पीपल के पत्तों से डेंगू बुखार का इलाज // Treatment of dengue fever with peepal leaves



पपीते के पत्ते के जूस से करें डेंगू का इलाज, 

आसपास के इलाकों में डेंगू के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरी इलाज के अलावा, लोगों को कुछ ऐसे घरेलू उपायों की जानकारी होनी ज़रूरी है, जो उन्हें इस ख़तरनाक बीमारी से बचाव दे। ऐसा ही एक घरेलू उपाय है, पपीते के पत्तों का जूस। कुछ लोगों को लगता है कि ये बात किसी अफवाह से ज्यादा कुछ नहीं है, जबकि कुछ लोग इसे अचूक इलाज मानते हैं। तो क्या है सच? आइये जानते हैं।

सच या अफवाह

कुछ वैज्ञानिक दस्तावेज़ों में ये दावा किया गया है कि पपीते के पत्तों का जूस शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के रिसर्च सेंटर में डॉक्टर नाम डैंग ने एक अध्ययन में पपीते के पत्तों के जूस के फायदों के बारे में बताया है। उन्होंने अध्ययन में पाया कि पपीते के पत्तों का जूस कैंसर से लड़ने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है और इम्यूनिटी बढ़ा सकता है। इन पत्तियों से मलेरिया और कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज भी मुमकिन है। श्रीलंका के एक फीज़िशियन डॉक्टर सनथ हेट्टिज ने पाया कि पपीते के पत्ते का जूस डेंगू का इलाज कर सकता है। उनका पेपर श्रीलंकन जर्नल ऑफ फैमिली फिज़िशियन में साल 2008 में प्रकाशित हुआ था।

कैसे करता है काम?

पपीते के पत्तियों में कायमोपापिन (chymopapin ) और पापेन (papain) जैसे एंजाइम पाए जाते हैं, डॉक्टर सनथ हेटिज के मुताबिक, ये तत्व प्लेटलेट काउंट सामान्य करते हैं, ब्लड क्लॉट को बेहतर बनाते हैं, लिवर को ठीक से काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, इस तरह से डेंगू के मरीज़ को रिकवर होने में मदद मिलती है।

पेट दर्द मे घरेलू उपाय

इस्तेमाल का तरीका

पपीते के पेड़ से पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉक्टर हेट्टिज के मुताबिक, भारत में पाए जाने वाले रेड लेडी पपीते के पेड़ की पत्तियां ज्यादा प्रभावशाली होती हैं। याद रखने वाली बात ये है कि ऐसे पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए जो न ज्यादा नए हो और न ही ज्यादा पुराने।
पत्तों को साफ पानी से धो लें। लकड़ी की ओखली में पत्तों को बिना पानी, नमक या चीनी डाले कूटें। फिर कुटी हुई पत्तियों से जूस निकालकर दो बार दिन में पियें। डॉक्टर हेट्टिज के मुताबिक, वयस्क को दिन में दो बार 10 एमएल जूस पीना चाहिए और 5 से 12 साल के बच्चे को दिन में दो बार 2.5 एमएल जूस देना चाहिए।

मरीज़ को कब जूस देना सही

डॉक्टर सनथ के मुताबिक, मरीज़ को जितनी जल्दी हो सके पपीते के पत्ते का जूस देना शुरू कर देना चाहिए। इसका मतलब ये है कि जब मालूम चले कि डेंगू का पहला लक्षण सामने आ रहा है (जब प्लेटलेट्स 150000 से नीचे जाने लगे)। ये बाद की स्टेज में भी फायदेमंद होता है, लेकिन अगर स्थिति बहुत खराब हो जाए, अंग काम करना बंद करदे तो इसका ज्यादा फायदा नहीं होता।

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