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उड़द की दाल के फायदे और नुकसान

                                                 

क्या आपको पता है उरद की दाल को दालों की महारानी क्यों कहा जाता है क्योंकि उड़द को एक अत्यंत पौष्टिक दाल के रूप में जाना जाता है छिलकों वाली उड़द की दाल में विटामिन, खनिज लवण तो खूब पाए जाते हैं और कोलेस्ट्रॉल नगण्य मात्रा में होता है|
उड़द दाल के फायदे और नुकसान जानना हमारे लिए बहुत ही आवश्‍यक है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि भारत जैसे देश में उड़द दाल का खाद्य आहार के रूप में बहुत अधिक उपयोग होता है। भारतीय व्‍यंजनों में उड़द दाल का अपना एक विशेष स्‍थान है। यह बहुत ही पौष्टिक भी होती है जो विभिन्‍न प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य गुणों से भरपूर है। उड़द दाल का उपयोग मधुमेह, हृदय स्‍वास्‍थ्‍य, दस्‍त, त्‍वचा समस्‍याओं आदि के उपचार में किया जाता है। आइए विस्‍तार जाने उड़द दाल के फायदे, नुकसान और उड़द के उपयोग के बारे में।
ब्‍लैक ग्राम (उड़द दाल) जिसे स्प्लिट ब्‍लैक ग्राम भी कहा जाता है। इसका वनस्‍पतिक नाम विग्ना मुन्गो है जो भारतीय व्‍यंजनों में प्रसिद्ध मसूरों में से एक है। इसमें बहुत से पोषक तत्‍व, विटामिन और खनिज पदार्थ अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। उड़द दाल को गर्भवती महिलाओं के लिए एक आदर्श खाद्य पदार्थ के रूप में जाना जाता है। औषधीय गुण होने के कारण उड़द दाल का उपयोग न केवल खाद्य आहार के रूप में बल्कि आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में भी उपयोग किया जाता है। आइए जाने उड़द दाल में मौजूद पोषक तत्‍व क्‍या हैं।
उड़द दाल के पोषक तत्‍व
विशेष रूप स्‍वादिष्टि पकवान बनाने के लिए उड़द दाल का उपयोग किया जाता है। उड़द दाल को इसकी पौष्टिकता के आधार पर साबूत, छिल्‍के वाली दाल और बिना छिल्‍के वाली दाल के रूप में उपयोग किया जाता है। विभिन्‍न प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाने वाले उड़द दाल में आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और पोटेशियम की अच्‍छी मात्रा होती है।
उड़द दाल के फायदे और स्‍वास्‍थ्‍य लाभ
औषधीय और उपचारात्‍मक गुणों के कारण उड़द दाल को विभिन्‍न आयुर्वेदिक दवाओं के लिए बड़ी मात्रा में उपयोग किया जाता है। उड़द दाल का उपभोग कर आप अपने पाचन स्वास्थ्य को सुधार सकते हैं क्‍योंकि यह फाइबर से भरी हुई होती है। साथ ही यह कब्‍ज और पेट की अन्‍य समस्‍याओं को भी दूर करने में मदद करती है। इसके अलावा यह हड्डियों, मधुमेह, मुंहासे जैसी समस्‍या का भी उपचार करने में सहायक होती है। आइए जाने उड़द दाल खाने के फायदे और उपयोग क्‍या हैं।
उरद की दाल के गुण त्‍वचा को स्‍वस्‍थ्‍य रखे
आप अपनी त्‍वचा को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए कई प्रकार की रासायनिक दवाओं और उत्‍पादों का उपयोग करते हैं। संभवत: इनके कुछ न कुछ दुष्‍प्रभाव भी आपको हो सकते हैं। लेकिन यदि आप उड़द की दाल का नियमित सेवन करते हैं तो यह आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद हो सकती है। उड़द दाल में खनिजों और विटामिन की अच्‍छी मात्रा होती है जो आपकी त्‍वचा की जलन और अन्‍य समस्‍याओं को दूर कर सकती है। इसके अलावा उड़द दाल का सेवन कर आप अपने चेहरे में डार्क स्‍पोट को भी दूर कर सकते हैं। उड़द दाल आपके शरीर और त्‍वचा में रक्‍त प्रवाह को बढ़ाता है जिससे पर्याप्‍त पोषण और ऊर्जा आपके चेहरे की त्‍वचा को चमकदार बनाते हैं।
