3.8.14

गर्भवती स्त्री को उल्टी ,जी मचलाना के आसान उपचार




 1) किसी  भी तरह की उल्टी हो रही हो या जी मिचलाता हो  तो सूखा धनिया या हरा धनिया कूट-पीस कर   निचोड़ कर  तरल तैयार कर लें|  ५-५ चम्मच  तरल बार - बार देते रहें\ इससे उल्टी रुक सकती है|  गर्भवती  की उल्टी  के लिए भी यह उपाय  सफल रहता है|









2)  चार नींबू का रस निकाल   कर छान लें|  ५० ग्राम सैंधा नमक डालें और  १२५ ग्राम जीरा  रस में भिगो दें|  धीरे -धीरे जब रस पूरी तरह सूख जाए और  सिर्फ जीरा रह जाये  तो इसे कांच या प्लास्टिक की शीशी में भरकर रख लें| जब उल्टी आती हो तब इसे आधी चम्मच मात्रा में मुहं में  चूसें|  उल्टी काबू में आ जाती है|





3)  अदरक व प्याज का रस दो-दो चम्मच  पिलाने से उल्टी होना बंद हो जाती है\
4) बार-बार उल्टी होना रोकने के लिए बर्फ चूसना हितकारी उपचार है|



5) तुलसी के पत्ते पीसकर रस निकालें| इसके सेवन से उल्टी बंद होती है और पेट के कृमि  भी मर जाते हैं|













6) तुलसी के पत्ते के रस में शहद मिलाकर चाटने से  लाभ मिलता है|










7) पित्त की उल्टी होती हो तो शहद और दालचीनी  मिलाकर चाटना कर्त्तव्य है|










8)   २ लौंग पानी में  उबालकर  पियें| उल्टी में हितकारी असर होता है| लौंग चबाकर भी खाया  जा  सकता  है|




9)  गर्भवती  स्त्री  भुने चने का सत्तू  पानी में  पतला  घोल बनाकर  ,नमक शकर  मिलाकर  पीये तो उल्टी  की समस्या दूर होती है|














10) यात्रा के दौरान खान पान की गडबडी से उल्टी आती हो तो लहसुन की कली चबाने से लाभ मिलता है|

11)  जी मिचलाने पर प्याज काटें उसमें नींबू रस  और  काला  नमक मिलाकर  खाना  चाहिए|



12)  गर्भवती स्त्री को गाजर का रस बराबर  पिलाते रहें| इससे केल्शियम  की  कमी नहीं होगी तथा  रक्त में हीमोग्लोबिन का उचित स्तर कायम रहेगा|









13)  कच्चे टमाटर  के रस में शहद मिलाकर देना चाहिए, इससे  गर्भिणी एनीमिया  की शिकार नहीं होगी  | इससे भूख भी बढ़ती है|









14)  गर्भिणी को खाना खाने के बाद थौड़ी  अजवाइन जरूर  लेना  चाहिए| इससे मिचली नहीं होती और खाना ठीक से  हजम होता है|





15)  दैनिक आहार में हरी सब्जिया  लेना  स्वास्थ्यकारी  रहता है ,इससे  आयरन  की  पूर्ति  होती है|









16)  हर्रे को पीसकर  शहद  के साथ चाटें,  उल्टी  बंद करने का अच्छा  उपाय है|

17)  पूरे गर्भ काल में  दस मिली सौंफ का अर्क पीते रहना चाहिए ,इससे गर्भपात की संभावना नहीं रहती है|






18)  गर्भिणी को  आँवला किसी भी रूप लेना हिकार है| आंवला  शरीर  को एक अंडे  से भी ज्यादा शक्ति,स्फूर्ति ,बल देता है|







19)  एक कप कच्चे दूध में एक चुटकी  पीसी  फिटकरी  डालकर  पीने से  गर्भ गिरना रुक जाता है|

20)  गर्भिणी को नारियल गोला और मिश्री  का उपयोग करना चाहिए| इससे  प्रसव आसानी से होता है|

21)  जिस स्त्री को बार-बार गर्भ गिर जाता है वह गर्भावस्था में सिंघाड़े खाए तो  गर्भपात से निजात मिलेगी|

22)  यदि गर्भिणी को उल्टियां अधिक हो रही हों तो राई को पीसकर  पेट पर मल मल का कपड़ा  रखकर लेप करें पन्द्र मिनिट तक रहने दें| उल्टियां बंद हो जायेंगी|





23)  गर्भावस्था में  छाछ पीना लाभदायक है|




२४) जी मिचलाना अखरोट खाने  से भी ठीक हो जाता है|






2५)  गर्भिणी को चुकंदर का रस सेवन करते रहना  हितकर है|  इससे  रक्त बढ़ता है और स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ती है|

कोई टिप्पणी नहीं: