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मेथी खाने के स्वास्थ्य लाभ और नुकसान



सर्दियां आते ही बाजार में मेथी बहुतायत नजर आने लगती है। सब्जी से लेकर पराठे तक में इसका प्रयोग किया जाता है। जहां यह खाने में स्वादिष्ट है, वहीं आयुर्वेद के नजरिए से भी इसके कई फायदे हैं। पौष्टि‍क और स्वास्थ्यवर्धक मेथी आपकी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर सकती है।भारत में सदियों से इसके पत्ते और दानों को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसका पौधा दो-तीन फुट लंबा होता है और इसकी फली में छोटे-छोटे पीले-भूरे रंग के सुगंधित दाने होते हैं। भूमध्य क्षेत्र, दक्षिण यूरोप और पश्चिम एशिया में इसकी खेती बहुतायत में होती है
भारत में क्षेत्रवार के अनुसार मेथी को अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है। जहां हिंदी, गुजराती, मराठी, बंगाली और पंजाबी में इसे मेथी कहते हैं, वहीं संस्कृत में इसका नाम मेथिका है। कन्नड़ में इसे मेन्तिया, तेलुगु में मेंतुलु, तमिल में वेंडयम, मलयालम में वेन्तियम, अंग्रेजी में फेनुग्रीक और लेटिन में त्रायिगोनेल्ला फोएनम ग्रीकम के नाम से जाना जाता है।
जोड़ों के दर्द में
घर के बड़े बुजुर्गों को आपने सर्दियों में मेथी और मेवे के लड्डू खाते जरूर देखा होगा। इसका प्रमुख कारण है, कि मेथी का सेवन आपको जोड़ों के दर्द की परेशानी से भी मुक्ति दिलाता है। इसके बीज हों या फिर पत्ति‍यां, दोनों ही जोड़ों के दर्द में समान रूप से फायदेमंद है।
डायबिटीज :
शुगर के मरीजों को अक्सर अपनी डाइट में मेथी के दाने शामिल करने के लिए कहा जाता है। इसके सेवन से शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
कैसे है फायदेमंद
टाइप-2 डायबिटीज के लिए मेथी के दाने किस तरह से फायदेमंद है, इस पर वैज्ञानिकों ने कई शोध किए, जिसके सकारात्मक प्रभाव नजर आए । शोध में पाया गया कि मेथी के दाने में घुलनशील फाइबर होता है, जो पाचन की क्रिया को धीरे कर देता है। यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण की दर को कम कर देता है। मेथी के दाने रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करते हैं और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर करते हैं।
ह्रदय के लिए :
ह्रदय बेहतर तरीके से काम कर सके, उसके लिए मेथी के सेवन की सलाह दी जाती है। जो लोग नियमित रूप से मेथी का सेवन करते हैं, उन्हें दिल का दौरा पड़ने की आशंका कम होती है और अगर दौरा पड़ भी जाए, तो जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद
विभिन्न शोधों में पाया गया है मृत्यु दर के पीछे दिल का दौरा एक प्रमुख कारण होता है। यह तब होता है, जब ह्रदय की धमनियों में रुकावट आ जाती है। वहीं, मेथी के दाने इस स्थिति से बचाने में सक्षम होते हैं। अगर दिल का दौरा पड़ भी जाए, तो ऑक्सीडेटिव तनाव को पैदा होने से रोकते हैं। ह्रदयाघात के दौरान ऑक्सीडेटिव तनाव की स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। साथ ही मेथी के बीच शरीर में रक्त प्रवाह को संतुलित रखते हैं, जिस कारण धमनियों में किसी भी प्रकार की रुकावट पैदा नहीं होती
कोलेस्ट्रॉल :
शोध के अनुसार मेथी के दानों में कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता है। खासकर, यह एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर से खत्म करने में कारगर है।
कैसे है फायदेमंद
मेथी के दानों में नारिंगेनिन नामक फ्लेवोनोइड होता है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम कर सकने में सक्षम होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिस कारण मरीज का उच्च कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है
आर्थराइटिस का दर्द :
उम्र बढ़ने के साथ-साथ जोड़ों में सूजन आने लगती है, जिस कारण असहनीय दर्द होता है। इसे जोड़ों का दर्द या फिर आर्थराइटिस कहा जाता है। इससे निपटने के लिए मेथी रामबाण नुस्खा है, जिसे सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है।
कैसे है फायदेमंद
मेथी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये गुणकारी तत्व जोड़ों की सूजन को कम करके आर्थराइटिस के दर्द से राहत दिलाते हैं। मेथी में आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए, मेथी के सेवन से हड्डियों व जोड़ों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और स्वस्थ व मजबूत रहते हैं । मेथी के दानों में पेट्रोलियम ईथर एक्सट्रैक्ट नामक यौगिक भी पाया जाता है। साथ ही लिनोलिक व लिनोलेनिक एसिड भी होता है। इसलिए, मेथी दाने जोड़ों व हड्डियों में होने वाले दर्द से भी राहत दिला सकते हैं।
कैंसर :
कई अध्ययनों में पाया गया है कि मेथी के दानों से निकला तेल कैंसर से लड़ने में सहायक होता है।
कैसे है फायदेमंद
कैंसर पर किए गए कई अध्ययनों से खुलासा हुआ है कि मेथी में कैंसर से निपटने की क्षमता होती है। मेथी के दाने से निकले तेल में एंटीकैंसर गुण होते हैं, जो कैंसर सेल के प्रभाव को कम कर सकते हैं। मेथी के अर्क का सेवन करने से प्रतिरक्षा तंत्र पहले से ज्यादा सक्रिया हो जाता है और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देता है
पाचन तंत्र :
आजकल हमारा खान-पान जिस तरह को हो गया है, उसके चलते हमारा पाचन तंत्र लगातार खराब हो रहा है। साथ ही पेट से जुड़ी अन्य बीमारियां भी हो जाती हैं। इससे निपटने के लिए मेथी का सेवन करना बेहतर उपाय है।
कैसे है फायदेमंद
