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पेट दर्द के घरेलू देसी रामबाण उपचार






खराब और कई बार अनजाने में कच्चा खाना खाने से हमारे पेट में दर्द हो जाता है। जो लोग अक्सर बाहर का खाना खाते हैं उन्हें पेट दर्द की ज्यादा समस्या रहती है। कई बार संक्रमण के चलते भी पेट दर्द होता है। अगर आपको भी हमेशा पेट दर्द की शिकायत रहती है |

पेट दर्द एक आम समस्या है, जो बच्चों के साथ बड़ों और बूढ़ों को भी हो सकती है। लाइफस्टाइल में गलत खान-पान की वजह से पेट दर्द में अक्सर आप बिना सोचे समझें महंगी दवाएं खा लेते हैं, जो कई बार आपके शरीर को ही नुकसान पहुंचा देती हैं। पेट दर्द के लिए दवाओं का सेवन करने से अच्छा है कि, घरेलू उपाय आजमाए जाएं। पेट दर्द से तुरंत आराम पाने के लिए ऐसे कई घरेलू नुस्खे हैं, जो काफी असरदार साबित होते हैं।
हर कोई खाने-पाने के बाद समय-समय पर पेट दर्द या अपच की समस्याओं का अनुभव करता है। यह स्थिति ऐसी होती है, जिसमें न तो व्यक्ति आराम से बैठ पाता है और न ही उसका किसी काम में मन लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाचन क्रिया सही न होने की वजह से पेट दर्द होता है। कई बार साधारण सी लगने वाली पेट दर्द की समस्यागंभीर हो जाती है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि तुरंत इसका इलाज करना चाहिए। आज के हमारे इस लेख में आपको पेट दर्द से छुटकारा पाने के कुछ प्राकृतिक और प्रभावी घरेलू उपाय मिलेंगे, जो आपकी इस समस्या को चंद मिनटों में हल कर देंगे। तो चलिए, जानते हैं पेट दर्द का चुटकियों में इलाज करने वाले घरेलू नुस्खों के बारे में, लेकिन इससे पहले जानेंगे कि पेट में दर्द किन कारणों से होता है।
पेट दर्द के कारण
पेट दर्द के कई कारण होते हैं, जिन्हें अगर जान लिया जाए, तो इलाज बेहतर तरीके से किया जा सकता है। नीचे जानिए पेट दर्द के ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में।
सीने में जलन
पेट में सूजन
कब्ज
उल्टी
दस्त
मतली
यूरीन इंफेक्शन
अल्सर।
कई बार हार्निया और गुर्दे में पथरी होने के कारण भी पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।
पेट दर्द के प्रकार
पेट दर्द आपको कई तरीकों से प्रभावित कर सकता है। नीचे हम बता रहे हैं, आपको पेट दर्द के अलग-अलग प्रकारों के बारे में।
सामान्य पेट दर्द- 
आमतौर पर कुछ भी उल्टा सीधा खाने से पेट में अपच की समस्या हो जाती है, जिससे पेट दर्द होता है। वैसे तो यह सामान्य दर्द होता है, जिसके लिए किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। कुछ समय बाद यह खुद ठीक हो जाता है।
ऐंठन वाला पेट दर्द- 
कई लोगों को बार-बार गैस बनने लगती है। इससे पेट में ऐंठन होती है। यह ऐंठन रूक-रूक कर होती है, जिससे व्यक्ति पूरे समय बैचेन रहता है। इसके लिए घरेलू उपचार अपनाए जा सकते हैं।
स्थानीय पेट दर्द- इस तरह का दर्द सामान्य से ज्यादा खतरनाक होता है। यह पेट में किसी एक हिस्से में होता है। अपेंडिसाइटिस या अल्सर इस तरह के पेट दर्द का कारण हो सकते हैं। इसलिए ऐसे दर्द के लिए ट्रीटमेंट लेना बहुत जरूरी है।
पेट दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू तरीके 
