मधुमेह लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मधुमेह लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

इमली के बीज के स्वास्थ्य लाभ



इमली एक स्‍वादिष्‍ट खाद्य पदार्थ है। लेकिन क्‍या आप इमली के बीज के फायदे जानते हैं। बेशक हम बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त करने के लिए इमली का उपयोग करते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी की इमली के बीजों में भी औषधीय गुण होते हैं। प्राचीन समय से ही इमली के बीजों को भूनकर उपयोग किया जा रहा है जो बहुत सी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इमली बीज के फायदे मधुमेह को रोकने, पाचन को ठीक करने, कैंसर का उपचार करने, दांतों को मजबूत बनाने, गठिया का इलाज करने और दस्‍त को ठीक करने के लिए होते हैं। इस लेख आप इमली बीज के फायदे जान सकते हैं।
आपके द्वारा उपभोग की जाने वाली इमली न केवल स्‍वादिष्‍ट होती है बल्कि औषधीय गुणों वाली भी होती है। अक्‍सर हम लोग इमली का उपयोग करने के बाद इमली के बीजों को फेंक देते हैं। लेकिन इमली के बीजों के फायदे जानकर आप ऐसा नहीं करेगें। क्‍योंकि इमली के बीज स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद तो होते ही हैं साथ ही यह आपकी त्‍वचा संबंधी बहुत सी समस्‍याओं को भी दूर कर सकते हैं। आप इमली के बीजों को सुखा कर या पाउडर बनाकर उपयोग कर सकते हैं। आइए जाने किन स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के लिए इमली के बीज का उपयोग किया जा सकता है।

कफ या गले के संक्रमण से देते हैं राहत
इमली के बीजों का पाउडर और अदरक का जूस एक साथ मिलाकर लेने से कफ या गले के संक्रमण से राहत मिलती है।
इमली के बीज मुँह में होने वाली किसी भी प्रकार की समस्या का भरपूर इलाज करते हैं।
अगर आपको मुँह से बदबू आने की समस्या है तो ऐसे में आपको इमली के बीजों से बना हुआ माउथवाश का इस्तेमाल करना चाहिए।
आप घर पर भी इमली के बीजों का माउथवाश तैयार कर सकते हैं।
इसके लिए, इमली के बीजों को पानी में उबाल लें।
10-15 मिनट तक उबालने के बाद आप इसे थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
इसके बाद आप सुबह शाम इस माउथवाश से कुल्ली कर सकते हैं।
सर्दी खांसी का उपचार
मौसम परिवर्तन और गलत खान-पान के कारण आप सर्दी और जुकाम का शिकार हो सकते हैं। लेकिन सर्दी के लक्षणों को कम करने के लिए आप इमली के बीजों का उपयोग कर सकते हैं। इमली के बीज का रस एक अच्‍छा माउथ वॉश हो सकता है। आप अपने गले की खराश से राहत पाने के लिए इमली बीज के पानी से गरारे करें। इसके अलावा इमली बीज का पानी सर्दी, खांसी और अन्‍य गले के संक्रमण से बचा सकता है। आप इस पानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें अदरक और दालचीनी को भी मिला सकते हैं।
मधुमेह के लिए
जो लोग मधुमेह रोगी हैं उनके लिए इमली के बीज किसी औषधी से कम नहीं है। इमली के बीज रक्‍त शर्करा के स्‍तर को कम करने में मदद करते हैं। मधुमेह रोगी के द्वारा इमली के बीजों का सेवन शरीर में इंसुलिन उत्‍पादन को बढ़ाता है। शरीर में उच्‍च रक्‍त शर्करा के कारण ही मधुमेह रोग होता है। इमली के बीज अल्‍फा-एमाइलेज गुणों से भरपूर होते हैं जो रक्‍त शर्करा के उचित प्रबंधन में मदद करते हैं। इस तरह से मधुमेह के लक्षणों को कम करने के लिए इमली के बीज फायदेमंद होते हैं।
पाचन के लिए
