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पेट दर्द के घरेलू देसी रामबाण उपचार






खराब और कई बार अनजाने में कच्चा खाना खाने से हमारे पेट में दर्द हो जाता है। जो लोग अक्सर बाहर का खाना खाते हैं उन्हें पेट दर्द की ज्यादा समस्या रहती है। कई बार संक्रमण के चलते भी पेट दर्द होता है। अगर आपको भी हमेशा पेट दर्द की शिकायत रहती है |

पेट दर्द एक आम समस्या है, जो बच्चों के साथ बड़ों और बूढ़ों को भी हो सकती है। लाइफस्टाइल में गलत खान-पान की वजह से पेट दर्द में अक्सर आप बिना सोचे समझें महंगी दवाएं खा लेते हैं, जो कई बार आपके शरीर को ही नुकसान पहुंचा देती हैं। पेट दर्द के लिए दवाओं का सेवन करने से अच्छा है कि, घरेलू उपाय आजमाए जाएं। पेट दर्द से तुरंत आराम पाने के लिए ऐसे कई घरेलू नुस्खे हैं, जो काफी असरदार साबित होते हैं।
हर कोई खाने-पाने के बाद समय-समय पर पेट दर्द या अपच की समस्याओं का अनुभव करता है। यह स्थिति ऐसी होती है, जिसमें न तो व्यक्ति आराम से बैठ पाता है और न ही उसका किसी काम में मन लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाचन क्रिया सही न होने की वजह से पेट दर्द होता है। कई बार साधारण सी लगने वाली पेट दर्द की समस्यागंभीर हो जाती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि तुरंत इसका इलाज करना चाहिए। आज के हमारे इस लेख में आपको पेट दर्द से छुटकारा पाने के कुछ प्राकृतिक और प्रभावी घरेलू उपाय मिलेंगे, जो आपकी इस समस्या को चंद मिनटों में हल कर देंगे। तो चलिए, जानते हैं पेट दर्द का चुटकियों में इलाज करने वाले घरेलू नुस्खों के बारे में, लेकिन इससे पहले जानेंगे कि पेट में दर्द किन कारणों से होता है।
पेट दर्द के कारण
पेट दर्द के कई कारण होते हैं, जिन्हें अगर जान लिया जाए, तो इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है। नीचे जानिए पेट दर्द के ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में।
सीने में जलन
पेट में सूजन
कब्ज
उल्टी
दस्त
मतली
यूरीन इंफेक्शन
अल्सर।
कई बार हार्निया और गुर्दे में पथरी होने के कारण भी पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।
पेट दर्द के प्रकार
पेट दर्द आपको कई तरीकों से प्रभावित कर सकता है। नीचे हम बता रहे हैं, आपको पेट दर्द के अलग-अलग प्रकारों के बारे में।
सामान्य पेट दर्द- 
आमतौर पर कुछ भी उल्टा सीधा खाने से पेट में अपच की समस्या हो जाती है, जिससे पेट दर्द होता है। वैसे तो यह सामान्य दर्द होता है, जिसके लिए किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। कुछ समय बाद यह खुद ठीक हो जाता है।
ऐंठन वाला पेट दर्द- 
कई लोगों को बार-बार गैस बनने लगती है। इससे पेट में ऐंठन होती है। यह ऐंठन रूक-रूक कर होती है, जिससे व्यक्ति पूरे समय बैचेन रहता है। इसके लिए घरेलू उपचार अपनाए जा सकते हैं।
स्थानीय पेट दर्द- इस तरह का दर्द सामान्य से ज्यादा खतरनाक होता है। यह पेट में किसी एक हिस्से में होता है। अपेंडिसाइटिस या अल्सर इस तरह के पेट दर्द का कारण हो सकते हैं। इसलिए ऐसे दर्द के लिए ट्रीटमेंट लेना बहुत जरूरी है।
पेट दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू तरीके 