काली उड़द दाल का उपयोग ऊर्जा शक्ति बढ़ाए
आप अपनी शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए काली उड़द दाल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। उड़द दाल में लौह सामग्री उच्‍च मात्रा में होती है जो आपके शरीर में समग्र ऊर्जा के स्‍तर को बढ़ाने में सहायक होती है। आयरन आपके शरीर में लाल रक्‍त कोशिकाओं के उत्‍पादन को बढ़ाता है जो कि आपके पूरे शरीर में ऑक्‍सीजन पहुंचाने में मदद करते हैं। महिलाओं में मासिक धर्म के कारण खून की कमी हो सकती है। इसलिए गर्भवती और सामान्‍य महिलाओं को नियमित रूप से उड़द दाल का सेवन करना चाहिए। उड़द का नियमित सेवन ऊर्जा को बढ़ावा देता है।
सिरदर्द में फायदेमंद उड़द दाल 
अगर आपको काम के तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के वजह से सिरदर्द की शिकायत रहती है तो उड़द का घरेलू उपाय बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। 50 ग्राम उड़द को 100 मिली दूध में पकाकर उसमें घी डालकर खाने से वात के कारण जो सिर दर्द होता है उससे राहत मिलती है। उरद दाल के फायदे यौन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए
जिन लोगों को यौन स्‍वास्‍थ्‍य से संबंधित कामेच्‍छा में कमी होती है उनके लिए उड़द दाल बहुत ही फायदेमंद होती है। उड़द की दाल को प्राकृतिक कामोद्दीपक के रूप में माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि उड़द यौन क्षमता की कमी का इलाज कर सकती है। यौन कमजोरी को दूर करने के लिए पानी में उड़द दाल को 5-6 घंटों तक भिगो दें और फिर इस दाल को घी में फ्राई करें। नियमित रूप से घी में फ्राई उड़द का सेवन यौन जीवन को बढ़ाने में मदद करता है।
रूसी से छुटकारा दिलाये उड़द दाल
उड़द को जलाकर उसकी भस्म बनाकर, उसमें चतुर्थांश अर्कदूध तथा सरसों तेल मिलाकर लेप बना लें। इसको सिर पर लगाने से सिर के रोग, गंजापन, बालों की सफेदी आदि कम होती है।
उड़द दाल खाने के फायदे मूत्रवर्धक के लिए
ब्‍लैक ग्राम का एक अन्‍य लाभ यह है कि यह एक मूत्रवर्धक है। इसका मतलब यह है कि यह पेशाब को उत्‍तेजित कर आपके शरीर से विषाक्‍त पदार्थों को बाहर करने में मदद करता है। नियमित रूप से उड़द का सेवन करने पर यह आपके गुर्दे में संग्रहित हानिकारक विषाक्‍त पदार्थ, यूरिक एसिड, अतिरिक्‍त पानी, अतिरिक्‍त वसा और आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्‍त कैल्शियम जो पथरी का कारण बनती है। इन्‍हें बाहर करने में मदद करता है। इसलिए आपको अपने शरीर के अच्‍छे विकास और स्‍वस्‍थ्‍य बनाए रखने के लिए नियमित रूप से उड़द दाल का सेवन करना चाहिए।
नकसीर में फायदेमंद उड़द दाल
कुछ लोगों को अत्यधिक गर्मी या ठंड के कारण भी नाक से खून बहने की समस्या होती है। उड़द दाल से बना घरेलू उपाय नाक से खून बहना कम करने में काम आता है। उड़द के आटे का तालू पर लेप करने से नाक से खून (नकसीर) आना कम होता है।
उड़द की दाल के लड्डू के फायदे मधुमेह से बचाए
डायबिटीज एक घातक समस्‍या है जो कई बीमारियों का प्रमुख कारण मानी जाती है। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्‍वपूर्ण यह है कि आप अपने द्वारा लिये जाने वाले आहार पर ध्‍यान दें। मधुमेह की समस्‍या अक्‍सर अनियंत्रित खान-पान के कारण और अधिक बढ़ सकती है। उड़द दाल का सेवन आपको मधुमेह के प्रभाव से बचा सकता है क्‍योंकि इसमें फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है। फाइबर की अच्‍छी मात्रा आपके पाचन को बढ़ावा देती है और पाचन तंत्र द्वारा अवशोषित पोषक तत्‍वों की मात्रा को विनियमित करने में मदद करती है। यह आपके शरीर में शर्करा और ग्‍लूकोज के स्‍तर को भी नियंत्रित रखती है जिससे आपके मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है।
