14.7.17

अनियमित मासिक धर्म( पीरियड्स) के घरेलू उपचार //Home Remedies for Irregular Menstrual Periods



   महिलाओं में मासिक धर्म या पीरियड का अनियमित होना एक आम समस्या है। इसके कई कारण हो सकते हैं, खराब जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, अनीमिया (anemia), मेनोपोज़, वज़न का बढ़ना या घटना, हार्मोन संबंधी समस्या आदि। साथ ही मासिक धर्म के शुरू होने के समय और मेनोपोज़ के अवस्था के पहले हार्मोन संबंधी समस्या के कारण भी मासिक धर्म में अनियमितता हो सकती है। वैसे तो इस समस्या से निजात पाने के लिए कई प्रकार की दवाईयाँ बाजार में उपलब्ध है।
मासिक धर्म रुकने के कारण
सबसे ज्यादा मासिक धर्म की परेशानी उन लड़कियों में या महिलाओं में होती है जो आलसी होती है. इसलिए इस बात का थोड़ा ध्यान रखें, अगर आपका शरीर बहुत आलसी है और आप कुछ काम नहीं करतीं, सारे दिन आराम करते हैं तो आज से ही यह सब त्याग दें और घर के छोटे-मोटे कामकाज जरूर किया करें जिससे आपका मासिक धर्म चक्र सुचारु रूप से काम करता रहे 
मासिक धर्म रुकने के कारण
सबसे ज्यादा मासिक धर्म की परेशानी उन लड़कियों में या महिलाओं में होती है जो आलसी होती है. इसलिए इस बात का थोड़ा ध्यान रखें, अगर आपका शरीर बहुत आलसी है और आप कुछ काम नहीं करतीं, सारे दिन आराम करते हैं तो आज से ही यह सब त्याग दें और घर के छोटे-मोटे कामकाज जरूर किया करें जिससे आपका मासिक धर्म चक्र सुचारु रूप से काम करता रहे मासिक धर्म के रुक जाने का एक प्रमुख कारण यही देखा गया है इसके अलावा शरीर में खून की कमी होना या मैथुन दोष होना या फिर कभी कभी कुछ महिलाएं या युवतियां महावारी के समय ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन कर लेती हैं या फिर ठंड लग जाती है इसकी वजह से भी मासिक धर्म रुक सकता है और पानी में काफी देर तक भीगना भी इसका एक कारण हो सकता है
अनियमित मासिक के घरेलू उपचार -
हल्दी-
हल्दी एक ऐसा मसाला है जो न सिर्फ आपके मासिक धर्म को नियमित करने में मदद करता है बल्कि हार्मोन संबंधी समस्या से निजात दिलाने में भी मदद करता है। इसका इमानेगोज (emmenagogue ) गुण मासिक धर्म संबंधी समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसका एन्टी-इन्फ्लेमटोरी गुण मासिक धर्म के दौरान दर्द से भी राहत दिलाने में मदद करता है।
विधि-
एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी को एक गिलास दूध में डालें और उसमें स्वाद लाने के लिए थोड़ा शहद या गुड़ डाल सकते हैं। जब तक कि समस्या से निजात न मिल जायें कुछ हफ़्तों तक इसको पी सकते हैं। आप हल्दी का इस्तेमाल साधारण रूप से खाने में भी कर सकते हैं।
तिल और गुड़-
तिल में लिग्नान (lignin) और ज़रूरी फैटी एसिड्स होते हैं जो हार्मोन संबंधी किसी भी समस्या को ठीक करने में मदद करता है। और गुड़ शरीर को गर्म करके मासिक धर्म को नियमित करने में मदद करता है।
विधि- एक मुट्ठी तिल को सूखा भून लें फिर उसको एक छोटा चम्मच गुड़ के साथ पीसकर पावडर जैसा बना लें। उसके बाद मासिक धर्म शुरू होने के दो हफ़्ते पहले से रोज एक छोटा चम्मच इस मिश्रण को खाली पेट खायें। ऐसा कुछ महीनों तक करें। ऐसे भी गुड़ खाने पर अनियमित मासिक धर्म का इलाज हो सकता है।
नोट- मासिक धर्म के दौरान तिल-गुड़ पावडर का इस्तेमाल न करें।
मासिक धर्म की अनियमितता के लक्षण
1. मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला के गर्भाशय में दर्द होता हैं.
2. मासिक धर्म की अनियमितता से महिला को भूख कम लगती हैं.
3. मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला के शरीर में दर्द रहता हैं. खासतौर महिला के स्तनों में, पेट में, हाथ – पैर में तथा कमर में.
4. मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला को अधिक थकान भी महसूस होती हैं.
5. मासिक धर्म के ठीक समय पर न होने के कारण महिला को पेट में कब्ज तथा दस्त की भी शिकायत हो जाती हैं
6. मासिक धर्म की अनियमितता होने से महिला के शरीर में स्थित गर्भाशय में रक्त का थक्का बन जाता हैं.
अनियमित मासिक धर्म से बचने के लिए क्या उपाय करें
* मासिक धर्म की अनियमितता को ठीक करने के लिए महिलाएं गरम दूध और अजवायन का सेवन कर सकती हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए एक गिलास दूध लें और उसके साथ 8 से 10 ग्राम तक अजवायन लें. अब अजवायन को खाकर उसके ऊपर से दुध पी लें. मासिक धर्म की अनियमितता ठीक हो जाएगी.
* मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने के लिए आप दालचीनी के चुर्ण का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस रोग की समस्या से निदान पाने के लिए 4 या 5 ग्राम चुर्ण का पानी के साथ रोजाना का सेवन करें. रोजाना दालचीनी के चुर्ण का सेवन करने से मासिक धर्म में किसी भी प्रकार की समय नहीं होती तथा अगर आपके शरीर में मासिक धर्म की अनियमितता से दर्द हो रहा हो तो वह भी ठीक हो जाता हैं.
*मासिक धर्म की अनियमितता से आराम पाने के लिए आप राई (सरसों) के दानों का भी उपयोग कर सकते हैं. मासिक धर्म की अनियमितता को खत्म करने के लिए राई के दानों को पीस लें. अब राई के इस चुर्ण को खाना खाते समय पहले के कुछ निवालों के साथ खाएं. राइ का सेवन खाने के साथ करने से मासिक धर्म से सम्बन्धित सभी प्रकार की दिक्कतें ठीक हो जाती हैं.
* यदि किसी महिला को मासिक धर्म ठीक समय पर न हो तो वह गाजर के रस का उपयोग कर सकती हैं. इस समस्या से निदान पाने के लिए गाजर के रस के साथ पानी का सेवन करें. दिन में दो बार गाजर के रस के साथ पानी को पीने से मासिक धर्म ठीक समय पर होंगे.
*मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या को दूर करने के लिए आप गाजर के रस का या गाजर के सूप का भी सेवन कर सकते हैं. गाजर के रस का या गाजर के सूप को पीने से मासिक धर्म की अनियमितता से छुटकारा जल्दी मिल जाता हैं.
*तुलसी के पत्तों की ही भांति तुलसी के बीज भी बहुत ही उपयोगी होते हैं. मासिक धर्म के नियमित समय पर न होने पर आप इन बीजों का प्रयोग कर सकते हैं. मासिक धर्म की इस समस्या से राहत पाने के लिए तुलसी के बीजों को पानी में डालकर उबाल लें. उबालने के बाद पानी को उतारकर रख दे. थोड़ी देर के बाद इस पानी का सेवन करें. आपको अनियमितता से छुट्टी मिलेगी.
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