पेट में दर्द होने पर आप भले ही कितनी भी दवाएं क्यों न खा लें, लेकिन ये इतनी असरदार नहीं होतीं। और उनके साइड इफेक्ट्स का खतरा ज्यादा रहता है। इसके लिए घरेलू उपचार सबसे बेस्ट है। नीचे हम आपको कुछ ऐसे ही असरदार घरेलू उपचारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप पांच मिनट में पेट दर्द से निजात पा सकते हैं। नीचे जानिए, पेट दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खों के बारे में।
दही है रामबाण इलाज
पेट दर्द में दही के सेवन को तो डॉक्टरों ने भी मान्यता दी है। डॉक्टरों का भी कहा है कि पेट दर्द के वक्त दही का सेवन करने से तुरंत आराम मिलता है। इतना ही नहीं जब पेट से संबंधित किसी बीमारी के लिए ऐलोपेथी इलाज हाथ खड़े कर देते हैं तो आयुर्वेदिक दवा के रूप में उस व्यक्ति को कुछ समय तक दही या छाछ का सेवन ही कराया जाता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया पेट दर्द को तुरंत सही कर पेट में ठंडक पहुंचाते हैं।
पेट दर्द का घरेलू इलाज हींग – 
पेट दर्द से राहत पाने के लिए हींग सबसे अच्छा घरेलू इलाज है। औषधीय गुणों के कारण यह पेट दर्द को बहुत जल्दी ठीक करती है। हींग में एंटीस्पास्मोडिक और एंटीफलटुलेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो पेट दर्द के साथ गैस और अपच (Gas and indigestion) की समस्या से भी राहत दिलाने में मददगार हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द के लिए हींग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक कटोरी में पानी गरम कर लें। जब पानी थोड़ा गुनगुना हो जाए, तो इसमें चुटकीभर हींग और सेंधा नमक मिला दें। पेट दर्द की स्थिति में इस हींग वाले पानी को धीरे-धीरे पीएं। इसके अलावा आप चाहें, तो थोड़े से गुनगुने पानी में हींग मिलाकर नाभि के आसपास लगा लें। पेट दर्द से जल्द आराम पाने के लिए इस प्रकिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।
पेट दर्द का देसी उपचार सौंफ
वैसे सौंफ को अक्सर माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अक्सर सौंफ का सेवन खाना पचाने के लिए भी लोग करते हैं। सौंफ में एंटीइंफ्लेमेट्री और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट दर्द के साथ गैस और सूजन की समस्या से भी राहत दिलाने में मददगार हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में सौंफ काफी फायदेमंद है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कटोरी पानी में पिसी हुई सौंफ को कम से कम दस मिनट तक उबाल लें। अब इसे ठंडा होने दें। अब इस पानी को छान लें और इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर पी लें। पेट दर्द बंद न हो, तो इस प्रक्रिया को एक से दो बार दोहरा सकते हैं। जल्द आराम मिलेगा।
पेट दर्द की अचूक दवा तुलसी
गैस और अपच के कारण होने वाले पेट दर्द में तुलसी सबसे असरदार दवा है। तुलसी में मौजूद यूजिनॉल नामक तत्व पेट में एसिड की मात्रा को कम करने का काम करता है। इसके अलावा तुलसी में मौजूद लिनोलेइक एसिड विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। पेट दर्द में तुलसी का इस्तेमाल आप नीचे बताए गए तरीके से कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में तुलसी का इस्तेमाल करने के लिए एक कप गर्म पानी में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं। दिन में दो से तीन बार इस उपाय को कर सकते हैं। यदि ये संभव न हो, तो पेट दर्द में तुरंत आराम के लिए आप तुलसी के पत्तों को चबाना भी अच्छा होता है।
पुदीना
पुदीने के पत्ते को चबाएं या फिर 4 से 5 पत्तियों को एक कप पानी के साथ उबाल लें। पानी को गुनगुना होने दें और फिर सेवन करें।

