23.6.17

बांझपन का इलाज योग आसन से



माता पिता बनना दुनिया का सबसे बड़ा सुख है| लेकिन बहुत से अभिभावक बांझपन के चलते बच्चे का सुख नहीं उठा पाते है| योग ऐसे पेरेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद है जिनकी संतान नहीं है| योग की मदद से गर्भधारण करने की क्षमता बढती है| महिलाओ और पुरुषो में कुछ यौन समस्याओ के चलते गर्भाधान नहीं हो पाता|
पुरुषों और महिलाओं में बांझपन के महत्वपूर्ण कारणों में से कुछ कारण है कम शुक्राणु, शुक्राणुओं की खराब गुणवत्ता, महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता, ओवेरियन सिस्ट, ट्यूब की रुकावट, आदि|
योग की मदद से इन परेशानियों से निजात पाई जा सकती है| कुछ योग के आसन है जिनका यदि अभ्यास किया जाये तो संतानहीन भी संतान का सुख भोग सकता है| बाबा रामदेव ने इसके लिए कई आसनों के बारे में बताया है तो आइये जानते है
आइये जानते है निःसंतान जोड़ों के लिए उपयोगी महत्वपूर्ण योग आसन
वज्रासन या वज्र मुद्रा
धनुरासन या धनुष मुद्रा
सुखासन या आसान मुद्रा
योग निद्रा
धनुरासन या धनुष मुद्रा


यह आसन जननांग अंगों और शरीर के अन्य भागों में रक्त की आपूर्ति को बढ़ाने में मदद करता है।  

साथ ही साथ यह रक्त से विषाक्त पदार्थों को भी दूर करने में मदद करता है| इसके नियमित अभ्यास से शरीर में यौन हार्मोन का स्तर बढ़ता है|
वज्रासन या वज्र मुद्रा


यह योग आसन अल्पशुक्राणुता का सबसे प्रभावी इलाज है| यह शुक्राणुओं की संख्या कम होने पर या अन्य यौन समस्याओं को ठीक करने के लिए बहुत उपयोगी है। यह आसन यौन अंगों को रक्त की आपूर्ति पूरी करता है और जब रक्त की आपूर्ति पूरी हो जाती है तब यौन अंगों की गतिविधि भी बढ़ जाती है|
इस आसन को तुरंत खाने के बाद करने के लिए कहा जाता है| यह आसन पाचन में मदद करता है और अम्लता जैसी अन्य पाचन समस्याओं में भी मदद करता है| इसलिए इसे खाना खाने के बाद करने के लिए कहा जाता है|
करने की विधि:
वज्रासन करने के लिए किसी समतल स्थान पर घुटनों के बल बैठ जाये| आपके नितम्ब आपके दोनों पैरो के एडियो के ऊपर रहेंगे| अपने दोनों हाथो को अपने झांघो पर रखिये| आपकी पीठ बिलकुल सीधी रहनी चाहिए| अपनी साँसों को सामान्य रहने दे| भोजन के पश्चात खास तौर पर कम से कम पांच मिनट तक इस आसन को करना चाहिए।
सुखासन या आसान मुद्रा


यह आसन शरीर से तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। साथ ही साथ यह विभिन्न रोगों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है| यह योग आसन का सरलतम रूप है। यह मूड को बढ़ाने में मदद करता है और यौन अंगों की ताकत भी बढ़ जाती है। यह Yoga for Infertility बहुत प्रभावी है|
सुखासन करने की विधि:
सुखासन करने के लिए अपने पैर को लम्बे करके बैठ जाये| फिर पालथी मार ले, अर्थात एक पैर की एडी को दुसरे पैर के घुटनों के निचे और दुसरे पैर की एडी को पहले पैर के घुटनों के निचे| इस योगा का अभ्यास करते वक्‍त आपका सिर और गर्दन दोनों एक सीध में होना चाहिये। आपको झुककर नहीं बैठना है, अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे और उसे बिल्‍कुल भी ना मोड़े। अपने दोनों हाथों को अपने पैरों पर रखें। यदि शुरुवात में आपको इसे करने में कठिनाई आ रही है तो आप टेकने के लिए दिवार का सहारा भी ले सकते है|
योग निद्रा


यह मुद्रा शरीर से हर प्रकार के तनाव को दूर करने में मदद करती है। यह उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए एक बहुत अच्छा आसन है। इस आसन के नियमित अभ्यास शरीर की ताकत बढती है और शरीर से तनाव दूर होता है। यह कामेच्छा बढ़ाने में भी मदद करता है|
 

करने की विधि:
इसे करने के लिए समतल जगह पर दरी बिछाएं। फिर ढीले कपड़े पहनकर शवासन की स्थिति में लेट जाएं। जमीन पर आपके पैरो के बीच लगभग एक फुट की दूरी होनी चाहिए। अपनी आँखे बंद कर ले| हथेली की कमर से छह इंच की दुरी होना चाहिए| अब अपने सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर को शिथिल कर दे साथ ही साथ मन और मस्तिष्क से सारे विचार और तनाव को हटादे| इस वक्त आपको पूरी सांस लेना व छोड़ना है|
अपने पुरे शरीर को शांतिमय रखे| कल्पना करें कि आपका पूरा शरीर जैसे की हाथ, पैर, पेट, गर्दन, आंखें सब कुछ शिथिल हो गए हैं। पुरे शरीर को तनाव मुक्त होने का निर्देश देदे| अब स्वयं से मन ही मन कहें कि मैं योग निद्रा का अभ्यास करने जा रहा हूं। ऐसा कम से कम तीन बार दोहराएं और गहरी सांस लेना तथा छोड़ना जारी रखे| ऐसा महसूस करने की आपके शरीर से सारी परेशानिया एवं दर्द बाहर जा रहा है|
अपने मन को दाहिने पैर पर ले जाये और महसूस करे की आपके पैरो की सभी उंगलिया, तलवे, एडी, घुटने शिथिल हो रहे है| ऐसा ही बाये पैर के साथ भी करे| सहज सांस ले और छोड़े|
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