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केले की चाय के चमत्कारी फायदे // Miracle Benefits of Banana Tea


आपने लेमन टी,तुलसी की चाय, ब्लैक टी या ग्रीन टी तो बहुत पी होगी। लेकिन क्या आपने कभी केले की चाय पी है? नहीं! तो पीजिए जनाब क्योंकि यही तो जापान के लोगों की लंबी उम्र का राज है। इसके साथ ही ये कई बीमारियों को दूर भी करती है। केले की चाय पीने से कई सारी समस्याएं दूर होती हैं। यह एक अचूक घरेलू उपाय है रोगों से बचने का।
केले की चाय को किस तरह से बनाया जाता है-

सामग्री-
*एक मध्यम या छोटे आकार का केला
*एक कप पानी
*दालचीनी चूर्ण
सबसे पहले आप एक कप पानी को गैस या चूले में उबालें इसके बाद स्वाद के हिसाब से इसमें दालचीनी पाउडर को डाल दें। और फिर केला का छिलका उतार कर उबलते हुए पानी में डाल दें। दस मिनट के बाद इसे छानकर इसे किसी कप डालकर पीजिए। बहुत ही कम समय में बन जाती है यह चाय ।
अब जानते हैं केले की चाय से मिलने वाले फायदों के बारे में-


कब्ज की समस्या में-

आप दूध की चाय की बजाए केले की चाय का सेवन करेगें तो इससे आपकी पुरानी से पुरानी कब्ज की बीमारी ठीक हो जाएगी।


तनाव या टेंशन में-


केले की चाय सीधे दिमाग पर असर करती हैं जिससे इंसान के नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है और आपका बढ़ा हुआ तनाव व टेंशन दूर होने लगता है।

पेट दर्द में-


केले की चाय में मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है जो पेट के दर्द को आसानी से ठीक कर देती है।


अनिंद्रा की समस्या-


केले की चाय आपके लिए फायदेमंद होती है। इसे पीने से नींद न आने की समस्या दूर होती है। और आपको बहुत की आरामदायक नींद आती है।अगर आपको भी अच्छी नींद नहीं आती है और सोने के दौरान आप बीच-बीच में उठ बैठते हैं तो केले वाली चाय पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद है.आमतौर पर लोग अच्छी नींद के लिए नींद की गोली ले लेते हैं लेकिन आप चाहें तो नींद की गोली की जगह केले वाली चाय ले सकते हैं. वैसे भी नींद की गोली लेने से अक्सर भारीपन, कब्ज और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है.केले में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है. इसके साथ ही ये मैग्नीशियम का भी खजाना है. ये दोनों ही तत्व नर्वस सिस्टम को रीलैक्स करने का काम करते हैं और तनाव को कम करते हैं.\अगर आपको नींद न आने की समस्या है तो केले का चाय पीएं। इससे आपको गहरी और सुहानी नींद आएगी।

केले वाली चाय बनाने में मुश्क‍िल से 10 मिनट का समय लगता है. एक छोटा केला ले लें और एक कप पानी में दालचीनी डालकर उसे उबाल लें. जब पानी उबलने लगे तो इसमें केला डाल दें. इसे 10 मिनट तक उबलने दें. इसे छानकर पी लें.



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नींबू के रस से कई रोगों का ईलाज // Lemon juice cures many diseases



नींबू पानी के फायदों को देखते हुए यह अब पश्चिमी देशों के साथ ही हमारे देश में भी काफी लोकप्रिय हो गया है | अब यह ऐसी डाईट थेरपी बन चुकी है जो बेहद सस्ती,सुरक्षित और अपनाने में आसान है| यह डाईट उन लोगों के लिए उपादेय है जो बढे वजन से परेशान हैं और नियमित कसरत नहीं कर सकते हैं|
सुबह और रात सोते वक्त पियें नीबू पानी-
सुबह उठते ही एक गिलास मामूली गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पियें| इस उपचार के गुण और स्वाद बढाने के लिए दो चम्मच शहद भी मिलाया जा सकता है| इस डाईट प्लान को अपनाते हुए दिन भर भरपूर पानी पीना होता है| आप जितना ज्यादा पानी पीते हैं शरीर के विकार उतनी ही शीघ्रता से दूर होते जाते हैं|नींबू का रस शरीर में जमें कचरे को बाहर निकालता है| गलत खान पान और दिनचर्या के कारण यह कचरा शरीर में जमा होता रहता है|

