यूनानी चिकित्सा मे डेंगू ज्वर का इलाज


डेंगी के उपचार में यूनानी पद्धति में कई प्रकार की औषधियां मौजूद हैं। इनके प्रयोग से डेंगी को जल्दी और आसानी से रोका जा सकता है। साथ ही इनका शरीर पर कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं पड़ता है। एमएमजी हॉस्पिटल में बीयूएमएस डिपार्टमेंट के एमडी मोहम्मद सारिक ने बताया कि यूनानी पद्धति में सभी प्रकार के सिरोटाइप के डेंगी का इलाज संभव है। इसके अलावा शरीर को डेंगी से लड़ने के लिए भी तैयार किया जा सकता है, जिससे डेंगी होगा ही नहीं।
डेंगी वायरस शरीर को कमजोर करने का कार्य करता है। वहीं यूननी दवाओं से शरीर को इस बीमारी से लड़ने के लिए पहले ही मजबूत किया जा सकता है। डॉ. मोहम्मद सारिक ने बताया कि खमीर-ए-मरवारीद मोती से बना होता है। जिसे आम दिनों में भी व्यक्ति ले सकता है। इससे शरीर इम्यूनिटी बढ़ती है और शरीर डेंगी जैसे बुखार से लड़ने के लिए भी तैयार रहता है। इसके अलावा शरीर पर नीम का तेल पर लगाकर भी मच्छरों से बचा जा सकता है।


आसान तरीके घर में ही बढ़ेगी प्लेटलेट्स 

मोहम्मद सारिक ने बताया कि डेंगी होने पर सबसे ज्यादा टेंशन प्लेटलेट्स के कम होने से होती है। कई डॉक्टर प्लेटलेट्स चढ़ाने के नाम पर मोटी फीस वसूल लेते हैं। उन्होंने बताया कि यूनानी तरीके से देशी नुस्खों से प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है। डेंगी के मरीजों के लिए गिलोई का ऐसा तना लें जिसकी मोटाई अंगूठे की मोटाई के बराबर हो। रात के समय ऐसे तने का छह इंच का टुकड़ा काट लें। इसे थोड़ा मुलायम कर लें। आधे गिलास पानी में इस टुकड़े को भीगने दें। इसमें आधा चम्मच ऐलोवेरा का रस डाल दें। साथ ही पपीते के बीज को पीसकर इसकी आधा चम्मच मात्रा इसमें डालें। सुबह इस पानी में मौजदू पदार्थो को हाथ से मसल दें। व छान लें। सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें। लगातार इसके इस्तेमाल से प्लेटलेट्स का स्तर सामान्य बना रहेगा। इसके साथ बकरी के दूध से भी प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है।

डेंगी होने पर इन उपचारों को करें प्रयोग 

डेंगी होने पर तुलसी के 11 पत्तों को पानी में डाल कर उसे उबाल लें। इसके बाद मरीज को इस पानी को सुबह-शाम पिला सकते हैं। इस नुस्खे को आम लोग भी अपना सकते हैं।
खाकसी के बीज शरीर पर डाले जाने से भी बुखार कंट्रोल होता है।
हब-ए-बुखार यूनानी पद्धति में डेंगी के होने पर दी जाने वाली इकलौती दवा है। इससे बुखार कंट्रोल होता है। मरीज को दो-दो गोली सुबह और शाम दी जाती है।
शरबत खाकसी डेंगी के मरीज को दिया जाने वाला सिरप है। यह सिरप मरीज को सुबह-शाम 2-2 चम्मच दिया जाता है।
कलौंजी के पाउडर से बुखार के मरीज को ताकत मिलती है। मरीज को दिन में तीन बार 3-3 ग्राम कलौंजी का पाउडर गर्म पानी के साथ देने से सेहत में जल्दी सुधार होता है।
डेंगी का इलाज यूनानी पद्धति से हो सकता है। ज्यादातर लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है। यूनानी नुस्खों से शरीर को पहले ही डेंगी से लड़ने के लिए तैयार किया जा सकता है। वहीं डेंगी होने पर घर रहकर डॉक्टर की सलाह पर दवा और नुस्खों को प्रयोग कर डेंगी को हरा सकते हैं।


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