20.3.17

होम्योपैथी मे पेट दर्द की औषधियाँ


पेट दर्द के लक्षण  एवं होमियोपैथिक उपचार
• पित्ताशय में पथरी के कारण दर्द – ‘कैल्केरिया कार्ब’।
• दीर्घ स्थायी पेट दर्द – ‘लाइकोपोडियम’, ‘स्टेफिसेग्रिया’।
• पेट दर्द के साथ अत्यधिक गैस बनना – ‘एलोस’, ‘अर्जेण्टमनाइट्रिकम’, ‘बेलाडोना’, ‘कार्बोवेज’, ‘सिनकोना’, ‘लाइकोपोडियम’, ‘मैगफॉस’, ‘नक्सवोमिका’, ‘रेफेनस’।

• पहले सिर दर्द, चक्कर आना, फिर पेट दर्द –‘कोलोसिंथ’, ‘स्पाइजेलिया’।
• बच्चों को पेट दर्द – ‘एथूजा’, ‘कैमीमिला’, ‘सिना’, ‘मैगफॉस’।
• गुस्से के कारण पेट दर्द – ‘कैमोमिला’।
• कार आदि में चलने के कारण – ‘काक्युलस’, ‘काबोंवेज’।
• ठंड लगने से पेट दर्द – ‘एकोनाइट’, ‘कैमोमिला’।
• पनीर खा से पेट दर्द – ‘कोलोसिंथ’।
• सलाद, खीरा आदि खाने के कारण पेट दर्द – ‘सीपा’।
• पेट की गड़बड़ियों के कारण दर्द – ‘काबोंवेज’, ‘चाइना’, ‘पल्सेटिला’ ।
• पेट के ऑपरेशन के बाद दर्द –‘हिपर सल्फ’, ‘स्टेफिसेग्रिया’।


• पैर गीले हो जाने के कारण -‘सीपा’, ‘डोलोकोस’, ‘डल्कामारा’।
• पेट में कीड़ों के कारण दर्द – ‘बिस्मथ’, ‘सिना’, ‘इंडिगो’, ‘नेट्रमफॉस’, ‘मर्कसॉल’।
• जोड़ों एवं मांसपेशियों की सूजन के कारण पेट दर्द – ‘कॉस्टिकम’, ‘डायसकोरिया’।
• लेड, कॉपर आदि धातुओं की विषाक्तता के कारण पेट दर्द – ‘एलूमिना’, ‘नक्सवोमिका’, ‘ओपियम’।
• कड़ी कब्ज होने पर – ‘एलूमिना’, ‘साइलेशिया’, ‘ब्रायोनिया’ व ‘ओपियम’।
• दस्त होने पर – ‘एलोस’, ‘पीडोफाइलम’, ‘कैमोमिला’, ‘कैल्केरिया’, ‘मैगमूर’।
• बार-बार टट्टी की हाजत होने पर – ‘नक्सवोमिका’।

• बवासीर के कारण दर्द – ‘एस्कुलस’, ‘नक्सवोमिका’, ‘कोलोसिंथ’।
• हिस्टीरिया रोग के कारण दर्द – ‘एसाफोइटिडा’, ‘इग्नेशिया’।
• मासिक स्राव संबंधी गड़बड़ियों के कारण दर्द – ‘बेलाडोना’, ‘कैमोमिला’, ‘काक्युलस’, ‘कोलोसिंथ’, ‘पल्सेटिला’, ‘साइक्लामेन’ ।
• नाड़ी संबंधी विकारों के कारण दर्द – ‘एट्रोपीन’, ‘बेलाडोना’, ‘काक्युलस’, ‘कोलोसिंथ’, ‘डायसकोरिया’, ‘मैगफॉस’, ‘नक्सवोमिका’, ‘प्लम्बम मेट’ ।
• गुर्दो की गड़बड़ी के कारण – ‘बरवेरिस’, ‘वल्गेरिस’, ‘लाइकोपोडियम’, ‘टेरेबिंथ सारसापेरिला’, ‘कॅथेरिस’।
आम तौर पर पेट में दर्द होने पर रोगी पहले दर्द से छुटकारा पाना चाहता है। इस अवस्था में ‘मैगफॉस ‘6 अथवा 30 शक्ति में एवं ‘कोलोसिंथ’ 30 शक्ति में एक-दूसरे से 10 मिनट के अन्तर पर तीन-चार बार लेने पर आराम मिलता है।
• दांतों में छेद होना, दांत गिर जाना जैसे लक्षणों के लिए – कैल्केरिया फॉस
• मोतियाबिंद की श्रेष्ठ दवा (बाहरी प्रयोग के लिए) – सिनेरिया मेरिटिमा सक्कस
• मुंह, मसूढे और गले के घाव में व बदबू नष्ट करने के लिए (बाहरी प्रयोग के लिए) – काचलेरिया (इस दवा की क्यू शक्ति की 30 बूंद, 1 कप पानी में मिलाकर कुल्ला करना चाहिए)

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