ऐलोवेरा जूस
गैस, कब्ज, डायरिया जैसे कारणों से होने वाले पेट दर्द में ऐलोवेरा जूस काफी राहत देता है। आधा कप ऐलोवेरा जूस आपके पेट में जलन से लेकर दर्द को दूर कर देता है।
नींबू का रस
नींबू के रस के साथ काला नमक मिलाएं और आधा कप पानी डालें। इसे पीने के कुछ ही देर में पेट दर्द में कमी आएगी।
पेट दर्द को दूर भगाए ग्रीन टी-
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पेट में गैस निर्माण और अन्य पाचन समस्याओं को कम करने के लिए अच्छे हैं। नीचे दिए गए तरीके से गैस और अपच के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में ग्रीन टी का उपयोग करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी की पत्तियों को उबालें। पांच मिनट के लिए इसे ठंडा करें और फिर छान कर इस पेय को पी लें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं। पेट दर्द से जल्द राहत पाने के लिए दिन में दो से तीन बार इस नुस्खे को दोहराएं।
सेब का सिरका
सेब का सिरका पेट दर्द का अच्छा घरेलू इलाज माना जाता है। पेट में होने वाली गैस और सूजन को कम करने के लिए यह बहुत अच्छा नुस्खा भी साबित होता है। सेब के सिरके में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल पाचन तंत्र को मजबूतबनाकर पेट दर्द से राहत दिलाते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच से होने वाले पेट दर्द के लिए एक कटोरी में गर्म पानी कर इसमें एक कप सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं। ध्यान रखें कि, इसे धीरे-धीरे पीएं। तकलीफ ज्यादा हो, तो इस प्रक्रिया को दो बार दोहरा सकते हैं।
चावल का पानी
कई बार खाना न पच पाने की वजह से पेट में दर्द होने लगता है। ऐसे में चावल का पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। पेट दर्द में चावल के पानी का इस्तेमाल आप नीचे बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में चावल का पानी बहुत जल्दी राहत देता है। इसके लिए चार कप पानी को एक बर्तन में उबालें। अब उबले हुए पानी में एक कप चावल भिगोकर बर्तन में डाल दें। जब चावल नरम हो जाएं, तो इन्हें निकालकर छान लें और चावल के पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। अब इस पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं। दिन में रोजाना दो बार इसे पानी से पेट में दर्द खत्म हो जाएगा।
दालचीनी
दालचीनी में मौजूद पदार्थ गैस और सूजन की समस्या को कम करते हैं। इसके अलावा दालचीनी में ऐसे कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन को आसान बनाने और पाचन तंत्र में जलन और क्षति के जोखिम को कम करने में बहुत मदद कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
अक्सर पेट दर्द से परेशान रहने वाले लोग दालचीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए वे अपने खाने में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। चाहें तो, दालचीनी को एक कप उबलते पानी में मिलाएं और इस पेय को धीरे-धीरे पीएं। रोजाना दो से तीन बार ऐसा करने से अपच से राहत मिल सकती है
अजवायन
अजवायन में मौजूद एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण पेट दर्द की समस्या से छुटकारा दिलाने में बहुत मदद करते हैं। इतना ही नहीं, दस्त की समस्या से आराम पाने के लिए भी अजवायन बेहतर तरीका है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द से जल्दी निजात पाने के लिए एक कटोरी में आधा चम्मच जीरा पाउडर, आधा चम्मच अजवाइन का पाउडर, एक चौथाई चम्मच अदरक का पाउडर को अच्छी तरह मिलाकर चूर्ण बना लें और एक कप गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। इस मिश्रण का सेवन रात को सोने से पहले करें। इसके अलावा एक चम्मच अजवाइन को चुटकीभर काला नमक मिलाकर खाएं और ऊपर से पानी पी लें। बहुत लाभ मिलेगा।
पेट दर्द में लाभदायक संतरा
