23.1.16

पीपल के पत्ते से हार्ट के ब्लाकेज हटाएँ : Use fucus religiousa leaves to remove heart blockage


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पीपल के पत्ते  के चमत्कारी गुण 



  1. 99 प्रतिशत ब्लॉकेज को भी हटा देता है पीपल का पत्ता....
    पीपल के 15 पत्ते लें जो कोमल गुलाबी कोंपलें न हों, बल्कि पत्ते हरे, कोमल व भली प्रकार विकसित हों । 






  • प्रत्येक का ऊपर व नीचे का कुछ भाग कैंची से काटकर अलग कर दें।
    पत्ते का बीच का भाग पानी से साफ कर लें। इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आँच पर पकने दें। जब पानी
    उबलकर एक तिहाई रह जाए तब ठंडा होने पर साफ कपड़े से छान लें और उसे ठंडे स्थान पर रख दें, दवा
    तैयार।
    इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर प्रत्येक तीन घंटे बाद प्रातः लें। हार्ट अटैक के बाद कुछ समय हो जाने के
    पश्चात लगातार पंद्रह दिन तक इसे लेने से हृदय पुनः स्वस्थ हो जाता है और फिर दिल का दौरा पड़ने की
    संभावना नहीं रहती। दिल के रोगी इस नुस्खे का एक बार प्रयोग अवश्य करें।
    * पीपल के पत्ते में दिल को बल और शांति देने की अद्भुत क्षमता है।
    * इस पीपल के काढ़े की तीन खुराकें सवेरे 8 बजे, 11 बजे व 2 बजे ली जा सकती हैं।
    * खुराक लेने से पहले पेट एक दम खाली नहीं होना चाहिए, बल्कि सुपाच्य व हल्का नाश्ता करने के बाद ही लें।
    * प्रयोगकाल में तली चीजें, चावल आदि न लें। मांस, मछली, अंडे, शराब, धूम्रपान का प्रयोग बंद कर दें।
    नमक, चिकनाई का प्रयोग बंद कर दें।
    * अनार, पपीता, आंवला, बथुआ, लहसुन, मैथी दाना, सेब का मुरब्बा, मौसंबी, रात में भिगोए काले चने,
    किशमिश, गुग्गुल, दही, छाछ आदि लें । ..
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4.1.16

आलू के उपयोग,प्रयोग और लाभ : Benefits of Potato


 
  आलू दुनिया में सबसे ज्यादा लोकप्रिय और सबसे ज्यादा प्रयोग की जाने वाली सब्जी है। आलू पूरी दुनिया में उगाया जाता है, लेकिन इसका मूल स्थान दक्षिण अमेरिका है। भारत में यह 16वीं शताब्दी के आसपास पुर्तगालियों द्वारा लाया गया|आलू का यदि कोई भाग हरा रह गया है तो उसे काटकर निकाल देना चाहिए, क्योंकि उसमें सोलेनाइन नामक विषैला पदार्थ होता है। इसके अतिरिक्त यदि आलू में अंकुर आ गए हों, तो अंकुरित भाग काटकर निकाल देना चाहिए और उसे प्रयोग में नहीं लाना चाहिए।
*जलने पर कच्चा आलू कुचलकर जले भाग पर तुरंत लगा देने से आराम मिल जाता है।
आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा। 

*आलू उबालने के बाद बचे पानी में एक आलू मसलकर बाल धोने से आश्चर्यजनक रूप से बाल चमकीले, मुलायम और जड़ों से मजबूत होंगे। सिर में खाज, सफेद होना व गंजापन तत्काल रुक जाता है।
  *आलू के रस में नींबू रस की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से धब्बे हल्के हो जाते हैं।
आलू के टुकड़ों को गर्दन, कुहनियों आदि सख्त स्थानों पर रगडऩे से वहां की त्वचा साफ एवं कोमल हो जाती है।
  *आलू में औषधीय गुण जबर्दस्त हैं। यह आँतों में सड़न की प्रक्रिया को रोकता है, और पाचन प्रक्रिया में सहायक बैक्टीरिया के विकास में सहायता करता है। आलू यूरिक अम्ल को घोलकर निकालता है। पुरानी कब्ज, आँतों में विषाक्तता, यूरिक अम्ल से संबंधित रोग,गुर्दों में पथरी, ड्रॉप्सी आदि रोगों के इलाज में आलू पर आधारित चिकित्सा को बहुउपयोगी माना गया है। स्कर्वी रोग में आलू को आदर्श आहार औषधि माना गया है।
आलू भूनकर नमक के साथ खाने से चर्बी की मात्रा में कमी होती है।
 * झाइयों तथा झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए आलू के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर झाइयों और झुर्रियों पर लगाएं। बीस मिनट बाद चेहरा पानी से साफ कर लें।
*भुना हुआ आलू पुरानी कब्ज दूर करता है। आलू में पोटेशियम साल्ट होता है जो अम्लपित्त को रोकता है।
  *पाचन संबंधी बीमारियों में कच्चे आलू का रस बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि यह आँतों में सूजन से आराम दिलाता है। इस रोग में आराम पाने के लिए कच्चे आलू का आधा प्याला रस भोजन से आधा घंटा पहले दिन में दो या तीन बार लेना चाहिए।
चार आलू सेंक लें और फिर उनका छिलका उतार कर नमक, मिर्च डालकर खाएँ। इससे गठिया ठीक हो जाता है।
 * आलू के पौष्टिक तत्वों का लाभ लेने के लिए इसे हमेशा छिलके समेत खाना चाहिए क्योंकि आलू का सबसे अधिक पौष्टिक भाग छिलके के एकदम नीचे होता है, जो प्रोटीन और खनिज से भरपूर होता है। आलू को उबाला, भूना या अन्य सब्जियों के साथ पकाया जाता है, इसलिए इसके पौष्टिक तत्व आसानी से हजम हो जाते हैं। शरीर उन्हें दो से तीन घंटों में आसानी से सोख लेता है। आलू का रस निकालने के लिए जूसर का प्रयोग किया जा सकता है, या फिर उसे कुचलकर या कूट-पीसकर उसका रस कपड़े में से छाना जा सकता है।
  *उच्च रक्तचाप के रोगी भी आलू खाएँ तो रक्तचाप को सामान्य बनाने में लाभ करता है।
कच्चा आलू पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम काजल की तरह लगाने से से 6 वर्ष पुराना जाला और 4 वर्ष तक का फूला 3 महीने में साफ हो जाता है।
*यह आँतों की सूजन और ड्योडेनल अल्सर से भी आराम दिलाता है। पेट और आँतों के रोगों तथा विषाक्तता के मामलों में आलू के स्टार्च का इस्तेमाल एंटीइंफ्लेमेट्री (सूजन दूर करने वाले) पदार्थ के रूप में किया जाता है।

* कच्चे आलू का रस त्वचा पर दाग-धब्बे दूर करनेमें उपयोगी सिद्ध हुआ है। आलू में मौजूद पोटेशियम सल्फर, फास्फोरस और कैल्शियम की मात्रा त्वचा की सफाई में मदद करती है।

1.1.16

चेहरे के तिल हटाने के उपाय Remedies to remove Facial Moles


   
चेहरे पर एक या दो तिल (Moles) होना आम सी बात है लेकिन जब यही तिल जगह-जगह पर दिखने लगे तो चेहरे की खूबसूरती बिगड़ जाती है।अवांछित तिल को हटाने के उपचार लिखता हूँ-

1) धनिया धनिया की पत्‍ती का पेस्‍ट बना कर उसे अपने तिल पर लगाए। इसमें आपको थोड़ा समय लगेगा पर यह आप के तिल को हमेशा के लिए हटा देगा|

2) घर पर अरंडी के तेल से मालिश करने पर भी तिल को मिटाने में काफी मदद मिलती है। इससे तिल धीरे धीरे पर हमेशा के लिए गायब हो जाता है।

3) थोडा सा शहद और सन बीज के तेल को मिलाए और रोज 5 मिनट के लिए तिल पर लगा कर रगड़े। इससे ना सिर्फ त्‍वचा चमक उठेगी बल्कि तिल भी खायब हो जाएगा।


4) पाईनेपल की चीर तिल पर रखें और उस पर बैंडडेज लगा लें। कुछ घंटे के बाद इसे निकाल लें। या फिर ½ कप अनानास का रस और 1/4 कप सेंधा नमक मिक्‍स कर के चेहरे को स्‍क्रब करें। इससे धीरे धीरे कर के तिल की त्‍वचा साफ हो जाएगी और तिल हल्‍का पड़ जाएगा।

5) लहसुन के पेस्‍ट को रोज रात में सोने से पहले तिल पर लगाएं और पेस्‍ट लगाने के बाद उस स्‍थान पर बैंडेज लगा कर छोड दें। सुबह उस त्‍वचा को हल्‍के गरम पानी से धो लें। कुछ दिनों तक इस प्रक्रिया को कुछ दिन दोहराने से चेहरे के तिल निकल जाते हैं।

6) थोड़ा सा बेकिंग सोडा और कुछ बूंद केसत्र आईल मिक्‍स कर के तिल पर लगाएं। रातभर ऐसे ही रखें और रोजाना ऐसा ही करें जब तक कि तिल गायब ना हो जाए।

7) अदरक भी तिल को निकालने में मदद करता हैं । थोड़ा अदरक लें और उसे कुचल कर तिल वाली जगह पर लगा लें और किसी कपड़े के साथ बांध कर सो जाएं। रोज़ाना ऐसे करने से तिल गायब हो जाएगा। लेकिन ध्यान रहे की अदरक से चेहरे पर जलन भी हो सकती हैं इसे अधिक समय तक अपने चेहरे पर न लगा कर रखें कम से कम तीन घंटे तक ही लगाएं ।
8) आप चाहें तो विटामिन सी की एक गोली को पीस कर आपने तिल वाले भाग पर लगा सकती हैं। इसे लगाने के बाद उस जगह को बैंडेज से ढॅक लें। बेहतर होगा कि यह काम आप रात में ही करें।

9) मूली की एक पतली स्‍लाइस काट कर उसे तिल पर कुछ हफ्तों तक रखें। या फिर मूली घिस कर लगाएं। इसे दिन में 2-3 बार लगाएं।

10) सिरके से भी तिल को हटाया जा सकता हैं। सबसे पहले आप अपनी त्वचा को अच्छे से गर्म पानी के साथ धो लें। और फिर रूई के साथ सिरके को अपने तिल पर लगाएं। लगाने के बाद 10 मिनट रखने के बाद गर्म पानी से अपना चेहरा धो दें ।

11) . एक केले का छिलका लें,उसका एक छोटा सा पार्ट काट लें और उसे अपने तिल पर बांध लें या टेप की मदद से चिपका लें। पूरी रातभर ऐसे ही रहने दें । और इस विधि को तब तक दोहराते रहें जब तक की तिल हट न जाएं |
12) कुछ बूंद प्‍याज के रस में कुछ बूंद सेब के सिरके की मिक्‍स करें और तिल पर लगाएं। इसे रात भर ऐसे ही रहने दें और कुछ महीनों तक तिल गायब होने तक करें।
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