करेले के जूस के चमत्कारिक स्वास्थ्य लाभ


करेले को इंग्लिश में बिटर गॉर्ड कहते है। यह एक चिकित्सकीय औषधि है जिसका इस्तेमाल बहुत सी दवाइयों में किया जाता है| हालांकि यह टेस्ट में कड़वा होता है और हमारी जुबान को नहीं सुहाता है| लेकिन अगर आप इसके औषधीय गुणों के बारे में जान लेंगे तो इसका सेवन जरूर करेंगे|
करेला खाएं रोग को दूर भगाएं 
करेले में विटामिन्स और एंटी ओक्सिडेन्ट्स मौजूद होते है| रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से बहुत सी स्वास्थ्य की समस्याएं दूर होती हैं| । इसमें विटामिन A,B और C पाया जाता हैं इसके अलावा करेले में कैरोटीन, पोटैशियम, बीटाकैरोटीन, आइरन, मैग्नीशियम, जिंक और मैगनीज जैसे गुणकारी तत्व भी होते हैं । हमारे शरीर को इन सभी चीजो की बराबर मात्रा में जरुरत होती हैं| करेला रक्त शोधन में भी बहुत आवश्यक हैं। इसके लिए करेले के रस का सेवन किया जाता हैं चाहे तो इसमें काली मिर्च पाउडर और नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते है

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करेला ब्लड शुगर के लेवल को कम करता है -
 अपने शुगर को नियंत्रित करने के लिए आप तीन दिन तक खाली पेट सुबह करेले का जूस ले सकते हैं| मोमर्सिडीन और चैराटिन जैसे एंटी-हाइपर ग्लेसेमिक तत्वों के कारण करेले का जूस ब्लड शुगर लेवल को मांसपेशियों में संचारित करने में मदद करता है| इसके बीजों में भी पॉलीपेप्टाइड-पी होता है जो कि इन्सुलिन को काम में लेकर मधुमेह रोड़ी  में शुगर लेवल को कम करता है
भूख बढ़ाता है-




 भूख नहीं लगने से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता है जिससे कि स्वास्थ्य से सम्बंधित परेशानियां होती हैं| इसलिए करेले के जूस को रोजाना पीने से पाचन क्रिया सही रहती है जिससे भूख बढ़ती है|
प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करे
जिन लोगो का प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर है उन्हें करेले के जूस का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए| इसमें विटामिन B1, B2, B3, जिंक, मैग्नीशियम पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्व हैं|
अग्नाशय के कैंसर के उपचार में उपयोगी -
 रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं नष्ट होती हैं| ऐसा इसलिए होता हैं क्यों कि करेले में मौजूद एंटी- कैंसर कॉम्पोनेंट्स अग्नाशय का कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देते हैं जिससे इन कोशिकाओं की शक्ति ख़त्म हो जाती हैं और ये ख़त्म हो जाती हैं|
पाचन शक्ति बढ़ाये
करेले का जूस कमजोर पाचन तंत्र को सुधारता है और अपच को भी दूर करता है| ऐसा इसलिए होता है क्यों कि यह एसिड के स्त्राव को बढ़ाता है जिससे पाचन शक्ति बढ़ती है| इसलिए अच्छी पाचन क्षमता के लिए सप्ताह में एक बार सुबह करेले का जूस जरूर पिए|
प्राकृतिक रक्त शोधक
करेले का जूस शरीर में खून को साफ़ करता है| यह जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है और फ्री रेडिकल्स से हुए नुकसान से भी बचाता है| इसलिए ब्लड को साफ़ करने और मुहासों जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए एक गिलास करेले का जूस अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर ले।
सोराइसिस के लक्षणों को दूर करता है -
एक कप करेले के जूस में एक चम्मच नींबू का जूस मिला लें इस मिश्रण का खली पेट सेवन करें| 3 से 6 महीनें तक इसका सेवन करने से त्वचा पर सोराइसिस के लक्षण दूर होते हैं| यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है और सोराइसिस को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद करता है|
यह लिवर से विषैले पदार्थों को निकालता है -



रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से लिवर मजबूत होता है क्यों कि यह पीलिया जैसी बिमारियों को दूर रखता है| साथ ही यह लिवर से जहरीले पदार्थों को निकालता है और पोषण प्रदान करता है जिसे लिवर सही काम करता है और लिवर की बीमारियां दूर रहती हैं|
हैजा के उपचार में लाभदायक
हैजा एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जो किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकती है| करेले का जूस इसमें मदद कर सकता है | इसके लिए दो चम्मच करेले के जूस को बराबर मात्रा में सफ़ेद प्याज के रस के साथ प्रतिदिन स्वस्थ हो जाने तक लिया जाना चाहिए|
यह आँखों की नजर बढ़ाता है
लगातार करेले के जूस का सेवन कर आप विभिन्न दृष्टि दोषों को दूर कर सकते हैं| करेले में बीटा- कैरोटीन और विटामिन ए की अधिकता होती है जिससे दृष्टि ठीक होती है| इसके अलावा इसमें उपस्थित विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली नजरों की कमजोरी से बचाता है|
त्वचा के रोगों में फायदेमंद
करेले के रस के सेवन से रक्त साफ होता हैं और त्वचा के रोग ठीक हो जाते है | करेले से पाचन क्रिया ठीक होती हैं इस कारण भी चेहरे पर मुंहासे जैसे रोग नहीं होते | करेला पेट साफ़ करने में भी सहायक होता हैं जिससे चर्म रोग नहीं होते| करेले की पत्तियों में भी विशेष गुण होते हैं आप चाहे तो इसका लैप भी बना के लगा सकते है।

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हाथ और पैर के सुन्न होने के आयुर्वेदिक घरेलू इलाज


अक्सर जब आप कभी एक ही अवस्था में बैठे रह जाते हैं तो आपके हाथ और पैर सुन्नं पड़ जाते हैं, जिसके कारण आपको कभी कोई भी चीज़ को छूने का एहसास मालूम नहीं पड़ता है। यही नहीं, इसके अलावा आपको प्रभावित स्थान पर दर्द, कमजोरी या ऐठन भी महसूस होती होगी। 
 इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे लगातार हाथों और पैरों पर प्रेशर, किसी ठंडी चीज को बहुत देर तक छूते रहना, तंत्रिका चोट, बहुत अधिक थकान, धूम्रपान, मधुमेह, विटामिन या मैग्नीशियम की कमी आदि। अगर यह समस्या कुछ मिनटों तक रहती है तो परेशानी की बात नहीं है, लेकिन अगर यही कई- कई घंटों तक बनी रहे तो आपको डाक्टर के पास जाने की आवश्यकता है।  हाथ -पैर का सुन्न हो जाना बड़ा ही कष्टदायक होता है क्योंकि ऐसे में फिर आपका कहीं मन नहीं लगता। पर आप चाहें तो इस समस्या को घरेलू उपचार से ठीक कर सकते हैं।
गर्म पानी का सेंक-
सबसे पहले प्रभावित जगह पर गर्म पानी की बोतल से सेंक रखें। इससे वहां की ब्लड सप्लाई बढ़ जाएगी। इससे मासपेशियां और नसें रिलेक्स होंगी। एक साफ कपड़े को गर्म पानी में 5 मिनट के लिए भिगोएं और फिर उससे प्रभावित जगह को सेंकें। आप चाहें तो गर्म पानी से स्नान भी कर सकती हैं।
मसाज सबसे अच्छा ऑप्शन-



