विटामिन बी काम्प्लेक्स के स्रोत और स्वास्थ्य लाभ

    स्वस्थ रहने के लिए हम हमेशा संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाने की कोशिश करते हैं, परन्तु फिर भी कई बार हमारे खानपान में कोई न कोई ऐसी कमी रह ही जाती है, जिससे सेहत संबंधी कई समस्याएं हमें परेशान करने लगती हैं। शरीर को सुचारु रूप से चलाने में विटामिन्स और माइक्रोन्यूट्रीएंट्स बहुत जरूरी होते हैं, पर विटामिन बी-12 एक ऐसा तत्व है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सही से काम करने में मदद करता है। इसकी कमी सेहत के लिए निश्चित रूप से बड़े स्तर पर नुकसानदेह साबित हो सकती है।    विटामिन बी कॉम्पलेक्स जल में घुलनशील विटामिन है। यह हमारे शरीर के लिए जरूरी विटामिन है। विटामिन बी कॉम्पलेक्स की शरीर में कमी हो जाए तो स्मरण शक्ति कमजोर हो सकती है, आप अचानक थकान महसूस कर सकते हैं, डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं।


स्वस्थ रहने के लिए हम हमेशा संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाने की कोशिश करते हैं, परन्तु फिर भी कई बार हमारे खानपान में कोई न कोई ऐसी कमी रह ही जाती है, जिससे सेहत संबंधी कई समस्याएं हमें परेशान करने लगती हैं। शरीर को सुचारु रूप से चलाने में विटामिन्स और माइक्रोन्यूट्रीएंट्स बहुत जरूरी होते हैं, पर विटामिन बी कॉम्पलेक्स एक ऐसा तत्व है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सही से काम करने में मदद करता है। इसकी कमी सेहत के लिए निश्चित रूप से बड़े स्तर पर नुकसानदेह साबित हो सकती है।

क्यों है जरूरी विटामिन बी कॉम्पलेक्स?
विटामिन बी कॉम्पलेक्स मेटॉबालिज्म बढ़ाता है। यह पोषण को ऊर्जा में बदलने के काम करता है। हमारी कोशिकाओं में पाए जाने वाले जीन डीएनए को बनाने और उनकी मरम्मत में सहायता करता है। यह ब्रेन, स्पाइनल कोर्ड और नसों के कुछ तत्वों की रचना में भी सहायक होता है। हमारी लाल रक्त कोशिशओं का निर्माण भी इसी से होता है। यह शरीर के सभी हिस्सों के लिए अलग-अलग तरह के प्रोटीन बनाने का भी काम करता है।

क्या हैं लक्षण-
विटामिन बी कॉम्पलेक्स की कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट और जलन, जीभ में सूजन, कुछ भी याद रखने में परेशानी, त्वचा का पीला पड़ना, कमजोरी महसूस होना, चलने में कठिनाई, अनावश्यक थकान, डिप्रेशन आदि समस्याएं हो सकती हैं। अगर शरीर में विटमिन बी-12 की बहुत ज्यादा कमी हो जाए तो इससे स्पाइनल कोर्ड की नसें नष्ट होने लगती हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पैरालिसिस का भी अटैक हो सकता है।
विटामिन बी कॉम्पलेक्स के स्रोत-

अक्सर यह सवाल उठता है कि हमें अपने खानपान में किन चीजों को शामिल करना चाहिए, ताकि शरीर में विटामिन बी कॉम्पलेक्स की कमी न हो। हालांकि मांसाहारी पदार्थों में विटामिन बी कॉम्पलेक्स की भरपूर मात्रा होती है, परन्तु शाकाहारी लोगों को विशेष रूप से अपने भोजन पर ध्यान देना चाहिए। विटामिन बी कॉम्पलेक्स के कुछ मुख्य स्रोत है। हमें डेरी उत्पादों का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए जैसे दूध, दही, पनीर, चीज, मक्खन, सोया मिल्क आदि। इसके अलावा जमीन के भीतर उगने वाली सब्जियों जैसे आलू, गाजर, मूली, शलजम, चुकंदर आदि में भी विटामिन बी आंशिक रूप से पाया जाता है।
विटामिन बी काम्पलेक्स के तत्व-
   विटामिन- बी कोई एक तत्व नहीं होता। यह कई रूपों में पाया जाता है। मुख्य रूप से इसकी संख्या चार है- बी-1, बी- 2, बी- 6 और बी- 16 इत्यादि। इन्हें सम्मिलित रूप से ‘बी-कम्पलेक्स’ कहा जाता है। बी-कम्पलेक्स विटामिन-सी (एस्कॉर्बिक एसिड) की भांति जल में घुलनशील है।
विटामिन- बी समूह का पहले सदस्य ‘थाइमीन’ है। अत: इसे बी-1 कहा जाता है। यह स्नायु और पाचन-प्रणाली को स्वस्थ रखता है। रोगाणुओं से संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करता है। इसकी कमी से भूख कम लगती है। कमजोरी का अनुभव होता है। ‘बेरी-बेरी’ नामक रोग हो जाता है। मानसिक असंतुलन की समस्या पैदा होती है। यह हमे जौ, बाजरा, ज्वार, मैदा, चावल, सोयाबीन, गेहूं, अंकुरित अनाज, दलिया, मटर और मूंगफली से प्राप्त होता है।
विटामिन बी- 12 को ‘राइबो-फ्लोबिन’ भी कहते हैं। यह मुंह, जीभ और नेत्रों के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से जीभ लाल हो जाती है, मुंह में छाले पड़ जाते हैं। मुंह के कोण फट जाते हैं, नासिका द्वार पर पपड़ी हो जाती है। आंखें कमजोर हो जाती हैं। दूध, खमीर, अनाज, दालें, दही और हरी पत्तेदार सब्जियां इसके प्रमुख स्रोत हैं।
     विटामिन बी- 6 को रसायन विज्ञान की भाषा में ‘पाइरीडॉक्सीन’ कहते हैं। यह त्वचा के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से बुध्दि मंद पड़ जाती है। शरीर में एेंठन आती है। यह दूध, कलेजी, खमीर, मांस और अनाज में पाया जाता है।
विटामिन- बी12 का रासायनिक नाम ‘सायनोकाबालामीन’ है। यह त्वचा, तंत्रिका, उत्तक, हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। इसकी कमी से एनीमिया रोग हो जाता है। यह मुख्यत: मांस, मछली, अंडा, दूध और पनीर से मिलता है।
बी- कम्पलेक्स में अन्य विटामिन इस प्रकार हैं- नाइकोटोनिक एसिड, बायोटीन, पैन्टोथेनिक एसिड और फालिक एसिड इत्यादि।
बी-कम्पलेक्स को दवा के रूप में भी सेवन कर सकते हैं। अधिकतर विटामिन की दवाइयों के साथ विटामिन- सी भी मिला हुआ रहता है। अनेक मशहूर ब्रांड के बी-कम्पलेक्स की दवाइयां मिलती है। जिनमें प्रमुख हैं- कोबाडेक्स फोर्ट कैप्सूल, बी- फ्लेक्स फोर्ट टेबलेट, पोली-विषयन सीरप व टेबलेट, बीको जाइमसी-फोर्ट टेबलेट, बेसीलेक इत्यादि।

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