संतरे फाइबर और एसिड का प्राकृतिक स्त्रोत है। संतरे की अत्यधिक अमलीय प्रकृति आपके पेट के पीएच को कम करके पाचन में सहायता करती है। यह तरीका अप्रत्यक्ष रूप से पेट की सूजन को कम करने में भी मदद करता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द की शिकायत होने पर संतरा बहुत लाभकारी है। इस समस्या से जल्द से जल्द निजात पाने के लिए दो संतरों को पानी के साथ मिक्सी में चलाकर पीस लें और खाने से पहले इस पेय का सेवन करें। दिन में एक बार इस उपाय को आजमाने से पेट दर्द से बहुत जल्दी राहत मिलेगी।
लौंग
लौंग में ऐसे पदार्थ होते हैं, जो पेट में गैस को कम करने और गैस्ट्रिक स्त्राव को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह धीमी गति से पाचन को गति दे सकता है, जिससे दबाव और ऐंठन कम होती है। लौंग उल्टी और मतली को कम करने में भी मदद करती है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में लौंग का उपयोग करना बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच पिसी लौंग को एक छोटी चम्मच शहद के साथ मिलाकर खा लें। इसके अलावा आप चाहें तो, एक कप उबलते पानी में लौंग मिला लें। रोजाना इस पानी को सोने से पहले पीने से पेट दर्द में बहुत आराम मिलेगा।
अदरक
अदरक से पेट दर्द का प्राकृतिक इलाज किया जा सकता है। अदरक में मौजूद एंटी इंफ्लेमेट्री गुण दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। पेट दर्द के इलाज के लिए अदरक का इस्तेमाल नीचे बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द के लिए अदरक का घरेलू इलाज सबसे अच्छा विकल्प है। इसका इस्तेमाल करने के लिए डेढ़ कप पानी में अदरक का टुकड़ा उबाल लें। अब इसमें एक चम्मच चाय की पत्ती उबालें और दो से तीन उबाल आने तक इंतजार करें। आप चाहें तो, स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इस पेय को धीरे-धीरे पीएं। पेट दर्द में आराम न मिले, तो इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।
बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा एक एंटासिड के रूप में काम करता है और अपच से राहत दिलाता है। इसकी क्षारीय प्रकृति पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का मुकाबला करने में भी सक्षम है। यह गैस को ठीक कर पेट की सूजन को भी कम करता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच से होने वाला पेट दर्द कभी-कभी बहुत खतरनाक होता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। इस पेय को दिन में एक से दो बार पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
हल्दी
पेट दर्द से आराम पाने के लिए सदियों से हल्दी का उपयोग किया जाता रहा है। दरअसल, हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो दर्द से लडऩे में फायदेमंद होते हैं। नीचे बताई गई विधि के अनुसार हल्दी का उपयोग पेट दर्द के लिए किया जा सकता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच के कारण होने वाले पेट दर्द से जल्द राहत पाने के लिए एक चम्मच हल्दी के साथ एक चम्मच काला नमक गुनगुने पानी के साथ लें। दर्द में बहुत आराम मिलेगा।
नारियल पानी
अक्सर ऐंठन की वजह से भी पेट दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे में नारियल पानी पीना सबसे अच्छा उपाय है। दरअसल, नारियल के पानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है। ये पोषक तत्व मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने का काम करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में नारियल पानी सबसे अच्छा घरेलू इलाज है। पेट दर्द की समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए चार से छह घंटे में नारियल पानी पीएं। यह उपाय पेट दर्द के लक्षणों को कम कर सकता है।
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नसों को ब्लाकेज से बचाने वाले भोजन पदार्थ