हाथ या पैर में सुन्‍नपन आने पर मसाज इस समस्‍या से निपटने का सबसे आसान और सरल तरीका है। यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे सुन्नता में कमी आती है। इसके अलावा यह मसल्‍स और नसों को प्रोत्‍साहित कर, समग्र कामकाज में सुधार करता है। अपने हाथों में गर्म जैतून, नारियल या सरसों के तेल लेकर इसे सुन्न हिस्‍से में लगाकर 5 मिनट के लिए सर्कुलर मोशन में अपनी उंगलियों से मसाज करें। जरूरत पड़ने पर इस उपाय को दोहराये।
ऑक्सीजन में सुधार करें एक्सरसाइज-
व्यायाम करने से शरीर में ब्लड र्स्कुलेशन होता है और वहां पर आक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। रोजाना हाथ और पैरों का 15 मिनट व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा हफ्ते में 5 दिन के लिए 30 मिनट एरोबिक्स करें, जिससे आप हमेशा स्वस्थ बने रहें।एक्सरसाइज शरीर के विभिन्न अंगों में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन में सुधार करता है, जिससे हाथ और पैर सहित शरीर के किसी भी अंग में सुन्नपन, झनझनाहट को रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा नियमित रूप एक्सरसाइज गतिशीलता में सुधार और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाता है। 
मैग्नी शियम का सेवन जरूर करें
हरी पत्तेीदार सब्जिेयां, मेवे, बीज, ओटमील, पीनट बटर, ठंडे पानी की मछलियां, सोया बीन, अवाकाडो, केला, डार्क चॉकलेट और लो फैट दही आदि जरूर खाएं। आप रोजाना मैग्नीlशियम 350 एम जी की सपलीमेंट भी ले सकते हैं। 



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हल्दी में मौजूद कुरकुर्मीन नाम का तत्व पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण प्रभावित हिस्से में दर्द और परेशानी कम करने में मदद करता है। समस्या होने पर एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिक्स करके हल्की आंच पर पकाएं। फिर इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में एक बार पीने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। आप हल्दी और पानी से बने पेस्ट से प्रभावित हिस्से पर मसाज भी कर सकते हैं।
खूब खाएं Vitamin B फूड-
अगर हाथ-पैरों में झन्न-झन्नाहट सी होती है तो अपने आहार में ढेर सारे विटामिन बी, बी6 और बी12 को शामिल करें। इनके कमी से भी हाथ, पैरों, बाजुओं और उंगलियों में सुन्न पैदा हो जाती है। आपको अपने आहार में अंडे, अवाकाडो, मीट, केला, बींस, मछली, ओटमील, दूध, चीज़, दही, मेवे, बीज और फल शामिल करने चाहिये।
दालचीनी का उपयोग करें-
दालचीनी में केमिकल और न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो हाथ और पैरों में ब्लड फ्लो को बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं रोजाना 2-4 ग्राम दालचीनी पाउडर को लेने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसको लेने का अच्छा तरीका है कि एक गिलास गर्म पानी में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और दिन में एक बार पिएं। दूसरा तरीका है कि 1 चम्मच दालचीनी और शहद मिला कर सुबह कुछ दिनों तक सेवन करें। 
प्रभावित हिस्‍से को ऊपर उठाएं-
हाथ और पैरों के खराब ब्लड सर्कुलेशन से ऐसा होता है। इसलिए उस प्रभावित हिस्से को ऊपर की ओर उठाइए जिससे वह नॉर्मल हो सके। इससे सुन्न वाला हिस्सा ठीक हो जाएगा। आप अपने प्रभावित हिस्से को तकिए पर ऊंचा कर के भी लेट सकते हैं।

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स्वीट स्लिम बेल्ट के फायदे और नुकसान