पेट में दर्द होने पर आप भले ही कितनी भी दवाएं क्यों न खा लें, लेकिन ये इतनी असरदार नहीं होतीं। और उनके साइड इफेक्ट्स का खतरा ज्यादा रहता है। इसके लिए घरेलू उपचार सबसे बेस्ट है। नीचे हम आपको कुछ ऐसे ही असरदार घरेलू उपचारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप पांच मिनट में पेट दर्द से निजात पा सकते हैं। नीचे जानिए, पेट दर्द से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खों के बारे में।
दही है रामबाण इलाज
पेट दर्द में दही के सेवन को तो डॉक्टरों ने भी मान्यता दी है। डॉक्टरों का भी कहा है कि पेट दर्द के वक्त दही का सेवन करने से तुरंत आराम मिलता है। इतना ही नहीं जब पेट से संबंधित किसी बीमारी के लिए ऐलोपेथी इलाज हाथ खड़े कर देते हैं तो आयुर्वेदिक दवा के रूप में उस व्यक्ति को कुछ समय तक दही या छाछ का सेवन ही कराया जाता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया पेट दर्द को तुरंत सही कर पेट में ठंडक पहुंचाते हैं।
पेट दर्द का घरेलू इलाज हींग – 
पेट दर्द से राहत पाने के लिए हींग सबसे अच्छा घरेलू इलाज है। औषधीय गुणों के कारण यह पेट दर्द को बहुत जल्दी ठीक करती है। हींग में एंटीस्पास्मोडिक और एंटीफलटुलेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो पेट दर्द के साथ गैस और अपच (Gas and indigestion) की समस्या से भी राहत दिलाने में मददगार हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द के लिए हींग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए एक कटोरी में पानी गरम कर लें। जब पानी थोड़ा गुनगुना हो जाए, तो इसमें चुटकीभर हींग और सेंधा नमक मिला दें। पेट दर्द की स्थिति में इस हींग वाले पानी को धीरे-धीरे पीएं। इसके अलावा आप चाहें, तो थोड़े से गुनगुने पानी में हींग मिलाकर नाभि के आसपास लगा लें। पेट दर्द से जल्द आराम पाने के लिए इस प्रकिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।
पेट दर्द का देसी उपचार सौंफ
वैसे सौंफ को अक्सर माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अक्सर सौंफ का सेवन खाना पचाने के लिए भी लोग करते हैं। सौंफ में एंटीइंफ्लेमेट्री और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट दर्द के साथ गैस और सूजन की समस्या से भी राहत दिलाने में मददगार हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में सौंफ काफी फायदेमंद है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कटोरी पानी में पिसी हुई सौंफ को कम से कम दस मिनट तक उबाल लें। अब इसे ठंडा होने दें। अब इस पानी को छान लें और इसमें आधा चम्मच शहद मिलाकर पी लें। पेट दर्द बंद न हो, तो इस प्रक्रिया को एक से दो बार दोहरा सकते हैं। जल्द आराम मिलेगा।
पेट दर्द की अचूक दवा तुलसी
गैस और अपच के कारण होने वाले पेट दर्द में तुलसी सबसे असरदार दवा है। तुलसी में मौजूद यूजिनॉल नामक तत्व पेट में एसिड की मात्रा को कम करने का काम करता है। इसके अलावा तुलसी में मौजूद लिनोलेइक एसिड विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। पेट दर्द में तुलसी का इस्तेमाल आप नीचे बताए गए तरीके से कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में तुलसी का इस्तेमाल करने के लिए एक कप गर्म पानी में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं। दिन में दो से तीन बार इस उपाय को कर सकते हैं। यदि ये संभव न हो, तो पेट दर्द में तुरंत आराम के लिए आप तुलसी के पत्तों को चबाना भी अच्छा होता है।
पुदीना
पुदीने के पत्ते को चबाएं या फिर 4 से 5 पत्तियों को एक कप पानी के साथ उबाल लें। पानी को गुनगुना होने दें और फिर सेवन करें।

