साँप और बिच्छू के जहर उतारने के मंत्र// Mantra for snake and scorpion poisoning




ॐ नमो आदेश गुरु का,काला बिच्छू कंकरीयाला,

सोना का डंक ,रुपे का भाला,उतरे तो उतारूँ,

चढ़े तो मारूं।नीलकंठ मोर ,गरुड़ का आयेगा,

मोर खायेगा तोड़ ,जा रे बिच्छू डंक छोड़,

मेरी भक्ति ,गुरु की शक्ति फुरो मन्त्र ,ईश्वरो वाचा।

इस मन्त्र का १०८ झाडा नीम की डाल का लगाना है। और मन्त्र को पढ़ना हैं, चाहे कितना भी विषैला बिच्छु हो जहर उतर जायेगा. पर ध्यान रहे इस मन्त्र को सिद्ध करने की जरुरत पड़ती है,


गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका  के अचूक उपचार 

सर्प विश उतारने का मंत्र 

ॐ नमो पर्वताग्रे रथो आंती,

विटबड़ा कोटि तन्य बीरडर पंचनशपनं

पुरमुरी अंसडी तनय तक्षक नागिनी आण,रुद्रिणी आण,

गरुड़ की आण। शेषनाग की आण,

विष उड़नति,फुरु फुरु फुरु ॐ डाकू रडती,

भरडा भरडती विष तू दंती उदकान

    यह मन्त्र २१ या १०८ बार पानी या काली मिर्च पर अभिमंत्रित करके देना. काली मिर्च चबाने को कहना, रोगी को पानी पिलाना तथा पानी मुह पर छोड़ना तो कैसा भी विष हो फ़ौरन उतर जायेगा. यह मंत्र नागपंचमी के दिन सिद्ध किया जाता है, उस इन साधक उपवास रखे, खीर शक्कर और घी से युक्त मिठाई बनाकर नागमुर्ती के आगे भोग लगावें और उस दिन आनंद के साथ भोजन करें. नाग देवता की स्तुति करें, ऐसा करने से मंत्र सिद्ध हो जाता हैं

मंत्र सिद्धि कैसे की जाती है?

मंत्र को सिद्ध करने के दो उपाय है – जात सूतक निवृत्ति और मृत सूतक निवृत्ति।

1. जात सूतक निवृत्ति : इसके लिए जप के प्रारंभ से एक सौ आठ बार ॐ कार से पुटित करके इष्ट मंत्र का जप करना चाहिए।

2. मृत सूतक निवृत्ति : इसके लिए भूत लिपि विधान करे।

नियम :

1. इस प्रकार नित्य एक हजार जप एक महीने तक करने से ही मंत्र जागरित होता है।

2. पूर्व में तीन प्राणायाम और अंत में भी तीन प्राणायाम करने चाहिए।

3. प्राणायाम का नियम यह है की चार मंत्र से पूरक, सोलह मंत्र से कुंभक और आठ मंत्र से रेचक करना चाहिए।

4. जप पूरा होने पर मानसिक रूप से उसे इष्ट देवता के दाहिने हाथ में समर्पित कर लेना चाहिए। यदि देवी इष्ट स्वरुप हो तो उसके बाएं हाथ में समर्पित करना चाहिए।

5. प्रतिदिन अनुष्ठान के अंत में जप का दंशांश हवन, हवन का दंशांश तर्पण, तर्पण का दंशांश अभिषेक और यथाशक्ति ब्राह्मण भोजन करना चाहिए।

 
6. यदि नियम संख्या पांच का पालन किसी वजह से संभव न हो सके तो जितना होम हुआ है, उससे चौगुना जप ब्राह्मणों को, छः गुना क्षत्रियों को तथा आठ गुना वैश्य को करना चाहिए।

7. अनुष्ठान के 5 अंग : जप, होम, तर्पण, अभिषेक और ब्राह्मण भोजन।

यदि होम तर्पण अभिषेक न हो तो ब्राह्मण या गुरु के आशीर्वाद मात्र से भी ये कार्य सम्पन्न माने जा सकते है।

