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स्तंभन दोष और हार्ट अटेक मे क्या है संबंध?



इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) एक ऐसी समस्या है जिसके कारण यौन क्रिया के दौरान पुरुषों के लिंग में कड़ापन नहीं आ पाता है। पिछले 10-15 सालों में पुरुषों में ये समस्या तेजी से बढ़ी है। हाल में हुई एक रिसर्च में पाया गया है कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार पुरुषों में हार्ट अटैक की संभावना बहुत ज्यादा होती है। इस रिसर्च के अनुसार इस समस्या के कारण पुरुषों में दिल की बीमारियों की संभावना 59% और स्ट्रोक का खतरा 34% बढ़ जाता है।
ये रिसर्च 150,000 लोगों के पर की गई है और इसे जर्नल ऑफ सेक्शुअल मेडिसन में छापी गई है। रिपोर्ट के अनुसार नपुंसकता के कारण पुरुषों को 50 साल की उम्र के बाद हार्ट अटैक की संभावना कई गुना अधिक बढ़ जाती है।
नपुंसकता हो सकती है हार्ट अटैक का पूर्व संकेत
 शोधकर्ता और Massachusetts’ Brigham and Women’s Hospital के कार्डियोलॉजिस्ट Dr. Ron Blankstein ने बताया, "पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण दिखने के कई साल पहले ही उनमें नपुंसकता पैदा हो सकती है। कुछ मामलों में तो इरेक्टाइल डिसफंक्शन इस बात का संकेत हो सकता है कि व्यक्ति को कार्डियोवस्कुलर बीमारी होने वाली है।"
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों के लिंग से जुड़ी समस्या है। इस बीमारी में पुरुष का लिंग सीमित समय तक ही उत्तेजित रह पाता है। सेक्स के दौरान ज्यादा देर तक लिंग की उत्तेजना न होना ह्रदय रोग भी उत्पन्न कर सकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हमारे हृदय से है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या सीधे तौर पर हृदय की ओर इशारा करती है और जिन्हें हृदय रोग की समस्या पहले से ही है, अगर उन्हें यह रोग हो गया है तो बिना देरी किए इसका इलाज करवाना चाहिए।
क्यों जुड़े हैं दोनों रोग
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सीधा कनेक्शन हमारे ह्रदय से रक्त प्रवाह के कारण है। खून की नसों में शिथिलता आ जाने के कारण रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है जिससे ह्रदय का रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता है और लिंग में भी असामान्य रक्त प्रवाह की समस्या होती है।
इन लोगों को है अधिक खतरा
कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनसे अगर आप ग्रसित हैं और आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या है तो आपके शरीर में हृदय रोग का खतरा कई गुना अधिक हो जाएगा।
डायबिटीज की समस्या
पहले से डायबिटीज की समस्या से पीड़ित रहना ह्रदय के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। डायबिटीज की समस्या रहने पर अगर इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या उत्पन्न होती है तो आप बहुत जल्दी हार्ट अटैक की समस्या का शिकार हो सकते हैं। डायबिटीज की समस्या होने पर हमारे शरीर का रक्त प्रवाह बहुत धीमा हो जाता है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल
लो डेंसिटी प्रोटीन को ही बुरा कोलेस्ट्रोल माना जाता है और यह हमारे हृदय के लिए घातक होता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होना और शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल की उच्च मात्रा होना, जल्द ही हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। अगर हार्ट अटैक के समस्या से बचना चाहते हैं तो सबसे पहले कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करें।
उच्च रक्तचाप
 समय के साथ लंबे समय तक बने रहने वाला उच्च रक्तचाप धमनियों और नसों को नुकसान पहुंचाता है। इससे अर्थओस्कलेरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है।

धूम्रपान
संभोग के दौरान अगर लिंग ज्यादा समय तक उत्तेजित नहीं हो रह पा रहा है तो इसका एक मुख्य कारण धूम्रपान भी है। जो व्यक्ति बहुत अधिक धूम्रपान करते हैं उनका लिंग बहुत कम मिनट के लिए ही उत्तेजित रह पाता है और यह सीधा हमारे हृदय से जुड़ा हुआ है। धूम्रपान करने से हमारा फेफड़ा दूषित हो जाता है और शरीर के अंदर मौजूद ऑक्सीजन भी दूषित हो जाती है। जब यह ऑक्सीजन खून में मिलकर हृदय तक जाती है तब हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
टेस्टोस्टेरोन का स्तर
अगर पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम है तो उन्हें हार्टअटैक की समस्या हो सकती है। कई शोधों से यह पता लगाया जा चुका है कि जिन पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा सामान्य होती है उनका हृदय उन लोगों के हृदय से ज्यादा सुरक्षित रहता है जिनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा कम होती है।
अनुवांशिक कारण
अगर आपके माता या पिता में से किसी एक को कम उम्र में ही हृदय रोग की समस्या थी तो यह आपमें भी हो सकती है। मौजूदा समय में भले आपका हृदय पूरी तरह से सुरक्षित हो लेकिन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या, आने वाले समय में ह्रदय रोग की समस्या उत्पन्न कर सकती है।
50% भारतीय पुरुषों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या
आउटलुक इंडिया पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 40 साल से बड़ी उम्र के 50% से ज्यादा पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या का शिकार हैं। इस समस्या के कारण ही पुरुषों में हार्ट से जुड़ी बीमारियां (Heart Diseases), हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension), धूम्रपान और शराब पीने की लत बढ़ रही है। मेडिकल साइंस में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या का इलाज उपलब्ध है, मगर ज्यादातर भारतीय इस संबंध में डॉक्टर से या अन्य किसी से बात करने में संकोच करते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन और दिल की बीमारी में क्या है संबंध?
Dr. Ron Blankstein के अनुसार पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन और हार्ट की बीमारियों के बीच गहरा संबंध है। पुरुषों के लिंग में जो धमनी रक्त प्रवाहित (ब्लड सर्कुलेट) करती है, वो बेहद महीन और पतली होती है। इसका व्यास (Diameter) बहुत कम होता है। यही वो सबसे छोटी Blood Vessels है, जो हार्ट की बीमारियों का पहला संकेत देती है। पुरुषों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या ही इस कारण होती है कि उनके लिंग में सही से ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है।

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