7.4.14

गर्मी के दिनों में क्या खाएं क्या न खाएं?

                        गर्मी के मौसम की दिनचर्या



         बदलती ऋतुओं के अनुसार शरीर में स्वाभाविक  रासायनिक परिवर्तन होते हैं और इस परिवर्तन में  ऋतूचर्यानुसार  खाध्य  पदार्थों  का सेवन किया जाए तो वात-पित्त-कफ के उभार से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है| यहाँ मैं  गर्मी की ऋतू  में अच्छी सेहत के लिए  सेहतमंद दिन चर्या  की बात करूँगा-

     अल सुबह उठते ही २-३ गिलास पानी पीना चाहिए|  इसके बाद  शौच,दन्त सफाई,आसान और प्राणायाम नियमित रूप से करें| अब रात को पानी भिगोये हुए ११ बादाम  को  छिलके उतारकर  पीसकर एक गिलास दूध   के साथ पीएं|  इसके नियमित प्रयोग से  शारीरिक  तंदुरुस्ती  मिलती है और आंतरिक उष्मा शांत होती है| गर्मी के मौसम में तले भुने,गरिष्ठ और ज्यादा मसालेदार  पदार्थों की बजाय  फल फ्रूट ,हरी सब्जियों  के सलाद और  जूस का ज्यादा इस्तेमाल  करना  बेहद फायदेमंद रहता है|  इससे गर्मी की वजह से  पसीना होने से  होने वाली  पानी कमी  का पुनर्भरण  भी होता रहता है|

    ग्रीष्म ऋतू में बाजारू  चीजें खाने से  बचने  की सलाह  दी जाती है|  इस मौसम में शारीरिक कमजोरी ,अपच,दाद,पेचिश,सीने में जलन.खूनी बवासीर  ,मुहं की बदबू आदि रोगों से बचने  का सरल उपचार  भी लिख देता हूँ|  खाली पेट,नींबू का रस आंवले का रस  और हरे धनिये का रस  मिश्री  मिलाकर  पीने से  कई रोगों से बचाव हो सकता है|  दोपहर और सांयकालीन  भोजन  में चावल के साथ अरहर,मूंग,उडद  की दाल और हरी  पत्तीदार सब्जियों  का समावेश करें|  छाछ  व्  दही का सेवन करना हितकारी है|  रात का भोजन  ना करें तो ज्यादा अच्छा|

    गर्मी में घर से बाहर निकलने  के पाहिले २ गिलास पानी जरूर पी लेना चाहिए|  टमाटर,तरबूज,खरबूज,खीरा ककड़ी,गन्ने का रस और प्याज  का उपयोग  करते रहना चाहिए|  इन चीजों से पेट की सफाई होती है और अंदरूनी  गर्मी  शांत होती है|

     गर्मी दूर भगाने के कारगर तरीके-

१)  नींबू पानी- यह गर्मी के मौसन का देसी  टानिक है| शरीर  में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाने पर एनीमिया,जोड़ों का दर्द,दांतों के रोग,पायरिया,kहंसी और दमा जैसी दिक्कते हो सकती हैं|  नींबू में भरपूर  विटामिन सी होता है|  अत; इन बीमारियों से दूरी  बनाए रखने में यह उपाय सफल रहता है| पेट में खराबी होना,कब्ज,दस्त होना में नींबू के रस में  थौड़ी सी हींग,काली मिर्च,अजवाइन ,नमक ,जीरा मिलाकर पीने से काफी राहत  मिलती है|

२) तरबूज का रस-  तरबूज के रस से एसीडीटी  का निवारण होता है|  यह दिल के रोगों डायबीटीज  व् केंसर रोग से शरीर की रक्षा करता है|

३) पुदीने का शरबत-  गर्मी में पुदीना बेहद फायदेमंद रहता है| पुदीने को पीसकर स्वाद अनुसार नमक,चीनी जीरा मिलाएं| इस तरह  पुदीने का शरबत बनाकर पीने से लू.जलन,बुखार ,उल्टी व  गैस  जैसी समस्याओं में काफी लाभ होता है|

४)  ठंडाई- गर्मी में ठंडाई  काफी लाभ दायक होती है| इसे बनाने के लिये खस खस और बादाम  रात को भिगो दें|सुबह इन्हें मिक्सर  में पीसकर ठन्डे दूध में मिलाएं| स्वाद अनुसार  शकर मिलाकर पीएं|  गर्मी से मुक्ति मिलेगी|

५) गन्ने का रस-  गर्मी में गन्ने का रस सेहत के लिये बहुत अच्छा होता है| इसमें विटामिन्स  और मिनरल्स  होते हैं| इसे पीने से ताजगी बनी रहती है| लू नहीं लगती है| >बुखार होने पर गन्ने का रस पीने से बुखार जल्दी उतर जाता है| एसीडीटी की वजह  से होने वाली जलन  में गन्ने का रस राहत पहुंचाता है| गन्ने के रस में नीम्बू मिलाकर पीने से पीलिया जल्दी ठीक होता है|  गन्ने के रस में बर्फ  मिलाना  ठीक नहीं है|

६) छाछ - गर्मी के दिनों में छाछ का प्रयोग  हितकारी है| आयुर्वेद शास्त्र में  छाछ  के  लाभ बताए गए  हैं|    भोजन के  बाद आधा गिलास छाछ  पीने से फायदा होता है| छाछ में पुदीना ,काला नमक,जीरा  मिलाकर पीने से एसीडीटी की समस्या से निजात मिलती है|

७) खस का शरबत - गर्मी में खस का शरबत बहुत ठंडक  देने वाला होता है| इसके शरबत से दिमाग को ठंडक मिलती है|< इसका शरबत बनाने के लिये खस    को धोकर  सुखालें| इसके बाद इसे पानी में उबालें|  और स्वाद  अनुसार शकर मिलाएं| ठंडा होने पर छानकर  बोतल में भर लें|

८)  सत्तू - यह एक प्रकार का व्यंजन है| इसे भुने हुए चने , जोऊं और गेहूं पीसकर बनाया जाता है|  बिहार में यह काफी लोकप्रिय है| सत्तू पेट की गर्मी शांत  करता है|  कुछ लोग इसमें शकर  मिलाकर तो कुछ लोग  नमक और मसाले मिलाकर  खाते हैं|

९)  आम पन्ना - कच्चे आम को पानी में उबालकर  उसका गूदा  निकाल  लें| इसमें शकर,भुना जीरा,धनिया,पुदीना,नमक  मिलाकर पीयें| गर्मी  की बीमारियाँ दूर होंगी|
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