लकवे में फायदेमंद उड़द दाल
उड़द दाल का औषधीय गुण लकवे के परेशानी से राहत दिलाने में फायदेमंद होता है।
उड़द, बला, केवाँच, कत्तृण, रास्ना, अश्वगंधा तथा एरण्ड को समान मात्रा में लेकर उसका काढ़ा बनाएं फिर 25-30 मिली काढ़े में हींग तथा सेंधानमक मिलाकर पिएं तथा भोजन करने के 12 घण्टे बाद जिस तरफ में दर्द है उस तरफ के नाक के छेद द्वारा 5-10 मिली की मात्रा में ग्रहण करने से लकवा, गर्दन की जकड़ाहट, कान का दर्द (कर्णशूल) एवं अर्दित रोग (Facial paralysis) में 1 सप्ताह में आराम मिलने लगता है।
समान मात्रा में उड़द, अतिविषा, कपिकच्छु, एरण्ड, रास्ना, सौंफ तथा सेंधानमक के पेस्ट में चार गुना तेल, सोलह गुना उड़द तथा बला का काढ़ा मिलाकर विधिवत् तेल पकाकर प्रयोग करने से पक्षाघात या लकवे में लाभ होता है।
उड़द के 20-25 मिली जूस में 500 मिग्रा सोंठ चूर्ण मिलाकर पिलाने से पक्षाघात या लकवे में लाभ होता है।
उड़द दाल के लाभकारी गुण दर्द को कम करे
आयुर्वेद उपचार विधि में लोगों के दर्द और सूजन को दूर करने के लिए उड़द का व्‍यापक उपयोग किया जाता है। उड़द में बड़ी मात्रा में विटामिन और खनिज पदार्थ मौजूद रहते हैं जो चयापचय को बढ़ावा देते हैं। इसका नियमित सेवन करने से यह ऑक्‍सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करता है। आप उड़द से बने पेस्‍ट का इस्‍तेमाल सूजन से प्रभावित क्षेत्र में कर सकते हैं। यह सूजन और दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
जोड़ों के दर्द में फायदेमंद उड़द दाल 
अक्सर उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द होने की परेशानी शुरू हो जाती है लेकिन उड़द दाल का सेवन करने से इससे आराम मिलता है।
प्रतिदिन उड़द, कपिकच्छु, एरण्ड तथा बलामूल से बने 10-20 मिली काढ़ा में हींग तथा सेंधा नमक मिलाकर पीने से वात की बीमारी कम होती है।
सेंधानमक एवं उड़द के काढ़े को भोजन के बाद पीने से अंगों की जकड़ाहट तथा सिरदर्द कम होता है।
माष तेल, बृहन्माष तेल तथा महामाष तेल का 1-2 बूंद नस्य लेने से (नाक में डालने पर) या मालिश आदि विविध-प्रकार से बाहरी एवं भीतरी प्रयोग करने से वात संबंधी रोग से राहत मिलती है।
माषादि तेल का नस्य लेने से या स्नान करने से ग्रीवास्तम्भ, गर्दन की जकड़ाहट, हाथ का दर्द, दौरे पड़ना, हाथ पैरों का कंपन, सिर का हिलना, तथा अन्य वात की बीमारियों में फायदेमंद होता है।
उड़द के 20-25 मिली जूस में एरण्ड छाल को पकाकर, छानकर पिलाने से गठिया में लाभ होता है।
उरद की दाल के फायदे दिल के लिए
कार्डियोवैस्‍कुलर स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने वाले सारे गुण उड़द दाल में मौजूद होते हैं। उड़द दाल में फाइबर, मैग्‍नीशियम और पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है जो हमारे हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। उड़द दाल हमारे शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल को नियंत्रित करने और एथेरोस्‍क्‍लेरोसिस को रोकने में मदद करते हैं जो हमारे हृदय और रक्‍तवाहिकाओं संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य को बढावा देते हैं। उड़द में मौजूद पोटेशियम आपके शरीर की रक्‍त परिसंचरण को स्‍वस्‍थ्‍य रखता है और आपकी धमनीयों की आंतरिक परत को नुकसान से बचाता है। इस तरह यह दिल की समस्‍याओं को कम करने में सहायक होती है।
अल्सर में फायदेमंद उड़द दाल 
कभी-कभी अल्सर का घाव सूखने में बहुत देर लगता है या फिर सूखने पर पास ही दूसरा घाव निकल आता है, ऐसे में उड़द की दाल का प्रयोग बहुत ही फायदेमंद होता है। उड़द को पीसकर घाव/ व्रण के ऊपर बांधने से पीब निकल जाता है तथा घाव ठीक हो जाता है।
अंकुरित उड़द के फायदे पाचन के लिए
खराब पाचन आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए गंभीर हो सकता है। पेट की खराबी कई बीमारियो को जन्‍म दे सकती है। उड़द दाल फाइबर में समृद्ध है जिसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों ही प्रकार के फाइबर मौजूद रहते हैं। इस कारण उड़द का नियमित सेवन हमारे पाचन को ठीक करने में मदद करता है। यदि आप दस्‍त, कब्‍ज, पेट की ऐंठन या सूजन से परेशान हैं तो इन समस्‍याओं से निजात पाने का सबसे अच्‍छा तरीका उड़द है। आप अपने आहार में उड़द को शामिल करें। इसके अलावा उड़द दाल वबासीर, पेट के दर्द को ठीक करने के साथ ही आपके यृकत स्‍वास्‍थ्‍य को भी बढ़ाता है।

स्पर्म काउन्ट बढ़ाने में मददगार उड़द दाल 

आजकल की जीवनशैली और आहार का बुरा असर सेक्स लाइफ पर पड़ रहा है जिसके कारण सेक्स संबंधी समस्याएं होने लगी हैं। स्पर्म काउन्ट बढ़ाने के लिए उड़द दाल का इस तरह से सेवन करने पर जल्दी लाभ मिलता है।
साठी चावल के भात में घी मिलाकर, उड़द जूस के साथ सेवन करने के बाद दूध पीने से वीर्य की वृद्धि तथा वीर्य संबंधी रोगों के उपचार में सहायता मिलती है।
उड़द की दाल को दूध में पकाकर, घी से छौंक कर सेवन करने से वीर्य की वृद्धि होती है।
समान मात्रा में उड़द, विदारीकन्द तथा सफेद गुञ्जा के 5 ग्राम चूर्ण में मधु एवं घी मिलाकर सेवन करने के बाद दूध पीने से वीर्य की वृद्धि होती है।
उड़द एवं केवाँच फल की खीर बनाकर उसमें घी, मधु एवं शर्करा मिलाकर सेवन करने से वीर्य की वृद्धि होती है।
उड़द की दाल की खीर खाने के फायदे ह‍ड्डीयों के मजबूत करे
जिन लोगों को हड्डीयों की समस्‍या या संभावना होती है उनके लिए उड़द दाल बहुत फायदेमंद आहार माना जाता है। उड़द दाल में मैग्‍नीशियम, आयरन, फॉस्‍फोरस, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज अच्‍छी मात्रा में होते हैं। ये खनिज पदार्थ हड्डीयों के घनत्‍व में सुधार कर उन्‍हें मजबूत बनाते हैं। अक्‍सर बुजुर्ग व्‍यक्तियों और 40 वर्ष से अधिक उम्र वाली महिलाएं कमजोर हड्डियों की समस्‍या से ग्रसित रहती हैं। ऐसी स्थिति में उड़द दाल का नियमित सेवन कर हड्डीयों से संबंधित समस्‍याओं से बचा जा सकता है। आप इसके लिए उड़द दाल से बनने बाले विभिन्‍न व्‍यंजनों का सेवन कर सकते हैं।
नुकसान-

पौष्टिक गुणों से भरपूर उड़द हमें कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाती है। लेकिन यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो यह हमें नुकसान भी पहुंचा सकती है। अधिक मात्रा में इसका सेवन शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाता है। परिणामस्‍वरूप यह गुर्दे में कैल्फिकेशन पत्‍थरों को उत्‍तेजित कर सकता है। इसलिए उड़द दाल का अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन निम्‍न परेशानियों को बढ़ा सकता है।
गुर्दे के पत्‍थर से ग्रसित लोगों द्वारा उड़द की दाल का बहुत ही कम मात्रा में सेवन करना चाहिए।
गल्‍स्‍टोन या गठिया पीड़ित लोगों के लिए उड़द की अधिक मात्रा खतरा बढ़ा सकती है।
यदि आप किसी विशेष प्रकार की दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो उड़द की उचित खुराक के लिए अपने डॉक्‍टर से सलाह लेना फायदेमंद होगा।
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