4.3.16

गुटखा खाने के नुकसान : Chewing food threats




लोग गुटका, पान मसाला, तंबाकू, धूम्रपान और इसी तरह की कितनी ही चीजों के आदी होते हैं। कुछ लोग तो ऐसी चीजों को खाने के लिए हरदम बेचैन रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करके आप बीमारियों को खुद बुलावा दे रहे हैं-क्या आप जानतें हैं पान मसाला, तंबाकू और गुटका आपके शरीर पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इतना ही नहीं इनका प्रभाव कई बार इतना खतरनाक होता है कि आपको कैंसर तक हो सकता है। सिर्फ बीमारियां ही नहीं, इनसे व्याक्ति का हार्मोंन संतुलन भी बिगड़ने लगता है और सेक्स हार्मोंस भी प्रभावित होते हैं|इस बार जब किसी गुटखे के पाउच की रंग-बिरंगी पैकिंग खोलकर अपने मुंह में डालें तो इस बात का भी ध्यान रखें कि इससे न केवल आपको मुंह का कैंसर हो सकता है, बल्कि इससे दांत भी खराब हो सकते हैं। इतना ही नहीं, गुटखे में मौजूद कई किस्म के रसायनों से हमारे डीएनए को भी नुकसान हो सकता है।
    गुटका, तंबाकू और इसी तरह की अन्य चीजों से आपको मुंह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है। इसके साथ ही आपकों मुंह की कई और समस्याएं भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं गुटका इत्यादि चीजों से आपके दांत भी खराब हो जाते हैं और आपको सांस संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी रहता है।   आपको गुटका, तंबाकू, पान इत्यादि खाने से इसीलिए भी बचना चाहिए क्योंकि इनके निर्माण में कई तरह के रसायन और खुशबुदार कलर्स का इस्तेमाल होता है जिससे आपके हार्मोंस तो प्रभावित होते ही हैं साथ ही आपके डीएनए को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।
   शोधों में ये बात साबित हो चुकी है कि गुटका व इसी तरह की अन्य चीजों के सेवन से शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि ये नए नहीं हैं क्योंकि पहले भी कई शोधों में तंबाकू और गुटके के नुकसान साबित हो चुके है। इसके साथ ही इनसे होने वाले दांतों के नुकसान भी साबित हो चुके है।
     दुनियाभर के देशों में भारत के लोगों को मुंह का कैंसर व अन्य तरह के कैंसर का सबसे अधिक खतरा रहता है, इसका सबसे बड़ा कारण भारतीयों द्वारा गुटके का अधिक सेवन करना| दरअसल, गुटके में मिलाया जाने वाला तंबाकू, सुपारी, चूना, नशीले ,पदार्थ और कत्था इत्यादि से शरीर के एंजाइम्स पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे शरीर के हर हिस्से में पाए जाने वाले इन एंजाइम्स की कार्यशैली और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।इसके अलावा हमारे सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हाल ही में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एज्यूकेशन एंड िसर्च चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि गुटखा खाने का बुरा असर हमारे शरीर के विभिन्न अंगों पर होता है। इससे पहले विभिन्न अध्ययनों में धुआंरहित तंबाकू उत्पाद गुटखा से दांतों के खराब होने पर ही सहमति थी।
     भारत में दुनिया के दूसरे देशों की अपेक्षा कैंसर होने के खतरे सबसे ज्यादा होते हैं। गुटखे में तंबाकू, कत्था, सुपारी, चूने के साथ और कई नशीले पदार्थों को मिलाया जाता है, जो हमारे शरीर के एंजाइमों पर बुरा प्रभाव डालते हैं। हमारे शरीर के हर अंग में पाए जाने वाले साइप-450 नामक एंजाइम की कार्यक्षमता पर इसका बुरा असर पड़ता है। चंडीगढ़ में हुआ यह अध्ययन साइंस जर्नल 'केमिकल रिसर्च इन टॉक्सीकोलॉजी' में प्रकाशित किया गया है।
    हमारे शरीर में ये एंजाइम हार्मोंस के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा गुटखा हमारे शरीर में टॉक्सिन बनने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाता है। जो हार्मोन टॉक्सीन बनाते हैं, यह उनको नुकसान पहुंचाता है। इस अध्ययन के लिए जानवरों को चुना गया था। पीजीआई चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ बायोफिजिक्स के मुख्य अनुसंधानकर्ता डॉ. कृष्ण एल. खंडूजा के अनुसार गुटखे का आदमी और जानवर दोनों पर ही विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस अध्ययन के कई महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए हैं। इससे यह पता चला है कि धुआंरहित तंबाकू से न केवल मुंह और दांत संबंधी समस्याएं होती हैं, बल्कि शरीर के कई अंगों जैसे फेफड़ों, लीवर, सेक्स और किडनी पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।
   चबाने वाली तंबाकू में कई किस्म के रसायन होते हैं, जो हमारे रक्त में मिलकर पूरे शरीर को प्रभावित करते हैं। इससे पहले वैज्ञानिकों के पास धुआंरहित तंबाकू का शरीर के अन्य अंगों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों के विषय में ज्यादा ज्ञान नहीं था। इसी बात की जाँच करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशाला में चूहों पर अपने प्रयोग किए और धुआंरहित तंबाकू यानी गुटखे के एंजाइम्स और जेनेटिक्स पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जांचा गया।
   हैलिस शेखसरिया इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ, मुंबई के डायरेक्टर डॉ. प्रकाश सी. गुप्ता के अनुसार इस शोध से यह संदेश मिलता है कि गुटखा मुंह संबंधी बीमारियों को बुलावा तो देता है, पर सेक्स हार्मोन पर इसका सबसे ज्यादा निगेटिव प्रभाव देखा गया है।
यहां तक कि अधिक मात्रा में लगातार सेवन से आदमी नपुंसक हो सकता है। साथ ही यदि गर्भवती महिलाएं लगातार गुटखे का सेवन करती हैं तो इससे उनके आने वाले बच्चे को कई किस्म की समस्याएं हो सकती हैं। गुटखा मौत का पैगाम लेकर आता है हम उसे सुनने में देर कर देते हैं।

1 टिप्पणी:

kary smith ने कहा…
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