31.1.17

अशोक पेड़ के औषधीय गुण ,लाभ,उपचार : Ashoka tree have medicinal properties

    

   
    अशोक का पेड़ ज्‍यादातर घरों के आस-पास पाया जाता है। यह पेड़ न केवल छाया प्रदान करता है बल्‍कि आयुर्वेद के अनुसार इसमें ढेर सारे औषधीय गुण भी होते हैं। ओशक का पेड़ एक जड़ी बूटी की तरह कार्य करता है और तमाम बीमारियों की पल भर में छुट्टी कर देता है।
अशोक के पेड़ के औषधीय लाभ (Medicinal Benefits of Ashoka)
स्त्री रोग (Ashoka for Gynecological Problems)
स्त्री की माहवारी में हुई गड़बड़ी जैसे ज्यादा ब्लीडिंग और दर्द में अशोक के पत्ते और छाल से बनी दवा काफी असरदार होती है। पेट के दर्द, मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और गर्भाशय में ऐंठन समेत स्त्री के सभी रोगों में अशोक के पत्ते और छाल से बनी दवाइयां काफी फायदेमंद होती है।
 जानते हैं इस पेड़ के अन्य  औषधीय गुणों के विषय मे -
स्‍वास्‍थ्‍य लाभ :
 
पुरातन काल से ही अशोक को गर्भाशय टॉनिक के रूप में प्रयोग किया आता जा रहा है। यह माहवारी के दौरान भारी ब्‍लीडिंग को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह उन दिनों पर होने वाले पेट दर्द और बेचैनी को भी दूर करता है। 
किडनी और पेशाब संबधी रोग (Ashoka for Kidney and Urine Related Diseases)
अशोका के पत्तों और छाल से बनी दवाइयों के सेवन से पेशाब संबधी रोग दूर होते हैं। खासकर पेशाब करने के दौरान दर्द, और पेशाब के रास्ते में पथरी होने पर इससे बनी दवाई काफी फायदेमंद होती है। इसके सेवन से किडनी भी ठीक से काम करती है।
पेचिश (Ashoka for Dysentery)
*अशोक के फूल का रस पेचिश और शूल की अचूक दवा है। खासकर अगर पाखाने के साथ खून, आंव और पोटा आ रही है तो अशोक के फूल से निकले रस के सेवन से यह हमेशा के लिए ठीक हो जाती है।
*अशोकारिष्ट स्त्री रोग के इलाज के लिए काफी प्रचलित दवा है। यह गर्भाशय की बिमारियों के लिए टॉनिक है। गर्भपात और अनियमित माहवारी से हुई परेशानी में यह काफी असरदार है। आयुर्वेद में ल्यूकोरिया, सिस्ट और कफ के लिए अशोका के पत्ते और छाल से बनी दवाओं को नियमित रुप से सेवन करने की सलाह दी गई है।
दर्द (Ashoka for Pain)
अशोक के पत्ते और छाल के अर्क में दर्द निवारक गुण होता है। छाल को पीस कर लेप लगाने से चोट और किसी भी तरह के दर्द में आराम मिलती है।
त्वचा संबधी समस्या (Ashoka for Skin Problems)
अशोक के पत्ते और छाल से बने पेस्ट या जूस लगाने से त्वचा में रौनक आती है। अगर स्किन में जलन हो तो भी इसे आजमाएं, काफी ठंढक मिलेगी। यह शरीर से विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। स्किन एलर्जी में भी यह काम करती है।
मुंहासे: 
    100 ग्राम अशोक की छाल के  पावडर को 2 गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक कि यह एक कप न हो जाए। फिर इसमें ½ कप सरसों का तेल मिक्‍स करें और ठंडा कर के चेहरे पर लगाएं। इसे तब तक लगाना है जब तक कि आपको मुंहासों से छुटकारा ना मिले।
 
ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम (Ashoka for Blood Circulation System)
अशोक से बनी दवाइयों के सेवन से ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम या रक्त परिसंचरण तंत्र ठीक रहता है और इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम रहता है। इससे हार्ट की मांसपेशियां भी मजबूत रहती है।
*अशोक के फूलों को पीसकर अगर शहद के साथ उनका सेवन किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होते हैं।
पाइल्‍स:
 आंतरिक पाइल्‍स को ठीक करने के लिये अशोक की छाल का प्रयोग किया जाता है। अगर आप दो से तीन बार अशोक की छाल का काढा पियें तो आपको आराम हो सकता है। इसके लिये 90 ग्राम अशोक की छाल, 360 एमएल पानी और 30 एमएल दूध मिला कर तब तक उबालें जब तक कि काढ़ा 90 ग्राम तक ना बन जाए।
और भी कई बिमारियों में आता है काम (Ashoka for other Diseases)
केकड़ा या जहरीले कीड़े के काटने में दर्द और चुभन से राहत
डायबिटीज
वात और पित्त विकार के इलाज में
सूजन
बुखार
हाइपरटेंशन
 
कृमि को मारने में
और भी-
    *कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में धन की कमी जैसे हालातों का सामना नहीं करना चाहता। लेकिन अगर किसी कारणवश ऐसी स्थिति आ गई है तो अशोक के पेड़ की जड़ को आमंत्रण देकर या फिर दुकान लेकर आएं।इस जड़ को किसी पवित्र स्थान पर रखने से धन से जुड़ी समस्या का समाप्त हो जाएगी।
*घर में कोई उत्सव या त्यौहार हो, या फिर कोई शुभ कार्य होना हो तो अशोक के पत्तों की वंदनवार बनाकर दहलीज के बाहर कुछ ऐसे लगाएं कि हर अंदर आने वाले व्यक्ति के सिर पर वे स्पर्श हों। इसके प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहती है।इस वंदनवार को तब तक नहीं उतारा जाना चाहिए जब तक कि दूसरा मांगलिक अवसर ना आ जाए।
*पति-पत्नी के बीच तनाव या फिर पारिवारिक कलह को शांत करने के लिए अशोक के 7 पत्तों को मंदिर में रख दें। मुरझाने के बाद इन पत्तों को हटाकर दूसरे नए पत्ते ले आएं और पुराने पत्तों को पीपल के पेड़ की जड़ में डाल दें। यह उपाय करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है।
*अशोक के पत्ते वाकई चमत्कारी होते हैं। वंदनवार के हरे पत्तों के अलावा सूखे पत्ते भी काफी कारगर लाभदायक हैं। ये घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को बाधित करते हैं।
*तांबे की ताबीज में अशोक के बीज धारण करने से लगभग हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। ना तो व्यक्ति को धन से जुड़ी कोई दिक्कत आती है और ना ही उसकी गरिमा कम होती है।
*दुर्गा के भक्तों और उनकी कृपा पाने की लालसा रखने वाले व्यक्तियों को प्रतिदिन अशोक के पेड़ की जड़ में पानी चढ़ाना चाहिए।जल चढ़ाते समय देवी का जाप या उनका ध्यान अवश्य किया जाना चाहिए। इस उपाय को करने से बिगडी किस्मत  भी बन जाती है|
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