11.2.17

सुबह -सुबह दौड़ने के नायाब स्वास्थ्य लाभ

     
 खुद को फिट रखने के लिए जो चीज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है वह है अच्छी डाइट के साथ नियमित रूप से व्यायाम करना। दिन में समय निकालकर जो व्यक्ति व्यायाम करता है वह पूरे दिन फिट और ऊर्जावान रहता है। अगर आप व्यायाम करते हैं दौड़ना ना भूले वह भी सुबह-सुबह। ऐसा माना गया है कि फिट रहने के लिए दौड़ना एक बहुत ही अच्छा व्यायाम है।
    दौड़ना एक उच्च तीव्रता वाला कार्डियोवास्कुलर (दिल और रक्त वाहिकाओं) वर्कआउट है जिसके कई शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस लाभ हैं। यह सबसे अधिक आसानी से किया जाने वाला एरोबिक व्यायाम है। दौड़ने से श्वसन (फेफड़ों) फिटनेस में सुधार होता है। यह दिल के दौरे के जोखिम कम करता है और इसी तरह बहुत सी दिल और फेफड़ों की बीमारियों और कुछ तरह के कैंसरों के खतरे को कम कर देता है।
आजकल लोग समय की कमी के कारण कहे या आलस के कारण कहे दौड़ना ही नहीं चाहते हैं। जब दिमाग में फिट रहने का सनक चढ़ता है तब कुछ दिन आप सुबह दौड़ने के बाद फिर उसी आलसीपन में डूब जाते हैं।
  यदि आप सुबह दौड़ते हैं तो इससे न केवल आप खुद को फिट रख पाते हैं बल्कि बहुत सारी बीमारियों को भी दूर भगा सकते हैं। गांव में तो लोग ऐसा करते हैं लेकिन शहरों में काम और थकान का बहाना बनाकर इससे दूर भागते हैं। अक्सर देखा गया है कि दो दोस्त जब भी वजन घटाने की बात करते हैं जिम या दौड़ने की चर्चा जरूर करते हैं लेकिन आलसीपन उन्हें ऐसा नहीं करने देती। इसलिए वह न तो जल्दी उठ पाते हैं और न ही सुबह दौड़ने का ख्वाब पूरा कर पाते हैं। आइए जानते हैं सुबह दौड़ने के फायदों के बारे में
 
वजन घटाता है यदि आप अतिरिक्त किलो घटाना चाहते हैं, तो दौड़ना शुरू कर दीजिए। दौड़ना व्यायाम का एक उत्कृष्ट रूप है, क्योंकि यह कैलोरी को जला देता है, लेकिन चोटों से बचने के लिए धीमी गति से शुरू करें।
पाचन में सुधार 
दौड़ना पाचन में सुधार करने में मदद करता है और यह भूख बढ़ाता है। यह कैलोरी को जला देता है इसलिए आपको दौड़ने के बाद भूख लगने लगेगी। तो यह सुनिश्चित करें कि आप एक स्वस्थ नाश्ता ले रहे हैं।
तनाव कम करता है:-
दौड़ना व्यायाम का एक आरामदायक रूप है, क्योंकि यह स्वास्थ्य को बढ़ा देता है और आपके तनाव के स्तर को कम करने में मदद करता है।
हड्डियों को मजबूत करता है नियमित रूप से दौड़ने से ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया जैसी हड्डी से संबंधित रोगों के खतरे कम होते हैं, और यह आपकी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। दौड़ना हमारे पैरों और कमर की हड्डी के घनत्व में सुधार लाने में मदद करता है
प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को बढ़ाता है 
यदि आप नियमित रूप से जॉगिंग करते हैं, तो आप एलर्जी, सर्दी, खांसी, फ्लू आदि जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त नहीं होंगे. नियमित रूप से दौड़ने से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ती है और यह रोगों के सभी प्रकार का प्रतिरोध करता है।
दिल के स्वास्थ्य को सुधारता है रक्तसंचार को बढ़ाते, रक्तचाप को बनाए रखते, और विभिन्न हृदय संबंधी रोगों के खतरे को कम करते हुए दौड़ने से दिल का स्वास्थ्य सुधरता है।

चर्बी को जलाता है 
 
दौड़ना अधिक वसा कोशिकाओं को जलाने में मदद करता है और शरीर को दुबला पतला बना देता है। यह आपके चयापचय को भी बढ़ा देता है और आपको अवांछित वसा से छुटकारा पाने में मदद करता है।
दौड़ने से मिलती है ज्यादा संभोग शक्ति
जो लोग नियमित तौर पर दौड़ लगाते हैं, उनका यौन जीवन उन लोगों की अपेक्षा ज्यादा सक्रिय होता है जो दौड़ नहीं लगाते।
एक शोध के मुताबिक 10 में से एक दौड़ लगाने वाले (जागर्स) ने कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में कम से कम एक बार यौन संबंध स्थापित करते हैं, जबकि तीन प्रतिशत जागर्स का कहना है कि वे दिन में दो बार संभोग का लुत्फ उठाते हैं।
समाचार पत्र ‘द टेलीग्राफ’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक शोध के दौरान उन लोगों से भी बात की गई, जो दौड़ नहीं लगाए। ऐसे चार में से एक व्यक्ति का कहना था कि वह महीने में एक बार या फिर उससे भी कम बार यौन संबंध स्थापित करता है।
यह शोध 1000 जागर्ज और इतने ही उन लोगों पर किया गया, जो दौड़ नहीं लगाते हैं। शोध कराने वाली संस्था-स्यू रायडर केयर ने पाया कि 10 में से एक पुरुष जागर्स ने स्वीकार किया कि वे कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचते हैं।
दूसरी ओर, सिर्फ पांच प्रतिशत महिलाओं ने माना कि वे दौड़ने या फिर कसरत के दौरान यौन क्रिया के बारे में सोचती हैं। कसरत करने वाली कुल महिलाओं में से आधी यही सोचने में व्यस्त रहती हैं कि उन्हें कसरत से कितना लाभ हो रहा है।
सहनशक्ति में बढ़ोत्तरी
ऐसा माना गया है कि जो लोग सुबह दौड़ते हैं उनके सहनशक्ति में इजाफा होता है। वह छोटी-छोटी समस्याओं का बहुत ही आसानी से हल निकाल लेते हैं। अगर आप भी अपनी सहनशक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तो नियमित रूप से दौड़ लगाइए।
मस्तिष्क के स्वास्थ्य में सुधार लाता है:-
दौड़ना पूरे शरीर में प्रवाह को बढ़ावा देने में मदद करता है। इस के कारण, आपके दिमाग को अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं, जो आपको काम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सक्षम बनाते हैं।
बेहतर नींद लेने में मदद करता है 
यदि आपको ठीक से नींद नहीं आती है, तो आप दिन के दौरान दौड़ने की कोशिश करें। दौड़ना अच्छी नींद बढ़ाने में मदद करता है, क्योंकि आपका शरीर थक जाता है और आप रात को बाधारहित, गहरी नींद ले सकेंगे।
 
मधुमेह के खतरे को कम करता है 
अध्ययनों से पता चला है कि नियमित रूप से दौड़ना टाइप -2 मधुमेह के खतरे को कम करने में मदद करता है।
आज मधुमेह एक ऐसी बीमारी बन गई है जिसकी चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसका मुख्य कारण नियमित रूप से व्यायाम न करना हो सकता है। अगर आप सुबह-सुबह दौड़ लगाते भी हैं तो इससे मधुमेह पर नियंत्रण पाया जा सकता है तथा इंसुलिन बनने की प्रक्रिया में भी सुधार सकता है।
ऊर्जा बढ़ाता है:-
सुबह उठते ही आपको थकान होने लगती है, इसीलिए सुबह की थकान को दूर करने के लिए आपको रोज दौड़ना शुरू कर देना चाहिए। आपको दौड़ने को अपने रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्‍सा बनाना चाहिए। इससे आपकी ऊर्जा का स्‍तर बढ़ेगा और आप दिन भर अधिक क्षमता से काम कर पाएंगे।
उच्च रक्तचाप और अस्थमा
जो लोग उच्च रक्तचाप और अस्थमा से पीड़ित हैं उन्हें भी धीरे-धीरे ही सही, सुबह दौड़ना चाहिए। दौड़ने से अस्थमा रोगियों के लिए फायदा यह है कि इससे फेफड़े मजबूत होते हैं तथा श्वसन प्रक्रिया में सुधार होता है। इसके अलावा इससे धमनियों का व्यायाम होता है और रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
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