भुट्टे खाने के स्वास्थ्य लाभ

                                   


बारिश के मौसम में भुट्टा खाने का अपना अलग ही मजा होता है। आयुर्वेद के अनुसार भुट्टा तृप्तिदायक, वातकारक, कफ, पित्तनाशक, मधुर और रुचि उत्पादक अनाज है। भुट्टे में पौष्टिक तत्व जैसे फोलिक एसिड, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। भुट्टे से आप ना केवल कई सारी टेस्‍टी डिश बना सकते हैं बल्कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के हिसाब से भी बहुत लाभदायक होता है।
आयुर्वेद में भुट्टा खाने के कई फायदे गिनाए गए हैं. ये प्यास को शांत करने वाला होता है. अच्छी बात ये है कि एक ओर जहां बहुत सी चीजें पकने के बाद अपना पोषक गुण खो देती हैं वहीं भुट्टे का पोषण और बढ़ जाता है.
1. भुट्टे के पीले दानों में बहुत सारा मैगनीशियम, आयरन, कॉपर और फॉस्‍फोरस पाया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। इन पोषक तत्‍वों से बुढापे में हड्डियों के टूटने के चांस कम रहते हैं और गुर्दे सामान्य कार्य करते हैं।
2. कार्न में एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है, जिससे स्‍किन लंबे समय तक जवान दिखती है। इसको लगातार खाने के अलावा आप इसका तेल लगाइये जिसमें लिनोलिक एसिड पाया जाता है। इसके अलावा स्‍किन रैश और खुजली के लिये भी भुट्टे का स्‍टार्च प्रयोग किया जाता है जिससे स्‍किन बहुत कोमल बन जाती है।
3. इसका सेवन प्रेगनेंसी में भी बहुत लाभदायक होता है इसलिये गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में जरुर शामिल करना चाहिये। इसमें फोलिक एसिड पाया जाता है जिसकी कमी से होने वाला बच्‍चा अंडरवेट हो सकता है और कई अन्‍य बीमारियों से पीडि़त भी।
4. ताजे दूधिया भुट्टे के दाने पीसकर शीशी में भरकर खुली हुई शीशी धूप में रखें। दूध सूख कर उड़ जाएगा और तेल शीशी में रह जाएगा। छान कर तेल को शीशी में भर लें और मालिश किया करें। दुर्बल बच्चों के पैरों पर मालिश करने से बच्चा जल्दी चलेगा।
5. ताजे भुट्टे पानी में उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन, गुर्दों की कमजोरी दूर हो जाती है।
6.आयरन की कमी की वजह से एनीमिया की बीमारी हो जाती है, इसलिये इसको दूर करने के लिये भुट्टा खाना चाहिये क्‍योंकि इसमें विटामिन बी और फोलिक एसिड होता है जिससे एनीमिया दूर होता है।
7. भुट्टा दिल की बीमारी को भी दूर करने में सहायक है क्‍योंकि इसमें विटामिन सी, कैरोटिनॉइड और बायोफ्लेविनॉइड पाया जाता है। यह कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को बढने से बचाता है और शरीर में खून के फ्लो को भी बढाता है।
8. यह प्रचूर मात्रा में रेशे से भरा हुआ है इ‍सलिये इसे खाने से पेट का डायजेशन अच्‍छा रहता है। इससे कब्ज, बवासीर और पेट के कैंसर के होने की संभावना दूर होती है।
9.बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी ये बहुत फायदेमंद है. इसमें कोलेस्ट्रॉल न के बराबर होता है और इसलिए ये दिल की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा है.
लाभ और भी हैं-
* भुट्टा खाने से हमारे दांत और जबड़े काफी मजबूत होते हैं.
* मक्का खाने से पेट खराब नहीं होता, इससे पाचन शक्ति मजबूत होती हैं.
* मक्का खाने के बाद जो खाली डंडा दिखता हैं, वह आग जलने के काम आती हैं.
* भुट्टा के सेवन से गुर्दे सामान्य कार्य करते हैं.
* भुट्टे का सेवन प्रेगनेंसी में भी बहुत लाभकारी होता हैं. प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को खिलाने से बहुत फायदा मिलता हैं. इसमें फोलिक एसिड पाया जाता हैं जो बच्चे को बीमारियों से बचाते है.
*आयरन की कमी से एनीमिया रोग होता है लेकिन भुट्टा खाने से यह बीमारी दूर हो सकती हैं.
* भुट्टा दिल की बीमारी को भी दूर करता हैं, क्योंकि इसमें विटामिन सी और कैरोतिनाइड तथा बयोफ्लेविनाइड पाया जाता हैं.
* मक्का खाना कोलेस्ट्रोल लेवल को बढ़ने से बचाता हैं और शरीर में खून के फ्लो को भी बढाता हैं.
* मक्के के पीले दानों में बहुत सारे मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस पाया जाता हैं, इससे हड्डियों को मजबूती मिलती हैं.
*. भुट्टे में प्रचुर मात्रा में रेशा होता हैं, इससे खाने में पेट का डायजेशन ठीक रहता हैं.
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