बदहजमी, कब्ज, एसिडिटी और गैस जैसी समस्याओं को मेथी के सेवन से दूर किया जा सकता है। कब्ज और अल्सर के कारण खराब हुए पाचन तंत्र को ठीक करने में मेथी कारगर घरेलू नुस्खा है। मेथी के दानों में अत्यधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिस कारण यह भोजन को पचाकर पाचन तंत्र को बेहतर करता है। साथ ही यह प्राकृतिक ल्यूब्रिकेंट है, जो पेट व आंतों को चिकना व आरामदायक बना कब्ज जैसी बीमारियों को दूर करता है । इसके सेवन से मल सामान्य होकर आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है। इतना ही नहीं मेथी के दाने एपेंडिक्स के दौरान पेट में जमा हुई गंदगी को भी साफ करने का काम करते हैं। इस प्रकार मेथी दाने पेट की बीमारियों से राहत दिलाते हैं।
बेहतर किडनी :
कई वैज्ञानिक शोधों में इस बात का दवा किया गया है कि किडनी के लिए मेथी फायदेमंद है। मेथी को अपने भोजन में शामिल करने से किडनियां अच्छी तरह काम कर पाती हैं।
कैसे है फायदेमंद
मेथी के दानों में पॉलीफेनोलिक फ्लेवोनोइड पाया जाता है, जो किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। साथ ही यह किडनी के आसपास एक रक्षा कवच का निर्माण करता है, जिससे इसके सेल नष्ट होने से बच जाते हैं (13)। अगर शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर कम हो जाए, तो ऑक्सीडेटिव तनाव का प्रभाव बढ़ जाता है, जो किडनी पर असर डालता है। इस कारण से भी मेथी का सेवन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि मेथी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है।
लिवर :
शरीर के सभी अंग अच्छी तरह से काम करते रहें, उसके लिए जरूरी है कि लिवर स्वस्थ रहे। लिवर शरीर से सभी विषैले जीवाणुओं को बाहर निकालने का काम करता है। अगर लिवर खराब हो जाए, तो सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। लिवर पर सबसे बुरा असर शराब पीने से होता है। शराब पीने से लिवर की काम करने की क्षमता कम हो जाती है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि मेथी के दाने लिवर को शराब के बुरे प्रभाव से बचाते हैं।
कैसे है फायदेमंद
शराब हर लिहाज से सेहत के लिए खराब है। अगर आप चाहते हैं कि लिवर अच्छी तरह काम करे, तो शराब से तौबा करना ही बेहतर है। वहीं, जिनका लिवर शराब पीने से प्रभावित हुआ है, उनके लिए मेथी के दाने कारगर साबित हो सकते हैं । मेथी के दाने में पॉलीफेनोलिक तत्व होता है, जो लिवर को नष्ट होने से बचाता है। लिवर के लिए मेथी दाने  कारगर इलाज हैं।
एंटी एजिंग :
समय के साथ-साथ चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर साफ नजर आने लगता है। ऐसे में मेथी का प्रयोग फायेदमंद हो सकता है। यह त्वचा के लिए गुणकारी औषधि है।
सामग्री
एक चम्मच मेथी के दाने
एक चम्मच साधारण योगर्ट
प्रयोग की विधि
मेथी के दानों को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रखें।
अगली सुबह इन्हें योगर्ट में मिलाकर तब तक ग्राइंट करें, जब तक कि पेस्ट न बन जाए।
अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।
करीब 30 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
कैसे है फायदेमंद
शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव के कारण ही चेहरे पर बढ़ती उम्र का असर नजर आता है। मेथी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इन फ्री रेडिकल्स को बेअसर कर देते हैं (16)। वहीं, योगर्ट में लैक्टिक एसिड होता है, जो मृत त्वचा को हटाने का काम करता है। साथ ही त्वचा को मखमली व मुलायम बनाता है
कील-मुंहासे :
जिन्हें अक्सर कील-मुंहासों की शिकायत रहती है, उन्हें मेथी का प्रयोग जरूर करना चाहिए। मुंहासों को खत्म करने में मेथी मददगार साबित हो सकती है।
सामग्री
चार कप पानी
चार चम्मच मेथी के दाने
प्रयोग की विधि
मेथी के दाने रातभर के लिए पानी में भिगकर रखें।
अगले दिन इन्हें पानी में डाल दें और धीमी आंच पर 15 मिनट उबलने दें।
इसके बाद पानी को छान लें और सामान्य होने दें।
अब सूती कपड़े को इस पानी में भिगोकर दिन में दो बार अपने चेहरे पर लगाएं। अगर पानी बच जाए, तो उसे फ्रिज में रख सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद
मेथी के दानों में डायोसजेनिन जैसे जरूरी तत्व होते हैं, जिसमें एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इस कारण से मेथी मुंहासों को जड़ से खत्म कर सकती है
मासिक धर्म में फायदेमंद :
हर महिला को मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है। मेथी के दाने इससे राहत दिलाने में कारगर काम करते हैं। साथ ही मासिक धर्म से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी राहत दिलाते हैं।
कैसे है फायदेमंद
मेथी के दानों में एंटीइंफ्लेमेटरी व एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं। वैज्ञानिक शोधों में इस बात की पुष्टि की गई है कि मेथी के ये गुणकारी तत्व मासिक धर्म में होने वाली हर तरह की पीड़ा से राहत दिला सकते हैं । इतना ही नहीं, मेथी के दानों से बना पाउडर भी दर्द को कम कर सकता है और थकावट, सिरदर्द व जी-मिचलाना जैसी समस्याओं को कम करता है। मेथी में सेपोनिन्स व डायोसजेनिन तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर में एस्ट्रोजन की तरह काम करते हैं। ये मासिक धर्म के समय महिलाओं को होने वाले पेट दर्द से राहत दिलाते हैं।
पेट में कीड़े
पेट में कीड़े होने पर भी मेथी आपके लिए एक सटीक उपचार है। अधि‍कांशत: बच्चों में यह समस्या होती है। ऐसे मेथी की पत्त‍ियों का रस निकालकर, बच्चे को एक चम्मच प्रतिदि‍न पिलाने पर कृमि समाप्त हो जाते हैं।
