कालेस्ट्राल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कालेस्ट्राल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गाजर खाने के फायदे //Benefits of carrots




*मासिक धर्म के दिन हर महिला के लिए बहुत तकलीफदेह होते हैं. ज्यादातर महिलाओं को मासिक के दौरान तेज दर्द, चिड़चिड़ेपन और अनियमित स्त्राव की शिकायत रहती है.इसके साथ ही कई स्त्रियों को पीठ दर्द और पैर दर्द भी होता है|
*गाजर के जूस से मिलेगी राहत पीरियड्स के दौरान अगर आपको भी इन तकलीफों का सामना करना पड़ता है तो गाजर का जूस पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा| गाजर का जूस काफी आसानी से मिल भी जाता है| अगर जूस न पीना चाहें तो गाजर खाना भी उतना ही फायदा देगा| किसी भी रूप में गाजर का सेवन करना पीरियड्स के दौरान फायदेमंद रहता है| गाजर रक्त परिसंचरण को ठीक रखता है, दर्द में राहत देता है और चिड़चिड़ाहट को भी कम करता है|आयरन से भरपूर मासिक के दौरान खून निकलने से अनीमिया की समस्या भी हो सकती है|ऐसे में आयरन की मात्रा लेते रहना फायदेमंद रहेगा| यह एक सबसे प्रमुख कारण है जिसकी वजह से पीरियड्स में गाजर खाने की सलाह दी जाती है|
* गाज़र के मीठेपन को लेकर आपको कैलोरी की चिंता करने की भी ज़रूरत नहीं क्योंकि इसमें बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है। गाज़र के जूस में खनिज तत्व , विटामिन्स और विटामिन ए पाया जाता है, इसलिए इसे त्वचा और आंखों के लिए अच्छा माना जाता है। गाज़र का प्रयोग आप सूप बनाने, सब्जि़यों, हल्वे और सलाद के रूप में भी कर सकते हैं।


*त्वचा निखार के लिए:
 

प्रतिदिन गाजर का सलाद खाने से या गाज़र का जूस पीने से चेहरे पर चमक आती है।
* गाजर रक्त की विषाक्तता कम करता है और इसके सेवन से कील-मुहासों से भी छुटकारा मिलता है।


*नजर तेज करने के लिए-:

गाजर में विटामिन ए प्रचूर मात्रा में होता है इसलिए इसके सेवन से आंखों की रोशनी ठीक होती है। आंखों से संबंधी सामान्य समस्याओं का कारण है विटामिन ए की कमी।
*पुरुषों को भी अपने खून की सफाई करनी जरुरी है। गाजर का जूस पीने से खून की सफाइ होती है।

* हृदय रोगी भी खा सकते हैं गाजर: 

गाजर में कैरोटीनायड होता है, जो हृदय रोगियों के लिए अच्छा होता है। यह माना जाता है कि गाजर का प्रतिदिन सेवन कालेस्ट्राल के स्तर को कम करता है।

* डायबीटीज़ के मरीजों के लिए- 

गाज़र के प्रतिदिन सेवन से रक्त में शर्करा का स्तर ठीक रहता है।
*गाजऱ में बीटा कैरोटीन होती है और यह प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए अच्छा होता है।

*बीटा कैरोटीन से भरपूर- 

मासिक के दौरान बीटा कैरोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना फायदेमंद रहता है| ये हैवी ब्लड फ्लो को नियंत्रित करने का काम करता है. दर्द से आराम दिलाने में गाजर न केवल रक्त बहाव को नियंत्रित करने का काम करता है बल्क‍ि इस दौरान होने वाले दर्द में भी राहत दिलाता है| साथ ही मूड को भी ठीक रखता है.

*कैंसर से बचने के लिए: 

गाज़र खाने से, पेट और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम होता है।

*कैसे करें सेवन -

आप चाहें तो गाजर को चबा-चबाकर खा सकती हैं लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा है और आप कुछ भी करने की हालत में नहीं हैं तो इसका जूस फायदेमंद रहेगा. दिन में एक या दो गिलास गाजर का जूस













आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, अपनी आंखों की रोशनी बनाए रखना चाहते हैं या फिर अपनी त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ बालों को भी चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो गाजर का सेवन करें। गाजर क्यों आपके दैनिक आहार में शामिल होनी चाहिए, बता रही हैं राजलक्ष्मी त्रिपाठी
खाने में स्वादिष्ट और कम कैलरी वाली गाजर में पौष्टिक तत्वों की बहुतायत होती है, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में मददगार साबित होते हैं। इसमें बीटा कैरोटिन, विटामिन ए, विटामिन सी, खनिज लवण, विटामिन बी 1 के साथ-साथ एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है। अगर आप गाजर को नियमित तौर पर अपने आहार का हिस्सा बनाते हैं तो आप खुद को बहुत सारी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाये रख सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल आप कच्चा या फिर पकाकर किसी भी तरह से कर सकते हैं। गाजर का इस्तेमाल केवल भोजन में ही नहीं होता, बल्कि इसका इस्तेमाल बहुत सारी दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है।
* हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपने एक शोध में बताया कि जो लोग सप्ताह में पांच या उससे अधिक गाजर खाते हैं, उन्हें उन लोगों के मुकाबले हार्ट अटैक का खतरा काफी कम रहता है, जो महीने में एक बार गाजर खाते हैं या कभी गाजर का सेवन करते ही नहीं है। गाजर का नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी नियंत्रित रहता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शरीर में मौजूद पित्त के प्रभाव को कम करते हैं।
* विटामिन ए शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है। गाजर में मौजूद फाइबर कोलोन की सफाई करके कोलोन कैंसर की आशंका को काफी हद तक कम करते हैं।
*गाजर के इस्तेमाल से दांतों की सेहत भी दुरुस्त रहती है। यह दांतों की सफाई करने के साथ साथ सांसों को स्वच्छ रखता है और मसूड़ों को मजबूत करता है।
* अगर त्वचा कहीं जल गई हैतो प्रभावित हिस्से पर बार-बार गाजर का रस लगाने से अराम मिलता है। खुजली की समस्या से परेशान हैं तो गाजर को कद्दूकस करके उसमें नमक मिलाकर खाने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।
* यह त्वचा की सेहत को दुरुस्त रखने में भी मददगार साबित होता है। इसमें विटामिन सी और एंटी ऑक्सिडेंट की बहुतायत होती है, जिसकी वजह से इसका इस्तेमाल करने से त्वचा को सूर्य की तेज रोशनी से होने वाले किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सकता है। विटामिन ए की कमी की वजह से त्वचा, नाखून और बाल रूखे होने लगते हैं। अगर आप नियमित तौर पर गाजर को अपने आहार में शामिल करते हैं तो साफ सुथरी निखरी हुई त्वचा के मालिक बन सकते हैं। इसके इस्तेमाल से वक्त से पहले आने वाली झुर्रियों, रूखी त्वचा, एक्ने, पिगमेंटेशन, झांइयां, चितकबरी त्वचा आदि की समस्याओं को अपने से दूर रख सकते हैं।
* गाजर के जूस में काला नमक, धनिया की पत्ती, भुना हुआ जीरा, काली मिर्च और नीबू का रस मिलाकर नियमित तौर पर पीने से पाचन संबंधी गड़बड़ी से तुरंत छुटकारा मिलता है।
* गाजर का किसी भी रूप में नियमित तौर पर सेवन करने से आपकी आंखों की रोशनी दुरुस्त रहती है। इसमें बीटा कैरोटिन की बहुतायत होती है, जो खाने के बाद पेट में जाकर विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है। आंखों के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है, यह हम सब जानते हैं। विटामिन ए रेटिना के अंदर परिवर्तित होता है। इसके बैंगनी से दिखने वाले पिगमेंट में इतनी शक्ति होती है कि गाजर खाने से रतौंधी जैसे रोग की आशंका कम हो जाती है। यह आंखों के रोग मोतियाबिंद की आशंका को कम करता है।
* गाजर को अपने आहार का हिस्सा बनाने से फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। एक मात्र गाजर ही ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें फाल्केरिनोल नामक प्राकृतिक कीटनाशक पाया जाता है। विभिन्न सर्वेक्षणों में यह पाया गया है कि गाजर का सेवन करने से किसी भी कैंसर का खतरा एक तिहाई तक कम होता है।
* गाजर का सेवन करने से आप पर उम्र का असर देर से नजर आता है। यह एंटी एजिंग एजेंट की तरह कार्य करता है। इसमें भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला बीटा कैरोटिन, एंटी ऑक्सिडेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करता है, इससे कोशिकाओं की उम्र देरी से घटती है और शरीर पर झुर्रियां नहीं पड़तीं।
* गाजर में मौजूद औषधीय गुण किसी भी किस्म के संक्रमण की आशंका को कम करते हैं। आप चाहें इसका जूस पिएं या इसे उबालकर खाएं, यह फायदेमंद है।


पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार

किडनी निष्क्रियता की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि