जौ (बारले) के औषधीय गुण और लाभ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
जौ (बारले) के औषधीय गुण और लाभ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

जौ (बारले) के औषधीय गुण और लाभ


जौ एक ऐसा अनाज है, जो एक साथ स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे पहुंचाता है और सेहत की समस्याओं में बचाए रखता है। यह एक स्वादिष्ट और सेहतमंद अनाज है,
जौ एक विशेष खाद्य आहार है जिसका उपयोग भारत में प्राचीन समय से किया जा रहा है। जौ के फायदे आपको कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचा सकते हैं। जौ का उपयोग विशेष रूप से जौ की रोटी के रूप में किया जाता है। हालांकि जौ के औषधीय गुणों के कारण आप इसे कई व्‍यंजनों के रूप में उपयोग कर सकते हैं। जौ खाने के फायदे उच्‍च रक्‍तचाप, गठिया, अस्‍थमा, नपुंसकता, त्‍वचा समस्‍याओं और हृदय रोगों को दूर करने के लिए कर सकते हैं। आज इस लेख में आप जौ खाने के फायदे और नुकसान संबंधी जानकारी प्राप्‍त करेगें।
बारले (जौ) क्‍या है
जौ एक प्रमुख खाद्य अनाज है जो घास परिवार (grass family) से संबंधित है। जौ का वैज्ञानिक नाम होर्डियम बल्‍गारे (Hordium vulgar) है जो कि समशीतोष्‍ण जलवायु में अच्‍छी तरह से विकास करता है। जौ का उपयोग विशेष रूप से जानवरों के चारे के रूप में किया जाता था। लेकिन अपने औषधीय गुणों और स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के कारण इसे खाद्य आहार के रूप में इस्‍तेमाल किया जाने लगा। हालांकि जौ का उपयोग बीयर और कुछ आसुत पेय पदार्थों के लिए भी किया जाता है।
जौ के प्रकार
उपयोग के आधार पर जौ के कई प्रकार होते हैं जिन्‍हें आप बाजार से खरीद सकते हैं। जौ को आमतौर पर जौ के बीज या जौ के पानी के रूप में सेवन किया जाता है। हालांकि जौ के अलग-अलग प्रकार अलग-अलग उपयोग के लिए होते हैं। इसलिए यह आपको तय करना है कि जौ का कौन सा प्रकार आपके लिए अधिक उपयोगी है।
जौ की तासीर क्‍या होती है
जौ की तासीर ठंडी होती है जिसके कारण यह पेट संबंधी समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकती है। जौ की ठंडी तासीर होने के अलावा इसमें बहुत से पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थों की अच्‍छी मात्रा होती है। जिसके कारण यह हमारी बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकता है।
जौ घास (Barley Grass) – ये जौ के पौधे के युवा अंकुर होते हैं। इनकी ऊंचाई केवल कुछ ही इंच होती है जब ये उपयोग करने के लिए अच्‍छे होते हैं। जौ के इस रूप में एंटीऑक्‍सीडेंट, विटामिन, खनिज और प्रोटीन की अच्‍छी मात्रा होती है।


पर्ल जौ (Pearl Barley) – जौ का यह प्रकार बाजार में सबसे अधिक मात्रा में उपलब्‍ध होता है। इस प्रकार का जौ सफेद रंग के होते हैं, इनके दाने एक समान अकार के होते हैं जो छोटे मोती के समान दिखाई देते हैं। इस प्रकार के जौ से चोकर को साफ करके बनाया जाता है। पर्ल बारले मुख्‍य रूप से सूप और सलाद आदि में उपयोग किया जाता है।
हुल्‍ड बारले (Hulled Barley) – जौ के इस प्रकार में केवल पौधे आधारित भूसी को साफ किया जाता है। जबकि जौ के ऊपरी आवरण को साफ कर पूरे चोकर को बरकरार रखते हुए बनाया जाता है। यह जौ की अन्‍य किस्‍मों की तुलना में अधिक फाइबर और पौष्टिकता से भरपूर होता है।
ग्रीन जौ पाउडर (Barley Green Powder) – जौ का यह प्रकार जौ की हरी घास का पाउडर होता है। जिसके कई चिकित्‍सीय लाभ होते हैं। इसे व्‍हीटग्रास पाउडर की तरह ही बनाया जाता है। इस पाउडर में विभिन्‍न विटामिन, और खनिज पदार्थों की अच्‍छी मात्रा होती है। यह पानी में आसानी से घुलनशील होता है।
जौ का आटा (Barley Flour) – यह जौ को बीजों को पीसकर तैयार किया जाता है। बहुत से लोग इसे गेहूं के आटे के विकल्‍प के रूप में उपयोग करते हैं। जौ का आटा मौती जौ की तुलना में अधिक पोषक तत्‍वों और फाइबर का अच्‍छा स्रोत होता है।
आपको बता दें कि जो महिलाएं गर्भपात जैसी समस्या का सामना कर रही है उसके लिए जौ अमृत के समान है। इसके सेवन के लिए आप जौ के आटे में घी और ड्राई फ्रुट डाल कर इसके लड्डू तैयार कर सकती है।
खाद्य की घटिया क्वालिटी और गलत खानपान की आदतों के चलते आजकल अधिकतर लोग पत्थरी की समस्या से परेशान रहते है। ऐसे लोग इस पानी में उबालकर रोजाना इसका एक गिलास पानी पिएं। इसके निरंतर सेवन से आपको पत्थरी की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
*डायबिटीज के रोगियों के लिए भी जौ काफी फायदेमंद है। दरअसल डायबिटीज के पेशेंटस को हेल्दी डाइट लेनी पड़ती है इसलिए यह उन्हें बहुत फायेदा पहुंचाती है। आपकी इसके आटे की रोटी बनाकर खा सकते है। आप इसमें चने का आटा भी मिक्स कर सकते है।
*लोगों का जंक फूड के प्रति बढ़ता रूझान आज मोटापे की बढ़ी वजह बना हुआ है। अधिकतर लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान रहते है। ऐसे लोगों के लिए भी जौ काफी लाभकारी है। इसे दूध के साथ या खीर बनाकर खाने से मोटापा कम होता है।
*मोटापा कम करने के लिए जौ का प्रयोग अत्यंत लाभदायक साबित होता है। इसे किसी भी रूप में लेना वजन कम करने में मददगार है। चाहें तो जौ के आटे की रोटी का सेवन प्रतिदिन कर सकते हैं, यह लाभकारी होगा।
* शरीर में किसी प्रकार की सूजन होने पर जौ का पानी उबालकर पीना फायदेमंद होता होगा। इसके अलावा शरीर में गर्मी बढ़ जाने पर भी जौ के पानी का सेवन ठंडक देने में सहायक है।