बढ़ता है स्तन-दूध :
स्तनपान करा रहीं महिलाओं को मेथी का सेवन जरूर करना चाहिए, इससे स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ती है। एशिया में शिशुओं को स्तनपान कराने वाली कई माताएं इसका प्रयोग करती हैं।
कैसे है फायदेमंद
मेथी प्राकृतिक औषधि की तरह काम करती है। इसे फाइटोएस्ट्रोजन का प्रमुख स्रोत माना गया है। यह स्तपान कराने वाली माताओं में दूध के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है । मेथी के दाने की चाय पीने से भी स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ सकती है। माना जाता है कि मेथी में मैग्नीशियम और जरूरी विटामिन्स होते हैं, जो माताओं में दूध की गुणवत्ता को बढ़ा देते हैं। इसलिए, यह दूध पीने से नन्हे शिशु को भी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं और उसका वजन अच्छा होता है|
रक्तचाप में सुधार :
उच्च रक्तचाप कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। रक्तचाप अधिक होने पर ह्रदय रोग हो सकते हैं। इससे निपटने के लिए मेथी का सेवन किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद
उच्च रक्तचाप का एक मुख्य कारण सोडियम है। जब डाइट में इसकी मात्रा बढ़ती है, तो रक्तचाप अधिक हो जाता है। इसलिए, मेथी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। एक चम्मच मेथी के दाने में सिर्फ सात मिलीग्राम सोडियम होता है। वहीं, इसके मुकाबले ¼ चम्मच नमक में 581 मिलीग्राम सोडियम होता है। साथ ही मेथी के दानों में अधिक मात्रा में फाइबर होता है। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं 
दिल का दौरा ;
मेथी की सब्जी का नित्य सेवन करना, दिल की बीमारियों को भी दूर रखने में मदद करता है। यह दिल का दौरा पड़ने की संभावना को बेहद कम कर देता है, और आप अपने हृदय को रख सकते हैं बिल्कुल स्वस्थ।
वजन नियंत्रण :
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो मेथी आपकी मदद कर सकती है। इसे आप अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
कैसे है फायदेमंद
मेथी के दाने शरीर में फैट को जमा नहीं होने देते। साथ ही ये लिपिड और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म के स्तर में सुधार लाते हैं, जिससे वजन कम होने लगता है
डैंड्रफ :
डैंड्रफ होना एक आम समस्या और यह किसी को भी हो सकता है। यह समस्या ज्यादातर सर्दियों में होती है। इस समस्या के लिए मेथी का प्रयोग किया जा सकता है।
सामग्री
दो चम्मच मेथी के दाने
एक चम्मच नींबू का रस
एक चम्मच नारियल का दूध
प्रयोग की विधि
मेथी के दानों को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें।
अगली सुबह मेथी के दानों को पीसकर पेस्ट बना लें।
इस पेस्ट में नींबू और नारियल का दूध मिला दें।
फिर इस पेस्ट को बालों की जड़ों पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
इसके बाद बालों की अच्छी तरह मालिश करें और फिर बालों को शैंपू से धो दें।
कैसे है फायदेमंद
डैंड्रफ मुख्य रूप से सूखे व संक्रमण युक्त स्कैल्प पर होता है। ऐसे में मेथी के दाने इसे ठीक करने में मदद करते हैं
बालों का झड़ना
हम आपको बता दें, कि मेथी की पत्ति‍यां भी आपके बालों के लिए बहुत लाभकारी साबित होंगे। इसकी पत्तियां पीसकर बालों में लगाने से बाल काले, घने व चमकदार होते हैं। साथ ही बालों का झड़ना भी रूक जाता है।
*आयुर्वेद में कहा गया है कि मेथी के दानों की तासीर गर्म होती है। इसका सीधे सेवन करने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। इसलिए, मेथी के दानों को कुछ समय के लिए पानी में भिगोकर रखना चाहिए, ताकि उसकी गर्माहट कम हो जाए। इसके बाद मेथी के दानों को प्रयोग में लाना चाहिए।
मेथी के दानों को एक-दो मिनट के लिए मध्यम आंच पर भून लें और फिर इसे सब्जी या फिर सलाद के ऊपर डाल दें। इससे न सिर्फ भोजन का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिलेंगे।
एक चम्मच मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह एक गिलास पानी के साथ इनका सेवन करें। जिस पानी में मेथी के दानों को भिगोया था, आप सुबह खाली पेट उसका भी सेवन कर सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है।
मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखने के बाद एक कपड़े में बांधकर रख दें। कुछ दिन ऐसे ही रखने के बाद मेथी के दाने अंकुरित हो जाएंगे। अब आप इसे सलाद में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। मेथी का इस तरह से सेवन करना सेहत के फायदेमंद है।
सर्दियों में लगभग हर घर में मेथी के पराठे और रोटियां बनाई जाती हैं। मेथी का इस प्रकार से सेवन करने से भी शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति होती है।
बुखार होने पर मेथी दाने की हर्बल चाय पीने से फायदा होता है। पानी में मेथी के दाने डालकर उसे उबालें। स्वाद के लिए इसमें नींबू और शहद मिला सकते हैं।
मेथी दाने से बना तेल भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इससे कई प्रकार की औषधियों का निर्माण होता है।
मेथी के दाने कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं। कब्ज के रोगी को रोज सुबह-शाम एक चम्मच मेथी दाने का सेवन करना चाहिए।
इसमें कोई दो राय नहीं कि मेथी के दाने सेहत के लिए लाजवाब हैं। इसे अपने भोजन में शामिल करने से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, लेकिन इतने फायदों के साथ-साथ इसके नुकसान भी हैं। कुछ मामलों में इसके सेवन से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