ऐलोवेरा जूस
गैस, कब्ज, डायरिया जैसे कारणों से होने वाले पेट दर्द में ऐलोवेरा जूस काफी राहत देता है। आधा कप ऐलोवेरा जूस आपके पेट में जलन से लेकर दर्द को दूर कर देता है।
नींबू का रस
नींबू के रस के साथ काला नमक मिलाएं और आधा कप पानी डालें। इसे पीने के कुछ ही देर में पेट दर्द में कमी आएगी।
पेट दर्द को दूर भगाए ग्रीन टी-
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पेट में गैस निर्माण और अन्य पाचन समस्याओं को कम करने के लिए अच्छे हैं। नीचे दिए गए तरीके से गैस और अपच के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में ग्रीन टी का उपयोग करने के लिए एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी की पत्तियों को उबालें। पांच मिनट के लिए इसे ठंडा करें और फिर छान कर इस पेय को पी लें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद भी मिला सकते हैं। पेट दर्द से जल्द राहत पाने के लिए दिन में दो से तीन बार इस नुस्खे को दोहराएं।
सेब का सिरका
सेब का सिरका पेट दर्द का अच्छा घरेलू इलाज माना जाता है। पेट में होने वाली गैस और सूजन को कम करने के लिए यह बहुत अच्छा नुस्खा भी साबित होता है। सेब के सिरके में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल पाचन तंत्र को मजबूतबनाकर पेट दर्द से राहत दिलाते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच से होने वाले पेट दर्द के लिए एक कटोरी में गर्म पानी कर इसमें एक कप सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं। ध्यान रखें कि, इसे धीरे-धीरे पीएं। तकलीफ ज्यादा हो, तो इस प्रक्रिया को दो बार दोहरा सकते हैं।
चावल का पानी
कई बार खाना न पच पाने की वजह से पेट में दर्द होने लगता है। ऐसे में चावल का पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। पेट दर्द में चावल के पानी का इस्तेमाल आप नीचे बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में चावल का पानी बहुत जल्दी राहत देता है। इसके लिए चार कप पानी को एक बर्तन में उबालें। अब उबले हुए पानी में एक कप चावल भिगोकर बर्तन में डाल दें। जब चावल नरम हो जाएं, तो इन्हें निकालकर छान लें और चावल के पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। अब इस पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीएं। दिन में रोजाना दो बार इसे पानी से पेट में दर्द खत्म हो जाएगा।
दालचीनी
दालचीनी में मौजूद पदार्थ गैस और सूजन की समस्या को कम करते हैं। इसके अलावा दालचीनी में ऐसे कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन को आसान बनाने और पाचन तंत्र में जलन और क्षति के जोखिम को कम करने में बहुत मदद कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
अक्सर पेट दर्द से परेशान रहने वाले लोग दालचीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए वे अपने खाने में एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं। चाहें तो, दालचीनी को एक कप उबलते पानी में मिलाएं और इस पेय को धीरे-धीरे पीएं। रोजाना दो से तीन बार ऐसा करने से अपच से राहत मिल सकती है
अजवायन
अजवायन में मौजूद एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण पेट दर्द की समस्या से छुटकारा दिलाने में बहुत मदद करते हैं। इतना ही नहीं, दस्त की समस्या से आराम पाने के लिए भी अजवायन बेहतर तरीका है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द से जल्दी निजात पाने के लिए एक कटोरी में आधा चम्मच जीरा पाउडर, आधा चम्मच अजवाइन का पाउडर, एक चौथाई चम्मच अदरक का पाउडर को अच्छी तरह मिलाकर चूर्ण बना लें और एक कप गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। इस मिश्रण का सेवन रात को सोने से पहले करें। इसके अलावा एक चम्मच अजवाइन को चुटकीभर काला नमक मिलाकर खाएं और ऊपर से पानी पी लें। बहुत लाभ मिलेगा।
पेट दर्द में लाभदायक संतरा
संतरे फाइबर और एसिड का प्राकृतिक स्त्रोत है। संतरे की अत्यधिक अमलीय प्रकृति आपके पेट के पीएच को कम करके पाचन में सहायता करती है। यह तरीका अप्रत्यक्ष रूप से पेट की सूजन को कम करने में भी मदद करता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द की शिकायत होने पर संतरा बहुत लाभकारी है। इस समस्या से जल्द से जल्द निजात पाने के लिए दो संतरों को पानी के साथ मिक्सी में चलाकर पीस लें और खाने से पहले इस पेय का सेवन करें। दिन में एक बार इस उपाय को आजमाने से पेट दर्द से बहुत जल्दी राहत मिलेगी।
लौंग
लौंग में ऐसे पदार्थ होते हैं, जो पेट में गैस को कम करने और गैस्ट्रिक स्त्राव को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह धीमी गति से पाचन को गति दे सकता है, जिससे दबाव और ऐंठन कम होती है। लौंग उल्टी और मतली को कम करने में भी मदद करती है।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में लौंग का उपयोग करना बेहद आसान है। इसके लिए एक चम्मच पिसी लौंग को एक छोटी चम्मच शहद के साथ मिलाकर खा लें। इसके अलावा आप चाहें तो, एक कप उबलते पानी में लौंग मिला लें। रोजाना इस पानी को सोने से पहले पीने से पेट दर्द में बहुत आराम मिलेगा।
अदरक
अदरक से पेट दर्द का प्राकृतिक इलाज किया जा सकता है। अदरक में मौजूद एंटी इंफ्लेमेट्री गुण दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। पेट दर्द के इलाज के लिए अदरक का इस्तेमाल नीचे बताई गई विधि के अनुसार कर सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द के लिए अदरक का घरेलू इलाज सबसे अच्छा विकल्प है। इसका इस्तेमाल करने के लिए डेढ़ कप पानी में अदरक का टुकड़ा उबाल लें। अब इसमें एक चम्मच चाय की पत्ती उबालें और दो से तीन उबाल आने तक इंतजार करें। आप चाहें तो, स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इस पेय को धीरे-धीरे पीएं। पेट दर्द में आराम न मिले, तो इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।
बेकिंग सोडा
बेकिंग सोडा एक एंटासिड के रूप में काम करता है और अपच से राहत दिलाता है। इसकी क्षारीय प्रकृति पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का मुकाबला करने में भी सक्षम है। यह गैस को ठीक कर पेट की सूजन को भी कम करता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच से होने वाला पेट दर्द कभी-कभी बहुत खतरनाक होता है। इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। इस पेय को दिन में एक से दो बार पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
हल्दी
पेट दर्द से आराम पाने के लिए सदियों से हल्दी का उपयोग किया जाता रहा है। दरअसल, हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो दर्द से लडऩे में फायदेमंद होते हैं। नीचे बताई गई विधि के अनुसार हल्दी का उपयोग पेट दर्द के लिए किया जा सकता है।
कैसे करें इस्तेमाल –
अपच के कारण होने वाले पेट दर्द से जल्द राहत पाने के लिए एक चम्मच हल्दी के साथ एक चम्मच काला नमक गुनगुने पानी के साथ लें। दर्द में बहुत आराम मिलेगा।
नारियल पानी
अक्सर ऐंठन की वजह से भी पेट दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे में नारियल पानी पीना सबसे अच्छा उपाय है। दरअसल, नारियल के पानी में पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है। ये पोषक तत्व मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने का काम करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल –
पेट दर्द में नारियल पानी सबसे अच्छा घरेलू इलाज है। पेट दर्द की समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए चार से छह घंटे में नारियल पानी पीएं। यह उपाय पेट दर्द के लक्षणों को कम कर सकता है।
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बुद्धि तेज करने के उपाय // How to improve memory power ?




अच्छी और तीव्र स्मरण शक्ति के लिए हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ, सबल और निरोग रहना होगा | जब तक हम पूरी तरह से स्वस्थ और सबल नहीं रहेंगे हमारी स्मरण शक्ति कभी भी तेज नहीं हो सकती हैं |
ध्यान रहे कि स्मरण शक्ति हमेशा ध्यान और मन की एकाग्रता पर ही निर्भर होती हैं | हम जिस तरफ जितना अधिक ध्यान केन्द्रित करेंगे उस तरफ हमारी विचार शक्ति उतनी ही अधिक तीव्र हो जायेगी | आप जिस भी कार्य पर जितना अधिक तीव्रता और ध्यान के साथ, स्थिरिता के साथ मन लगायेंगे वह चीज उतनी ही जल्दी हमारे मानस पटल पर, हमारे स्मृति पटल पर अंकित हो जायेगा |



याद शक्ति को बढ़ाने के कारगर और आसान तरीके-

1). सौंफ को मोटा कूट कर उसे छान लें और इसे एक-एक चम्मच सुबह शाम दो बार पानी या दूध के साथ फंकी लें।
2) जीरा, अदरक, और मिश्री को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर खाने से याददाशत की कमजोरी दूर होती है।
3) गुलकन्द को रोज दिन में दो से तीन बार खाने से स्मरण शक्ति को लाभ मिलता है।
4) शहद में 10 ग्राम दालचीनी को मिलाकर चाटने से दिमाग तेज होता है।
5) 6 से 7 काली मिर्च में 25 से 30 ग्राम मक्खन और शक्कर मिलाकर रोज खाने से दिमाक तेज होता है और भूलने की बीमारी दूर होती है।



गुर्दे के रोगों का आयुर्वेदिक घरेलू पदार्थों से इलाज


6) गेहूं के पौधे जवारे का रस कुछ दिनों तक रोज पीने से भूलने की बीमारी दूर होती है
7) गाय के घी से सिर पर कुछ दिनों तक मालिश करने से आपकी स्मर्ण शक्ति बढ़ती है।
8) यदि आप अखरोट खाते हैं तो भी आपकी याददाश बढ़ती है। 10 ग्राम किशमिश के साथ 20 ग्राम अखरोट खायें। इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है
9) गाजर का हलुआ खाते रहने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है।
10). सुबह खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाने से दिमागी विकार दूर होता है।
11) रात को 10 बादामों को पानी में भिगोकर सुबह उनका छिलका उतार लें और इसे 10 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर कुछ दिनों तक खाने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
12) रात को उड़द की दाल को भिगोकर सुबह पीस लें और इसे दूध और मिश्री के साथ खायें। एैसा करने से दिमाग तेज होता है|

एक गाजर लें और लगभग 50-60 ग्राम पत्ता गोभी अर्थात 10-12 पत्ते पत्ता गोभी के अच्छी तरह से काटकर एक प्लेट में रख लें और इस पर हरा धनिया काटकर डाल दें , फिर उसके ऊपर से सेंधा नमक, काली मिर्च कर चूर्ण और नीम्बू का रस डाल कर अच्छी तरह से मिला लें फिर इसे नास्ते में खाए, खूब चबाकर कर खाए और भोजन के साथ एक गिलास छाछ भी पिया करें |
ऐसा करने से आपकी स्मरणशक्ति बहुत अधिक बढ़ेगी, और इसका असर आपको बहुत ही जल्द देखने को मिलेगा |
आवश्यक सामग्री –
शंखावली (शंखपुष्पी) को अच्छी तरह से कूट-पीसकर एक शीशी में भर कर रख ले I 2 बादाम, खरबूजा, तरबूज, पतली ककड़ी, खीरा इन सभी के बीज 5-5 ग्राम लें साथ में 2 पिस्ता, 1छुहारा, 4 छोटी इलायची, 5 ग्राम सौंफ, 1 चमच्च मक्खन, 1 गिलास दूध ले |
लाभ – यह प्रयोग करने से आपके दिमाग की ताकत, तरावट और स्मरण शक्ति को बढाने के लिए बहुत ही बेजोड़ उपाय हैं | साथ ही साथ यह शरीर में शक्ति और स्फूर्ति भी पैदा करता हैं I इसे लगातार 40 दिनों तक प्रतिदिन सुबह नित्यकर्मों से निवृत होकर खाली पेट प्रयोग में लाने से आपको चमत्कारिक लाभ देखने को मिल सकते हैं |
पढ़ते समय सावधानी बरतें –
पढ़ते समय आप हमेशा ध्यान रखे कि आपकी कमर झुकी हुई नहीं होनी चाहिए या फिर आप कभी लेट कर या फिर झुक कर अगर पढने की सोच रहे हैं या फिर आप अगर ऐसा कर रहे हैं तो यह बहुत ही गलत हैं |
अगर आप रात के 9 बजे के बाद भी पढ़ रहे हैं या फिर आपको देर रात तक पढ़ना पड़ता हैं तो आप हर आधे घंटे पर आधा –आधा गिलास ठंडा पानी पीते रहे हैं इससे रात में जागने के कारण होने वाला वात प्रकोप नहीं होगा .| वैसे तो कहा जाता हैं कि रात में 11 बजे से पहले सो जाना चाहिए और सुबह जल्दी उठकर पढायी करनी चाहिए |
पढ़ते समय आलस्य लगने पर चाय या फिर सिगरेट का सेवन कभी न करें यह थोड़ी देर के आलस्य को भगाने के लिए आपको जीवन भर के लिए दिक्कत दे सकती हैं|
धार्मिक उपायों में ज्ञान, बुद्धि, विद्या, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती की उपासना न केवल मानसिक शक्ति को मजबूत बनाने वाली, बल्कि उसके बूते मिली दक्षता, निर्णय क्षमता व कला सफलता की नई-नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाली मानी गई है।
देवी पूजा के विशेष दिन शुक्रवार को माता सरस्वती की उपासना बहुत शुभ मानी गई है। बुद्धि और सफलता की कामना से हर सुबह भी एक विशेष व छोटा-सा मंत्र द्वारा माता सरस्वती का ध्यान बड़ा मंगलकारी सिद्ध होता है। प्रस्तुत है वह मंत्र और पूजा उपाय -
- सुबह स्नान के बाद सफेद वस्त्र पहन माता सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर की केसरिया या सफेद चंदन, अक्षत, केसरिया या पीले फूल माता सरस्वती को अर्पित करें।
- माता को दूध की खीर, तिल्ली या सूखे मेवों से बने पकवानों का भोग लगाएं। सुगंधित धूप व दीप जलाकर महासरस्वती के नीचे लिखे बीज मंत्र 'ऐं' युक्त इस असरदार मंत्र को आसन पर बैठकर यथाशक्ति अधिक से अधिक बार तुलसी या चंदन की माला से बुद्धि व विवेक से सफलता की कामना के साथ करें -
ॐ ऐं नम:
 पूजा व मंत्र जप के बाद आरती कर देवी को चढ़ाया प्रसाद स्वयं व परिजनों का खिलाएं।


पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार 

किडनी निष्क्रियता की हर्बल औषधि 

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तन्दुरस्त रहने के सरल उपाय


सेहत मंद रहने के सरल उपचार 


*बेसन, मैदा और व्हाइट ब्रेड की जगह सोयाबीन, सूजी और ब्राउन ब्रेड का उपयोग करें।
बाजार में मिलने वाले कृत्रिम व डिब्बाबंद पदार्थों के सेवन से बचें। इनमें उपयोग किए गए 'प्रिजरवेटिव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं ।
*यदि हरी सब्जियों और अंकुरित चीजों का प्रयोग सामान्य तरीके से करने से घर के सदस्यों उसे खाने में रुचि नहीं लेते तो इन्हीं वस्तुओं का प्रयोग अलग तरीके से किया जा सकता है। मसलन-वेजीटेबल पराठा या स्प्राउट चीला या डोसा।
*बवासीर (पाइल्स) में रक्त आता हो तो नींबू की फांक में सेंधा नमक भरकर चूसने से रक्तस्राव बंद हो जाता है।
आधे नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर चाटने से तेज खाँसी, श्वास व जुकाम में लाभ होता है।
शहद ज्ञान तंतुओं की उत्तेजना को शांत करता है। इससे हृदय की अधिक धड़कन सामान्य हो जाती है। उच्च रक्तचाप के रोगियों की रक्तवाहिनियों को यह शक्ति देता है।
*एक नींबू के रस में तीन चम्मच शकर, दो चम्मच पानी मिलाकर, घोलकर बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे बाद अच्छे से सिर धोने से रूसी दूर हो जाती है व बाल गिरना बंद हो जाते हैं।
एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम दो बार नित्य एक महीना पीने से पथरी पिघलकर निकल जाती है।
*नींबू को तवे पर रखकर सेंक लें (दो भाग करके)। उस पर सेंधा नमक डालकर चूसें। इससे पित्त की दिक्कत खत्म होती है।
*मिशिगन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में कहा गया है कि चॉकलेट का मस्तिष्क पर वैसा ही प्रभाव पड़ता है, जैसा अफीम का पड़ता है।
*दर्द निवारक दवाइयों के लंबे समय तक इस्तेमाल करने से न सिर्फ लीवर और किडनी के खराब होने का खतरा रहता है बल्कि इनसे दिल के दौरे पडऩे तथा ह्रदय संबंधित समस्याएं होने का खतरा भी हो सकता हैं1
नींद नहीं आने की समस्या मधुमेह और दिल संबंधी बीमारी की आशंका बढ़ा सकती है।
*दिन भर में में कम से कम आठ से दस ग्लास पानी पिएं। जितना पानी आप पिएंगें उतना ही आपके दांत साफ होंगें। इसके अलावा यह चाय, कॉफी, शराब, सोडा आदि के दागों को भी दांतों से मिटाने में कारगर साबित होगा।
अपने खाने में फल और सब्जी शामिल करें। सेब, खीरा, गाजर आपके दांतों को प्राकृतिक रूप से साफ करते हैं। यह आपके दांतों में फंसे खाने को भी निकालते हैं और मसूड़ों की समस्या दूर होती है। 

*खाने के बाद पनीर का टुकड़ा खाने से आपके दांत चमकदार रहते हैं।
*जूस और सोडा पीने के बाद ब्रश नहीं करना चाहिए। हो सके तो कॉफी और वाइन स्ट्रॉ से पिएं। इससे इनका सीधा संपर्क आपके दांतों से नहीं हो पाएगा और आपके दांत हमेशा चमकते रहेंगें।
*अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है।
*प्याज का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से कफ निकल जाता है तथा आंतों में जमे विजातीय द्रव्यों को दूर कर कीड़े नष्ट करता है। इसे पानी में घोलकर एनीमा लेने से लाभ होता है।
*हृदय की धमनी के लिए शहद बड़ा शक्तिवर्द्धक है। सोते वक्त शहद व नींबू का रस मिलाकर एक ग्लास पानी पीने से कमजोर हृदय में शक्ति का संचार होता है।
*सूखी खाँसी में शहद व नींबू का रस समान मात्रा में सेवन करने पर लाभ होता है।
अदरक का रस और शहद समान मात्रा में लेकर चाटने से श्वास कष्ट दूर होता है और हिचकियां बंद हो जाती हैं।
कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा।
*10 मिनट में हो सकते हैं फिट-
कुछ लोगों की यह धारणा है कि चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए हर दिन घंटों पसीना बहाना पड़ता है, लेकिन हाल ही में जर्मनी में हुए शोधों से पता चला है कि यह धारणा सही नहीं है। इस शोध के मुताबिक 10 मिनट का व्यायाम भी आपको तरोताजा बनाये रखने के लिए काफी है। हो सकता है कि 10 मिनट के व्यायाम से आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम न हो, लेकिन 10 मिनट की एक्सरसाइज आपमें जोश भर देगी और आप सारा दिन खुद को तरोताजा महसूस करेंगी। इसका असर आपके काम पर भी पड़ेगा यानी 10 मिनट की एक्सरसाइज आपके काम करने की क्षमता को बढ़ायेगी।
*हर दिन 10 मिनट का व्यायाम बीमारियों से लडऩे की शक्ति को 40 फीसदी तक बढ़ाता है।
दफ्तर की सीढिय़ां चढऩा, उतरना तथा पार्किग स्थल से दफ्तर तक पैदल चलना भी तरोताजा रखने वाला व्यायाम है।
*सुबह-सुबह 10 मिनट की जॉगिंग कई घंटों तक आपमें चुस्ती बरकरार रख सकती है। यह ध्यान रखें कि *व्यायाम को मौज मस्ती में करें यानी उसे बोझ समझकर न करें।
*बुखार, थकान, कमजोरी महसूस करने की स्थिति में व्यायाम से बचें।
*ध्यान रखें, जहां व्यायाम करें वहां शांति हो, जगह साफ-सुथरी हो, प्राकृतिक हवा हो और पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी हो।
*व्यायाम का समय बढ़ाना हो तो धीरे-धीरे बढ़ाएं, एकदम से समय बढ़ाने से थकान, कमजोरी की शिकार हो सकती हैं।
*व्यायाम के समय बातचीत न करें, व्यायाम के समय चुप रहने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।


