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आंवला के औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ

आंवला बेशक छोटा-सा फल है, लेकिन गुणों के मामले में इसकी कोई तुलना नहीं है। लगभग हर घर में प्रयोग होने वाला यह फल कई मामलों में गुणकारी है। फिर चाहे आप इसे अचार के तौर पर खाएं या इसका जूस पिएं या फिर औषधी के तौर पर प्रयोग करें, हर लिहाज से यह फायदेमंद है। हालांकि कुछ लोग आंवला खाने के फायदे नहीं जानते, लेकिन इस कमी को हम आज पूरा कर देते हैं। आज इस लेख में हम आंवला के फायदे तो आपको बता ही रहे हैं, साथ ही आंवला के नुकसान के बारे में भी बताएंगे।
गले में खराश के लिए आंवला
बदलते मौसम के साथ बीमारियां लगी रहती है, कभी बुखार तो कभी सर्दी-खांसी और गले में खराश। अगर आप भी गले में खराश से परेशान हैं, तो आंवला एक कारगर घरेलू उपाय साबित हो सकता है। आप आंवले के रस का काढ़ा बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आंवले की तरह ही आंवला रस के फायदे भी होते हैं। आंवला में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं , जो बुखार या गले की खराश में मददगार साबित हो सकते हैं। बेशक, अभी तक इसका कोई खास प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन कई लोग आंवले को गले में खराश के वक़्त उपयोग करते हैं।
सामग्री
एक कप आंवला का रस
बारीक़ कटा हुआ अदरक
एक चम्मच शहद
जब मोटापा बढ़ता है, तो शरीर में बीमारियां भी बढ़ती है। ऐसे में ज़रूरी है कि वज़न संतुलित रहे। इसके लिए व्यायाम तो ज़रूरी है ही साथ ही सही खान-पान भी आवश्यक है। अगर आप हर रोज़ आंवला या आंवले के जूस का सेवन करेंगे, तो मोटापे की समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा मिल सकता है। आंवला पोषक तत्वों का भण्डार है और यह एंटी-ओबेसिटी भी है । इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है, जो वज़न कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसका सेवन करने से पेट काफ़ी देर तक भरा-भरा लगता है, जिस कारण ज़्यादा कुछ खाने की इच्छा नहीं होती और वज़न बढ़ने का खतरा भी कम रहता है।



दिल के लिए आंवला
आजकल की असंंतुलित जीवनशैली के कारण लोगोंं का वज़न बढ़ने लगा है, जिससे हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में अगर आंवला का सेवन करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है। वहीं, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके सेवन से एथेरोस्क्लेरोसिस और कोरोनरी आर्टरी बीमारी (atherosclerosis and coronary artery disease) जैसी दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है 
 आंवला एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है
आंवले में कई पोषक तत्व और गुण होते हैं और उन्हीं गुणों में से एक है एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण । इसके कारण पेट में किसी भी प्रकार की समस्या, सूजन या अन्य तकलीफ से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है
आंवले में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मेटाबॉलिज्म की गतिविधि को बढ़ाता है। यह मेटाबॉलिज्म ही होता है, जिसके धीमे पड़ जाने से वज़न बढ़ने लगता है। वहीं, आंवले के सेवन से मेटाबॉलिज्म की गतिविधि में बढ़ोतरी होती है और यह आपके वज़न को संतुलित रख सकता है । खासकर डायबिटीज में यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है 
जब मोटापा बढ़ता है, तो शरीर में बीमारियां भी बढ़ती है। ऐसे में ज़रूरी है कि वज़न संतुलित रहे। इसके लिए व्यायाम तो ज़रूरी है ही साथ ही सही खान-पान भी आवश्यक है। अगर आप हर रोज़ आंवला या आंवले के जूस का सेवन करेंगे, तो मोटापे की समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा मिल सकता है। आंवला पोषक तत्वों का भण्डार है और यह एंटी-ओबेसिटी भी है । इसके अलावा, यह मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है, जो वज़न कम करने में मददगार साबित हो सकता है। इसका सेवन करने से पेट काफ़ी देर तक भरा-भरा लगता है, जिस कारण ज़्यादा कुछ खाने की इच्छा नहीं होती और वज़न बढ़ने का खतरा भी कम रहता है।
आंवला एंटी-इंफ्लेमेटरी होता है
