पत्तियों के रस का सेवन करने की सलाह डायबिटीज के रोगियों को देते हैं। यही रस हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों के लिए भी उत्तम है।
कटहल में मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है. जिसकी वजह से हड्डियां भी स्वस्थ और मजबूत रहती हैं.
*खाना जल्दी पचा देता है
*पके हुए कटहल के गूदे को अच्छी तरह से मैश करके पानी में उबाल लें। इस मिश्रण को ठंडा कर एक गिलास पीने से जबरदस्त स्फूर्ति आती है। यही मिश्रण यदि अपच के शिकार रोगी को दिया जाए तो उसे फायदा मिलता है।कटहल में पाए जाने वाले विटामिन सी की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहती है.
*कटहल का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें भरपूर रेशे होते हैं. जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखते हैं.
*कटहल में पाया जाने वाला पोटैशियम हार्ट से जुड़ी बीमारियों से सुरक्षित रखता है. उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए ये बहुत ही फायदेमंद है.
*अल्सर में है बेहतरीन दवा
कटहल की पत्तियों की राख अल्सर के इलाज के लिए बहुत उपयोगी होती है। हरी ताजा पत्तियों को साफ धोकर सुखा लें। सूखने के बाद पत्तियों का चूर्ण तैयार करें। पेट के अल्सर से ग्रस्त व्यक्ति को इस चूर्ण को खिलाएं। अल्सर में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।
ये आयरन का एक अच्छा स्रोत है जिसकी वजह से रक्ताल्पता से बचाव होता है. साथ ही *इसके प्रयोग से रक्त परिसंचरण भी नियंत्रित रहता है.
*अस्थमा के इलाज में भी ये एक कारगर औषधि की तरह काम करता है. कच्चे कटहल को पानी में उबालकर छान लें. जब ये पानी ठंडा हो जाए तो इसे पी लें. नियमित रूप से ऐसा करने से अस्थमा की समस्या में फायदा होता है.

*मुंह के छालों में असरदार

जिन लोगों को मुंह में बार-बार छाले होने की शिकायत हो, उन्हें कटहल की कच्ची पत्तियों को चबाकर थूकना चाहिए। आदिवासी हर्बल जानकारों के अनुसार, यह छालों को ठीक कर देता है।इसमें पाए जाने वाले कई खनिज हार्मोन्स को भी नियंत्रित करते हैं.
कटहल में मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है. जिसकी वजह से हड्डियां भी स्वस्थ और मजबूत रहती हैं.


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