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हींग के गुण और उपचार,




हींग पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा से ही कारगर साबित हुआ है. जानिए, एक चुटकी हींग से किन-किन समस्याओं से आसानी से निजात पाई जा सकती है.
थोडी सी हींग पीसकर पानी में घोल लें और शीशी में भर लें। इसे सूंघने से सर्दी-जुकाम, सिर का भारीपन व दर्द में आराम मिलत है। पीठ, गले और सीने पर पानी का लेप करने से खांसी, कफ, निमोनिया और श्वास कष्ट में आराम मिलता है। हींग सूंघने से जुकाम से बंद हुई नाक खुल जाती है।
पेट की समस्याओं को करता है दूर- पेट की होने वाली कई तरह की दिक्कतों को हींग के सेवन से ठीक किया जा सकता है. हींग में मौजूद तत्वों जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स से हाजमें की दिक्कत, अपसेट स्टमक, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, फूड प्वॉइजनिंग और पेट में कीडें जैसी समस्याओं को भी ठीक किया जा सकता है|

अपने फूड या करी में एक चुटकी हींग डालकर खाएं. इसके अलावा आधे गिलास पानी के साथ एक चुटकी हींग खाना खाने के बाद लेने से भी आराम मिलता है|
सांस की बीमारियों का इलाज- हींग से अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, ड्राई कफ, कोल्ड जैसी दिक्कतों को भी ठीक किया जा सकता है. चेस्ट कंजेशन को ठीक करने में भी हींग कारगर है|
यदि दाद हो गया हो तो थोडी सी हींग पानी में घिसकर प्रभावित अंग पर लगाएं, इससे दाद ठीक हो जाते हैं। त्वचा के रोगों में हींग बहुत ही प्रभावशाली होती है।
* हींग को पानी में डालकर पीस लें और इसके तैयार पेस्ट को छाती पर लगाने से कफ से निजात मिलेगी. आप चाहे तो आधी चम्मच हींग पाउडर को सूखी अदरक पाउडर में दो चम्मच शहद के साथ मिलाएं. इस मिक्चर को दिन में तीन बार ड्राई कफ, ब्रॉन्काइटिस और अस्थमा से बचने के लिए पीएं.|


