13.5.17

सीने में दर्द के लिए घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies For Chest Pain)



  कुछ लोग छाती में होने वाले दर्द के कारण चिंता करने लगते हैं तथा ऐसा मानते हैं कि यह दर्द हार्ट (हृदय) से संबंधित किसी समस्या के कारण है। परंतु यह एक अस्थायी दर्द होता है तथा तब तक रहता है जब तक पेट की गैस निकल नहीं जाती। सीने में दर्द हमेशा हृदय संबंधी समस्‍याओं के कारण नहीं होता है। इसके लिए कई अन्‍य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, सीने में दर्द महसूस होने पर हमेशा चिकित्‍सक से सलाह लेने के लिए कहा जाता है ताकी सीने में दर्द के सही कारणों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकें। आमतौर पर सीने में होने वाले इस दर्द को 'एंजाइना' कहा जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में एंजाइना पेक्टोरिस कहा जाता है। कोरोनरी डिजीज के चलते दिल तक पहुंचने वाले रक्त की मात्रा कम होने पर एंजाइना की समस्या होती है। सीने में दर्द की कभी भी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। एक बार यह जानने के बाद कि दर्द के कारणों में दिल संबंधी गंभीर समस्‍या शामिल नहीं है।
जब सीने में हो दर्द तो अपनायें ये घरेलू उपाय
 
लहसुन
लहसुन समग्र स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है, विशेष रूप से हृदय समस्‍याओं के इलाज के लिए तो लहसुन बहुत ही फायदेमंद होता है। लहसुन में पाये जाने वाले कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन और विटामिन सी के कारण इसे विटामिन और मिनरल का भंडार कहा जाता है। इसके अलावा इसमें आयोडीन, सल्‍फर और क्‍लोरीन भी पाया जाता है। यह खांसी, अस्‍थमा और कफ आदि के कारण होने वाले सीने में दर्द को दूर करने में मदद करता है। लहसुन की केवल एक कली को नियमित रूप से लेने से कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम और धमनियों की दीवारों पर पट्टिका का निर्माण रोका जा सकता है, जो एंजाइना या सीने में दर्द का एक प्रमुख कारण है। 
पेट की गैस को कम करने के तरीके 
अपूर्ण पाचन, जल्दी जल्दी खाना खाते समय खाने के साथ हवा निगलने, कब्ज़, तैलीय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खाने, अधिक फाइबर और स्टार्च युक्त आहार लेने, खाद्य पदार्थों की एलर्जी आदि के कारण आँतों में गैस बन सकती है। कुछ पेय पदार्थ जैसे सोडा युक्त ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर के कारण भी यह समस्या हो सकती है। गैस निकलना, पेट में दर्द, छाती में दर्द, पेट में सूजन और भूख न लगना छाती में दर्द के लक्षण हैं।
अदरक 
अदरक की जड़ विभिन्न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के इलाज के लिए बहुत पुराना उपाय है। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं जैसे एसिडिटी, सर्दी और फ्लू और सूजन और गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली उल्‍टी और मतली के लिए बहुत ही उपयोगी उपाय है। जब भी आप सीने में दर्द का अनुभव करें तो सूजन को कम करने और खांसी से राहत पाने के लिए अदरक की जड़ की चाय का सेवन करें। इसके अलावा इससे बनी चाय हार्टबर्न के कारण होने वाले सीने में दर्द को दूर करने में भी मददगार होती है।
 
इलायची और जीरा 
गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है। ये कार्मिनटिव (वातहर) की तरह कार्य करते हैं। ये पेट से गैस निकालते हैं तथा इस फंसी हुई गैस के कारण छाती और पेट में होने वाले दर्द से आराम दिलाते हैं। आप इलायची को पानी में कुछ देर उबालकर इलायची की चाय पी सकते हैं। ये पाचन में भी सहायक होते हैं तथा गैस बनने से भी रोकते हैं।
हल्दी
एक मसाले के रूप में हल्दी का इस्‍तेमाल व्यापक रूप से एशियाई व्यंजनों में किया जाता है और जड़ी बूटी के रूप में इसका इस्‍तेमाल आयुर्वेद और चीनी दवाओं में एंटी-इंफ्लेमेंटरी रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। हल्दी में पाये जाने वाले करक्यूमिन नामक तत्‍व के कारण इसका इस्‍तेमाल पेट फूलना, घाव, सीने में दर्द आदि जैसे विभिन्न रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों से दिल की रक्षा के लिए करक्यूमिन बहुत प्रभावी है। यह तत्‍व कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण रोकने में मदद करता है जो रक्‍तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर धमनियों की दीवारों पर प्‍लॉक को मजबूत बनाता है।
तुलसी (Holy Basil)
तुलसी में सिर्फ एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं बल्कि एंटी इंफ्लामेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा तुलसी में ऐसे कई कंपाउड पाए जाते हैं जो दिल के सेहत के लिए भी गुणकारी है। तुलसी में Eugenol पाया जाता है जो दिल के सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। तुलसी के पत्ते लोग चबा कर खाते हैं और कई लोग चाय और काढ़ा बना कर पीते हैं। अगर छाती में दर्द है तो तुलसी-अदरक का काढ़ा बना कर उसमें शहद की बूंदे डाल कर पी लीजिए काफी फायदा करेगा।


गुड़हल
हिबिस्कस में बहुतायत में एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी, विशेष रूप से फ्लेवोनॉयड मुक्त कणों को बेअसर कर पूरे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में करता हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट धमनियों में वसा के संचय को कम कर हृदय की समस्याओं और सीने में दर्द को रोकने में मदद करता है। साथ ही इस जड़ी बूटी में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं विशेष रूप से अगर आपको सर्दी और फ्लू से ग्रस्त होने पर खांसी और सीने में तेज दर्द होता है। हिबिस्कस चाय खांसी, सीने में दर्द, गले में खराश और अन्य सांस की समस्याओं को दूर करने में मददगार होती हैं।
*गर्म तरल पदार्थ पीना गर्म तरल पदार्थ जैसे चाय या कॉफ़ी पेट और छाती से प्राकृतिक तरीके से गैस निकालने में सहायक होते हैं। गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द से आराम पाने के लिए यह एक प्रभावी उपचार है।
*पपीता गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द के लिए यह एक सर्वोत्तम उपचार हैं। यह पेट में गैस बनने से भी रोकता है। अत: यह पाचन के लिए भी अच्छा होता है। यदि आप गैस की समस्या से ग्रस्त हैं तो प्रतिदिन पपीता खाने की आदत डालिए।
*सॉफ्ट ड्रिंक्स न पीयें जैसा कि इनके नाम "कार्बोनेटेड ड्रिंक्स" से ही पता चलता है कि इनमें कार्बन डाई ऑक्साइड गैस होती है। ये पेट और छाती में गैस की समस्या को बढ़ा सकते हैं। अत: इनके वजह से गैस के कारण छाती में होने वाले दर्द की संभावना बढ़ जाती है।
*व्यायाम आपको ऐसे व्यायाम करने चाहिए जो पाचन में सहायक हों। यदि आपकी जीवनशैली निष्क्रिय या गति रहित है तो पाचन अच्छे से नहीं होगा जिसके कारण गैस बन सकती है। अत: हमेशा कोई हल्की फुल्की कसरत करें।
*बेकिंग सोड़ा गुनगुने पानी में थोडा सा बेकिंग सोडा मिलाकर पीयें। यह पेट से गैस निकाल देता है और दर्द से आराम मिलता है।
*दूध से बने पदार्थों का सेवन न करें कुछ लोगों को दूध से बने पदार्थ सहन नहीं होते। इन लोगों को दूध से बने पदार्थ खाने के बाद अपचन और गैस की समस्या हो जाती है। आप वे खाद्य पदार्थ जानते हैं जिनके कारण गैस होती है और उनका उपयोग टालें।

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