यदि आप अपच जैसी समस्‍याओं से परेशान हैं तो इमली के बीज फायदेमंद हो सकते हैं। इमली के बीज से बनाए गए काढ़े का उपयोग अपच को ठीक करने और पित्‍त उत्‍पादन को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा इमली के बीजों में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो पाचन संबंधी क्रिया में मदद करते हैं। नियमित रूप से इमली के बीजों का उपभोग स्‍टामाटाइटिस (stomatitis) और कब्‍ज जैसी समस्‍याओं से छुटकारा दिला सकता है। यदि आप पेट संबंधी समस्‍याओं को दूर करना चाहते हैं तो इमली के बीजों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
त्‍वचा के लिए
आप अपनी त्‍वचा की समस्‍याओं को दूर करने के लिए प्राकृतिक उपायो को अपनाना चाहिए। इमली के बीज के फायदे त्‍वचा को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में मदद करते हैं। इमली के बीज से बनाया हुआ अर्क त्‍वचा की लोच को बढ़ाने, त्‍वचा को हाइड्रेट रखने और त्‍वचा को कोमल बनाने में मदद करता है। इमली बीज के अर्क में हयालूरोनिक एसिड होता है जो कि त्‍वचा की झुर्रियों और ठीक रेखाओं को दूर करने में मदद करता है। इमली के बीज पानी में घुलनशील होते हैं इसलिए इनका उपयोग सीरम, जैल, फैशियल टोनर और मॉइश्‍चराइजर के रूप में किया जाता है। इमली के बीजों का उपयाग एंटी-एजिंग फॉमूर्ला के रूप में भी काम करता है। यदि आपको भी त्‍वचा संबंधी इसी प्रकार की कोई समस्‍या हों तो आप इमली बीज के पाउ
डर का उपयोग कर लाभ ले सकते हैं।
गठिया का इलाज
एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों के कारण इमली के बीज हमारे लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। इन्‍हीं गुणों के कारण ही प्राचीन समय से इमली बीज का उपयोग गठिया के दर्द और इससे जुड़ी समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है। नियमित रूप से इमली के बीज का सेवन जोड़ों में स्‍नेहन को बढ़ावा देता है। इसके लिए आप भुने हुए इमली के बीज के पाउडर को पानी के साथ दिन में दो बार सेवन कर सकते हैं। यह गठिया के दर्द से राहत दिला सकता है। यदि आप भी गठिया से प्रभावित हैं तो इमली बीज के पाउडर का उपयोग कर सकते हैं।
आंखों के लिए
आप अपनी आंखों की सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इमली के बीज का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इमली के बीजों में औषधीय गुण होते हैं। आप इमली बीज का रस निकालें और अपनी आंखों को मॉइस्‍चराज रखने के लिए आई ड्राप की तरह उपयोग करें। यह आंखों के संक्रमण जैसे आंख आना (conjunctivitis) और इसी तरह की समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है। इमली के बीजों में पॉलीसेकेराइड (polysaccharides) होते हैं जो आंख की रक्षा करने में मदद करते हैं।
हृदय के लिए लाभकारी हैं इमली के बीज
इमली के बीजों में पोटैशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। पोटेशियम रक्तचाप को संतुलित रखता है जिससे कि शरीर में हाईपरटेंशन का स्तर नियमित रहता है।
हाइपरटेंशन का स्तर नियमित रहने से नसों में रक्त का प्रवाह सही से बना रहता है। इस तरह हृदय को अतिरिक्त मात्रा में कार्य करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है और न ही उस पर किसी प्रकार का कोई भी प्रेशर पड़ता है।
यही कारण है कि इमली के बीजों में हृदय रोगों को पछाड़ने की क्षमता होती है।
गर्भावस्‍था के लिए
फाइबर की अधिक मात्रा के कारण गर्भवती महिलाओं को इमली के बीजों का सेवन लाभकारी होता है। यह महिला स्‍वास्‍थ्‍य के साथ ही भ्रूण के लिए उपयोगी माना जाता है। इसलिए गर्भावस्‍था के दौरान पाचन समस्‍याओं जैसे कब्‍ज आदि के लिए इमली बीज सेवन करने की सलाह दी जाती है
दांतों के लिए
स्‍वस्‍थ्‍य और मजबूत दांत सभी की इच्‍छा होती है। लेकिन क्‍या आपको पता है कि इमली के बीज दांतों के लिए फायदेमंद होते हैं। इमली बीज के पाउडर का उपयोग दांतों और मसूढ़ों को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में मदद करते हैं। यदि आपके दांत कमजोर हैं, या आप अधिक मात्रा में धूम्रपान करते हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इमली के बीज निकोटीन या टार्टर की परत को दूर करने में मदद करते हैं जो दांतों की विशेष समस्‍या होती है। नियमित रूप से उपयोग किया जाने पर इमली बीज का पाउडर चाय, कॉफी, सोडा और धूम्रपान के कारण दांतों के पीलेपन को भी हटाने में मदद करते हैं। इस तरह से आप भी अपने दांतों को मजबूत करने के लिए इमली बीज के पाउडर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
हड्डियों के लिए इमली के बीजों के फायदे
हड्डियों के लिए इमली के बीज किसी वरदान से कम नहीं हैं। जब हड्डियों में मोच आ जाए या हड्डी फ्रैक्चर हो जाए तो ऐसे में इमली के बीजों से बनाया गया लेप इस समस्या का समाधान करता है।
जिस जगह पर फ्रैक्चर हो रहा हो वहाँ पर इमली के बीजों से बनाया गया पेस्ट लेप के रूप में लगा दें। यह न सिर्फ़ फ्रैक्चर हुई हड्डी को ठीक करने का कार्य करता है बल्कि दर्द से भी काफ़ी हद तक राहत देता है।
कैंसर की संभावनाओं को कम करते हैं इमली के बीज
इमली के बीजों से बनाया गया जूस कैंसर की संभावनाओं से छुटकारा देता है। इमली के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज़ पाई जाती हैं।
इन प्रॉपर्टीज़ के कारण शरीर में ट्यूमर कोशिकाएं या एक्स्ट्रा कोशिकाएँ नहीं बनने पाती हैं। इस तरह शरीर को कैंसर की संभावनाओं से राहत मिलती है।
*एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का हर तीसरा आदमी अवसाद का शिकार है।नपुंसकता और शीघ्र पतन जैसी बीमारियाँ हो जाने से व्यक्ति मन ही मन में बहुत ही परेशान रहता है और किसी को बता भी नहीं पाता है
वीर्य जल्दी गिरने मे 
आधा किलो इमली के बीज लेकर उसके दो हिस्से कर दें। इन बीजों को तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख लें। इसके बाद छिलकों को उतारकर बाहर फेंक दें और सफेद बीजों को खरल में डालकर पीसें। फिर इसमें आधा किलो पिसी मिश्री मिलाकर कांच के खुले मुंह वाली एक चौड़ी बोतल में रख लें। आधा चम्मच सुबह और शाम के समय में दूध के साथ लें। इस तरह से यह उपाय वीर्य के जल्दी गिरने के रोग तथा संभोग करने की ताकत में बढ़ोतरी करता है।
पाउडर कैसे बनाएं-
200 ग्राम इमली के बीज को घर पर भून लें। फिर इनको कूटकर छिलका निकाल लें। इसमें 200 ग्राम मिश्री मिला लें और कांच के बर्तन में रख दें।
या फिर
200 ग्राम बीजों को चार दिन पानी में भिगोकर रखें और फिर छिलके उतार कर छाया में सुखाएं। सूखने पर पीसकर 200 ग्राम मिश्री मिलाकर रख लें।
यूज कैसे करें-
इस पाउडर में से एक चम्मच डेली गर्म दूध से लें।
फायदे
◆ यह कैल्शियम और मिनरल से भरपूर होता है इसलिए हड्डियों को मजबूत करता है और जोड़ों की समस्या को भी ठीक करता है।
◆ यह कमजोरी और पुरुषों से संबधित सभी प्रकार की समस्याओं को दूर करता है।
◆ यह महिलाओं के सफेद पानी या व्हाइट डिस्चार्ज की प्रॉब्लम में भी बहुत लाभदायक है।
लेकिन कुछ लोगों के लिए इनका उपयोग हानिकारक हो सकता है।
सावधानी-
फाइबर की उच्‍च मात्रा होने के कारण अधिक मात्रा में इमली बीज का सेवन पेट संबंधी समस्‍याओं को बढ़ा सकता है।
जो लोग रक्‍त पतला करने के लिए दवाओं का सेवन कर रहे हैं उन्‍हें इमली के बीज का सेवन नहीं करना चाहिए।
क्‍योंकि यह दवाओं के प्रभाव को कम कर सकता है।
यदि आप तनाव को कम करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं तब भी इमली के बीजों का सेवन करने से बचना चाहिए। क्‍योंकि इमली के बीज सेरोटोनिन विषाक्‍तता (serotonin toxicity) हो सकती है।
किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि 

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार