22.8.16

केले की चाय के चमत्कारी फायदे


आपने लेमन टी,तुलसी की चाय, ब्लैक टी या ग्रीन टी तो बहुत पी होगी। लेकिन क्या आपने कभी केले की चाय पी है? नहीं! तो पीजिए जनाब क्योंकि यही तो जापान के लोगों की लंबी उम्र का राज है। इसके साथ ही ये कई बीमारियों को दूर भी करती है। केले की चाय पीने से कई सारी समस्याएं दूर होती हैं। यह एक अचूक घरेलू उपाय है रोगों से बचने का।
केले की चाय को किस तरह से बनाया जाता है-
सामग्री-
*एक मध्यम या छोटे आकार का केला
*एक कप पानी
*दालचीनी चूर्ण

 


केले की चाय बनाने की विधि-
सबसे पहले आप एक कप पानी को गैस या चूले में उबालें इसके बाद स्वाद के हिसाब से इसमें दालचीनी पाउडर को डाल दें। और फिर केला का छिलका उतार कर उबलते हुए पानी में डाल दें। दस मिनट के बाद इसे छानकर इसे किसी कप डालकर पीजिए। बहुत ही कम समय में बन जाती है यह चाय ।
अब जानते हैं केले की चाय से मिलने वाले फायदों के बारे में-
कब्ज की समस्या में-
आप दूध की चाय की बजाए केले की चाय का सेवन करेगें तो इससे आपकी पुरानी से पुरानी कब्ज की बीमारी ठीक हो जाएगी।
तनाव या टेंशन में-
केले की चाय सीधे दिमाग पर असर करती हैं जिससे इंसान के नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है और आपका बढ़ा हुआ तनाव व टेंशन दूर होने लगता है।

पेट दर्द में-

केले की चाय में मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है जो पेट के दर्द को आसानी से ठीक कर देती है।
 


अनिंद्रा की समस्या-
केले की चाय आपके लिए फायदेमंद होती है। इसे पीने से नींद न आने की समस्या दूर होती है। और आपको बहुत की आरामदायक नींद आती है।अगर आपको भी अच्छी नींद नहीं आती है और सोने के दौरान आप बीच-बीच में उठ बैठते हैं तो केले वाली चाय पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद है.आमतौर पर लोग अच्छी नींद के लिए नींद की गोली ले लेते हैं लेकिन आप चाहें तो नींद की गोली की जगह केले वाली चाय ले सकते हैं. वैसे भी नींद की गोली लेने से अक्सर भारीपन, कब्ज और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है.केले में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पायी जाती है. इसके साथ ही ये मैग्नीशियम का भी खजाना है. ये दोनों ही तत्व नर्वस सिस्टम को रीलैक्स करने का काम करते हैं और तनाव को कम करते हैं.\अगर आपको नींद न आने की समस्या है तो केले का चाय पीएं। इससे आपको गहरी और सुहानी नींद आएगी।
केले वाली चाय बनाने में मुश्क‍िल से 10 मिनट का समय लगता है. एक छोटा केला ले लें और एक कप पानी में दालचीनी डालकर उसे उबाल लें. जब पानी उबलने लगे तो इसमें केला डाल दें. इसे 10 मिनट तक उबलने दें. इसे छानकर पी लें.






2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (26-08-2016) को "जन्मे कन्हाई" (चर्चा अंक-2446) पर भी होगी।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत ही लाभप्रद जानकारी प्रस्तुति हेतु आभार!