28.6.16

जहरीले जन्तुओं के काटने के उपचार: Poisonous animal bites, home remedies



सांप काटने पर -
१) हींग को अरंड की कोपलों के साथ पीसकर चने के बराबर गोलियां बनाइए तथा सांप के काटने पर दो – दो गोली आधे – आधे घंटे पर गर्म पानी के साथ देने पर लाभ होता है।
२) सांप के काटने पर सौ से दो सौ ग्राम शुद्ध घी पिलाकर उल्‍टी कराने से सांप के विष का असर कम होता है। घी पिलाने के १५ मिनट बाद कुनकुना पानी अधिक से अधिक पिलाएं इससे तुरंत उल्टियां होने लगेंगीं और सांप का विष भी बाहर निकलता जाएगा।


३) सांप के काटने पर ५० ग्राम घी में १ ग्राम फिटकरी पीसकर लगाने से भी जहर दूर होता है।



Bichhoo ka Jahar Utarne Ka Mantra - बिच्छू के जहर के लिए मंत्र
॥ मंत्र ||



ॐ नमो समुन्द्र।
समुन्द्र में कमल।
कमल में विषहर।
बिच्छू कहूं तेरी जात।
गरुड़ कहे मेरी अठारह जात।
छह काला।
छह कांवरा।
छह कूँ कूँ बान।
उतर रे उतर नहीं तो गरुड़ पंख हँकारे आन।
सर्वत्र बिसन मिलाई।
उतर रे बिच्छू उतर।
मेरी भक्ति।
गुरु कि शक्ति।
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

विधि: पहले १०८ बार मंत्र का जप करें। फिर शुद्ध गंगा जल, समुन्द्र या किसी भी नदी का जल ले कर सात बार मंत्र जप करतेहुए झाड़ा लगा दें घाव पर हाथ रख कर।

कुत्‍ता काटने पर-
१) जंगली चौलाई की जड़ १२५ ग्राम लेकर पीस लें और पानी के साथ बार बार रोगी को पिलाएं। इससे कुत्‍ते के काटने से पागल हुए रोगी को बचाया जा सकता है।
२) प्‍याज का रस और शहद मिलाकर पागल कुत्‍ते के काटने से हुए घाव पर लगाने से जहर उतरता है।
३) लाल मिर्च पीसकर तुरंत घाव में भर दें। इससे कुत्‍ते का जहर जल जाता है और घाव भी जल्‍दी ठीक हो जाता है।
४) हींग को पानी में पीस कर लगाने से पागल कुत्‍ते के काटने से हुए घाव का जहर उतर जाता है।

ततैया काटने पर- 

* ततैया या बर्रे ने काटा हो तो उस स्‍थान पर खटटा अचार या खटाई मल दें। जलन खत्‍म हो जाएगी।

* काटे हुए स्‍थान पर फौरन मिटटी का तेल लगाएं। जलन शांत हो जाएगी।

 * ततैया के काटने पर उस स्‍थान पर नींबू का रस लगाएं। सूजन और दर्द चला जाएगा।

 * मधुमक्‍खी के डंक पर सोआ और सेंधा नमक को चटनी बनाकर लेप करने से दर्द दूर हो जाता है।
* मकड़ी के काटने पर अमचुर को पानी में मिलाकर घाव पर लगाएं। आराम मिलेगा।
* कनखजूरे के काटने पर प्‍याज और लहसुन पीसकर लगाने से उसका जहर उतर जाता है।

 * छिपकली के काटने पर सरसों का तेल राख के साथ मिलाकर घाव पर लगाने से जहर दूर होता है।
नोट- उम्दा इलाज आधुनिक चिकित्‍सा पद्धति में ही है। इसलिए जैसे ही संभव हो मरीज को तुरंत अस्‍पताल में भर्ती कराएं।

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