                             

                     

    तेज रफ्तार में भागती जिंदगी ने हमारी जीवनशैली को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। खान-पान की गलत आदतों के चलते आज हम कम उम्र में सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रैशर, कोलेस्ट्रॉल, अस्थमा, हार्ट से जुड़ी समस्याएं आम हो गई है। इसी के साथ नसों की ब्लाकेज की समस्या भी काफी सुनने को मिल रही है। आकड़ों की मानें तो उत्तरी भारत में लगभग 40 प्रतिशत लोगों की धमनियां कमजोर है। 20 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था के बाद यह परेशानी होती है। इसकी पहचान सही समय पर नहीं हो पाती, जिसका असर वैरिकाज वेंस (varicose veins) के रूप में सामने आता है। पैरों में सूजन व नसों के गुच्छे बनने शुरू हो जाते हैं।
    दरअसल, नसों की कमजोरी और ब्लॉकेज होने का कारण हमारी डाइट में पोषक तत्वों की कमी है। संतुलित की बजाए बाहर का तला भूना व फास्ट फूड खाने से हमारे रक्त में अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती हैं जो नसों के ब्लड सर्कुलेशन में रूकावट डालना शुरू कर देते हैं। इससे शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे नसों में खून का प्रवाह अच्छे से नहीं होता और थका जमना शुरू हो जाता है जो बाद में ब्लाकेज का रूप ले लेता है। हार्ट व शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लॉकेज खोलने के लिए सर्जरी व दवाओं का सहारा लिया जाता है जो काफी महंगा इलाज है।
किन लोगों को होती है ब्लाकेज की परेशानी
वेन ब्लॉकेज की परेशानी तब होती है जब खून संचारित होकर दिल तक नहीं पहुंचता जो बाद में गांठों और गुच्छे के रूप में हमारे सामने आता है। यह परेशानी उन लोगों को होती हैं जो लगातार कई घटों रोजाना एक ही पोस्चर में बैठकर काम करते हैं। वैरिकॉज की परेशानी पैरों की धमनियों में अधिक होती हैं क्योंकि यहां खून के प्रवाह का भार अधिक होता है।
आहार जो करते हैं धमनियों की नैचुरल सफाई
    मेडिटेरेनियन डाइट प्लान जिसमें कम मात्रा में कोलेस्ट्रॉल हो लेकिन फाइबर की मात्रा भरपूर हो। शुगर व नमक का कम सेवन करें और मक्खन की जगह आलिव ऑयल वसा का इस्तेमाल करें। धमनियों के अनुकूल खाद्य पदार्थ व हर्ब जैसे चने, अनार, जई, एवाकाडो, लहसुन, केसर, हल्दी, कैलामस, हरी सब्जियों व फलों का सेवन करें। खाना खाने के बाद गुनगुना गर्म पानी का सेवन जरूर करें क्योंकि इसे नसों में ब्लाकेज का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। मैटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज का सहारा लें।

लहसुन


लहसुन कोलेस्ट्रॉल को घटाने में काफी लाभदायक है इसलिए अपने आहार में लहसुन को जरूर शामिल करें। बंद धमनियों की समस्या होने पर 3 लहसुन की कली को 1 कप दूध में उबाल कर पीएं।

एवोकाडो

एवोकाडो में मौजूद मिनरल्स, विटामिन A, E और C कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखते है। इससे रक्त कोशिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता और आप ब्लाकेज की समस्या से बचे रहते है।

ओट्स

ओट्स का रोजाना सुबह नाश्ते में सेवन भी ब्लाकेज की समस्या को दूर करता है। इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है

पर्याप्त नींद

इसके अलावा भरपूर नींद लें क्योंकि नींद लेने से हार्मोंनल संतुलन नहीं बिगड़ता।

धूम्रपान को कहें ना 

धूम्रपान भी नसों की ब्लाकेज का मुख्य कारण है। इसलिए अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो उसे आज ही ना कर दें। 

एक्सरसाइज

रोजाना 30 मिनट योग एरोबिक या हल्का फुल्का व्यायाम जरूर करें इससे नसों में हलचल होती रहती हैं जिससे ब्लाकेज का खतरा कम रहता है।

मोटापे पर रखें कंट्रोल 

मोटापे को बीमारियों की जड़ कहा जाता है। नसों की ब्लाकेज के लिए भी आपका बढ़ता वजन जिम्मेदार है इसलिए बटर, चीज, क्रीम, केक, रैड मीट जैसी फैटी डाइट का सेवन कम करें। 

अनार

एंटीऑक्सीडेंट, नाइट्रिक और ऑक्साइड के गुणों से भरपूर अनार के 1 गिलास जूस का रोजाना सेवन आपको धमनियों की ब्लोकेज के साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम से दूर रखता है।

ड्राई फ्रूट्स


रोजाना कम से कम 50-100 ग्राम बादाम, अखरोट और पेकन (Pecan) का सेवन आपकी रक्त कोशिकाओं में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होने देता। इससे आप ब्लाकेज की समस्या से बचे रहते है

आयुर्वेदिक हर्ब्स

लहसुन, शहद, हल्दी, केसर, कैमलस और कुसुरा फूल को मिलाकर पीस लें। इसके रोजाना सेवन करने से आप ब्लाकेज की समस्या के साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम से बच सकते है।


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