23/3/14

संतरा के स्वास्थ्यवर्धक गुण,उपयोग,फायदे


संतरा  कई रोगों में उपकारी फल 

     
                                                                     
संतरा एक स्वास्थ्यवर्धक फल है| इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन "सी" होता है|आयरन और पोटेशियम भी काफी मात्रा में होता है| इस फल की खासियत यह है कि इसमें मौजूद फ्रक्टोज ,डेक्स्ट्रोज ;मिनरल्स और विटामिन्स शरीर में पहुँचते ही ऊर्जा देना प्रारम्भ कर देते हैं|संतरे के सेवन से शरीर में निखार आता है और सौंदर्य में वृद्धि होती है|

        संतरे के विविध प्रयोग-

संतरे का एक गिलास रस तन-मन को शीतलता प्रदान कर थकान और तनाव को दूर करता है| ह्रदय तथा मस्तिष्क को नई शक्ति और ताजगी से भर देता है|

नई और पुरानी खांसी के रामबाण उपचार 

पेचिश रोग में-
 संतरे के रस में बकरी का दूध मिलाकर पीने से पेचिश रोग में लाभ होता है|
बवासीर में- 
 संतरे का रस नियमित पीने से बवासीर रोग नियंत्रण में आ जाता है|
रक्तस्राव में- 
 संतरे के रस में रक्त स्राव रोकने की अद्भुत क्षमता है|
तेज बुखार में- 
 संतरे का रस सेवन करने से शरीर का तापमान कम होकर बुखार में फायदा पहुंचाता है|

प्रोस्टेट वृद्धि से मूत्र समस्या का 100% अचूक ईलाज 

मूत्र रोग- 
इसमें उपस्थित साईंट्रिक अम्ल मूत्र रोगों और गुर्दे की बीमारियों में उपकारी सिद्ध होता है|
*ह्रदय के रोगों में संतरे का उपयोग करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलता है|
*संतरे के सेवन से दांतों और मसूढों के रोग दूर होते हैं|
*छोटे बच्चों के लिए संतरे का रस अमृत के समान है| उन्हें हृष्ट-पुष्ट और स्वस्थ रखने के लिए दूध में चौथाई भाग संतरे का रस मिलाकर पिलाने से यह एक आदर्श टानिक का काम करता है|

पेट में अपच,गैस,जोड़ों का दर्द,उच्च रक्त चाप,गठिया,कमजोर पाचन शक्ति जैसे रोगों में संतरे का रस बेहद गुणकारी सिद्ध हुआ है|



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