*छाछ में या भोजन के साथ हींग का सेवन करने से अजीर्ण वायु, हैजा, पेट दर्द, आफरा में आराम मिलता है।
*पेट पर विशेषकर नाभि के आसपास गोलाई में इस पानी का लेप करने से पेट दर्द, पेट फूलना व पेट का भारीपन दूर हो जाता है।
*पीरियड्स में दिक्कत- हींग महिलाओं के लिए तो वरदान है. पीरियडस के दर्द से निजात पाने के लिए अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करने के लिए और पीरियडस के दौरान अधिक ब्लड आने की समस्या से बचने के लिए हींग का सेवन करे|
*एक चुटकी हींग को आधे चम्मच मेथी पाउडर और एक चुटकी नमक के साथ एक कप छाछ में मिलाएं. इस मिक्चर को रोजाना दिन में दो से तीन बार एक महीने के लिए पीएं. इससे पीरियड्स की हर समस्या दूर हो जाएगी|
*हींग के चूर्ण में थोडा सा नमक मिलाकर पानी के साथ लेने से लो ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है।
*सिरदर्द को करता है दूर- जब भी आपको कोल्ड की वजह से सिरदर्द हो, माइग्रेन हो तो हींग निश्चित तौर पर आपकी ये समस्या दूर कर सकता है. हींग में मौजूद सूजन विरोधी तत्वों से सिरदर्द आसानी से कम हो जाता है.
विधीः एक चुटकी हींग को डेढ़ कप पानी में डाले और 15 मिनट तक उबालें. इस मिश्रण को कुछ दिनों तक पीने से सिरदर्द गायब हो जाएगा.
*कांटा या कांच चुभने पर हींग का घोल उस जगह लगाने पर कुछ ही समय में आराम आ जाता है।
*दांत में दर्द- एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होने से हींग से दांत के दर्द और इंफेक्शन को भी दूर किया जा सकता है. यहां तक की मसूडों में दर्द और गम्स ब्लीडिंग को भी ठीक किया जा सकता है|
*दांत के दर्द से निजात पाने के लिए दर्द वाले हिस्से में एक बहुत छोटा टुकड़ा हींग रख दें. आप चाहे तो हींग को हल्के गुनगुने पानी में डालकर कुल्ला भी कर सकते हैं.
भुनी हुई हींग को रूई के फाहे में लपेटकर दाढ़ पर रखने से राहत मिलती है। दांत में कीडा लगने पर भी इससे आराम मिलता है।
*कान में दर्द- इंफेक्शन के कारण कान में होने वाले दर्द से भी हींग से छुटकारा पाया जा सकता है|
* नारियल तेल गर्म कर लें. हींग के कुछ छोटे टुकड़े इस तेल में डालें और गलने तक तेल गर्म करें. जब ये तेल हल्का गर्म हो तो कानों में ईयरड्रॉप्स के रूप में डालें.
पसलियों में दर्द होने पर हींग रामबाण की तरह से काम करता है। ऎसे में हींग को गरम पानी में घोलकर लेप लगाएं, सूखने पर प्रक्रिया दोहराएं। आराम मिलेगा।
नवजात में होने वाली गैस प्रॉब्लम को ठीक करना है तो हींग को हल्के गुनगुने पानी में गर्म करके बच्चे की नाभि पर लगाएं. लेकिन ध्यान रहे बच्चे को पेट दर्द गैस्ट्रिक प्रॉब्लम की वजह से हो तभी ऐसा करें|
*कैंसर- हींग एक पॉवरफुल एंटीऑक्सी‍डेंट है. ये शरीर में कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है.
*यदि नासूर हो गया है और घाव सडने लगता है तो हींग को नीम के पत्तों के साथ पीसकर घाव पर लगाने से कुछ ही दिनों में आराम आ जाता है।
*उत्तेजना की समस्या हो या नपुंसकता का इलाज करना हो पुरुषों के लिए हींग रामबाण हैं
* एक चौथाई चम्मच हींग को थोड़े से मक्खन में भून लें. ठंडा होने पर इसमें बरगद के पेड़ की छाल और थोड़ा सा शहद मिलाओ. इस मिश्रण को रोजाना 40 दिन तक सुबह लें. आपको अपनी स्थिति में सुधार दिखेगा|
*कीट दंश - अगर आपको किसी कीड़े ने काट लिया है और दर्द से निजात पाना चाहते हैं तो हींग का इस्तेमाल करें.
*हींग का पाउडर बनाकर उसमें पानी मिलाएं. इसे दर्द वाली जगह पर लगाएं. सूखने दें और बाद में हटाएंगे तो दर्द से राहत मिलेगी. इस पेस्ट को बार-बार लगाए|
*प्रसव के उपरांत हींग का सेवन करने से गर्भाशय की शुद्धि होती है और उस महिला को पेट संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है।
* जो लोग उच्च रक्तचाप के लिए दवाईयां ले रहे हैं या ब्लड क्लॉटिंग की समस्या से जूझ रहे हैं उन्हें हींग का सेवन नहीं करना चाहिए. साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी हींग नहीं लेना चाहिए|

शिमला मिर्च खाने के स्वास्थ्य लाभ






आम तौर पर सब्जी, नूडल्स और गार्निशिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली शिमला मिर्च को कई लोग सलाद के रूप में भी खाना पसंद करते हैं. शिमला मिर्च में कैलोरी न के बराबर होती है जिससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ नहीं पाता है. इसके अलावा शिमला मिर्च के और भी ढेरों फायदे हैं:शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है जो कि न सिर्फ सलाद के रूप में बल्कि सब्जी बनाकर भी बहुत चाव से खाई जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये सब्जी केवल स्वाद ही नहीं है इसके अलावा इसे खाने के कुछ स्वास्थ्य वर्धक फायदे भी हैं। आज हम आपको परिचित करवाने जा रहे हैं शिमला मिर्च खाने के कुछ ऐसे ही अनोखे गुणों से.....
शिमला मिर्च स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जियों में से एक है। इससे बनने वाली हर डिश बेहद स्वादिष्ट और लाजबाव होती है इसमें कई पोषक तत्व , विटामिन सी, फाइबर और एंटी आक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते है। इसमें मिनरल्स भी काफी मात्र मे है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से कई स्वस्थ्य लाभ होते है।
पाचन तंत्र मजबूत बनाएं इसमें पाचन से संबन्धित समस्याओं को दूर करने के कई गुण होते है। इसे खाने से पाचन क्रिया ठीक जाती है और पेट में दर्द, गैस, कब्ज आदि की समस्याएँ दूर हो जाती है। इसके सेवन से पेट में होने वाले छालों की तकलीफ भी दूर हो सकती है।
मधुमेह में राहत शिमला मिर्च के सेवन से डायबटीज में राहत मिलती है और शरीर में रक्त शर्करा का लेविल सही रहता है। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है जिससे शरीर में ज्यादा कैलोरी का संचय नहीं होता है। इसके सेवन से शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा ज्‍यादा नहीं होती

इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर

विटामिन सी से भरपूर होने की वजह से संक्रामक रोगों से लड़ने में भी मदद करता है. ये रोग-प्रतिरक्षा को भी बढ़ाने में कारगर है. इंफेक्शन, अस्थमा में भी ये फायदेमंद है. यह श्वेत रक्त कणो को इंफेक्शन से लडऩे में उत्तेजित करती है। इससे इम्युन सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही शिमला मिर्च सास संबंधित समस्याएं जैसे फेफड़े का इंफेक्शन, अस्थमा आदि से बचाव करती है।
बॉडी का मेटॉबालिज्म बढ़ाए-यह शरीर में समाए ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कम करती है, जिससे कैलोरी को बर्न करने में मदद मिलती है।अगर आप वजन घटाने को लेकर फिक्रमंद हैं तो शिमला मिर्च आपके लिए बहुत ही अधिक फायदेमंद है. इसमें बहुत ही कम मात्रा में कैलोरी होती है जो वजन घटाने में मददगार है. इससे मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया बढ़ती है. कैलोरीज बर्न करने के साथ ही ये कोलेस्ट्राल का स्तर बढ़ने नहीं देता है.
एंटीआक्सीडेंट की तरह काम करता है-शिमला मिर्च में विटामिन ए और सी होता है जो कि बहुत ही ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को हार्ट अटैक, ओस्टीयोपोरोसिस , अस्थमा और मोतियाबिंद से लडऩे में सहायता करता है|
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है- इसके अंदर बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती इसलिए यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नहीं बढ़ाती। साथ ही यह वजन को संतुलित करने मे हितकारी है |इसमें दिल को ठीक रखने वाले कई गुण होते हैं। इसके सेवन से ह्दय की धमनियां भी बंद नहीं होती है क्योंकि इसमें कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा की बहुत कम होती है।
दर्द निवारक- इसमें एक तत्व पाया जाता है, जो कि माना जाता है कि वह दर्द को त्वचा से स्पाइनल कॉर्ड तक जाने से रोक देती है। इससे दाद, नसों के दर्द के इलाज आदि में प्रयोग किया जा सकता है।शिमला मिर्च का प्रमुख तत्व केयेनिन होता है जो शरीर में दर्द के प्रभाव को घटाने का काम करता है। इसके सेवन से गठिया की समस्या से भी राहत मिलती है। पेनकिलर ट्यूब या जेल में भी यही तत्व मौजूद होता है, जिसे लगाते ही दर्द गायब हो जाता है।
अस्थमा और कैंसर में फायदेमंद-शिमला मिर्च को कई पुराने सालों से अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने के लिये प्रयोग किया जाता जा रहा है। शिमला मिर्च में पाए जाने वाले विटामिन सी, विटामिन ए और बीटा कैरोटीन भरा पड़ा होता है। इसीलिए इन बीमारियों में फायदेमंद होती है।