आंवले में कई पोषक तत्व और गुण होते हैं और उन्हीं गुणों में से एक है एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण । इसके कारण पेट में किसी भी प्रकार की समस्या, सूजन या अन्य तकलीफ से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है
आंवले में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मेटाबॉलिज्म की गतिविधि को बढ़ाता है। यह मेटाबॉलिज्म ही होता है, जिसके धीमे पड़ जाने से वज़न बढ़ने लगता है। वहीं, आंवले के सेवन से मेटाबॉलिज्म की गतिविधि में बढ़ोतरी होती है और यह आपके वज़न को संतुलित रख सकता है । खासकर डायबिटीज में यह ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार लाता है ।


 खून को साफ़ करता है आंवला
खून में अशुद्धियां होने के कारण कई बार इसका असर आपके शरीर और त्वचा पर दिखने लगता है जैसे – पिंपल निकलना, चेहरे पर दाग-धब्बे होना, थकान होना, कमज़ोरी होना व पेट की समस्या होना। ऐसे में ज़रूरी है कि आप सही खान-पान अपनाएं। आप खून की अशुद्धियां साफ करने के लिए रोज अपने आहार में आंवला या आंवले का रस शामिल कर सकते हैं। आंवले में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, एन्टीइंफ्लेमेटरी गुणों के अलावा और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं , जो आपके खून की अशुद्धियों को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
 लिवर के लिए आंवले का सेवन
गलत खान-पान के कारण लिवर से जुड़ी कई बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि आप हर रोज़ कुछ स्वस्थ चीज़ अपने आहार में शामिल करें और इन स्वस्थ चीज़ों में से एक है आंवला। अगर आप आंवला या आंवले के जूस का सेवन करते हैं, तो आपकी पेट, पाचन शक्ति और लिवर संबंधी समस्याएं बहुत हद तक कम हो सकती है। आंवले के सेवन से गैस, पीलिया या दस्त जैसी समस्याओं को कम किया जा सकता है 

हड्डियों को मज़बूत बनाता है आंवला
बढ़ती उम्र के साथ-साथ हमारी हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि वक़्त रहते इस पर ध्यान दिया जाए, नहीं तो आगे चलकर आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। कई बार ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी से हड्डियों से जुड़ी परेशानियां होने लगती है। ऐसे में दवाइयों के आदि बनने से पहले घरेलू उपायों को आजमाया जाए और सबसे आसान घरेलू उपाय है आंवला। आंवले में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। इसके अलावा, इसमें विटामिन-सी भी होता है (, जो आपकी हड्डियों की परेशानी को दूर कर सकता है। कोशिश करें कि हर रोज़ आंवले का रस या थोड़ा आंवला अपने आहार में शामिल करें। इससे हड्डियां मज़बूत होगी और हड्डियों की बीमारी का ख़तरा कम हो सकता है।
 आंवले से बढ़ती है आंखों की रोशनी
हम ज्यादा वक्त कंप्यूटर, टीवी व मोबाइल के आगे बिताते हैं, नतीजन हमारी नजर कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, कई बार धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण आंखों में संक्रमण, पानी आने, जलन की समस्या और अन्य कई परेशानी होने लगती है, जिसका वक़्त रहते इलाज ज़रूरी होता है। ऐसे में अगर आंवले को हर रोज़ अपने आहार में शामिल किया जाए, तो न सिर्फ आंखों की रोशनी तेज़ होगी, बल्कि आंखों में संक्रमण होने का खतरा भी कम होगा। आप आंवले के रस को शहद के साथ पी सकते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपकी आंखों की रोशनी में सुधार कर सकते हैं ।
 आंवले से पथरी की समस्या दूर होती है
गुर्दे में पथरी की परेशानी बहुत ही पीड़ादायक होती है और अगर वक़्त रहते इसका इलाज न किया जाए, तो इससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता है। पथरी की परेशानी के लिए दवाइयां तो ज़रूरी होती ही हैं, लेकिन इसी के साथ आंवले के रस का सेवन करने से भी आराम मिल सकताा है । कई बार डॉक्टर भी आंवले का जूस पीने की सलाह देते हैं।

 कैंसर से बचाव करता है आंवला




कैंसर भी आजकल सामान्य बीमारी बनती जा रही है। किसे, कब कैंसर हो जाए, कह नहीं सकते। ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपने खान-पान का खास ध्यान रखें। आप आंवले को अपने आहार में शामिल करें, इससे कैंसर का खतरा कुछ हद तक कम हो सकता है। आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर गुण मौजूद होते हैं। आप रोज़ आंवले का अंचार या ऐसे ही आंवले का सेवन कर सकते हैं । आंवला जूस के फायदे भी हैं, इसलिए आप इसका सेवन भी एक सीमित मात्रा में कर सकते हैं।
डायबिटीज में आंवले का सेवन
एक वक़्त था जब डायबिटीज एक उम्र के बाद होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आजकल के असंतुलित जीवनशैली के कारण डायबिटीज किसी को भी हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि आप वक़्त रहते इस पर ध्यान दें। अगर किसी को डायबिटीज है, तो वो आंवला का सेवन कर सकते हैं। आंवले में एंटी-डायबिटिक गुण हैं , जो डायबिटीज के खतरे को कम करते हैं। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीज़ आंवले का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम हो सकता है । यह डायबिटीज के मरीज़ों में कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम कर सकता है । हालांकि, अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन इस विषय पर वैज्ञानिक शोध जारी है।
सामग्री
दो चम्मच आंवला का जूस
चुटकीभर हल्दी
बनाने की विधि
आंवला और हल्दी को मिलाकर मिश्रण बना लें
फिर सुबह-सुबह इस मिश्रण का सेवन करें
इससे आपका ब्लड शुगर लेवल संतुलित हो सकता है।
4. बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकता है
आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं] जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से कुछ हद तक रोक सकते हैं। यह मुक्त मूलकों के प्रभाव को नियंत्रित कर, बढ़ते उम्र के प्रभाव को कम कर सकता है। अगर आंवला और हल्दी का सेवन एकसाथ किया जाए, तो बढ़ती उम्र का प्रभाव कम होता है, क्योंकि इन दोनों में ही कई औषधीय गुण होते हैं ।
5. बार-बार पेशाब लगने की गतिविधि बढ़ जाती है
सही आहार न लेने से या सही जीवनशैली न होने के कारण शरीर में विषैले पदार्थ जमने लगते हैं, जिनका बाहर निकलना ज़रूरी होता है। इसके लिए आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने की ज़रूरत होती है। आंवले में डायूरेटिक (diuretic) गुण होते हैं , इसलिए इसका सेवन करने से आपको बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत महसूस हो सकती है। इसके सेवन से आपका शरीर डिटॉक्सीफाई होता है और आपके शरीर के विषैले पदार्थ मूत्र के ज़रिए बाहर निकल जाते हैं।
पाचन शक्ति के लिए आंवला
व्यस्तता भरी ज़िंदगी के कारण लोग अपने खाने-पीने पर ध्यान नहीं देते, जिस कारण पाचन तंंत्र खराब हो जाता है। कभी-कभी तो पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी होने लगती है। ऐसे में कुछ लोग दवाइयों के आदि हो जाते हैं, जिसके साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। इन सब समस्याओं का आंवला ही एकमात्र उपचार है। आंवले में फाइबर होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन क्रिया के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। आंवले से अल्सर, गैस्ट्रिक और पाचन क्रिया से संबंधित समस्याएं काफ़ी हद तक कम हो सकती हैं
त्वचा के लिए आंवले के फायदे –
ये तो थे आंवला के स्वास्थ्य संबंधी फायदे, लेकिन क्या आपको पता है कि आंवला आपकी त्वचा पर भी निखार ला सकता है। नीचे हम त्वचा के लिए आंवला के कुछ फायदे बता ही रहे हैं और साथ ही आंवले के कुछ फेस पैक बनाने की विधि भी बता रहे हैं। इन फेस पैक को आप आसानी से घर में ही बना सकते हैं।
चमकती त्वचा के लिए आंवला
चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए ज़रूरी नहीं कि हर बार आप क्रीम का इस्तेमाल करें, आप घरेलू उपाय भी आज़मा सकते हैं। आंवला उन्हीं घरेलू उपायों में से एक है। आप त्वचा में चमक लाने के लिए हर रोज़ आंवले के जूस का सेवन कर सकते हैं। अगर आंवले या आंवले के जूस का सेवन नहीं करना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए हुए फेसपैक भी लगा सकते हैं।
चमकती त्वचा के लिए आंवले का फेसपैक
सामग्री
पपीते के कुछ टुकड़े
आंवला पाउडर
बनाने और लगाने की विधि
आंवला पाउडर और पपीते के कुछ डुकड़ों को मिलाकर एक फेसपैक तैयार कर लें।
इस फेसपैक को लगाने से पहले अपने चेहरे को अच्छे से धो लें।
फिर फेसपैक लगाकर सूखने दें।
जब फेसपैक सूख जाए, तो चेहरे को अच्छे से धो लें।
इस फेसपैक को आप हफ्ते में एक या दो बार लगा सकते हैं।


कैसे फायदेमंद है ?

आंवले में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इन पोषक तत्वों से आपकी त्वचा में चमक आ जाती है और चेहरा खिलखिलाने लगता है। इस फेसपैक के अलावा आप आंवला जूस का भी फेस पैक बना सकते थे। आपको बस आंवले के रस को थोड़ी देर लगाकर रखना है और फिर उसे पानी से धो लें। इससे आपके चेहरे पर धीरे-धीरे प्रकृतिक चमक आने लगेगी।
त्वचा की रंगत सुधारता है आंवला
गोरा  रंग पाने की चाहत लगभग हर किसी को होती है। इसके लिए लोग तरह-तरह की क्रीम और ट्रीटमेंट करवाते हैं, जिसका कभी-कभी त्वचा पर बुरा असर भी पड़ता है। ऐसे में आंवले के इस्तेमाल से प्राकृतिक तौर पर आपकी त्वचा के रंग में परिवर्तन तो आएगा ही साथ ही साथ त्वचा में चमक आ जाएगी।
त्वचा की रंगत सुधारने के लिए आंवले का फेसपैक
सामग्री
आंवला पेस्ट
शहद एक चम्मच
आधा पपीता
बनाने और लगाने की विधि
● पपीते के कुछ टुकड़ों को अच्छे से मसल लें।
● अब इसमें आधा या एक चम्मच आंवले का पेस्ट और आधा चम्मच शहद मिला लें।
● इसे अच्छे से मिलाकर पेस्ट बना लें।
● फिर इस फेस मास्क को अच्छे से अपने चेहरे पर लगा लें और थोड़ी देर सूखने दें।
● सूखने के बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।
कैसे फायदेमंद है ?
आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी त्वचा की रंगत को सुधारने में मदद कर सकता है (27)। वहीं पपीता और शहद त्वचा को हाइड्रेट करते हैं व नमी बरक़रार रखते हैं। शहद आपकी त्वचा के लिए काफ़ी फायदेमंद होता है। इस फेस पैक से आपकी त्वचा की रंगत में काफी निखार आएगा (28)। अगर आपको फेस पैक लगाना पसंद नहीं है या आपको फेस पैक लगाने का वक़्त नहीं मिल रहा है तो आप आंवला और शहद का जूस भी पी सकते हैं।


आंवले से कम होता है पिगमेंटेशन
पिगमेंटेशन के कारण चेहरे पर दाग-धब्बे व पैचेज होने लगते हैं। इसलिए, ज़रूरी है कि वक़्त रहते इस पर ध्यान दिया जाए, इसके लिए आप घरेलू इलाज अपना सकते हैं और इस परेशानी में आंवला काफ़ी गुणकारी साबित हो सकता है। नीचे हम हर तरह की त्वचा के लिए आंवले का फेस पैक बता रहे हैं, जो पिगमेंटेशन की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है।
आंवले का फेसपैक रूखी से सामान्य त्वचा के लिए
सामग्री
एक चम्मच आंवला पाउडर
एक चम्मच इमली का पेस्ट
बनाने और लगाने की विधि
एक चम्मच आंवले के पाउडर में एक चम्मच इमली का पेस्ट मिलाएं।
सामग्री की मात्रा अपने ज़रूरत अनुसार लें।
अब इस पेस्ट से अपने चेहरे पर हल्के-हल्के से मालिश करें।
फिर 10 मिनट बाद इसे पानी से धो लें।
यह स्क्रब की तरह काम करता है और आप इसे हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।
आंवले का फेसपैक रूखी त्वचा के लिए
सामग्री
एक चम्मच आंवले का पाउडर
एक एवोकाडो
बनाने और लगाने की विधि
एक चम्मच आंवले के पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें।
अब इसमें दो चम्मच एवोकाडो पल्प यानी एवोकाडो का गुदा मिलाएं
फिर इसका अच्छे से पेस्ट बना लें और इस पैक को अपने चेहरे पर लगाएं।
10 मिनट बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।
अगर आपकी त्वचा रूखी है, तो आप इस फेस पैक को हफ्ते में एक या दो बार लगा सकते हैं।
रूखी और तैलीय त्वचा के लिए फेस पैक
सामग्री
एक चम्मच आंवले का पेस्ट
एक चम्मच शहद
दो चम्मच दही
बनाने और लगाने की विधि
दही, आंवले और शहद मिलाकर एक फेस पैक तैयार कर लें।
फिर इस फेस पैक को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट के लिए सूखने दें और बाद में पानी से धो लें।
आप इस फेस पैक को हफ्ते में एक बार लगा सकते हैं।
स्वास्थ्य और त्वचा के लिए आंवले के लाभ तो आप जान ही गए हैं, अब वक़्त है बालों के लिए आंवला के फायदे जानने का।
बालों के लिए आंवला के फायदे – 
ज़्यादा शैंपू करने से, प्रदूषण से और तरह-तरह के हेयर ट्रीटमेंट लेने से बाल रूखे-बेजान और जल्दी झड़ने लगते हैं। ऐसे में घरेलू उपाय काफ़ी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इन्हीं घरेलू उपायों में से एक है आंवला।
नोट : आप सामग्री की मात्रा अपने ज़रूरत अनुसार लें। इसके अलावा अगर आपकी संवेदनशील है और आपको किसी चीज़ से एलर्जी होती है, तो आंवले के इस्तेमाल के पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें। साथ ही कोई भी फेस पैक इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट यानी अपने हाथ की त्वचा पर लगाकर ज़रूर देखें और अगर आपको खुजली या जलन महसूस हो, तो तुरंत उसे धो लें।
1. बालों को बढ़ाने के लिए आंवला
सामग्री
दो चम्मच आंवला पाउडर
दो चम्मच नारियल या जैतून का तेल
बनाने और लगाने की विधि
एक पैन में तेल को गर्म करें और इसमें दो चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं।
इस तेल को तब तक गर्म करें, जब तक यह भूरे रंग का न हो जाए।
फिर इसे ठंडा होने दें और जब इसमें पाउडर घुल जाए तो तेल को एक कटोरी में निकाल दें।
तेल के हल्का गर्म यानी गुनगुना होने पर अपने स्कैल्प और बालों में हल्के-हल्के हाथों से 10 से 15 मिनट के लिए मालिश करें।
तेल जब पूरी तरीके से आपके बालों में लग जाए, तो आधे घंटे तक इसे लगा रहने दें।
इसके आधे घंटे बाद ऐसे शैम्पू से बाल धोएं, जिसमें सल्फेट न हो (ऐसे शैंपू बाज़ार में और ऑनलाइन पर उपलब्ध हैं)
आप इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो बार कर सकते हैं।


आंवले का हेयर पैक
अगर आप तेल का उपयोग नहीं करना चाहते तो आंवले का हेयर मास्क भी लगा सकते हैं।
सामग्री
दो चम्मच आंवला पाउडर
दो चम्मच शिकाकाई पाउडर
आप इसमें रीठा भी डाल सकते हैं
पानी
बनाने और लगाने की विधि
एक कटोरी में आंवला, शिकाकाई पाउडर और पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट को अपने पूरे बालों में लगाकर कुछ देर सूखने दें।
फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें।
शिकाकाई आपके बालों को शैंपू की तरह ही साफ़ करता है, इसलिए किसी अन्य तरह के शैंपू की जरूरत नहीं है।
आप हफ्ते में एक बार इसे लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है ?
अगर आपको बाल झड़ने की परेशानी है, तो यह हेयर मास्क काफी फायदेमंद हो सकता है। आंवला बालों को और स्कैल्प को नमी देता है और बालों को बढ़ने में मदद कर सकता है। वहीं शिकाकाई आपके स्कैल्प को साफ़ करता है और बालों को मुलायम बनाता है। आप आंवले का तेल भी हर रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. सफ़ेद बालों के लिए आंवले का हेयर मास्क
उम्र के साथ सफ़ेद बाल होना सामान्य है, लेकिन कई बार कुछ लोगों को कम उम्र में ही सफ़ेद बालों की परेशानी होने लगती है। ऐसे में आंवले का हेयर मास्क काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
आंवला और मेहंदी का हेयर मास्क
सामग्री
एक कप मेहंदी का पेस्ट (आप मेहंदी के पत्ते या मेहंदी पाउडर पेस्ट बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं)
तीन चम्मच आंवला पाउडर
एक चम्मच कॉफी पाउडर
पानी
ब्रश (लगाने के लिए)
ग्लव्स
बनाने और लगाने की विधि
एक प्लास्टिक के मध्यम आकार के कटोरे में सारी सामग्रियों को मिलाकर पेस्ट बना लें।
अगर पेस्ट ज़्यादा गाढ़ा लगे, तो अपने अंदाज़ से उसमें और पानी मिला लें, लेकिन ध्यान रखें कि पेस्ट ज़्यादा पतला न हो।
आप हाथों में ग्लव्स यानी दस्ताने पहन लें, ताकि पेस्ट आपके हाथों में न लगे।
फिर ब्रश से इस पेस्ट को बालों में लगाएं।
पेस्ट लगाकर इसे अच्छे से सूखने दें।
सूखने के बाद इसे शैंपू से धो लें, कोशिश करें कि आप बिना सल्फेट के शैंपू का इस्तेमाल करें।
आप इस हेयर मास्क को महीने में एक बार लगा सकते हैं।
कैसे फायदेमंद है ?
आंवले और मेहंदी से आपके बालों में प्राकृतिक तरीके से रंग चढ़ेगा। साथ ही इससे आपके बाल मुलायम और खूबसूरत होंगे।
3. जूं के लिए आंवला
अगर आपको या आपके घर में किसी के बालों में जूं है, तो आंवला फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आप रातभर आंवले को पानी में डालकर रख दें। अगले दिन इसे अच्छे से मसलकर साबुन की तरह झाग बना लें। अब इस पेस्ट को बाल धोने के लिए इस्तेमाल करें। इससे आपको जूं से छुटकारा मिल सकता है। आंवले के इस्तेमाल से बालों में नमी बरकरार रहेगी और डैंड्रफ की परेशानी भी कुछ हद तक कम होगी।
आंवला का उपयोग
आंवला के फायदे व आंवला के औषधीय गुण जानने के बाद अब यह जानना भी ज़रूरी है कि आंवले का सेवन कब और कितना करें। हालांकि, आंवले का सेवन अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग तरह से हो सकता हैं, क्योंकि यह व्यक्ति के शरीर और उनके सेवन के तरीके पर निर्भर करता है कि कौन, कैसे आंवले का सेवन करना चाहता है।
आंवले का रस या जूस – कुछ समस्याओं में आंवला जूस के फायदे होते हैं। आंवले की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह पाचन संबंधी या पेट संबंधी परेशानियों में फायदेमंद होता है। आप हर रोज़ खाने के पहले या बाद में आंवले का रस अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं। आप आंवले के छोटे टुकड़े करके पानी के साथ पीसकर जूस बना सकते हैं और इसे सुबह-शाम या कोई एक वक़्त पी सकते हैं। आंवला रस के फायदे अनेक हैं, इसलिए इसे अपने आहार में शामिल करें।
आंवले का मुरब्बा – आंवले का मुरब्बा बाजार में आसानी से मिल जाता है। आप आंवले के मुरब्बे का भी सेवन कर सकते हैं। हर रोज़ आप एक या दो आंवले के मुरब्बे के टुकड़े खा सकते हैं।
आंवले का पाउडर – अगर आंवले का जूस पसंद नहीं, तो आप आंवले का पाउडर या चूर्ण बनाकर भी उसका सेवन कर सकते हैं। आप आंवले का चूर्ण घर पर भी बना सकते हैं, आप आंवले को धूप में सुखाकर पीस लें। आंवले का चूर्ण आपको बाज़ार में भी आसानी से मिल जायेगा।
इसके अलावा आप चाहें तो आंवले के कच्चे टुकड़े या आंवले का अचार भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
आंवला के नुकसान –
हर चीज़ के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं, वैसे ही आंवले के भी अगर फायदे हैं, तो आंवला के नुकसान
भी हैं। यहां हम आंवले के कुछ नुकसान आपको बता रहे हैं।
इसके ज्यादा सेवन से एसिडिटी हो सकती है।
आंवले की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसके ज़्यादा उपयोग से सर्दी-खांसी की समस्या भी हो सकती है।
ज्यादा आंवले के सेवन से त्वचा की नमी भी कम हो सकती है, इसलिए आंवले के सेवन के बाद भरपूर मात्रा में पानी पिएं।
इसका अधिक सेवन करने से दस्त भी हो सकते हैं।
अगर आपको आंवले से एलर्जी है, तो आपको उल्टी, रैशेज, मितली व पेटदर्द की परेशानी हो सकती है।