24/10/14

वायरल बुखार की सरल चिकित्सा

     
मौसम में बदलाव के साथ ही शरीर में भी कई प्रकार के बदलाव शुरू हो जाते हैं और गर्मी में मौसम नमीयुक्त और चिपचिपा होने लगता है। इस मौसम में वायरल बुखार से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं। वायरस से होने वाला बुखार, गला दर्द व नाक बहने की समस्याएं ज्यादा लेकर आता है।



    वायरल बुखार बच्चों व बड़ों को समान रूप से प्रभावित करता है। वायरल में संक्रमण की स्थिति कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकती है। वायरल में कई लोग खाना-पीना छोड़ देते हैं। लेकिन खाना छोडऩे से बीमारी और बढ सकती है। इसलिए जहा तक संभव हो वायरल में खूब खाना खाएं और डिहाइडेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं।

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वायरल बुखार में खाने के फायदे

      वायरल बुखार तभी होता है जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए। अगर सेहतमंद ओर प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद निर्मित हो जाती है। सादा, ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकते हैं। रखे हुए खाने को गर्म करके ही खाएं क्योंकि इससे सभी बैक्टीरिया समाप्त हो जाते हैं। खाने में अदरक, लहसुन, हींग, जीरा, काली मिर्च, हल्दी और धनिये का प्रयोग अवश्य करें क्योंकि इनमें पाए जाने वाले तत्व पाचन शक्ति को बढाते हैं और वायरल के कीटाणुओं से लडते हैं।

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वायरल बुखार में क्या-क्या खाएं

मौसमी संतरा व नीबूं खाएं जिसमें विटामिन-सी और बीटा कैरोटींस होता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है। वायरल फीवर होने पर डाई फूड खूब खाना चाहिए। डाई फूड में जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। लहसुन में कैल्सियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और खनिज तत्व पाए जाते हैं। इससे



सर्दी, जुकाम, दर्द, सूजन और त्वचा से संबंधित बीमारिया नहीं होती हैं। लहसुन घी या तेल में तलकर चटनी के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। खूब पानी पियें। इससे डिहाइडेशन के अलावा शरीर पर हमला करने वाले माईक्रों ओर्गेनिज्म को बाहर निकालने में मदद मिलती है।


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तुलसी के पत्ते में खासी, जुकाम, बुखार और सांस  संबंधी रोगों से लडने की शक्ति है। बदलते मौसम में तुलसी के पत्तियों को उबालकर या चाय में डालकर पीने से नाक और गले के इंफेक्शन से बचाव होता है।







वायरल बुखार में हरी और पत्तेदार सब्जियों का अधिक मात्रा में प्रयोग करें। क्योंकि
हरी सब्जियों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे डिहाइडेशन नहीं होता है। टमाटर, आलू और संतरा खाएं। इनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। वायरल में दही खाना बंद न करें क्योंकि दही खाने से बैक्टीरिया से लडने में सहायता मिलती साथ ही यह पाचन क्रिया  को  सही रखता है। पेट खराब, आलसपन और बुखार को दूर करता है।


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वायरल में गाजर खाएं, इसमें केरोटीन पाया जाता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है और कीटाणुओं से लडने में मदद मिलती है। अधिक मात्रा में केले और सेब का सेवन करें। इन दोनों ही में अधिक मात्रा में पोटेशियम  पाई जाती है जो ऐसा इलेक्ट्रोलाइट है जिससे दस्त नियंत्रित   होती है।
वायरल बुखार में खाना खूब खाएं लेकिन खाने का गलत कंबीनेशन कभी ना लें। मसलन अगर आप दही खा रहे हैं तो हैवी नॉनवेज या नींबू अथवा कोई खटटी चीज ना खाएं। ठंडे और तरल पेय पदाथरें का सेवन न करें क्योंकि वे शरीर में पानी रोकते हैं और असंतुलन होता है। वायरल होने पर दिमाग पर बिलकुल जोर ना लगाएं क्योंकि ऐसा करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होगी और वायरल ज्यादा दिनों तक रह सकता है।
वायरल फीवर का उपचार का विडियो-


 
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