*नींबू के रस और शहद के मिश्रण से मानव शरीर के अनेकों रोगों का समाधान हो जाता है। नींबू में प्रचुर साईट्रिक एसीड पाया जाता है। यह साईट्रिक एसीड शरीर की चयापचय क्रिया (मेटाबोलिज्म) को बढाकर भोजन को पचाने में मदद करता है। मेटाबोलिज्म को सुधारकर यह शरीर की अनावश्यक चर्बी घटाता है और इस प्रकार मोटापा कम करता है। नींबू रस में शहद मिलाकर लेना बेहद उपकारी उपचार है। शहद में एन्टीआक्सीडेंट तत्व होते हैं जो हमारे इम्युन पावर को ताकतवर बनाते है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है।
*पश्चिम के चिकित्सा वैज्ञानिकों का मत है कि थौडी मात्रा में नींबू का रस नियमित लेते रहने से मूत्र पथ में पथरी का निर्माण नहीं होता है। यह पथरी से बचाव का सरल तरीका है। दर असल नींबू का रस हमारे खून में केल्सियम की मात्रा बढने से रोकता है। खून में अनावश्यक केल्सियम बढने से ही केल्सियम आक्सीलेट प्रकार की पथरी बनती है। गुर्दे के खून में मिले हुए केल्सियम को बाहर निकालने में दिक्कत मेहसूस करते हैं।फ़िर यही केल्सियम गुर्दे में जमते रहने से पथरी बन जाती है। शहद में इन्फ़ेक्शन (संक्रमण) रोकने के गुण होते हैं। शहद में केंसर से लडने की प्रवृत्ति होती है। शहद सेवन से बडी आंत का केंसर नहीं होता है।
*चाय बनाने में नींबू रस और शहद का उपयोग करने से गले की खराश दूर होती है और सर्दी-जुकाम से रक्षा होती है।

     

आमाषय के विकार:- एक गिलास गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से आमाषय के कई विकार जैसे- जी मिचलाना,छाती में जलन होना,पेट में उपस्थित रोगाणु नष्ट होते हैं। पाचन प्रणाली पर अनुकूल प्रभाव पडता है। जिन लोगों में अधिक गैस बनने की प्रवृत्ति हो उनके लिये गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीना रामबाण उपचार है। नींबू पानी के नियमित उपयोग से शरीर में एकत्र विजातीय याने जहरीले पदार्थ बाहर निकलेंगे। खून की सफ़ाई करता है।
 मेरे खयाल से नींबू कब्ज मिटाने का काम भी करता है। हिचकी की बीमारी में भी नींबू रस अच्छा प्रभाव दिखाता है। नींबू का रस लिवर के लिये भी हितकारी है। यह लिवर के टानिक के रूप में काम करता है। इसके प्रयोग से अधिक पित्त निर्माण होकर पाचन क्रिया सुधरती है। नींबू शरीर की श्लेष्मा को नियंत्रित करता है। प्रयोगों में सिद्ध हुआ है कि नींबू का रस पित्ताषय की पथरी को नष्ट करता है।
*नींबू मे कुदरती एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं । अनेक प्रकार की चर्म विकृतियों से निजात पाने के लिये नींबू का प्रयोग हितकारी है। इसमें प्रचुर विटामिन सी होता है जिससे त्वचा कांतिमान बनती हैं। खूबसूरती बढती है। *नींबू शरीर के बूढा होने की प्रक्रिया को सुस्त करता है ,चमडी की झुर्रियां मिटाता है। त्वचा के काले धब्बे समाप्त ह्ते हैं। जले हुए स्थान पर नींबू पानी लगाने से जलन का निवारण होता है।
*नींबू का ताजा रस दर्द वाले दांत-दाढ पर भली प्रकार लगाने से पीडा शांत होती है। अगर मसूढों से खून बहता हो तो मसूढों पर नींबू रस की मालिश करने से खून बहना बंद होता है। मुंह की बद्बू का निवारण होता है। पायरिया में हितकारी है।

*कई चिकित्सा शौधों में यह सिद्ध हुआ है कि गरम पानी में नींबू रस मिलाकर पीने से मोटापा घटता है। इसमें थौडा शहद भी मिला सकते हैं।
*नींबू में प्रचुर पोटाशियम होता है। इसीलिये नींबू उच्च रक्तचाप में अति उपयोगी है। जी निचलाने और चक्कर आने में भी उपयोगी है। शरीर और दिमाग के लिये शांतिकारक है।
*नींबू का श्वसन तंत्र पर हितकारी प्रभाव होता है। दमा के मरीज लाभान्वित होते हैं.

*नींबू गठिया और संधिवात में लाभदायक है। दर असल नींबू मूत्रल प्रभाव रखता है। अधिक पेशाब के साथ शरीर का यूरिक एसीड बाहर निकलेगा । यूरिक एसीड गठिया और संधिवात का प्रमुख कारक माना गया है।
गरम पानी में नींबू पीने से सर्दी -जुकाम का निवारण होता है। पसीना होकर बुखार भी उतर जाता है।
*ब्लड शूगर पर नियंत्रण-नींबू पानी से हमारे शरीर का ब्लड शूगर ३० प्रतिशत तक कम किया जा सकता है| अपने आहार में शकर का उपयोग कम ही करें|

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प्याज खाने के फायदे //Benefits of Onion









. भोजन के साथ सलाद के रूप में खाया जाने वाला कच्चा प्याज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। सैंडविच, सलाद या फिर चाट, प्याज सभी के स्वाद को दोगुना कर देता है। यदि आपको डर है कि प्याज खाने से दुर्गंध आएगी तो खाने के बाद माउथ फ्रेशनर खाइए या ब्रश कर लीजिए, लेकिन प्याज जरूर खाइए। आहार विशेषज्ञों की मानें तो यह यौन दुर्बलता को दूर करने में भी बहुत उपयोगी है। यौन शक्ति के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए प्याज एक सस्ता एवं सुलभ विकल्प है। आइए आज हम आपको बताते हैं प्याज के कुछ ऐसे ही उपयोग और गुणों के बारे में, जिन्हें अपनाकर आप कई समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं।
*भारतीय खाने की बात करें तो यहां बनने वाली कोई भी सब्जी बिना प्याज के बनाई ही नहीं जा सकती। प्याज नॉनवेज और वेज पंसद करने वाले सबके काम आता है। तो इतना खूबियां जानने के बाद ये जरुरी हो जाता है कि प्याज का प्रयोग क्यों होता है खाने में और इसे खाने के क्या फायदे हैं।
*प्याज में फैल्वोनाइड होता है रक्त से ग्लूकोज कम करता है। एक शोध बताता है कि प्याज खाने से टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह के डायबीटीज में फायदा होता है। *यदि आप सर्दी, कफ या खराश से पीड़ित हैं तो ताजे प्याज का रस पीजिए। इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पीना अधिक फायदेमंद होता है।
रोजाना प्याज खाने से इंसुलिन पैदा होता है। यदि आप डायबिटिक हैं तो इसे खाने के साथ रोज सलाद के रूप में खाएं।
हिस्टीरिया का रोगी अगर बेहोश हो जाए तो उसे प्याज कूटकर सुंघाएं। इससे रोगी तुरंत होश में आ जाता है। -
प्याज में मौजूद रेशे पेट के लिए बेहद फायदेमंद हैं। प्याज खाने से कब्ज दूर हो जाती है। यदि आपको कब्ज की शिकायत है तो कच्चा प्याज रोज खाना शुरू कर दीजिए।
नाक से खून बह रहा हो तो कच्चा प्याज काट कर सूंघ लीजिए। इसके अलावा यदि पाइल्स की समस्या हो तो सफेद प्याज खाना शुरू कर दें।
.*प्याज के रस को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों पर मालिश करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। माना जाता है कि इस नुस्खे को दो महीनों तक लगातार आजमाया जाए तो बहुत फायदा होता है। प्याज के रस और नमक का मिश्रण मसूड़ों की सूजन और दांत दर्द को कम करता है। पातालकोट के आदिवासी मधुमक्खी या ततैया के काटे जाने पर घाव पर प्याज का रस लगाते हैं। प्याज के बीजों को सिरका में पीसकर दाद-खाज और खुजली में लगाने पर शीघ्र आराम मिलता है।त्वचा पर होने वाली झुर्रियां को कम करता है प्याज। साथ ही मुंहासो पर भी असर करता है।
3 चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर लेने से मासिक धर्म की अनियमितता व उस दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है। गर्मियों में प्याज रोज खाना चाहिए। यह आपको लू लगने से बचाएगा। प्याज का रस और सरसों का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है।
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है प्याज। इसमें विटामिन सी होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है।
प्याज में सल्फर की मात्रा सबसे ज्यादा होता है तो खून में कोलेस्टॉल के स्तर को कम करता है। इसके अलावा इसमें मिलने वाला एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करता है|








आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार