6.2.14

प्याज कई रोगों में हितकारी भोजन पदार्थ .



कच्चा प्याज खाने के अनेकों फायदे हैं|
१) कब्ज मिटाता है-
प्याज में मौजूद रेशा पेट में चिपके भोजन को बाहर निकालने में सहायक है| इससे पेट साफ़ हो जाता है| कब्ज दूर करने के लिए कच्चा प्याज खाना चाहिए|
२) गले की खराश में उपयोगी -
सर्दी ,कफ अथवा खराश से पीड़ित होने पर कच्चे प्याज का रस पीना लाभ दायक है| आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा शहद या गुड मिलाकर सेवन कर सकते हैं|
३) रक्तस्राव रोकता है -
प्याज को काटकर सूंघने से नाक से खून निकलने की समस्या दूर होती है|
मस्से (पाईल्स ) में सफ़ेद प्याज खाना हितकारी है|
४) मधुमेह नियंत्रण -
 कच्चा प्याज शरीर में इंसुलिन उत्पादन करता है| इससे डायबिटीज में लाभ होता है| अगर आप शुगर पीड़ित हैं तो सलाद में नियमित रूप से प्याज सेवन करते रहें|
५) दिल की सुरक्षा- कच्चा प्याज
उच्च रक्त चाप को नार्मल करता है| और बंद खून की नालियों को खोलता है | प्याज खाने से दिल की बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है|
 
६) कोलेस्ट्रोल घटाता है-
 इसमें मिथाईल सल्फाईड और अमीनो एसिड होता है जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रोल को घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रोल की वृद्धि करता है|
७) केंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकता है- 
प्याज में प्रचुर सल्फर तत्त्व होता है| सल्फर पेट, कोलोन,ब्रेस्ट,फेफड़े और प्रोस्टेट केंसर से बचाता है| इसके अलावा यह मूत्र पथ की समस्याओं से भी निजात दिलाता है|
८) खून की कमी दूर करता है- 
 प्याज में उपस्थित सल्फर में एक विशेष तेल रहता है जो एनीमिया ठीक करने में सहायक है| प्याज को पकाने पर यह तत्त्व खत्म हो जाता है| इसलिए कच्चा प्याज खाना उचित है|
९) बूढ़ों और बच्चों को ज्यादा कफ हो जाने पर प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चटाने से फायदा मिलता है।
१०). प्याज के रस और नमक का मिश्रण मसूड़ो की सूजन और दांत दर्द को कम करता है।
 
११) . मुख्य रूप से प्याज सफेद और लाल रंग के होते हैं। सफेद प्याज दिल की समस्याओं के लिए गुणकारी हो-ता है, जबकि लाल प्याज शरीर को बल देने वाला होता है। सिर दर्द होने पर प्याज के सफेद कंद को तोड़कर सूंघना चाहिए। इसके अलावा चंदन में कपूर घिसकर कपाल पर लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है।
१२) वीर्यवृद्धि के लिए-
 सफेद प्याज के रस के साथ शहद लेने पर फायदा होता है।
१३) पातालकोट के आदिवासी मधुमक्खी या ततैया के काटे जाने पर घाव पर प्याज का रस लगाते हैं।
१४) बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्याज और गुड़ के सेवन की सलाह गुजरात के डांगी आदिवासी देते है।
१५) आदिवासियों का मानना है कि प्याज के सफेद कंद का रस, शहद, अदरक रस और घी का मिश्रण 21 दिनों तक लगातार लेने से नपुंसकता दूर होकर पौरूषत्व प्राप्त होता है
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