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आँख से ज्यादा पानी गिरने (आँसू) के घरेलू उपचार

                                                 


    आँखों में पानी आने का कारण आंसुओं का ज्यादा बनना, सूजन या सामान्य आंसुओं का पूरी तरह नहीं निकल पाना है। इसके इलाज के लिए कुछ घरेलू नुस्खे फायदेमंद है। आंखों की सूजन को कम करने के आसान घरेलू उपचार आँखों से पानी आना (अश्रुपात) वह स्थिति है जिसमें बिना किसी कारण के आँसू पैदा होते हैं और पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते हैं।इसका समाधान घरेलू इलाज से हो सकता है
ठंडे या गरम कपड़े से दबाना आंसू नलिकाओं की रुकावट आँखों में पानी का प्रमुख कारण है। ठंडे या गरम कपड़े से दबाने से आँखों से यह परत हट जाती है, जिससे जहरीले पदार्थ भी बाहर निकाल जाते हैं और आँख की ललाई और जलन ठीक हो जाती है।

धनिया का इस्तेमाल –

 धनिया हमारे स्वस्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है अगर आपको आँख से जुडी कोई परेशानी हो तो ऐसे में धनिया और चीनी को मिलाकर पीस ले|और अब इसे पानी में मिलाकर उबाल ले|जब उबल जाये तो ठंडा करके इसे छान ले|अब इसे आप इस्तेमाल करे ऐसा कुछ दिन करने से आपको बहुत लाभ होगा|

इलाइची –

हम सभी के शरीर को स्वस्थ रखने में इलाइची बहुत मदद करती है अगर किसी को आँख से रिलेटेड कोई दिक्कत हो तो ऐसे में आप इलाइची को पीस ले|अब इसे आप गरम दूध में मिलाकर सेवन करे आप अगर रात में इसका सेवन करेगे तो फायदा अधिक होगा|

बादाम –

बादाम हमारे सेहत के लिए बहुत उपयोगी होता है|बादाम हमारी आँख के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है|रात को सोते समय आप बादाम को दूध के साथ मिलाकर रख दे|सुबह उठकर आप बादाम को खा ले और उस दूध में चन्दन मिलाकर अच्छे से आँखों और पलकों की धुलाई करे ऐसा करने से आँख की लालिमा ख़तम तो हो ही जाएगी साथ ही आँख से अगर पानी गिर रहा हो तो उससे भी राहत मिल जाती है|यदि कोई धूल मिट्टी चली गई हो यदि आपको लगे कि कोई बाहरी तत्व या धूल, मिट्टी आँखों में चली गई है तो आप गीले कपड़े से इसे साफ कर सकते हैं। आंसुओं को हाथों के बजाय गीले कपड़े से ही साफ करें क्यों कि हाथों में कई बैक्टीरिया होते हैं। 
नारियल का तेल हम सब जानते हैं कि नारियल का तेल एक अच्छा मोश्चुराइजर है। इसे आँखों के आस पास रगड़ने से आराम मिलेगा।

नमक और पानी का घोल 

आँखों में पानी होने पर जलन और खुजली चलती है। ऐसे में आप नमक और पानी का घोल घर पर बनाकर इलाज कर सकते हैं। नमक एक एंटी-बैक्टीरियल होने के कारण यह जहरीले बैक्टीरिया को आँखों से बाहर निकाल देता है। इसे 3 दिन तक दिन में कई बार लगाएँ।

टी बैग 

ठंडे या गरम कपड़े से दबाने की तरह ही टी बैग भी एक अच्छा घरेलू उपाय है। टी बैग को कुछ देर गर्म पानी में रखें। जब यह गर्म हो जाये तो इसे आँखों पर रखें। कैमोमाइल, पेपरमिंट और स्पेयरमिंट पानी भरी आँखों के इलाज के लिए कारगर हैं।