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प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

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अदरक लाभ कारी है प्रोस्टेट और ओवेरियन केन्सर में





                                                             



              अदरक के  सामान्य गुणों  से अधिकाँश लोग परिचित   हैं |सूखी खांसी,  सर्दी ,जुकाम,भूख न लगना जैसी समस्याओं  से निजात पाने के लिए अदरक का उपयोग प्राचीन समय से होता आ रहा है| लेकिन इस जानकारी  को  आगे  बढाते  हुए  अमेरिका की मिशीगन  यूनिवर्सिटी  के  वेज्ञानिकों  द्वारा  किये गए एक शौध के परिणाम  केन्सर  चिकित्सा में  बेहद उत्साह्कारी हैं| शौध के मुताबिक़ अदरक ओवेरियन केन्सर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सफल हुई है| 



   
 पुरुषों में प्रोस्टेट केन्सर की कोशिकाएं  अदरक के प्रयोग से नष्ट हो जाती हैं| वज्ञानिकों का कहना है कि प्रोस्टेट केन्सर और ओवेरियन केन्सर से पीड़ित  लोगों के लिए  अदरक  एक जीरो साईड इफेक्ट  वाली केमो थीरेपी  है|  वैज्ञानिकों ने प्रयोग के दौरान देखा कि जैसे ही केन्सर कोशिकाओं को अदरक के चूर्ण  के संपर्क में लाया गया , केन्सर के सेल्स  नष्ट होते चले गए| वेज्ञानिक भाषा में इसे  एपोप्टीज याने  कोशिकाओं की आत्म ह्त्या कह सकते हैं| यह भी देखा गया कि अदरक की मौजूदगी  में  केन्सर के सेल्स एक दुसरे को खाने लगे|  इसे डाक्टरी भाषा में  ऑटो फिगिज  कहते हैं| 


   ओवेरियन और प्रोस्टेट केन्सर से पीड़ित रोगियों में  अदरक एक प्राकृतिक  कीमो थिराप्यूटिक एजेंट की तरह  काम करता है| ब्रिटिश जनरल आफ  न्युट्रीशन में प्रकाशित  एक शौध  के अनुसार  अदरक का  सत्व    बढे हूए प्रोस्टेट ट्युमर की साईज  ५६% तक कम  कर  देता है|  सबसे अच्छी बात यह कि  अदरक की मात्रा  ज्यादा भी हो जाए तो  इसका दुष्प्रभाव  कीमो थेरपी की तरह नहीं होता है| 

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मोटापा से मुक्ति के नुस्खे //How to overcome obesity




गलत ढंग से आहार-विहार यानी खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोटी हो जाती है और कूल्हे भारी हो जाते हैं। इसी अनुपात से
हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है। जबड़ों के नीचे गरदन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण हैं।


मोटापा के कारण--

१) शरीर की आवश्यक्ता से ज्याद केलोरी वाला भोजन खाना।
२) मेटाबोलिस्म(चयापचय)की दर कम होना।
३),थायराईड अथवा पीयूष ग्रंथि( पिचुट्री) के विकार।
४) अधिक समय बैठक का जीवन।
५) हार्मोन का असंतुलन होना।
शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने के सरल उपचार-
१) चर्बी घटाने के लिये व्यायाम बेहद आवश्यक उपाय है।एरोबिक कसरतें लाभप्रद होती हैं। आलसी जीवन शैली से मोटापा बढता है। अत: सक्रियता बहुत जरूरी है।




२) शहद मोटापा निवारण के लिये अति महत्वपूर्ण पदार्थ है। एक चम्मच शहद आधा चम्मच नींबू का रस गरम जल में मिलाकर लेते रहने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी नष्ट होती है। यह दिन में ३ बार लेना कर्तव्य है।



३) पत्ता गोभी(बंद गोभी) में चर्बी घटाने के तत्व होते हैं। इससे शरीर का मेटाबोलिस्म ताकतवर बनता है। फ़लत: ज्यादा केलोरी का दहन होता है। इस प्रक्रिया में चर्बी समाप्त होकर मोटापा निवारण में मदद मिलती है।
४) पुदीना में मोटापा विरोधी तत्व पाये जाते हैं। पुदीना रस एक चम्मच २ चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से उपकार होता है।



५) सुबह उठते ही २५० ग्राम टमाटर का रस २-३ महीने तक पीने से शरीर की वसा में कमी होती है।





६) गाजर का रस मोटापा कम करने में उपयोगी है। करीब ३०० ग्राम गाजर का रस दिन में किसी भी समय लेवें।
७) एक अध्ययन का निष्कर्ष आया है कि वाटर थिरेपी मोटापा की समस्या हल करने में कारगर सिद्ध हुई है। सुबह उठने के बाद प्रत्येक घंटे के फ़ासले पर २ गिलास पानी पीते रहें। इस प्रकार दिन भर में कम से कम २० गिलास पानी पीयें। इससे विजातीय पदार्थ शरीर से बाहर निकलेंगे और चयापचय प्रक्रिया(मेटाबोलिस्म) तेज होकर ज्यादा केलोरी का दहन होगा ,और शरीर की चर्बी कम होगी। अगर २ गिलास के बजाये ३ गिलास पानी प्रति घंटे पीयें तो और भी तेजी से मोटापा निवारण होगा।
८) कम केलोरी वाले खाद्य पदार्थों का उपयोग करें। जहां तक आप कम केलोरी वाले भोजन की आदत नहीं डालेंगे ,मोटापा निवारण दुष्कर कार्य रहेगा। अब मैं ऐसे भोजन पदार्थ निर्देशित करता हूं जिनमें नगण्य केलोरी होती है। अपने भोजन में ये पदार्थ ज्यादा शामिल करें--
नींबू
जामफ़ल (अमरुद)
अंगूर
सेवफ़ल
खरबूजा
जामुन
पपीता
आम
संतरा
पाइनेपल
टमाटर
तरबूज
बैर
स्ट्राबेरी
सब्जीयां जिनमें नहीं के बराबर केलोरी होती है--
पत्ता गोभी
फ़ूल गोभी
ब्रोकोली
प्याज
मूली
पालक
शलजम
सौंफ़
लहसुन
९) कम नमक,कम शकर उपयोग करें।
१०) अधिक वसा युक्त भोजन पदार्थ से परहेज करें। तली गली चीजें इस्तेमाल करने से चर्बी बढती है। वनस्पति घी हानिकारक है।
११) सूखे मेवे (बादाम,खारक,पिस्ता) ,अलसी के बीज,ओलिव आईल में उच्चकोटि की वसा होती है। इनका संतुलित उपयोग उपकारी है।
१२) शराब का सेवन न करें।
१३) अदरक चाकू से बरीक काट लें ,एक नींबू की चीरें काटकर दोनो पानी में ऊबालें। सुहाता गरम पीयें। बढिया उपाय है।
१४) रोज पोन किलो फ़ल और सब्जी का उपयोग करें।
१५) ज्यादा कर्बोहायड्रेट वाली वस्तुओं का परहेज करें।शकर,आलू,और चावल में अधिक कार्बोहाईड्रेट होता है। ये चर्बी बढाते हैं। सावधानी बरतें।
१६) केवल गेहूं के आटे की रोटी की बजाय गेहूं सोयाबीन,चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फ़यदेमंद है।
१७) शरीर के वजने को नियंत्रित करने में योगासन का विशेष महत्व है। कपालभाति,भस्त्रिका का नियमित अभ्यास करें।।
८) सुबह आधा घंटे तेज चाल से घूमने जाएं। वजन घटाने का सर्वोत्तम तरीका है।
१९) भोजन मे ज्यादा रेशे वाले पदार्थ शामिल करें। हरी सब्जियों ,फ़लों में अधिक रेशा होता है। फ़लों को छिलके सहित खाएं। आलू का छिलका न निकालें। छिलके में कई पोषक तत्व होते हैं।
२०) खाने का सामान ऐसी जगह न रखें, जहां आपकी नजर अक्सर पड़ती हो। अन्यथा आप चलते-फिरते खाते रहेंगे। अगर ये खाद्य पदार्थ आंखों से ओझल होंगे, तो शरीर को जरूरत महसूस होने पर ही आप खाने की सोचेंगे।
२१) सुबह-सुबह उठने के साथ ही एक गिलास दूध ( गाय का) पीना शुरू कर दें। प्रोटीन की ये खुराक आपको भारी नाश्ते की तलब से बचाएगी।
२२) पेट व कमर का आकार कम करने के लिए सुबह उठने के बाद या रात को सोने से पहले नाभि के ऊपर के उदर भाग को 'बफारे की भाप' से सेंक करना चाहिए। इसके लिये एक तपेली पानी में एक मुट्ठी अजवायन और एक चम्मच नमक डालकर उबलने रख दें। जब भाप उठने लगे, तब इस पर जाली या आटा छानने की छन्नी रख दें। दो छोटे नैपकिन या कपड़े ठंडे पानी में गीले कर निचोड़ लें और तह करके एक-एक कर जाली पर रख गरम करें और पेट पर रखकर सेंकें। प्रतिदिन 10 मिनट सेंक करना पर्याप्त है। कुछ दिनो में पेट का आकार घटने लगेगा





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