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शल्लकी ,लोबान के आयुर्वेदिक गुण फायदे


शालाकी (sallaki) को लोबान (Loban) भी कहते हैं। प्रायः लोबान (शालाकी) का इस्तेमाल घरों में पूजा-पाठ के दौरान धूप जलाने में किया जाता है।बहुत सारे लोग लोबान (शालाकी) के बारे में जानते भी होंगे और अनेकों बार लोबान को प्रयोग में भी लाए होंगे, लेकिन आपको यह नहीं पता होगा कि लोबान एक बहुत ही उत्तम जड़ी-बूटी भी है और लोबान के फायदे से कई रोगों को ठीक कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, जोड़ों के दर्द और सूजन की परेशानी, ल्यूकोरिया, कब्ज और बवासीर सहित कई रोगों में शालाकी के इस्तेमाल से फायदे मिलते हैं।
शल्‍लकी नाम से आप परिचित हों या ना हों पर आप लोबान को जरूर जानते होगें। शल्‍लकी को भारत और इससे लगे अन्‍य देशों में लोबान के नाम से जाना जाता है। लोबान को बोसवेलिया सेरेटा (Boswellia Serrata) से प्राप्‍त किया जाता है जो विभिन्‍न प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यओं को दूर करने में हमारी सहायता करती है। शल्‍लकी के फायदे पाचन को स्‍वस्‍थ्‍य रखने, प्रतिरक्षा को बढ़ाने, गठिया का इलाज करने, कैंसर की रोकथाम करने, त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने और तनाव को कम करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा भी शल्‍लकी के बहुत से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं।
इस जड़ी बूटी या औषधी का उपयोग करने से पहले यह पता होना चाहिए कि शल्‍लकी क्‍या है। शल्‍लकी एक प्रकार की गोंद है जिसे बोसवेलिया सेराटा (Boswellia Serrata) के पेड़ से प्राप्‍त किया जाता है। इस औषधी को लोबान का तेल (Frankincense oil) के नाम से भी जाना जाता है जो बुसेरेसिया पौधों के परिवार से संबंधित है। यह इन पेड़ों के तनों से राल के रूप में प्राप्‍त अर्क होता है। इस प्रकार से प्राप्‍त होने वाली लोबान में ऐसे घटक मौजूद होते हैं जो हमारे स्‍वस्‍थ्‍य के लिए बेहद प्रभावी होते हैं।
फायदे  गठिया के लिए
आयुर्वेदिक गुणों के कारण प्राचीन समय से ही शल्‍लकी का उपयोग शारीरिक समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार शल्‍लकी के फायदे गठिया के दर्द और सूजन को दूर करने में मदद करते हैं। शल्‍लकी का उपयोग कर बनाई गई दवाओं का नियमित सेवन गठिया के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। क्‍योंकि शल्‍लकी में ऐसे गुण होते हैं साइटोकिन्‍स सहित अन्‍य हानिकाराक एंजाइमों के विकास को रोकने में सहायक होते हैं। ये एंजाइम गठिया में जोड़ों के दर्द और सूजन का कारण बन सकते हैं। इस तरह से शल्‍लकी या इससे बने उत्‍पादों का सेवन करने से लोगों के जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार कर सकता है।
आँखों के रोग में शालाकी के फायदे
शालाकी (लोबान) के रस में चीनी एवं शहद मिलाकर काजल की तरह आँखों में लगाएं। इससे आँख आने की परेशानी में लाभ होता है।
फायदे त्‍वचा के लिए
औषधीय गुणों से भरपूर शल्‍लकी के फायदे केवल स्‍वास्‍थ्‍य के लिए ही नहीं होते हैं। बल्कि लोबान के फायदे त्‍वचा के लिए भी होते हैं। शल्‍लकी में त्‍वचा की रक्षा करने वाले कुछ एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं। जो बाहरी संक्रमण और बैक्‍टीरिया से त्‍वचा कोशिकाओं की रक्षा करने में प्रभावी होते हैं। त्‍वचा की सूजन और जलन आदि समस्‍याओं के उपचार के लिए आयुर्वेद में शल्‍लकी बहुत ही लोकप्रिय औषधी है। इसके अलावा और सौंदर्य विकास के लिए भी शल्‍ल्‍की का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह त्‍वचा की टोन को सुधारने, झुर्रियों को कम करने, चेहरे के दाग धब्‍बों को ठीक करने आदि में भी प्रभावी होती है।
तनाव कम करे
बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण हमारा तनाव हो सकता है। क्‍या आप तनाव प्रबंधन के लिए शल्‍लकी के फायदे जानते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की शल्‍लकी के लाभ तनाव को कम करने में हमारी मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद में शल्‍लकी का उपयोग शुगंधित औषधी के रूप में किया जाता है। यह तनाव को कम करने और चिंता के स्‍तर को कम करने में सहायक होती है। इसकी खुशबू में ऐसे घटक होते हैं जो मस्तिष्‍क में जाकर तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन को नियंत्रत करते हैं। साथ ही यह नींद की गुणवत्‍ता को भी सुधारने में सहायक होते हैं। इस तरह से आप भी शल्‍लकी की खुशबू का उपयोग कर अपने तनाव को कम करने का प्रयास कर सकते हैं।
पाचन के लिए
बोसवेलिया सेराटा हमारी पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। शल्‍लकी में मौजूद औषधीय गुण सीधे ही आंतों की सूजन कम करने में प्रभावी होते हैं। आंतों की सूजन पाचन सहित पेट संबंधी बहुत सी समस्‍याओं का प्रमुख कारण हो सकता है। शल्‍लकी का इस्‍तेमाल पाचन के लिए और पेट संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए लाभकारी होता है। इसके अलावा नियमित रूप से सेवन करने पर शल्‍लकी गैस्ट्रिक अल्‍सर, कब्‍ज, अपचन, पेट की ऐंठन, दस्‍त और सूजन आदि के लक्षणों को कम करने में सहायक होता है। आप भी शल्‍लकी के फायदे प्राप्‍त करने के लिए पूरक के रूप में बोसवेलिया का उपभोग कर सकते हैं।
सिरदर्द के लिए
हम मे से अधिकांश लोग सिर दर्द की समस्‍या से परेशान रहते हैं। लेकिन इस समस्‍या से छुटकारा पाने के लिए शल्‍लकी का उपयोग किया जा सकता है। लोबान में ऐसे गुण होते हैं जो मस्तिष्‍क कोशिकाओं की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। आयुर्वेद में हुए एक अध्‍ययन में पाया गया कि यह अधिकांश रोगियों में सिर के दर्द को जल्‍दी और प्रभावी रूप से ठीक कर सकता है। बोसवेलिया सेराटा में एनाल्‍जेसिक गुण होते हैं। इसलिए यह सिर दर्द और सूजन संबंधी समस्‍याओं से बचने के लिए लोबान के तेल या इसके अर्क का सेवन लाभकारी होता है।
घावों का इलाज
प्राचीन समय में घावों का पारंपरिक इलाज करने के लिए शल्‍लकी का उपयोग किया जाता था। अध्‍ययनों की माने तो शल्‍लकी में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-फ्लामेटरी गुण होते हैं। जिसके कारण घावों में शल्‍लकी का उपयोग करने से यह उपचार प्रक्रिया को गति देता है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ घावों के संक्रमण को फैलने से भी रोकते हैं। आप घावों का उपचार करने के लिए शल्‍लकी का सेवन भी कर सकते हैं। आप इसे पूरक आहार के साथ या पेय पदार्थों के साथ उपभोग कर सकते हैं। इस तरह से शल्‍लकी के फायदे घावों और चोट का इलाज करने में प्रभावी होते हैं।
मधुमेह का उपचार
मधुमेह एक गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है यह न केवल एक बीमारी है बल्कि यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है। मधुमेह के उपचार के लिए बहुत सी प्राकृतिक जड़ी बूटीयों का उपयोग किया जाता है जिनमें शल्‍लकी भी शामिल है। शल्‍लकी में ब्‍लड शुगर के स्‍तर को कम करने वाले गुण होते हैं। शुगर पेशेंट के लिए शल्‍लकी के अर्क का सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करे
शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की उच्‍च मात्रा हानिकारक हो सकती है जिसे नियंत्रित करना आवश्‍यक है। आप लोबान का उपयोग कर कोलेसट्रॉल को कम कर सकते हैं। शल्‍लकी के औषधीय गुण शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने और अच्‍छे कोस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ाने में सहायक होते हैं। 
दर्द कम करे
प्राचीन समय में पीड़ानाशक के रूप में शल्‍लकी का बेहद उपयोग किया जाता था। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि शल्‍लकी के गुण दर्द को कम करने में प्रभावी होते हैं। इसी कारण आज भी बहुत सी पीड़ानाशक दवाओं में शल्‍लकी का व्‍यापक उपयोग किया जा रहा है। शल्‍लकी में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। ये गुण शरीर में दर्द को उत्‍तेजित करने वाले एंजाइमों और यौगिकों के उत्‍पादन को बाधित करने में सहायक होते हैं। इस प्रकार के एंजाइम विशेष रूप से जोड़ों और मांसपेशियों को टारगेट करते हैं। इसके अलावा कम या मध्‍यम मात्रा में शल्‍लकी का सेवन करने के फायदे शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में भी प्रभावी होते हैं।
उपयोग कैसे करें
में शल्‍लकी का उपयोग अलग-अलग स्‍थानों पर अलग-अलग प्रकार से किया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि शल्‍लकी बोसवेलिया पेड़ की गोंद या राल है जिससे परिष्‍क्रत करने और सुखाने के बाद उपयोग किया जाता है। कुछ लोग इसकी सुगंध लेने के लिए इसे जलाते हैं। लेकिन बहुत सी स्वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के लिए इसका मौखिक रूप से सेवन भी किया जाता है।
ठोस रूप में सेवन करने के अलावा शल्‍लकी को तरल पेय के रूप में भी सेवन किया जा सकता है। यह शुद्ध अर्क के अलावा खाद्य पदार्थों में संयोजित भी किया जा सकता है। आप अपनी मौखिक समस्‍याओं को दूर करने के लिए मॉउथवॉस के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। दर्द या सूजन वाली जगह पर इसका लेपन भी किया जा सकता है। बहुत सी महिलाएं अपने सौंदर्य उत्‍पादों में भी शल्‍लकी का उपयोग करती हैं। धार्मिक अनुष्‍ठानों में इस जड़ी बूटी का उपयोग एक प्रकार की धूप के रूप में भी किया जाता है।
सावधानी-
अन्‍य औषधीय जड़ी बूटीयों की तरह ही शल्‍लकी के फायदे और नुकसान होते हैं। यह इसके उपयोग करने के तरीके और मात्रा पर निर्भर करता है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में शल्‍लकी का उपयोग करने के नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जाने शल्‍लकी का उपयोग करने के किस प्रकार के नुकसानों की संभावना होती है।
बहुत से लोग शल्‍लकी के प्रति संवेदनशील होते हैं जिसके कारण उन्‍हें गैस्‍ट्रोइंटेस्‍टाइनल समस्‍याएं, त्‍वचा की समस्‍याएं आदि हो सकते हैं।
अधिक मात्रा में शल्‍लकी का उपयोग करने पर त्‍वचा में चकते, खुजली और दाने आ सकते हैं।
बोसवेलिया सेराटा का अधिक मात्रा में सेवन करने पर पेट की आंतों में सूजन और ऐंठन के साथ ही दस्‍त और मतली आदि की समस्‍या हो सकती है।
यदि अधिक सांध्रता में शल्‍लकी का उपयोग त्‍वचा के ऊपर किया जाता है तो यह त्‍वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि शल्‍लकी सौंदर्य उत्पादों की तैयारी में एक सामान्‍य घटक है। लेकिन इसका उपयोग करने से कुछ लोगों को एलर्जी के रूप में त्‍वचा की सूजन या खुजली हो सकती है। हालांकि इसकी संभावना बहुत ही कम होती है।
अधिक मात्रा में उपभोग करने पर शल्‍लकी यकृत के कार्य और स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित कर सकता है।