6.7.15

गुर्दों की सेहत के प्रति रहें सतर्क: Be alert to the health of the kidneys



   
हमारे शरीर का दो तिहाई हिस्सा पानी से बना है,और गुर्दों का काम है शरीर मे पानी का बेलेन्स मेंटेन करना| गुर्दे न सिर्फ शरीर मे नमी की मात्रा सही रखता है बल्कि खून मे ऊर्जा संचार और अपघट्य की मात्रा संतुलित रखने मे मदद करता है| शरीर के विजातीय द्रव्य याने जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का महत्वपूर्ण कार्य भी गुर्दे ही करते हैं|
आज देश मे किडनी की खराबी के कारण मरने वालों के मामले बढ़ते जा रहे हैं| ईसकी सबसे बड़ी वजह है अस्त व्यस्त जीवन शैली ,गलत खान पान और मधुमेह रोग | गुर्दे खराब होने के पहिले सूचित नहीं करते| कोई खास लक्षण नहीं उभरते | स्वस्थ और पौष्टिक भोजन और प्राकृतिक औषधि गुर्दे को मजबूत करने मे मददगार होती हैं|
दिन भर मे कम से कम 12 गिलास पानी पीएं वरना गुर्दे खराब होने की संभावना बनती है| सुबह की शुरूआत एक गिलास नींबू पानी से करें| दूसरी चीजें जैसे फल,सब्जियाँ ,फलों का जूस ,सेव,संतरा,मोसमी, अंगूर,चुकंदर गुर्दे को स्वस्थ रखते हैं|
गोखरू एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो गुर्दे के विकारों मे बहुधा प्रयोग की जाती है| इसके प्रयोग से पथरी की समस्या से भी मुक्ति मिल जाती है| गुर्दे मे लगातार होने वाली समस्याओं मे चन्द्र प्रभा वटी उपयोग की जाती है| लेकिन जब तक आप अपने खान पान मे बदलाव नहीं करेंगे इन औषधियों का सीमित प्रभाव पड़ेगा | अंकुरित अनाज ,हल्दी और लहसुन का उचित मात्रा मे इस्तेमाल करते रहें|
ज्यादा चाय,काफी,शराब और गुटखा का सेवन करना गुर्दे के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नही है| इन तमाम विषैली चीजों को शरीर से बाहर निकालने मे गुर्दे को भारी मशक्कत करनी होती है| गुर्दे को फायदा पहुंचाने मे अनार ,तरबूज और पपीता तथा विटामिन बी काम्प्लेक्स और विटामिन सी विशेष महत्वपूर्ण है| भारी प्रोटीन युक्त आहार को पचाने मे गुर्दे आपकी हड्डियो से केल्शियम लेते हैं| इसलिए भोजन मे केल्शियम होना जरूरी है| दूध मे उत्तम क्वालिटी का केलशियम होता है| नींबू गुर्दे के लिए लाभदायक है|

गुर्दे खराब रोगी क्या खाएँ-
रोगी की किडनी कितना फीसदी काम कर रही है, उसी के हिसाब से उसे खाना दिया जाए तो किडनी की आगे और खराब होने से रोका जा सकता है :
1. प्रोटीन : 1 ग्राम प्रोटीन/किलो मरीज के वजन के हिसाब से लिया जा सकता है। नॉनवेज खानेवाले 1 अंडा, 30 ग्राम मछली, 30 ग्राम चिकन और वेज लोग 30 ग्राम पनीर, 1 कप दूध, 1/2 कप दही, 30 ग्राम दाल और 30 ग्राम टोफू रोजाना ले सकते हैं।
2. कैलरी : दिन भर में 7-10 सर्विंग कार्बोहाइड्रेट्स की ले सकते हैं। 1 सर्विंग बराबर होती है - 1 स्लाइस ब्रेड, 1/2 कप चावल या 1/2 कप पास्ता।
3. विटामिन : दिन भर में 2 फल और 1 कप सब्जी लें।
4. सोडियम : एक दिन में 1/4 छोटे चम्मच से ज्यादा नमक न लें। अगर खाने में नमक कम लगे तो नीबू, इलाइची, तुलसी आदि का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के लिए करें। पैकेटबंद चीजें जैसे कि सॉस, आचार, चीज़, चिप्स, नमकीन आदि न लें।इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही लें। डॉक्टर फॉसफोरस बाइंडर्स देते हैं, जिन्हें लेना न भूलें।
6. कैल्शियम : दूध, दही, पनीर, टोफू, फल और सब्जियां उचित मात्रा में लें। ज्यादा कैल्शियम किडनी में पथरी का कारण बन सकता है।
7. पोटैशियम : फल, सब्जियां, दूध, दही, मछली, अंडा, मीट में पोटैशियम काफी होता है। इनकी ज्यादा मात्रा किडनी पर बुरा असर डालती है। इसके लिए केला, संतरा, पपीता, अनार, किशमिश, भिंडी, पालक, टमाटर, मटर न लें। सेब, अंगूर, अनन्नास, तरबूज़, गोभी ,खीरा , मूली, गाजर ले सकते हैं।
8. फैट : खाना बनाने के लिए वेजिटबल या ऑलिव ऑयस का ही इस्तेमाल करें। बटर, घी और तली -भुनी चीजें न लें। फुल क्रीम दूध की जगह स्किम्ड दूध ही लें।
9. तरल चीजें : शुरू में जब किडनी थोड़ी ही खराब होती है तब सामान्य मात्रा में तरल चीजें ली जा सकती हैं, पर जब किडनी काम करना कम कर दे तो तरल चीजों की मात्रा का ध्यान रखें। सोडा, जूस, शराब आदि न लें। किडनी की हालत देखते हुए पूरे दिन में 5-7 कप तरल चीजें ले सकते हैं।
10. सही समय पर उचित मात्रा में जितना खाएं, पौष्टिक खाएं।
. फॉसफोरस :
दूध, दूध से बनी चीजें, मछली, अंडा, मीट, बीन्स, नट्स आदि फॉसफोरस से भरपूर होते हैं
विशिष्ट सलाह-  
  बढे हुए क्रीएटनिन के लेविल  को  नीचे लाने  में हर्बल  औषधि  सर्वाधिक  सफल  होती हैं|  वैध्य  दामोदर से 98267-95656 पर संपर्क किया जा सकता है|  दुर्लभ  जड़ी-बूटियों से निर्मित  यह  औषधि कितनी आश्चर्यजनक  रूप  से फलदायी है ,इसकी  एक  केस रिपोर्ट  पाठकों की  सेवा मे प्रस्तुत कर रहा हूँ
नाम रोगी --  श्रीमती  तारा देवी गुप्ता W/O डॉ.अरविंद कुमार गुप्ता BAMS ,बलिया  उत्तर प्रदेश








1)  जांच की रिपोर्ट  दिनांक  1/6/2015
सीरम  क्रीएटनिन    11.5/ mg/dl












2) जांच  की रिपोर्ट  दिनांक 18/6/2015
सीरम क्रेयटनिन   7.8 / mg/dl

























3)  जांच की रिपोर्ट  दिनांक   22/7/2015
सीरम  क्रीएटनिन   4.09 mg/dl