19.12.14

पालक में हैं भरपूर औषधीय गुण:Spinach are rich in medicinal properties


पालक में विटामिन ए,बी,,सी और इ  एवं प्रोटीन,सोडियम,,केल्शियम ,फास्फोरस  और लोह तत्व पाया जाता है| यह रक्त  की शुद्धि  करता है और रक्ताणुओं  में वृद्धि करता है| पालक में  प्रोटीन  उत्पादक  एमिनो एसीड  पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है|
इसके हरे पत्तों में ऐसा तत्त्व होता है जो प्राणी मात्र   का  विकास और वृद्धि करता है| पालक बुद्धि बढ़ाने में सहायक है|

   पालक कफ  एवं श्वास  रोगों में हितकर है| पालक आँतों को क्रिया शील रखता है और आँतों में मौजूद  मल  को बाहर निकालने में सहायता  करता है| मधुमेह रोग में भी पालक की उपयोगिता  साबित हो चुकी है| इसके बीज पीलिया और पित्त प्रकोप  से निजात दिलाने में सहायक हैं| कच्चा पलक खाने में खारा और  थौड़ा कड़वा होता है  लेकिन बहुत लाभ कारी है| दही के साथ कच्चे  पालक का रायता  स्वादिष्ट और गुणकारी होता है| सम्पूर्ण पाचन संस्थान के लिए पालक  अति उपयोगी है|

    पालक निम्न रोगों में हितकर है-  रक्त वृद्धि के लिए पालक का रस आधा गिलास में दो चम्मच शहद  मिलाकर  रोजाना  दो  माह तक पीने से शरीर  में खून की वृद्धि होती है | 

गले की जलन में पलक के रस  से कुल्ले करने से लाभ होता है|
 पालक के पत्तों का रस या क्वाथ  पीने से  पथरी पिघल जाती है| और मूत्र वृद्धि होकर  इसके कण बाहर निकल जाते हैं\ नेत्र ज्योति  बढाने के लिए पालक में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए होता है|

पालक विभिन्न उदर रोगों में लाभ प्रद है| आमाशय के घाव छाले और आँतों के अल्सर में भी




पालक का रस  लाभ प्रद है| कच्चे पालक का रस आधा गिलास नित्य पीते रहने से कब्ज- नाश होता है| पायरिया रोग में कच्ची पालक खूब चबाकर  खाना  और पत्ते का रस पीना हितकर है\

  रक्त की कमी संबंधी विकारों मे पालक का रस १०० मिली  दिन में तीन बार पीने से  चेहरे पर लालिमा ,शक्ति स्फूर्ति का संचार   होता है\ रक्त संचार   प्रक्रिया में तेजी आती है और  चेहरे के रंग में निखार आता है 
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