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पेट दर्द मे घरेलू आयुर्वेदिक उपचार



     वैसे तो पेट दुखने के अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पेट दर्द का एक मुख्य कारण अपच, मल सूखना, गैस बनना यानी वात प्रकोप होना और लगातार कब्ज बना रहना भी है। पेट दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय है, जो दर्द तो दूर करते है, साथ ही साथ पेट की क्रियाओं को भी ठीक करते है।अगर आपका पेट खराब हो गया है और आप दवाई खाने से बचना चाहते हैं तो इन घरेलू उपायों का अपनाकर आप राहत पा सकते हैं. ये उपाय पूरी तरह घरेलू हैं इसलिए इन पर भरोसा करने में कोई नुकसान भी नहीं है-

*सेब का सिरका-

बात जब पेट दर्द में घरेलू उपाय की हो तो सेब के सिरके से बेहतर कुछ भी नहीं. सेब के सिरके में पेक्ट‍िन की पर्याप्त मात्रा होती है जिससे पेट दर्द और मरोड़ में राहत मिलती है. इसका अम्लीय गुण खराब पेट के संक्रमण को ठीक करने में भी कारगर है.|एक चम्मच सिरके को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से जल्दी आराम होता है|.
*अगर पेट दर्द एसिडीटी (अम्लता) से हो रहा हो तो पानी में थोड़ा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।एक चम्मच शुद्ध घी में हरे धनियें का रस मिलाकर लेने से पेट की व्याधि दूर होती है।

*अदरक

उदर मे असुविधा में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है. इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.
*अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कर मिलाकर प्रयोग करें। पेट दर्द में लाभ होगा। दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।
*अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक-एक चम्म च मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द दूर होता है।

*मेथी

 के बीज पानी में भिगोएं। पीसकर पेस्ट बनाएं। और इस पेस्ट को 200 ग्राम दही में मिलाकर दिन में दो बार लेने से पेट के विकार नष्ट होते हैं।

*जीरा-

अगर आपको लगातार दस्त हो रहे हों तो एक चम्मच जीरा चबा लें. अमूमन सभी घरों में मिलने वाला ये मसाला दस्त में काफी फायदेमंद है. जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं.
पेट दर्द निवारक चूर्ण बनाएं। इसके लिए भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ, लहसून, धनिया, हींग सूखी पुदीना पत्ती, सबकी बराबर मात्रा लेकर बारिक चूर्ण बनाएं। इसमें थोडा सा काला नमक भी मिलाएं। खाने के बाद एक चम्मच थोड़े से गर्म पानी के साथ लें। पेट दर्द में आशातीत लाभकारी है।बिना दूध की चाय पीने से भी कुछ लोग पेट दर्द में आराम महसूस करते हैं।

*दही-

पेट दर्द में दही का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहता है. दही में मौजूद बैक्टीरिया संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिससे पेट जल्दी ठीक होता है. साथ ही ये पेट को ठंडा भी रखता है|

*बेल 

बेल का शरबत बेल फाइबर से युक्त होता है और इससे बना शरबत भी काफी गाढ़ा और फाइबर युक्त होता है. फाइबर पेट को बांधने का काम करता है, जिससे दस्त जल्दी रुक जाते हैं||
*आयुर्वेद के अनुसार हींग दर्द निवारक और पित्तव‌र्द्धक होती है। छाती और पेट दर्द में हींग का सेवन बेहद लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर एकदम थोडी सी हींग को एक चम्मच पानी में घोलकर पका लें। फिर बच्चे की नाभि के चारों लगा दें। कुछ देर बाद दर्द दूर हो जाता है।

* पुदीना 

पुदीना एक बेहद हेल्दी हर्ब है. सदियों से इसका प्रयोग पेट से जुड़ी समस्याओं के समाधान में किया जाता रहा है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाचन क्रिया को सुधारने में भी सहायक होता है.

*बेल 

पेट दर्द मे फ़ायदेमंद है। अनार के बीज निकालें। थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च का पाउडर डालें। और दिन में दो बार लेते रहें।इसबगोल के बीज दूध में 4 घंटे भिगोएं। रात को सोते समय लेते रहने से पेट में मरोड का दर्द और पेचिश ठीक होती है।
* ज्यादा से ज्यादा करें पानी का सेवन -पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं|

*आप फलोें का जूस और सब्जियों का रस भी ले सकते हैं| बेहतर होगा अगर पानी में लवण मिला हो. आप चाहें तो नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी ले सकते हैं.|गाजर का जूस भी ऐसे समय में काफी फायदेमंद होता है.

*सौंफ़

 में पेट का दर्द दूर करने के गुण होते है। 15 ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में भिगोएं। छानकर सुबह खाली पेट पीयें। बहुत गुणकारी उपचार है।

*केला -

अगर आप बार-बार हो रहे मोशन से परेशान हो चुके हैं तो केले का इस्तेमाल आपको राहत देगा| इसमें मौजूद पेक्टिन पेट को बांधने का काम करता है.|इसमें मौजूद पोटै‍शियम की उच्च मात्रा भी शरीर के लिए फायदेमंद होती है|नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार पीने से पेट दर्द से आराम मिलता है।

पेट दर्द का घरेलू ,आयुर्वेदिक नुस्खों से इलाज


                                                                                    

पेट में पीडा abdominal colic होने की व्याधि वक्ष(छाती) से तलपेट के मध्य के क्षेत्र में किसी भी जगह मेहसूस हो सकती है।यह पीडा कुछ समय के लिये मामूली किस्म की अथवा लम्बे समय तक होने वाली गंभीर प्रकार की हो सकती है। पेट दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं।पेट में स्थित लिवर,गाल ब्लाडर ,आमाषय,पेनक्रियास(अग्नाषय)और आतों में विकार आ जाने से पेट दर्द पैदा होता है। एक या अधिक अंग प्रभावित होते हैं।पेट दर्द के मुख्य कारण कब्ज का होना, अपच, ज्यादा गैस बनना, आमाषय और आंतों में व्रण बन जाना, आंत्र पुच्छ प्रदाह होना, गाल ब्लाडर अथवा किडनी में पथरी निर्माण होना ,विषाक्त भोजन सेवन करना आदि हैं
पेट दर्द निवारण के लिये निम्न उपचार लाभदायक सिद्ध होते हैं-
१) पेट दर्द मे हींग का प्रयोग लाभकारी है। २ ग्राम हींग थोडे पानी के साथ पीसकर पेस्ट बनाएं। नाभी पर और आस पास यह पेस्ट लगावें । लेटे रहें। इससे पेट की गैस निष्कासित होकर दर्द में राहत मिल जाती है।
२) अजवाईन तवे पर सेक लें । काला नमक के साथ पीसकर पावडर बनाएं। २-३ ग्राम गरम पानी के साथ दिन में ३ बार लेने से पेट का दर्द दूर होता है।

) जीरा तवे पर सेकें। २-३ ग्राम की मात्रा गरम पानी के साथ ३ बार लें। इसे चबाकर खाने से भी लाभ होता है।
४) पुदिने और नींबू का रस प्रत्येक एक चम्मच लें। अब इसमें आधा चम्मच अदरक का रस और थोडा सा काला नमक मिलाकर उपयोग करें। यह एक खुराक है। दिन में ३ बार इस्तेमाल करें।
५) सूखा अदरक मुहं मे चूसने से पेट दर्द में राहत मिलती है।
६) कुछ पेट दर्द के रोगी बिना दूध की चाय पीने से पेट दर्द में आराम मेहसूस करते हैं।
७) अदरक का रस नाभी स्थल पर लगाने और हल्की मालिश करने से उपकार होता है।
८) अगर पेट दर्द एसिडीटी (अम्लता) से हो रहा हो तो पानी में थोडा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।
९) पेट दर्द निवारक चूर्ण बनाएं। भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ( सूखी अदरक) लहसून, धनिया,हींग सूखी पुदीना पत्ती , सबकी बराबर मात्रा लेकर महीन चूर्ण बनावें। थोडा सा काला नमक भी मिश्रित करें। भोजन पश्चात एक चम्मच की मात्रा मामूली गरम जल से लें। पेट दर्द में आशातीत लाभकारी है।



१०) हरा धनिया का रस एक चम्मच शुद्ध घी मे मिलाकर लेने से पेट की व्याधि दूर होती है।
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१०) अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक चम्मच मिलाकर दिन में ३ बार लेने से पेट दर्द दूर होता है।

) अदरक का रस एक चम्मच,नींबू का रस २ चम्मच में थोडी सी शकर मिलाकर प्रयोग करें । पेट दर्द में उपकार होता है। दिन में २-३ बार ले सकते हैं।
१२) अनार पेट दर्द मे फ़ायदे मंद है। अनार के बीज निकालें । थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च का पावडर बुरकें। दिन में दो बार लेते रहें।
१३) मैथी के बीज पानी में गलाएं। पीसकर पेस्ट बनाएं। यह पेस्ट २०० ग्राम दही में मिलाकर दिन में दो बार लेने से पेट के विकार नष्ट होते हैं
१४) इसबगोल के बीज दूध में ४ घंटे गलाएं। रात को सोते वक्त लेते रहने से पेट में मरोड का दर्द और पेचिश ठीक होती है।
१५) सौंफ़ में पेट का दर्द दूर कर
ने के गुण है। १५ ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में गलाएं। छानकर सुबह खाली पेट पीयें।। बहुत गुणकारी उपचार है।
16) आयुर्वेद के अनुसार हींग दर्द निवारक और पित्तव‌र्द्धक होती है। छाती और पेट दर्द में हींग का सेवन बेहद लाभकारी होता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर  थोडी सी हींग को एक चम्मच पानी में घोलकर पका लें। फिर बच्चे की नाभि के चारों लगा दें। कुछ देर बाद दर्द दूर हो जाता है।

१७) नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार पीने से पेट दर्द से आराम मिलता है