गलत ढंग से आहार-विहार यानी खान-पान, रहन-सहन से जब शरीर पर चर्बी चढ़ती है तो पेट बाहर निकल आता है, कमर मोटी हो जाती है और कूल्हे भारी हो जाते हैं। इसी अनुपात से हाथ-पैर और गर्दन पर भी मोटापा आने लगता है। जबड़ों के नीचे गरदन मोटी होना और तोंद बढ़ना मोटापे के मोटे लक्षण हैं।
मोटापे से जहाँ शरीर भद्दा और बेडौल दिखाई देता है, वहीं स्वास्थ्य से सम्बंधित कुछ व्याधियाँ पैदा हो जाती हैं, लिहाजा मोटापा किसी भी सूरत में अच्छा नहीं होता। बहुत कम स्त्रियाँ मोटापे का शिकार होने से बच पाती हैं। हर समय कुछ न कुछ खाने की शौकीन, मिठाइयाँ, तले पदार्थों का अधिक सेवन करने वाली और शारीरिक परिश्रम न करने वाली स्त्रियों के शरीर पर मोटापा आ जाता है।
विज्ञान इस बात की पुष्टि करता है की वेट लॉस बेल्ट वज़न कम करने में बहुत उपयोगी साबित होता है। इससे कम समय में शीघ्रता से वज़न कम होती है। इससे आपके शरीर के आकार और संरचना को भी सुडौल बनाने में मदद मिलती है। इससे पीठ दर्द जैसी समस्याओं का भी निदान हो जाता है। इसे पहन कर आप अपने दिनचर्या के अन्य कार्य भी आराम से कर सकते हैं। इसे इस्तेमाल करने के बाद आपके आत्मविश्वास में भी इजाफा होगा और आपकी लाइफस्टाइल भी अच्छी हो जायेगी।

हर व्यक्ति परफेक्ट दिखना चाहता है चाहे वह पुरुष हो या कोई महिला। शरीर की अतिरिक्त चर्बी आपकी सुंदरता को खराब कर सकती हैं। परन्तु इस तरह के स्लिमिंग बेल्ट को महिलाएं कम या बिना मेहनत के अपना वजन कम करने के लिए एक चमत्कार मानती हैं। महिलाएं अपने पेट के मिडसेक्शन का वजन कम करना पसंद करती हैं। और आज के समय में वजन कम करने के लिए स्लिमिंग बेल्ट सबसे अच्छा माना जाता है।
यह आपके जिद्दी वसा के लिए वजन घटाने की बेल्ट के रूप में भी जाना जाता है। आपको बस इस वेट लॉस बेल्ट को अपनी कमर के चारों ओर लपेटने की आवश्यकता होती है। यह बेल्ट सौना के रूप में कार्य करेगी और आपकी चर्बी को दूर करेगी। ये स्लिमिंग बेल्ट टिकाऊ कपड़े से बने होते हैं जिन्हें नियोप्रीन (एक सिंथेटिक रबर) कहा जाता है जो आमतौर पर स्विमवियर में इस्तेमाल किया जाता है।


आज बाजार में विभिन्न प्रकार के स्लिमिंग बेल्ट मिलते हैं। कुछ बेल्ट को 15 से 20 मिनट के लिए पहना जाना चाहिए, जबकि अन्य बेल्ट इस तरह के होते है कि आप उन्हें पूरे दिन भी पहन सकते हैं। स्लिमिंग बेल्ट वाइब्रेटिंग मोड में होते हैं। कुछ डिजाइनर स्लिमिंग बेल्ट आपको बेल्ट के कंपन को नियंत्रित करने के लिए बटन भी देते हैं और कुछ को केवल व्यायाम करते समय उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। कुछ ब्रांड इस तरह के स्लिमिंग बेल्ट को 30 मिनट से कम पहनने की सलाह देते हैं, जबकि अन्य इसे पूरे दिन पहनने का सुझाव भी देते हैं।
स्वीट स्लिम बेल्ट के फायदे
विज्ञान इस बात की पुष्टि करता है कि स्वेट स्लिमिंग बेल्ट कई इंच वजन कम करने में मदद करता है। साथ ही, यह आपके शरीर की मुद्रा को आकार देने, पीठ दर्द से राहत दिलाने और आपकी मुद्रा को सही करने में भी मदद करता है। आप इस बेल्ट को पहनकर भी अपना काम जारी रख सकते है। एक स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करने के साथ ही, आप अपने आत्मविश्वास और जीवन शैली में एक महत्वपूर्ण सुधार देखेंगे। यहाँ एक स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करने के कुछ आश्चर्यजनक लाभ हम आपको बताने जा रहे हैं, जिनमें शामिल है-
स्लिम बेल्ट का लाभ मुद्रा में सुधार
स्वेट स्लिम बेल्ट का लाभ आपको आपकी मुद्रा सुधार में मदद कर सकता है। स्लिमिंग बेल्ट आपको एक बेहतर आसन प्राप्त करने में मदद करता है। वेट लिफ्टिंग के दौरान या डेस्क पर काम करते समय आपको स्लिमिंग बेल्ट पहनना चाहिए। इस बेल्ट को पहनने से आपको जल्द ही आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिलेंगे। यह आपको पतला दिखने और आपकी मुद्रा को सही करने में मदद करेगा। सबसे अच्छा स्लिमिंग बेल्ट एक नरम लेकिन कठोर कपड़े से बना होता है। यदि आप रोजाना एक स्लिमिंग बेल्ट पहनते हैं, तो आपको सीधे बैठना होगा, और यह आपकी मुद्रा को सही करेगा। यह आपके कमर दर्द को कम करने में भी बहुत सहायक होता है।



बेल्ट का उपयोग पीठ दर्द से राहत के लिए
बैक पेन हमें रोजमर्रा के काम करने से रोकता है। यदि आप भी पीठ दर्द से गुजर रहे हैं तो यह स्लिमिंग बेल्ट एक अविश्वसनीय अस्थायी राहत के रूप में साबित हो सकता है। स्लिमिंग बेल्ट आपको लगातार दर्द को कम करने के लिए सही मुद्रा का उपयोग करने की याद दिलाता है। अकेले पसीना निकलने से आपको अपना वजन कम करने में मदद नहीं मिलती है, यह वजन घटाने वाली बेल्ट आपके शरीर द्वारा जारी गर्मी को अवशोषित करती है और आपके पीठ के निचले हिस्से को गर्म रखती और आपको पीठ दर्द से राहत दिलाती है।

पेट की मांशपेशियों को बनाये टाइट
जिन लोगों की टमी पे बहुत ज्यादा फैट हैं और पेट बहुत बड़े साइज के हैं वो लोग ये जान कर खुश हो जाएंगे की वेट लॉस बेल्ट के माध्यम से वो अपने मोटे पेट को आसानी से कम कर सकते हैं।
बस अपने पेट के चारो तरफ बेल्ट को बाँध लें और बेल्ट की स्विच को ऑन कर दें।
आप देखेंगे की तुरंत आपके पेट की छवि से पसीने की शक्ल में वज़न निकलने लगेगा।
आप अपने कपड़ों के अंदर भी इसे पहन कर अपने पेट की मांशपेशियों को सख़्त बना सकते हैं।
बेल्ट का फेब्रिक आपके पेट की मांशपेशियों में कम्पन्न पैदा करता है और फिर इसे आराम, क्रिया पेट का व्यायाम हो जाता है।
इस बेल्ट का बेहतर परिणाम सही आहार के सेवन और बेहतर एक्सरसाइज कर के पाया जा सकता है।
आपको बेल्ट पहनते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए बेल्ट के दोनों सिरे बेल्ली बटन पर जाकर मिलें।
ये एक सबसे कारगर उपाय है शरीर के अतिरिक्त छवि को घटाने के लिए। 
जिन लोगों में वसा उनके टमी और बड़े आकार के एब्डोमेन में होता हैं, उनके लिए स्लिमिंग बेल्ट एक अच्छा उपाय हो सकता है क्योकि यह बेल्ट आपको अतिरिक्त वसा से छुटकारा पाने और पेट की मांसपेशियों को कसने में मदद करेगा। इसका उपयोग करने के लिए अपनी कमर के चारों ओर स्लिमिंग बेल्ट लपेटें और इसे चालू करें, अब आप देखेंगे कि यह आपके पेट से अतिरिक्त वसा को कैसे बाहर निकालता है। इसे अपने कपड़ों के नीचे आराम से समायोजित करें, यह आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत करेगा। यह स्लिमिंग बेल्ट आपके शरीर के केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्र को ही लक्षित करता है।
थाई, हिप्स और आर्म्स पर भी कर सकते हैं इसे इस्तेमाल
वेट लॉस बेल्ट को पुरे शरीर के वज़न को घटाने के लिए बनाया गया है।
इसका उपयोग आप शरीर के दूसरे भागों जैसे थाई, हिप्स और आर्म्स की चर्वी घटाने में भी कर सकते है।
जब आपका शरीर आराम अवस्था में हो तब आप वेट लॉस बेल्ट का इस्तेमाल अपने जाँघों पर कर के अपनी चर्वी घटा सकते हैं।
अपने जाँघों के चारो तरफ इस बेल्ट को बाँध कर आप वहां के हिस्से को गर्म कर सकते हैं, और इस गर्मी से आपकी जाँघों और हिप्स की छवि घट सकती है। इससे आप स्लिम नज़र आने लगेंगी।


इससे आपके पैरों में रक्तसंचार भी बेहतर तरीके से होने लगेगा।
वेट लॉस बेल्ट से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है।
स्लिम बेल्ट का लाभ शरीर के अन्य भागों के लिये
स्लिमिंग बेल्ट को शरीर में वसा को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आप बेल्ट को शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे जांघों, हाथ और कूल्हों के आसपास उपयोग कर सकते हैं। जब आपका शरीर आराम कर रहा होता है, तो आप कुछ क्षेत्रों से वसा कम करने के लिए इस बेल्ट का उपयोग अपनी जांघों के आसपास भी कर सकते हैं। जांघों के चारों ओर बेल्ट लपेटने से आपको अधिक गर्मी बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह गर्मी जांघों और कूल्हों को मजबूत बनाने में भी मदद करेगी। अपने पैरों में रक्त परिसंचरण में सुधार करना सबसे अच्छा होता है। स्लिमिंग बेल्ट शरीर के चयापचय को बढ़ाने में भी मदद करता है।
स्लिम बेल्ट के नुकसान
जिस तरह स्वेट स्लिम बेल्ट के कई तरह के फायदे के बारे में आपने जाना उसी तरह इस स्लिमिंग बेल्ट के कई नुकसान और दुष्प्रभाव भी होते है। स्लिमिंग बेल्ट आपके शरीर के वजन को कम करने में मदद करती है, लेकिन इस गैजेट के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं जो आप अनुभव कर सकते हैं। यदि आप कुछ घंटों के लिए इस स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करते हैं, तो यह आपके शरीर में कुछ स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। यह एक तरह का हीटिंग पैड है जो आपकी कमर के आसपास आराम से फिट बैठता है। स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करने के ऐसे दुष्प्रभाव होते हैं जो अगली बार इस बेल्ट का उपयोग करने से पहले आपको दो बार सोचने पर मजबूर कर सकता है। इस बेल्ट से होने वाली कुछ समस्याओं में शामिल हैं-
स्लिमिंग बेल्ट का नुकसान असामान्य त्वचा संक्रमण
स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करके, आप अपने आप को ताजा और प्राकृतिक हवा तक पहुँचने से रोक देते हैं। यह त्वचा के संक्रमण, लालिमा, मुँहासे, जलने या गंभीर त्वचा जलन का परिणाम हो सकता है। इस बेल्ट का उपयोग लंबे सत्र तक करने से आपके शरीर में चकत्ते भी हो सकते हैं। शुष्क त्वचा या अधिक पसीने के कारण भी त्वचा में संक्रमण हो सकता है। लगातार पसीने से आपको सबसे ज्यादा खुजली हो सकती है और यह आपके कोर्सेट को नुकसान पहुंचा सकता है। त्वचा का संक्रमण कई बार गंभीर हो सकता है क्योंकि जैसा कि हमने पहले बताया कि यह स्लिमिंग बेल्ट न्योप्रीन से बना होता है जिससे आपके शरीर को तीव्रता से पसीना आता है।
ऐसी त्वचा की समस्याओं से बचने के लिए, सिर्फ 20 मिनट के लिए ही बेल्ट का उपयोग करने का प्रयास करें। इसके अलावा, यह स्लिमिंग बेल्ट गर्भवती महिलाओं के लिए बिलकुल भी उपयुक्त नहीं है।
स्लिम बेल्ट के साइड इफेक्ट्स इलेक्ट्रिक शॉक
स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करते समय आपको बहुत सावधान रहना चाहिए। यदि स्विच ऑन करते समय आपके हाथ गीले होते हैं, तो आपको गंभीर बिजली के झटके लग सकते हैं। इस बेल्ट का उपयोग करते समय आपको बहुत सावधान रहना चाहिए क्योंकि यह बिजली पर काम करता है। अत्यधिक उपयोग आपको शरीर के उन विशेष भागों में छोटे-छोटे बिजली के झटके भी पहुँचा सकता है जहाँ आपने स्लिमिंग बेल्ट को लपेटा है। विशेषज्ञ हमेशा ही सावधानी और उत्कृष्ट देखभाल के साथ इस स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करने का सुझाव देते है।
स्लिम बेल्ट के दुष्प्रभाव से हो सकता है डीहाइड्रेशन
जब आप स्लिमिंग बेल्ट पहनते हैं तो आपको बहुत पसीना आता है। इसलिए आपको पानी की कमी के कारण खतरनाक निर्जलीकरण भी हो सकता है। यदि डीहाइड्रेशन की समस्या को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो यह अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों को जन्म दे सकता है। आमतौर पर, हल्के और मध्यम निर्जलीकरण के लक्षणों में शामिल हैं-
बहुत अधिक प्यास लगना
सिरदर्द होना
कम मूत्र उत्पादन और अधिक पीलापन
रूखी त्वचा
शुष्क मुँह
सिर चकराना
नींद और आलस आना
आँसू ना निकलना


स्लिमिंग बेल्ट का नुकसान असंतुलित इलेक्ट्रोलाइट स्तर
अत्यधिक पसीना आमतौर पर इलेक्ट्रोलाइट स्तरों में असंतुलन का कारण बनता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। यदि आप स्लिमिंग बेल्ट पहनने के बाद किसी भी समय इस तरह की समस्या का अनुभव करते हैं, तो इसे तुरंत उपयोग करना बंद करें और इलेक्ट्रोलाइट युक्त स्पोर्ट्स ड्रिंक और नारियल पानी लें, या अपने डॉक्टर से सलाह करें।
स्लिमिंग बेल्ट का नुकसान आतंरिक भागों पर जोखिम
लंबे समय तक स्लिमिंग बेल्ट पहनने से संभावित पाचन और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुँच सकता है और कई जोखिम पैदा हो सकते है। इसमें शामिल है-
एसिड रिफ्लक्स
ऑर्गन डिसप्लेस
हार्ट बर्न और अपच
अपर्याप्त ऑक्सीजन का सेवन
स्लिम बेल्ट के साइड इफ़ेक्ट शरीर के तापमान में वृद्धि
स्लिमिंग बेल्ट आपके शरीर के अंदर गर्मी को बनाए रखता है और आपको सामान्य से अधिक पसीना आता है। इसके अलावा, यह उच्च तापमान पर स्लिमिंग बेल्ट का उपयोग करने पर हीट स्ट्रोक और थकान के खतरे को भी बढ़ाता है।
क्या स्लिमिंग बेल्ट वजन कम करने में मदद करती है
वास्तव में, जो वजन हम स्लिमिंग बेल्ट के माध्यम से कम करते हैं, वह केवल तरल पदार्थ के अलावा और कुछ नहीं होता है, जिसका अर्थ है कि स्लिमिंग बेल्ट के माध्यम से प्राप्त परिणाम केवल अल्पकालिक और कम समय के लिए ही होते हैं। परन्तु इसके परिणाम उपयोगकर्ता के द्वारा भिन्न भी हो सकते हैं। इसलिए, दीर्घकालिक परिणामों को प्राप्त करने के लिए, आपको नियमित रूप से व्यायाम और संतुलित आहार के माध्यम से वसा का सेवन कम करके खुद को स्वस्थ बनाना चाहिए।


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