8. स्त्रियों को होम-तर्पण आदि की आवश्यकता नहीं है। केवल मात्र से ही उन्हें सफलता मिल जाती है।


मसूर दाल के स्वास्थ्य लाभ // Health benefits of lentil pulses

                               

मसूर का प्रयोग दाल के रूप में प्राय: हर जगह किया जाता है। मसूर में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सल्फर, क्लोरीन, आयोडीन, एल्युमीनियम, कॉपर, जिंक, प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट एवं विटामिन डी आदि तत्व पाये जाते हैं।
मसूर के औषधीय गुण –
*मसूर की दाल को जलाकर, उसकी भस्म बना लें, इस भस्म को दांतों पर रगड़ने से दांतो के सभी रोग दूर होते हैं।
*मसूर के आटे में घी तथा दूध मिलाकर,सात दिन तक चेहरे पर लेप करने से झाइयां खत्म होती हैं।
*मसूर के पत्तों का काढ़ा बनाकर गरारा करने से गले की सूजन तथा दर्द में लाभ होता है ।
*मसूर की दाल का सूप बनाकर पीने से आंतों से सम्बंधित रोगों में लाभ होता है ।


*किडनी में क्रिएटिनिन और यूरिया की समस्या के घरेलू उपचार* 

*चेहरे के दाग-धब्बे को हटाने के लिए मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें
जब चेहरे पर दाग धब्बे और मुहांसे हो जाये तो चेहरे की रंगत और रूप दोनों ही बेकार हो जाते है । इसका छोटा सा उपाय है कि रात को एक मुट्ठी मसूर की दाल थोड़े से पानी में भिगो दे सुबह जब वो पानी दाल सारा सोख लेती है उसे पीस कर पेस्ट बना ले और उसमे थोड़ा सा दूध मिलाकर उस पेस्ट को दोनों समय अपने चेहरे पे लगाये और फिर दस या पंद्रह मिनट बाद मुंह को सादे पानी से धो ले । इससे चेहरे के सभी दाग धब्बे मुहांसे आदि थोड़े से दिनों में ही खत्म हो जायेंगे और चेहरा दमक उठता है |

*मसूर की भस्म बनाकर, भस्म में भैंस का दूध मिलाकर प्रात: सांय घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
*मसूर दाल के सेवन से रक्त की वृद्धि होती है तथा दौर्बल्य का शमन होता है।
 

*जिन्हे कमजोरी हो या खून की कमी रहती हो उन्हें मसूर की दाल एक समय हर रोज़ खाना चाहिए और उसमे एक चम्मच गाय की घी मिला ले तो जल्दी ही कमजोरी दूर हो जाती है ।
*मसूर की दाल खाने से पाचन,क्रिया ठीक होकर पेट के सारे रोग दूर हो जाते हैं।मसूर दाल की प्रकृति गर्म, शुष्क, रक्तवर्द्धक एवं रक्त में गाढ़ापन लाने वाली होती है। इस दाल को खाने से बहुत शक्ति मिलती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज व अनियमित पाचन क्रिया में मसूर की दाल का सेवन लाभकारी होता है। सौदर्य के हिसाब से भी यह दाल बहुत उपयोगी है।

दालों को कच्चा खाना मुश्किल है। इसकी वजह है इनमें मौजूद एंटीन्यूट्रिएंट्स। इसके लिए दालों को रात भर या कुछ देर भिगोने के बाद ही पकाना सही रहता है। शाकाहारी लोगों के भोजन में शामिल एक और दाल, मसूर दाल। मसूर दाल तीन प्रकार की होती है साबुत, धुली और छिली हुई। बिना छिलके की इस दाल का रंग लाल होता है। हल्की होने के कारण यह जल्दी पक जाती है। इस दाल को ढककर पकाने से इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा बराबर बनी रहती है। दस्त, बहुमूत्र, प्रदर, कब्ज और अनियमित पाचन क्रिया में इस दाल का सेवन फायदेमंद होता है।

पेट मे गेस बनने के घरेलू,आयुर्वेदिक उपचार 

*मसूर में प्रोटीन, कैल्शियम, सल्फर, कार्बोहाइड्रेट, एल्युमीनियम, जिंक, कॉपर, आयोडीन, मैग्नीशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन और विटामिन डी जैसे तत्व पाए जाते हैं।
*नॉन-वेजिटेरियन्स के सारे जरूरी पोषक तत्व उन्हें चिकन और मटन से मिल जाते हैं, लेकिन वेजिटेरियन्स के लिए पोषक तत्वों का सबसे बड़ा खजाना दालों में ही मौजूद होता है। इसमें मौजूद अमिनो एसिड जैसे आईसोल्यूसीन और लाईसीन से बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन मिलता है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक होता है।
*इस दाल में फाइबर भी उच्च मात्रा में पाया जाता है।
*प्रोटीन के अलावा, इसमें फोलेट, विटामिन बी1, मिनरल्स, पोटैशियम, आयरन और लो कोलेस्ट्रॉल होता है।
पेट के रोगों से लेकर पाचन क्रिया से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं।
*मसूर की दाल का सूप पीने से आंतों और गले से संबंधित रोगों में आराम मिलता है।


कालमेघ के उपयोग ,फायदे

*दाल का पाउडर बनाकर दांतों पर रगड़ने से दांतों के सभी रोग भी दूर हो जाते हैं। साथ ही उनमें चमक भी आती है।
*एनीमिया के रोगी के लिए यह दाल बहुत ही फायदेमंद है। कमजोरी की समस्या भी दूर होती है।
*मसूर की दाल को रात में भिगोकर सुबह दरदरा पीसकर दूध के साथ चेहरे पर लगाने से चेहरे में निखार आता है। साथ ही दाग-धब्बे, पिंपल्स आदि से छुटकारा भी मिलता है।




आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार



जौ के पानी के फायदे// Benefits of barley water

                                         



जौ का केवल धार्मिक महत्व नहीं है अपितु यह हमारी सेहत से भी जुड़ा हुआ हैं |जौ के अलावा जौ के पानी का विशेष महत्व है। कई रोगों को आसानी से खत्म कर सकता है जौ का पानी। क्योंकि इस पानी में कई प्रकार के औषधिय तत्व पाए जाते हैं। इस लेख में आपको जौ के पानी पीने के फायदों के बारे में बताया जाएगा।
जौ के पानी के गुण -
इस पानी में आयरन, प्रोटीन, अमीनो एसिड, सेलेनियम के अलावा जिंक, मैग्नीशियम, मैगनीज और कॉपर पाया जाता है। जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का काम करते हैं। जौ के पानी के फायदे
कैसे बनता है जौ का पानी-
दो चम्मच जौ लें और फिर इसे एक पैन में डालें। और फिर इसमें पानी डाल दें। और इसे उबाल लें। जब जौ मुलायम या नर्म हो जाए तब आप उसे किसी साफ कपड़े में रखकर उसके पानी को किसी गिलास या कप में डाल दें। और फिर दोबारा से इसे छान लें। जब यह ठंडा हो जाए तब आप इसका सेवन करें।
छिलके वाली जौ अधिक फायदेमंद होती है इसलिए आप इसका ही पानी बनाकर पीएं।
क्या फायदे मिलते हैं जौ के पानी को पीने से :
फाइबर की कमी –

जब शरीर में फाइबर कम रहता है तब इंसान कमजोर होने लगता है। जी हां एैसा इसलिए क्योंकि फाइबर हमारे अच्छे स्वास्थ के लिए बहुत ही गुणकारी होता है। यदि आप जौ का पानी पीते हो तो इससे आपके शरीर में धीरे—धीरे फाइबर बढ़ने लगता है और आपका शरीर अंदर और बाहर से मजबूत बनता चला जाता है। इसलिए आप रोज इसका सेवन कर सकते हो। इससे शरीर की गंदगी भी दूर हो जाती है।
डायबिटीज के रोगियों के लिए –
बहुत से लोग इस गंभीर बीमारी से परेशान हैं। एैसे में यदि आप जौ के पानी को पीने का नियम बना लें तो मधुमेह की समस्या ठीक हो जाएगी। जौ में मौजूद तत्व मधुमेह के मरीजों के शुगर के स्तर को लेवल पर ले आते हैं। और इस समस्या से रोगी बच जाता है।
सूजन घटाता है –
जिन लोगों को अक्सर सूजन की समस्या रहती हो तो वे इसके पानी को पीना शुरू कर दें। कुछ दिनों में इससे आपकी सूजन की समस्या ठीक हो जाएगी।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करता है–
हमारे दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है ये पानी। एैसा इसलिए क्योंकि जौ से बना पानी हमारे बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को सामन्य करता है। इस पानी में फाइबर होने की वजह से दिल से संबंधित रोगों से भी हमें बचाता है। नियमित जौ पानी पीने से इंसान को दिल के रोग नहीं लग सकते हैं।
किडनी में पथरी का होना –
पानी जब इंसान कम पीता है। तो उसे पथरी होने की संभावना अधिक हो जाती है। खासकर की किडनी की पथरी। और एक बार इस जगह पर पथरी हो जाए तो इंसान दर्द से परेशान रहता है। और आजकल तो किडनी की पथरी की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है। एैसे में यदि आप जौ से बना पानी पीते हो तो वो भी एक गिलास की मात्रा में कुछ दिनों तक तो आपकी ये पथरी टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर आ जाएगी। हमारी किडनी को स्वस्थ बनाता है जौ का पानी।


नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

 वजन  घटाने मे सहायक–
यदि आप वजन घटाने के लिए दिन प्रतिदिन कुछ ना कुछ नया ट्राइ करते रहते हैं तो एक बार जरूर आप कुछ दिनों तो खाली पेट जौ के पानी को पीने की आदत डाल लें। इससे आपका वजन सौ प्रतिशत घट जाएगा। और साथ ही आपको किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं लगेगी।
त्वचा के लिए फायदे-

जौ से बने पानी में मिनरल्स और विटामिन सी के अलावा एंटीआॅक्सीडेंट तत्व होते हैं। जिसे पीने से हमारी त्वचा में निखार आता है। और त्वचा सुंदर बनती है।

कालमेघ के उपयोग ,फायदे


राहत मिलती है जोड़ों के दर्द में-
गठिया की बीमारी या जोड़ों का दर्द कुछ भी क्यों ना हो एैसे में आपको जौ का पानी बचा सकता है। एैसा इसलिए क्योंकि इसमें एंटी—इंफ्लामेंट्री गुण मौजूद होते हैं जो जोड़ों के दर्द से आपको बचाते हैं। साथ ही इसे नियमित पीने से गठिया भी धीरे—धीरे ठीक हो जाती है।
निकाल देता है विषाक्त पदार्थों को बाहर -
हम जब उलटा सीधा खाना खाते रहते हैं। एैसे में हमारे शरीर के अंदर विषाक्त तत्व जमने लगते हैं। जिससे हमें उल्टी, पेट दर्द व अन्य कई बीमारियों का सामना करना पड़ जाता है। एैसे में आप जौ लें और उसका पानी बनाकर पी लें। इससे पेशाब के जरिए सारे विषाक्त चीजें निकल जाती हैं। और आप राहत की सांस ले सकते हो

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खत्म करता है पेट की जलन को-
तेज मिर्च मसाला व तेल युक्त चीजों को खाने के बाद कई बार हमें पेट में गैस व जलन की समस्या हो जाती है। एैसे में यदि आप जौ की जड़ से बने पानी का सेवन करते हो तो आपकी पेट की जलन तो शांत होगी ही साथ ही आप पेट से संबंधित रोगों से भी बच सकते हो।






फिटकरी के घरेलू आयुर्वेदिक ज्योतिषीय उपयोग // Astrological , Ayurvedic use of alum

                                                    

     फिटकरी एक ऐसा क्रिस्‍टल है जो सभी घरों में प्रयोग होता है। पुरुष इसे आफ्टरशेव के तौर पर इस्‍तमाल करते हैं। फिटकरी को पहले जमाने में महिलाएं चेहरे को टाइट बनाने के लिये प्रयो‍ग किया करती थीं। यह लाल व सफेद दो प्रकार की होती हैं। फिटकरी में कई सारे गुण होते हैं। यह बैक्‍टीरिया का नाश करती है इसलिये लोग इसे डियोड्रंट की जगह पर अपने बगल में भी लगाते हैं। यह एंटीबैक्‍टीरियल होती है इसलिये इसे दंत रोग से छुटकारा पाने के लिये प्रयोग करें। आइये जानते हैं फिटकरी के कुछ लाभदायक गुणों के बारे में।
1. फिटकरी को चोट या घाव लगने पर इस्‍तमाल करें। फिटकरी का पानी लगाने से घाव से खून बहना बंद हो जाएगा। आपके इसका चूर्ण बना कर भी प्रयोग कर सकते हैं। 
2. चेहरे से झुर्रियों को मिटाने के लिये चेहरे को धो लें। फिर फिटकरी को ठंडे पानी से गीला कर के चेहरे के आस पास हल्‍के रगडें। अब इसे सूख जाने दें और फिर इसे हाथों से छुड़ा कर साफ कर लें। कुछ महीनों के प्रयोग के बाद आपका चेहरा चमकदार और यंग बन जाएगा। 
3. दमा और खांसी है तो, आधा ग्राम फिटकरी को पीस कर शहद के साथ मिक्‍स कर के चाट लें, आपको तुरंत लाभ होगा।
4. एंटीबैक्‍टीरियल और एस्‍ट्रिजेंट तत्‍व होने की वजह से यह दंत रोग को दूर कर सकती है। यह माउथवॉश की तरह भी प्रयोग की जा सकती है। 
5. फिटकरी को नहाने के पानी में घोल कर प्रयोग करने से खुजली और शरीर से बदबू आना बंद होती है। 
6. कीडे़-मकौडे़ के काट लेने पर फिटकरी के टुकड़े को उस जगह पर रगडे़। इससे सूजन, घाव और लालिमा दूर होगी। 
7. फिटकरी को चेहरे पर लगाने से चेहरा गोरा बनता है और त्‍वचा टोन हो जाती है।
8. एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से जुएं मर जाती हैं।

9. टांसिल की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।


वास्तु दोषों में फिटकरी-
जी हां, इस एंटीसेप्टिक सफेद पत्थर में आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर कर सभी प्रकार के वास्तु दोषों को खत्म कर सकने की क्षमता है। इतना ही नहीं, यह चूहे और तिलचट्टे आदि को भी आपके घर से दूर रखता है।

धन और व्यापार की परेशानियां-

व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा हो, तो दुकान या ऑफिस के किसी भी कोने में 50 ग्राम फिटकरी रखें। इसके अलावा आपको अपने निवास स्थल के भी हर कमरे में और विशेषकर अपने सोने के कमरे में किसी जगह फिटकरी अवश्य रखना चाहिए। इससे आपके घर और व्यापार से जुड़े सभी वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं और लाभ की स्थितियां बनने लगती हैं।

बंधी हुई फिटकरी-

अगर लगे कि व्यापार में पर्याप्त लाभ नहीं हो रहा, तो घर और कार्यस्थल दोनों ही जगह मुख्य द्वार पर एक लाल कपड़े या रुमाल में फिटकरी बांधकर लटकाएं। इससे भी आपके व्यापार से जुड़ी बाधाएं दूर होंगी और मुनाफा होने लगेगा|


धन सुरक्षा-
अगर चाहते हैं कि भविष्य में आपके जीवन में कोई मुश्किल ना आए, तो घर में फिटकरी रखना सबसे आसान उपाय है। घर के बाथरूम में विशेषकर इसे जरूर रखें, लेकिन हर माह पुरानी फिटकरी बदलकर इसकी जगह एक नया टुकड़ा रखना ना भूलें। इसके लिए फिटकरी के कुछ टुकड़े कांच की किसी कटोरी या जार में रखकर बाथरूम में ऐसी जगह रखें जहां से ये गिरे ना और रखा रहे।कर्ज में
अब एक ताजा पान के पत्ते में इसे लपेटकर लाल धागे या कलावा (कच्चा सूत) से बांध दें। पान की इस पोटली को शाम के समय किसी भी पीपल पेड़ के नीचे मिट्टी में दबा दें। यह उपाय जल्दी ही असर दिखाएगा और धीरे-धीरे आप कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।

सफाई के दौरान-

इसके अलावा घर में सफाई के दौरान पोछे के पानी में थोड़ी फिटकरी और सामान्य नमक मिलाकर पोछा डालना घर के सभी वास्तु दोष खत्म करता है और पूरा परिवार तरक्की करता है।

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बादाम के तेल के गुण फायदे // Almond Oil Benefits

                                      

   
1.एक चम्मच बादाम का तेल गर्म दूध में डाल कर पीने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है और आपका शरीर शक्तिशाली बनता है |
2॰यदि आपका दिल कमजोर है या कोलेस्ट्राल बढ़ा हुआ है | तो बदाम का तेल इस्तेमाल करने से आपका कोलेस्ट्रॉल कम होगा और आपको हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी नही रहेगा |
3.अगर आपके बाल हल्के और पतले है | तो आप हर रोज बादाम के तेल से मालिश करने से आपके बाल घने लम्बे काले और चमकदार बनेगे और दो मुहे और रुसी की समस्या भी नही होगी | 
4. बादाम का तेल प्रतिदिन उपयोग करने से आपके बालो को प्राकृतिक रूप से कंडिशनर मिलता है |बादाम का तेल गुणों का भंडार है बादाम और बादाम के तेल का प्रतिदिन प्रयोग करने से आपके शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ेगी और आप मानसिक तौर पर भी मजबूत बनेगे | बादाम के तेल की तासीर गर्म होती है | इसलिए जब भी आप इससे अपने सिर मे मालिश करते है तो इससे सिर में खून का दौरा तेज हो जाता है | जिससे बाल जल्दी बढ़ते हैं और जड़े मजबूत होती है |
2. बादाम के तेल का उपयोग करने से आपकी आँखों की रौशनी तेज होती है| आँखों के पर्दे मजबूत होते है | अगर आप देर रात तक काम करने के बाद आपको आँखों में दर्द होता है, या लाल हो जाती है या आँखों में भारीपन महसूस होता है | तो भी बादाम का तेल पीने से आँखों से सम्बन्धित बीमारियों में आराम मिलता है |

शुक्राणुओ में वृद्धि करने के रामबाण उपाय

 
3. बादाम के तेल में विटामिन – डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो की बच्चो और बुढो की हड्डियों को मजबूत बनता है |
4.बदाम का तेल एक चम्मच रोज पीने से आपकी याददाश्त तेज होती है | और आपके नर्वस सिस्टम्स को भी ताकतवर बनाता है |
5.बादाम का तेल पीने से आपका दिमाग तेज बनता है और दिमाग की कोशिकाओ की मरम्मत करता है और उन्हें जरूरी तत्व भी प्रदान करता है |
6.अगर आपकी मांसपेशियों में दर्द रहता है | तो एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच बादाम का तेल और 2 चम्मच शहद मिला कर पीने से दर्द में शीघ्र राहत मिलती है |


सहवास अवधि  बढ़ाने के नुस्खे 

बादाम का तेल शरीर और चेहरे पर लगाने और मसाज करने से मृत त्वचा आसानी से निकल जाती और नई त्वचा आती है | आपका रंग निखरता है और खुश्क त्वचा में नमी बनी रहती है | अगर सुखापन होने के कारण आपकी स्किन में खारिश होती है तो बादाम के तेल की मालिश करने से त्वचा में खुजली नही होती है |
7.एक चम्मच बादाम का तेल गर्म दूध में डाल कर पीने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है और आपका शरीर शक्तिशाली बनता है |
8.अगर आपके बाल हल्के और पतले है | तो आप हर रोज बादाम के तेल से मालिश करने से आपके बाल घने लम्बे काले और चमकदार बनेगे और दो मुहे और रुसी की समस्या भी नही होगी | 
9. बादाम का तेल प्रतिदिन उपयोग करने से आपके बालो को प्राकृतिक रूप से कंडिशनर मिलता है |


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आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार