24.10.12

शहद और दालचीनी से करें रोगों का निवारण.

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             शहद इस धरती पर एक ऐसा पदार्थ है जो कभी सडता या खराब नहीं होता है। शहद को कभी उबालना नहीं चाहिये , वर्ना इसमें  मौजूद एन्जाईम्स नष्ट हो जाएंगे। लेकिन कुछ उपचार ऐसे हैं जिनमें शहद को गर्म करना पड सकता  है। बहुत दिनों तक ठंडे और अंध्रेरे की जगह में रखा रहने पर शहद जम जाता है और क्रिस्टल्स बन जाते हैं । इसके लिये किसी बर्तन में पानी गर्म करके उसमे शहद का पात्र कुछ समय रख दें । शहद पिघल जाएगा।

          अनुसंधान में यह प्रदशित हुआ है कि शहद और दाल चीनी के    मिश्रण में  मानव शरीर के अनेकों रोगों का निवारण करने की अद्भुत  शक्ति  है। दुनियां के करीब सभी देशों में शहद पैदा होता है। आज के वैग्यानिक इस तथ्य को स्वीकार कर चुके हैं कि शहद कई बीमारियों की अचूक औषधि है। पश्चिम के वैज्ञानिक  कहते हैं कि शहद मीठा जरूर है लेकिन अगर इसे सही मात्रा में सेवन किया जावे तो मधुमेह रोगी भी इससे लाभान्वित सकते हैं।

 हृदय रोगों में उपयोगी है

       शहद और दालचीनी के पावडर का पेस्ट बनाएं और इसे रोटी पर चुपडकर खाएं। घी या जेली के स्थान पर यह पेस्ट इस्तेमाल करें। इससे आपकी धमनियों में कोलेस्टरोल जमा नहीं होगा और हार्ट अटेक से बचाव होगा। जिन लोगों को एक बार हार्ट अटेक का दौरा पड चुका है वे अगर इस उपचार को करेंगे तो अगले हार्ट अटेक से बचे रहेंगे। इसका नियमित उपयोग करने से    द्रुत श्वास की कठिनाई दूर होगी । हृदय की धडकन में शक्ति का समावेश होगा। अमेरिका और कनाडा के कई नर्सिंग होम में प्रयोग किये गये हैं और यह निष्कर्ष आया है कि जैसे-जैसे मनुष्य बूढा होता है, उसकी धमनियां और शिराएं कठोर हो जाती हैं। शहद और दालचीने के मिश्रण से धमनी काठिन्य रोग में हितकारी प्रभाव देखा गया है।

संधिवात रोग


            संधिवात रोगी दो बडे चम्मच  शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर एक गिलास मामूली गर्म जल से लें। सुबह और शाम को लेना चाहिये। कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों  ने अपने शौध में कहा है कि चिकित्सकों ने नाश्ते से पूर्व एक बडा चम्मच शहद और आधा छोटा चम्मच दालचीनी के पावडर का मिश्रण गरम पानी के साथ दिया। इस प्रयोग से केवल एक हफ़्ते में ३० प्रतिशत रोगी संधिवात के दर्द से मुक्त हो गये। एक महीने के प्रयोग से जो रोगी संधिवात की वजह से चलने फ़िरने में असमर्थ हो गये थे वे भी चलने फ़िरने लायक हो गये।



  मूत्राषय का संक्रमण

         ब्लाडर इन्फ़ेक्शन होने पर दो बडे चम्मच दालचीनी का पावडर और एक बडा चम्मच शहद मिलाकर गरम पानी के साथ देने से मूत्रपथ के रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।


 






  कोलेस्टरोल घटाने के लिये

         बढे हुए कोलेस्टरोल में दो बडे चम्मच शहद और तीन चाय चम्मच दालचीनी पावडर मिलाकर आधा लिटर मामूली गरम जल के साथ लें। इससे सिर्फ़ २ घंटे में खून का कोलेस्टरोल लेविल १० प्रतिशत नीचे आ जाता है। और दिन मे तीन बार लेते रहने से कोलेस्टरोल बढे हुए पुराने  रोगी भी ठीक हो जाते हैं।

  आमाषय के रोग

            शहद और दालचीनी के पावडर का मिश्रण लेने से पेट दर्द और पेट के अल्सर जड से ठीक हो जाते हैं। जापान और भारत में किये गये रिसर्च में साबित हुआ है कि दालचीनी और शहद के प्रयोग से उदर की गैस का भी समाधान हो जाता है।



मुहासे


      तीन बडे चम्मच शहद और एक चाय चम्मच दालचीनी पावडर का पेस्ट बनाएं। रात को सोते वक्त चेहरे पर लगाएं। सुबह गरम जल से धोलें ।  दो हफ़्ते के प्रयोग से मुहासे समाप्त होकर चेहरा कांतिमान दिखेगा।




त्वचा विका


    दालचीनी और शहद समाना भाग लेकर मिश्रित कर एक्ज़ीमा,दाद  जैसे चर्म उद्भेद  पर लगाने से अनुकूल परिणाम आते हैं।


  मोटापा निवारण


         एक चाय चम्मच दाल चीनी पावडर  एक गिलास जल में उबालें  फ़िर आंच से उतारकर  इसमें दो बडे चम्मच शहद  मिलाकर सुबह नाश्ते से ३० मिनिट पूर्व   सुहाता गरम पीयें।   ऐसा ही रात को सोने के पहिले करना है। यह उपचार नियमित लेने से शरीर  की अनावश्यक चर्बी समाप्त होती है और अधिक केलोरी वाला भोजन लेने पर भी शरीर में चर्बी नहीं बढती है।







केन्सर



    जापान और आस्ट्रेलिया के वैग्यानिकों ने  आमाषय और  अस्थि  केंसर की बढी हुई स्थिति  को दालचीनी और शहद का उपयोग  से  पूरी तरह काबू  में किया है। ऐसे रोगियों को एक बडा चम्मच शहद और एक चाय  चम्मच  दालचीनी के पावडर  गरम जल के साथ एक माह तक लेना चाहिये।


  बेहरापन



      कम सुनने के रोग में दालचीनी और शहद बराबर मात्रा मे लेने से फ़यदा होता है।  दिन में दो बार लेना हितकर है।


  दीर्घ जीवन 



   लंबी उम्र के लिये  दालचीनी और शहद की चाय नियमित उपयोग करें।  तीन गिलास पानी उबालें । इसमें चार  चाय चम्मच  शहद और एक चाय चम्मच दालचीनी का पावडर मिलाएं। एक चौथाई गिलास चाय हर तीसरे घंटे पीयें।  इससे त्वचा स्वच्छ और झुर्री रहित बनाने में मदद मिलती है। बुढापे को दूर रखने का सर्वोत्तम उपाय है। दीर्घ जीवन की कामना रखने वाले  लोग १०० की उम्र में भी थिरकते दिखेंगे।

   प्रतिरक्षा तंत्र  शक्तिशाली बनाता है


    शहद और दालचीनी के उपयोग से इम्युन सिस्टम ताकतवर बनता है।  खून मे सफ़ेद कणों की   वृद्धि होती  है जो रोगाणु  और वायरस  के हमले से शरीर की सुरक्षा करते  है। जीवाणु और वायरल बीमारियों से लडने की ताकत बढती है।
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