 मेथी से नुकसान 
डायबिटीज : बेशक डायबिटीज के मरीजाें को मेथी का सेवन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से परेशानी भी हो सकती है। मेथी को जरूर से ज्यादा लेने पर रक्त में शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है।
शरीर व मूत्र से दुर्गंध : अमूमन बैक्टीरिया या फिर किसी संक्रमण के कारण शरीर से बदबू आने लगती है, लेकिन कुछ मामलों में मेथी भी इसका कारण बन सकती है। अधिक मात्रा में मेथी का सेवन करने से शरीर व मूत्र से दुर्गंध आने लगती है।
दस्त : हालांकि, पाचन तंत्र के लिए मेथी के दाने अच्छे होते हैं, लेकिन कई बार यह दस्त का कारण भी बन जाते हैं। जरूर से ज्यादा मेथी खाने से पेट खराब हो सकता है और दस्त लग जाते हैं। अगर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे खाने से पेट खराब होता है, तो उससे शिशु को भी दस्त लग सकते हैं। इसलिए, ऐसे कोई लक्षण नजर आते ही इसका सेवन बंद कर दें।
हाइपोग्लाइसीमिया : मेथी के दानों के सेवन से कुछ माताओं को हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है। इसमें रक्तचाप बेहद कम हो जाता है, जिससे मस्तिष्क तक ग्लूकोज की पर्याप्त रूप से आपूर्ति नहीं हो पाती है। इस स्थिति में मस्तिष्क को क्षति हो सकती है या फिर मृत्यु भी हो सकती है।
गर्भाशय संकुचन : जैसा कि इस लेख में पहले बताया गया है कि मेथी दाने की तासीर गर्म होती है। अगर गर्भवती महिला इसका अधिक सेवन करती है, तो समय से पहले गर्भाशय संकुचन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। मेथी के दानों में ऑक्सीटोसिन होता है, जो गर्भाशय संकुचन का कारण बनता है। इसलिए, गर्भवती महिलाएं मेथी दाने का सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
एलर्जी : कुछ लोगों को मेथी दाने के सेवन से एलर्जी हो सकती है। यह एलर्जी चेहरे पर सूजन के तौर पर नजर आ सकती है। वहीं, कुछ को शरीर पर रैशेज हो सकते हैं, सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है और कुछ बेहोश तक हो जाते हैं। इसके अलावा, कई लोगों को मेथी के सेवन से छाती में दर्द जैसी शिकायत होने लगती है। यह तासीर में गर्म होती है, इसलिए कुछ लोगों को बवासीर, गैस व एसिडिटी तक की शिकायत हो जाती है। साथ ही अगर कोई किसी बीमारी के लिए दवा खा रहा है, तो वो मेथी के दानों का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर ले।
बच्चों के लिए हानिकारक : बच्चों के लिए मेथी दाने को सुरक्षित नहीं माना गया है। यह तो हम पहले ही बता चुके हैं कि इसे खाने से दस्त लग सकते हैं। वहीं, इसकी हर्बल चाय पीना भी बच्चों के लिए ठीक नहीं है, क्योंकि इससे उनकी मस्तिष्क की क्षमता पर असर पड़ सकता है। इसलिए, बेहतर यही है कि मेथी के सप्लीमेंट्स बच्चों को न दें। अगर देना ही चाहते हैं, तो सब्जियों में डालकर दे सकते हैं।
पुरुषों के लिए : जो पुरुष अस्था से पीड़ित हैं, उन्हें मेथी का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है। इस अवस्था में मेथी खाने से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। वहीं, जिन्हें थायराइड है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। थायराइड से ग्रस्त ऐसे कई पुरुषों के केस सामने आए हैं, जिन्होंने मेथी का सेवन किया था और उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।
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गाजर खाने के फायदे //Benefits of carrots




*मासिक धर्म के दिन हर महिला के लिए बहुत तकलीफदेह होते हैं. ज्यादातर महिलाओं को मासिक के दौरान तेज दर्द, चिड़चिड़ेपन और अनियमित स्त्राव की शिकायत रहती है.इसके साथ ही कई स्त्रियों को पीठ दर्द और पैर दर्द भी होता है|
*गाजर के जूस से मिलेगी राहत पीरियड्स के दौरान अगर आपको भी इन तकलीफों का सामना करना पड़ता है तो गाजर का जूस पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा| गाजर का जूस काफी आसानी से मिल भी जाता है| अगर जूस न पीना चाहें तो गाजर खाना भी उतना ही फायदा देगा| किसी भी रूप में गाजर का सेवन करना पीरियड्स के दौरान फायदेमंद रहता है| गाजर रक्त परिसंचरण को ठीक रखता है, दर्द में राहत देता है और चिड़चिड़ाहट को भी कम करता है|आयरन से भरपूर मासिक के दौरान खून निकलने से अनीमिया की समस्या भी हो सकती है|ऐसे में आयरन की मात्रा लेते रहना फायदेमंद रहेगा| यह एक सबसे प्रमुख कारण है जिसकी वजह से पीरियड्स में गाजर खाने की सलाह दी जाती है|
* गाज़र के मीठेपन को लेकर आपको कैलोरी की चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं क्योंकि इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है। गाज़र के जूस में खनिज तत्व , विटामिन्स और विटामिन ए पाया जाता है, इसलिए इसे त्वचा और आंखों के लिए अच्छा माना जाता है। गाज़र का प्रयोग आप सूप बनाने, सब्जि़यों, हल्वे और सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।


*त्वचा निखार के लिए:
 

प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या गाज़र का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है।
* गाजर रक्त की विषाक्तता कम करता है और इसके सेवन से कील-मुहासों से भी छुटकारा मिलता है।


*नजर तेज करने के लिए-:

गाजर में विटामिन ए प्रचूर मात्रा में होता है इसलिए इसके सेवन से आंखों की रोशनी ठीक होती है। आंखों से संबंधी सामान्य समस्याओं का कारण है विटामिन ए की कमी।
*पुरुषों को भी अपने खून की सफाई करनी जरुरी है। गाजर का जूस पीने से खून की सफाइ होती है।

* हृदय रोगी भी खा सकते हैं गाजर: 

गाजर में कैरोटीनायड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा होता है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कालेस्ट्राल के स्तर को कम करता है।

* डायबीटीज़ के मरीजों के लिए- 

गाज़र के प्रतिदिन सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर ठीक रहता है।
*गाजऱ में बीटा कैरोटीन होती है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा होता है।

*बीटा कैरोटीन से भरपूर- 

मासिक के दौरान बीटा कैरोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना फायदेमंद रहता है| ये हैवी ब्लड फ्लो को नियंत्रित करने का काम करता है. दर्द से आराम दिलाने में गाजर न केवल रक्त बहाव को नियंत्रित करने का काम करता है बल्क‍ि इस दौरान होने वाले दर्द में भी राहत दिलाता है| साथ ही मूड को भी ठीक रखता है.

*कैंसर से बचने के लिए: 

गाज़र खाने से, पेट और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।

*कैसे करें सेवन -

आप चाहें तो गाजर को चबा-चबाकर खा सकती हैं लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है और आप कुछ भी करने की हालत में नहीं हैं तो इसका जूस फायदेमंद रहेगा. दिन में एक या दो गिलास गाजर का जूस













आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, अपनी आंखों की रोशनी बनाए रखना चाहते हैं या फिर अपनी त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ बालों को भी चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो गाजर का सेवन करें। गाजर क्यों आपके दैनिक आहार में शामिल होनी चाहिए, बता रही हैं राजलक्ष्मी त्रिपाठी
खाने में स्वादिष्ट और कम कैलरी वाली गाजर में पौष्टिक तत्वों की बहुतायत होती है, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं। इसमें बीटा कैरोटिन, विटामिन ए, विटामिन सी, खनिज लवण, विटामिन बी 1 के साथ-साथ एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है। अगर आप गाजर को नियमित तौर पर अपने आहार का हिस्सा बनाते हैं तो आप खुद को बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाये रख सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल आप कच्चा या फिर पकाकर किसी भी तरह से कर सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल केवल भोजन में ही नहीं होता, बल्कि इसका इस्तेमाल बहुत सारी दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है।
* हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने एक शोध में बताया कि जो लोग सप्ताह में पांच या उससे अधिक गाजर खाते हैं, उन्हें उन लोगों के मुकाबले हार्ट अटैक का खतरा काफी कम रहता है, जो महीने में एक बार गाजर खाते हैं या कभी गाजर का सेवन करते ही नहीं है। गाजर का नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शरीर में मौजूद पित्त के प्रभाव को कम करते हैं।
* विटामिन ए शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है। गाजर में मौजूद फाइबर कोलोन की सफाई करके कोलोन कैंसर की आशंका को काफी हद तक कम करते हैं।
*गाजर के इस्तेमाल से दांतों की सेहत भी दुरुस्त रहती है। यह दांतों की सफाई करने के साथ साथ सांसों को स्वच्छ रखता है और मसूड़ों को मजबूत करता है।
* अगर त्वचा कहीं जल गई हैतो प्रभावित हिस्से पर बार-बार गाजर का रस लगाने से अराम मिलता है। खुजली की समस्या से परेशान हैं तो गाजर को कद्दूकस करके उसमें नमक मिलाकर खाने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।
* यह त्वचा की सेहत को दुरुस्त रखने में भी मददगार साबित होता है। इसमें विटामिन सी और एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है, जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल करने से त्वचा को सूर्य की तेज रोशनी से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सकता है। विटामिन ए की कमी की वजह से त्वचा, नाखून और बाल रूखे होने लगते हैं। अगर आप नियमित तौर पर गाजर को अपने आहार में शामिल करते हैं तो साफ सुथरी निखरी हुई त्वचा के मालिक बन सकते हैं। इसके इस्तेमाल से वक्त से पहले आने वाली झुर्रियों, रूखी त्वचा, एक्ने, पिगमेंटेशन, झांइयां, चितकबरी त्वचा आदि की समस्याओं को अपने से दूर रख सकते हैं।
* गाजर के जूस में काला नमक, धनिया की पत्ती, भुना हुआ जीरा, काली मिर्च और नीबू का रस मिलाकर नियमित तौर पर पीने से पाचन संबंधी गड़बड़ी से तुरंत छुटकारा मिलता है।
* गाजर का किसी भी रूप में नियमित तौर पर सेवन करने से आपकी आंखों की रोशनी दुरुस्त रहती है। इसमें बीटा कैरोटिन की बहुतायत होती है, जो खाने के बाद पेट में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। आंखों के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है, यह हम सब जानते हैं। विटामिन ए रेटिना के अंदर परिवर्तित होता है। इसके बैंगनी से दिखने वाले पिगमेंट में इतनी शक्ति होती है कि गाजर खाने से रतौंधी जैसे रोग की आशंका कम हो जाती है। यह आंखों के रोग मोतियाबिंद की आशंका को कम करता है।
* गाजर को अपने आहार का हिस्सा बनाने से फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। एक मात्र गाजर ही ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें फाल्केरिनोल नामक प्राकृतिक कीटनाशक पाया जाता है। विभिन्न सर्वेक्षणों में यह पाया गया है कि गाजर का सेवन करने से किसी भी कैंसर का खतरा एक तिहाई तक कम होता है।
* गाजर का सेवन करने से आप पर उम्र का असर देर से नजर आता है। यह एंटी एजिंग एजेंट की तरह कार्य करता है। इसमें भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला बीटा कैरोटिन, एंटी ऑक्सिडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करता है, इससे कोशिकाओं की उम्र देरी से घटती है और शरीर पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।
* गाजर में मौजूद औषधीय गुण किसी भी किस्म के संक्रमण की आशंका को कम करते हैं। आप चाहें इसका जूस पिएं या इसे उबालकर खाएं, यह फायदेमंद है।


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