1.9.15

हकलाहट की सरल चिकित्सा :Tips stutter


हकलाहट का नुस्खा -
१) कुछ बच्चे बड़े होने की बाद भी तुतलाकर और अटक- अटक कर बोलते हैं | इस समस्या के निवारण हेतु निम्न नुस्खा बेहद कारगर साबित हुआ है -
बादाम गिरी ५० ग्राम
दालचीनी १० ग्राम
पिश्ता २० ग्राम
केसर ३ ग्राम
अकरकरा १० ग्राम
चांदी का वर्क १० ग्राम
शहद २५० ग्राम
सभी चीजों का चूर्ण बनाकर शहद में मिलादें और किसी कांच के पात्र में भरलें मात्रा ५ से १० ग्राम रोजाना सुबह के वक्त ४० दिन तक सेवन करें| हकलाहट में जरूर लाभ होता है|
२) जब कोइ हकलाकर बोलता है तो लोग अक्सर हंस देते हैं जो हकलाने वाले व्यक्ति के लिए अपमान जनक होता है| उसे स्नेह से समझाना चाहिए| हकलाकर बोलने वाले बच्चे को इस दोष से मुक्ति पाने के लिए बराबर अभ्यास कराना चाहिए| उसे कुंठित होकर बैठ जाने देना उचित नहीं है|
३) हकलाने वाले व्यक्ति को धीरे धीरे बोलने का अभ्यास कराएं| स्वर और उच्चारण पर ध्यान दें| हकलाने के बावजूद भी उसे खूब बोलने और पढ़ने का अभ्यास कराएं|
४) बच्चे को अनावश्यक सोच विचार में न फंसने दें|
बच्चों में हकलाकर बोलना अक्सर देखा जाता है| यह कोई रोग नहीं बल्कि कुछ पौष्टिक तत्वों की शरीर में कमी की वजह से होता है| हकलाहट में निम्न जडी बूटियाँ लाभ करती हैं-
५) बच्चे को एक हरा आंवला रोज चबाने को दें| इससे जीभ पतली होने में मदद मिलेगी और जीभ की गर्मी भी शांत होगी| अत: बच्चे का हकलाना बंद हो जाएगा|
6) काली मिर्च और बादाम प्रत्येक ७ नग लेकर कुछ बूँद पानी में घिसकर चटनी बनालें| इसमें थौड़ी सी मिश्री मिलाकर बच्चे को चटाते रहें| एक या दो माह में बच्चे का हकलाना बंद हो जाएगा|
7) सुबह सवेरे माखन में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर चटाने से हकलाहट में लाभ होता है|
8) तेजपान को जीभ के नीचे रखने से हकलाना बंद हो जाता है|

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