बेकिंग सोडा – 


बेकिंग सोडा हमारी आँखों के लिए बहुत लाभकारी होता है अगर किसी की आँखों में कोई भी परेशानी हो जैसे आँख में जलन और दर्द या लालिमा और फिर आँख से पानी आने जैसे परेशानी में आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते है इसका इस्तेमाल आपको बताये की आप गरम पानी में सोडे को मिला ले|जब पानी ठंडा हो जाये तो उसी से अपने आँख और पलकों की अच्छे से धुलाई करे ऐसा नियमित रूप से करने से आपको बहुत राहत मिलेगी और मै उम्मीद के साथ कह सकता हू की आपको बहुत फायदा होगा|

वजन बढ़ाने के उपचार //Weight gain Tips



 दुबले पतले  लोगों के लिये वजन बढाने के उपचार  

                                                                                                                                  
                                                                                                                                             



      भोजन में पौषक तत्वों की कमी  बनी रहने से लोग आहिस्ता-आहिस्ता  कृष काय हो जाते हैं। अधिक दुबले पतले शरीर  मे शक्ति भी कम हो जाती है। नि:शक्त जन अपनी दिनचर्या सही ढंग से संपन्न करने में थकावट मेहसूस करते है।
   इस लेख में कतिपय ऐसे उपचारों की चर्चा की जाएगी जिनसे आप अपने शरीर का वजन बढा सकते हैं|


प्लान करें वेट गेन शेड्यूल

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपके बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई के हिसाब से यह जानने कि कोशिश करें कि आपकी लंबाई और उम्र के हिसाब से आपका वजन क‌ितना होना चाहिए।
बीएमआई आप इंटरनेट पर भी जोड़ सकते हैं या फिर खुद ही इसका हिसाब लगाएं। इसका फार्मूला है-
बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में))
आमतौर पर 18.5 से 24.9 तक बीएमआई आदर्श स्थिति है इसलिए वजन बढ़ाने के क्रम में ध्यान रखें कि आप इसके बीच में ही रहें।

डाइट पर दें ध्यान

वजन बढ़ाने का मतलब यह नहीं कि आप जमकर फास्ट फूड या पैटी डाइट पर टूट पड़ें। यहां समझदारी से काम लेना जरूरी है।
थोड़ी-थोड़ी देर पर डाइट लें और अपने भोजन की मात्रा थोड़ी बढ़ाएं। डाइट में कार्बोहाइड्रेट और हेल्दी फैट्स की मात्रा बढ़ाएं। अध‌िक कैलोरी वाली डाइट जैसे रोटियां, रेड मीट, राजमा, सब्जियां, मछली, चिकन, ऑलिव्स और केले जैसे फल आदि की मात्रा बढ़ाएं।
दिन में कम से कम पांच बार थोड़ी-थोड़ी डाइट लें।

कसरत न छोड़ें

वजन बढ़ाने का मतलब यह नहीं कि आप आलस की चादर ओढ़ लें। शरीर को फिट रखने के लिए हर हाल में कसरत जरूरी है।
प्रतिदिन आधा घंटा भी अगर आप कसरत को देंगे तो आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म अच्छा होगा, भूख अच्छी तरह लगेगी और आप फिट रहेंगे।
कसरत और हेल्दी डाइट का कांबिनेशन वजन घटाने और बढ़ाने, दोनों के लिए जरूरी है। वेट लिफ्टिंग कसरतें इस मामले में मददगार हैं|

तनाव न लें

वजन सेहतमंद तरीके से बढ़ाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसका स्ट्रेस लेने से कोई फायदा नहीं है। कसरत और अच्छी डाइट के साथ-साथ रुटीन में आराम का थोड़ा समय निकालें।
सोने और उठने का समय निर्धारित करें जिससे शरीर तेजी से रिकवर होगा। योग और प्राणायाम के जरिए आप तनाव मुक्त होकर अपने शेड्यूल पर कायम रह सकते हैं।
      नाश्ते में बादाम,दूध,मक्खन घी  का पर्याप्त मात्रा में उपयोग करने से आप तंदुरस्त रहेंगे और वजन भी बढेगा।
   भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढाएं। दालों में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। अडा,मछली,मीट भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।बादाम,काजू का नियमित सेवन करें।
     बीमारी की अवस्था में,बीमारी के बाद,यात्रा से  या मेहनत  से थके होने पर,,सुबह और शाम के वक्त और उपवास  की अवस्था में अपने पार्टनर से शारीरिक संबंध बनाना हानिकारक है।
   अधिक केलोरी वाला भोजन लेते रहें।
   च्यवनप्राश वजन बढाने की और स्वस्थ रहने की मशहूर आयुर्वेदिक औषधि है। सुबह -शाम दूध के साथ सेवन करते रहें।
    आयुर्वेद में अश्वगंधा और सतावरी  के उपयोग से वजन बढाने का उल्लेख मिलता है।३-३  ग्राम  दोनों रोज सुबह लं का चूर्ण दूध के साथ प्रयोग करें। वसंतकुसुमाकर रस भी काफ़ी असरदार  दवा है।
   रोज सुबह ३-४ किलोमीटर  घूमने का नियम बनाएं। ताजा हवा भी मिलेगी और आपका मेटाबोलिस्म  भी ठीक रह्र्गा।
भोजन खूब अच्छी तरह से चबा चबा कर खाना चाहिये। दांत का काम आंत पर डालना उचित नहीं है।
दोनों वक्त शोच निवृत्ति की आदत डालें।
किशमिश-
५० ग्राम किश मिश रात को पानी में भिगोदे सुबह भली प्रकार चबा चबा कर खाएं। २-३ माह के प्रयोग से वजन बढेगा।
नारियल का दूध - 
यह आहार तेलों का समृद्ध स्रोत है और भोजन के लिए अच्छा तथा स्वादिस्ट जायके के लिए जाना जाता है। नारियल के दूध में भोजन पकाने से खाने में कैलोरी बढ़ेगी। जिससे आपके वजन में वृधि होगी।
मलाई-
 मिल्क क्रीम में आवश्यकता से ज्यादा फैटी एसिड होता है। और ज्यादातर खाद्य उत्पादों की तुलना में अधिक कैलोरी की मात्रा होती है। मिल्क क्रीम को पास्ता और सलाद के साथ खाने से वजन तेजी से बढ़ेगा।

सांस फूलने(दमा) के लिए प्रभावी घरेलू उपचार

अखरोट -
 अखरोट में आवश्यक मोनोअनसेचुरेटेड फैट होता है जो स्वस्थ कैलोरी को उच्च मात्रा में प्रदान करता है। रोज़ 20 ग्राम अखरोट खाने से वजन तेजी से प्राप्त होगा।
केला- 
तुरंत वजन बढाना हो तो केला खाइये। रोज़ दो या दो से अधिक केले खाने से आपका पाचन तंत्र भी अच्छा रहेगा।
ब्राउन राइस -
 ब्राउन राइस कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की एक स्वस्थ खुराक का स्रोत है। भूरे रंग के चावल कार्बोहाइड्रेट का भंडार है इसलिए नियमित रूप से इसे खाने से वजन तेजी से हासिल होगा।
आलू- 
आलू कार्बोहाइड्रेट और काम्प्लेक्स शुगर का अच्छा स्त्रोत है। ये ज्यादा खाने से शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है।

संगृहणी(बार बार दस्त आना) के आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक उपचार 

बीन्स : 
जो लोग शाकाहारी है और नॉनवेज नहीं खाते उनके लिए बीन्स से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। बीन्स के एक कटोरी में 300 कैलोरी होती है। यह सिर्फ वजन बढ़ने में ही मदत नहीं करता बल्कि पौष्टिक भी होता है।
मक्खन : 
मक्खन में सबसे ज्यादा कैलोरी पाई जाती है। मक्खन खाने के स्वाद को सिर्फ बढ़ाता ही नहीं बल्कि वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।
*प्रोस्टेट बढ़ने से मूत्र रुकावट की अचूक  औषधि*
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गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज