25.5.17

बगल में पड़ने वाली गांठ के घरेलू आयुर्वेदिक उपाय



बगल में संक्रमण, एलर्जी या फंगल ग्रोथ के कारण गांठ की समस्‍या हो जाती है।कुछ छोटे-छोटे घरेलू उपायों से इस गांठ का इलाज किया जा सकता है।

बगल मे होने वाली गांठ के घरेलू उपचार 
पानी - 
पानी, शरीर को हाईड्रेट रखता है और इससे गांठ की सूजन भी कम होने लगती है। बॉडी हाईड्रेट रहने से रक्‍त का संचार अच्‍छी तरह होता है और बगलों में कोई क्‍लॉट या लम्‍प नहीं होते हैं।
. तरबूज - 
गर्मियों के दिनों में तरबूज का सेवन अवश्‍य करें। इससे शरीर में विषाक्‍तता समाप्‍त होगी और डिहाईड्रेशन भी नहीं होगा। साथ ही चमक भी आएगी। तरबूत के सेवन से बगल में गुंथ नहीं पड़ती है।
नींबू का रस - 
नींबू के रस में विटामिन सी होता है जो त्‍वचा में चमक ला देता है और किसी भी प्रकार की गांठ पड़ने से रोकता है। नींबू का सेवन अपने आहार में नियमित करें और गांठ से छुटकारा पाएं।
विटामिन ई - 
विटामिन ई से त्‍वचा सम्‍बंधी रोग सही हो जाते हैं। दूध, सब्जियों, मछली आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन ई होता है, इनका सेवन करें।
प्‍याज -
 प्‍याज में एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीमाईक्रोबायल गुण होते है जो बैक्‍टीरिया को मार देते हैं। इससे बगल की त्‍वचा साफ और गुंथरहित रहती है।
 
हल्‍दी- 
हल्‍दी में एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीमाईक्रोबायल गुण होते हैं जो सूजन को कम करते हैं और धीरे धीरे गांठ ठीक हो जाती है। आप चाहें तो इस जगह पर हल्‍दी का पेस्‍ट हल्‍का गरम कर के लगा सकते हैं। या फिर हल्‍दी को डाइट में शामिल कर सकते हैं।
गरम पानी से सेकाई करें -
सिकाई करने से गांठ कम होनी शुरू हो जाती है। रोजाना गर्म पानी से बगल की सिकाई जरूर करें।
जरूरी सामान
- गर्म पानी
- छोटा टॉवल
इस तरह करें सिकाई
1. गर्म पानी में टॉवल को गीला करके निचोड लें।
2. इस टॉवल से 10-15 मिनट लगातार सिंकाई करें। जब टॉवल ठंड़ा हो जाए तो इसे दोबारा गीला कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि पानी को जरूरत से ज्यादा गर्म न करें।
3. दिन में 2 बार सिंकाई जरूर करें।
मसाज -
रोजाना बगल की मसाज करने से भी गांठ को खत्म किया जा सकता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सूजन भी कम होनी शुरू हो जाती है।
जरूरी सामान
- ऑलिव ऑयल
- नारियल तेल
इस्तेमाल का तरीका
1. इन दोनों तेलों की 2-2 बूंद लेकर उंगुलियों की मदद से गोलाई में बगल की मसाज करें।
2. इसकी 10-15 मिनट के लिए मसाज करें।
4. रोजाना 2 बार ऐसा करने से गांठ कम होनी शुरू हो जाती है। विटामिन ई युक्‍त तेल या गरी के तेल के साथ बगलों पर मसाज करें। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा होगा और सूजन नहीं होगी। अगर बगल में रक्‍त का संचार सुचारू रूप से होता है तो गुंथ बनने का कोई चांस ही नहीं होता।

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