26.2.14

एलोवेरा जूस के ये फायदे जानकर दंग रह जायेंगे आप


रोजाना  पियें थोड़ा सा एलोवेरा जूस और  रहें तंदुरुस्त 
एलोवेरा ५००० वर्ष पुरानी औषधि है| इसे हिन्दी में ग्वारपाठा या घृतकुमारी कहते हैं\ इसे संजीवनी पौधा भी कहा जाता है| इसकी लगभग २५० प्रजातियों में से कुछ ही में औषधीय गुण पाए गए हैं| हमारे शरीर के सही विकास के लिए २१ तरह के अमीनो एसिड्स की दरकार होती है| इनमें से १५ एमिनो एसिड्स तो एलोवेरा में ही मौजूद होते हैं| इसके जूस में केल्शियम,आयरन ,सोडियम,पोटेशियम,क्रोमियम,मैंगनीज,तांबा और जस्ता आदि खनिज लवण पाए जाते हैं|
क्या है इसमें खास-इसमें १८ धातु,१५ एमिनो एसिड्स और १२ विटामिन होते हैं| ये खून की कमी दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाते हैं| एलोवेरा का जूस गर्भाशय और पेट के रोगों में हितकारी है| गर्मी,उमस और बारीश के कारण होने वाले फोड़े फुंसियों पर इसका रस लगाने से आराम मिलता है| गुलाब जल में एलोवेरा जूस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरा चमकने लगता है}

   नुकसानदेह तत्वों को शरीर से बाहर कर देता है- अस्वास्थ्यकर जीवन शैली ,जंक,फ़ूड,प्रदूषण ,ड्रिंकिंग और धूम्र पान से  शरीर में  हानिकारक तत्व  एकत्र होने लगते  हैं|  एलोवेरा जूस के प्रयोग से ये बाहर निकल जाते हैं|
   वजन घटाने में सहायक है- रोजाना एक गिलास एलोवेरा जूस पीने से वजन घटने लगता है|  इसके सेवन से बार - बार भूख नहीं लगती है| साथ ही पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है| एलोवेरा में कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं|
      दांतों को स्वस्थ रखता है-  एलोवेरा का जूस दांतों के पीलेपन को दूर करता है|  दांतों में रोगाणु  समाप्त  कर  है| यह सांस की दुर्गन्ध  को  नष्ट करने वाली  औषधि है|
 

मुंह के छाले में इसके जूस के गरारे करने चाहिए| 

बालों और त्वचा को स्वस्थ बनाता है- एलोवेरा जूस के सेवन से रफ स्किन भी स्वस्थ और कान्तिमान हो जाती है| त्वचा पर निखार आ जाता है| बालों की रूसी दूर करता है| बाल स्वस्थ और शाईनी हो जाते हैं|
खून की कमी में लाभदायक है- एलोवेरा का ६ इंच लंबा छिला हुआ टुकड़ा ५-७ तुलसी के पाती,४-५ नीम के पत्ते लेकर थोड़ा सा पानी डालकर पीस लें इस घोल को गर्म कर काढा बनाकर पीने से एनीमिया का निवारण हो जाता है|
लाईलाज बीमारियों में हितकारी है- गिलोय का रस १५ मिली ,एलोवेरा जूस १५ मिली, गेहू के जवारे का जूस १५ मिली ,तुलसी के ११ पत्ते ,नीम के ४ पत्ते इन सभी का जूस सुबह शाम लेने से केंसर और कई लाईलाज रोगों में आशातीत लाभ मिलता है|
   एलोवेरा का जूस उच्च  रक्त चाप  में लाभकारी है| इससे ब्लड  सर्कुलेशन  सुधरता है|  इसका रस हृदय रोगों में उपकारी साबित हुआ है|

18.2.14

खिंचाव चिन्ह (stretch marks) दूर करने के उपाय.

       
   उम्र बढ़ने के साथ  हमारी त्वचा पर  स्ट्रेच  मार्क्स  आने लगते हैं| ये खिंचाव चिन्ह  युवावस्था और  और स्त्रियों  में गर्भावस्था के दौरान त्वचा पर  उत्पन्न होते हैं|   हमारी त्वचा की तीन परतें होती हैं|एपिडर्मिस ,डर्मिस  और  हायपोडर्मिस ,स्ट्रेच मार्क्स  अमूमन  त्वचा की बीच की परत डर्मिस  पर उत्पन्न होते हैं|  कारण ये है कि इस परत में लचक नहीं  होती है और दवाब पड़ने से इस पर  स्ट्रेच मार्क्स आ जाते हैं|  इन खिंचाव चिन्हों को दूर करने  या कम करनेके लिए आप कुछ  घरेलू या कुदरती उपचारों का सहारा लेकर लाभान्वित हो सकते हैं |
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  केस्टर आईल-प्रभावित हिस्से पर केस्टर आईल लगावें और प्लास्टिक बेग लपेटें | फिर इस हिस्से की हॉट वाटर बाटल से करीब आधा घंटे सिकाई करें और  उस भाग को हल्का रगडें| खिंचाव चिन्ह दूर करने का यह अच्छा तरीका है|

जेतुनका तेल - जेतुन के तेल में प्राकृतिक रूप से  एंटीआक्सीडेंटस  की मात्रा अधिक होती है जो त्वचा की अधिकाँश  समस्याओं से निपटने में सहायक होती है| गुनगुने शुद्ध जेतुन के  तेल कोस्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं| और हल्की मालिश करें| इससे ब्लड सर्कुलेशन  सही होता है और  स्ट्रेच मार्क्स गायब होने लगते हैं|  जेतुंन का तेल त्वचा पर आधा घंटा  तक लगा रहने दें|  इससे त्वचा इस तेल में मौजूद विटामिन ए ,डी  और ई  को अच्छे से सोख लेती है|
आलू कारस -  आलू में ढेर सारे विटामिन्स  और मिनरल्स  होते हैं जो त्वचा की ग्रोथ  में मदद  करते हैं और त्वचा का नवीनीकरण  होता है|  इसके लिए  आलू को कुछ मोटा काट लें| आलू के टुकड़े को स्ट्रेच मार्क्स पर लगाएं|  १५ मिनिट बाद उस जगह को गुनगुने पानी से धो लें|

शक्कर - नेचुरल डाईट शूगर स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने का सबसे बढ़िया उपाय है|  शकर मृत त्वचा को शरीर से अलग करने की भूमिका निर्वाह करती है|  बादाम के तेल के साथ  एक चम्मच शक्कर मिलाएं| और उसमें कुछ बूंदे  नींबू के रस की मिलाएं | रोजाना नहाने से १० मिनिट पहिले इसे  प्रभावित भाग पर लगाकर  हलके से मालिश करें|  एक महीने तक उपचार करने पर आप देखेंगे को स्ट्रेच मार्क्स हलके पड  गए  हैं|

नींबू का रस - नींबू में प्राकृतिक तौर पर एसिड पाया जाता है  जो स्ट्रेच मार्क्स को खत्म करने  में सहायक होता है | नींबू को काट  लें|  स्ट्रेच मार्क्स  पर कटा हुआ  नींबू सर्कुलर मोशन में  घुमाते हुए रगडें|  १० मिनिट बाद पानी से धोलें|  खिंचाव चिन्ह मिटाने का कारगर तरीका है|

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7.2.14

मोटापा घटाने वाली पांच सब्जियां.



सब्जियां खाएं मोटापा   घटाएं-









१)  लौकी में कम केलोरी होने के साथ ही  प्रचुर रेशा और पानी की मात्रा होती है जो भूख को  नियंत्रित  रखते हैं|  अपने दिन की शुरुआत एक गिलास लौकी के जूस से करना उचित है|  इससे शरीर को फाईबर मिलेगा  और केलोरी  कम होंगी| लौकी के जूस   को छानना  नहीं चाहिए |  छानने पर फाईबर  की मात्रा कम हो जाती है| 
















२)  ब्रोकोली  में वसा बिलकुल भी नहीं होती है|  यह विटामिन,प्रोटीन,कार्बोहाईड्रेट  से भरपूर होती है|  यह जल्दी पच जाती है|  इसमें विटामिन ई  केल्सियम,आयरन ,मेग्नेशियम आदि तत्व  पाए जाते हैं|  यह सब्जी मोटापा कम करने  में मददगार  होती  है| 














३) कद्दू  की सब्जी  खाने में कुछ मीठी लगती है |  सुबह के वक्त इसका जूस पीने से लाभ होता है|  इसके अंदर   केरोटीन  पाया जाता है जो मोटापा कम करने में सहायक है|  कद्दू को सलाद के तौर  पर  भी इस्तेमाल करने की सलाह  दीजाती है|वजन कम करने के लिए कद्दू की सब्जी ,जूस  और सलाद का विशेष  महत्व है|  














४) खीरा  खाने से पेट भरा लगता है जिससे  भूख में कमी आती है|  इसमें कद्दू के गुण पाए जाते हैं| इसमें नब्बे  प्रतिशत पानी की मात्रा होती है|  इसको भोजन के साथ सलाद के रूप में प्रयोग करें|  जहां तक हो सके इसे बिना छीले ही खाएं|  इसके   छिलके में  फाईबर और पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं| 














५)  करेला  स्वाद में कड़वा होता है लेकिन  इसमें अनेकों औषधीय  गुण पाए जाते हैं | यह शरीर में स्थित वसा को जलाता है|  चर्बी  घटाता है|  शरीर के ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है|  मधुमह  रोगियों के लिए  करेले का जूस अमृत सामान है| 


 









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6.2.14

प्याज कई रोगों में हितकारी भोजन पदार्थ .



कच्चा प्याज खाने के अनेकों फायदे हैं|
१) कब्ज मिटाता है-
प्याज में मौजूद रेशा पेट में चिपके भोजन को बाहर निकालने में सहायक है| इससे पेट साफ़ हो जाता है| कब्ज दूर करने के लिए कच्चा प्याज खाना चाहिए|
२) गले की खराश में उपयोगी -
सर्दी ,कफ अथवा खराश से पीड़ित होने पर कच्चे प्याज का रस पीना लाभ दायक है| आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा शहद या गुड मिलाकर सेवन कर सकते हैं|
३) रक्तस्राव रोकता है -
प्याज को काटकर सूंघने से नाक से खून निकलने की समस्या दूर होती है|
मस्से (पाईल्स ) में सफ़ेद प्याज खाना हितकारी है|
४) मधुमेह नियंत्रण -
 कच्चा प्याज शरीर में इंसुलिन उत्पादन करता है| इससे डायबिटीज में लाभ होता है| अगर आप शुगर पीड़ित हैं तो सलाद में नियमित रूप से प्याज सेवन करते रहें|
५) दिल की सुरक्षा- कच्चा प्याज
उच्च रक्त चाप को नार्मल करता है| और बंद खून की नालियों को खोलता है | प्याज खाने से दिल की बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है|
 
६) कोलेस्ट्रोल घटाता है-
 इसमें मिथाईल सल्फाईड और अमीनो एसिड होता है जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रोल को घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रोल की वृद्धि करता है|
७) केंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकता है- 
प्याज में प्रचुर सल्फर तत्त्व होता है| सल्फर पेट, कोलोन,ब्रेस्ट,फेफड़े और प्रोस्टेट केंसर से बचाता है| इसके अलावा यह मूत्र पथ की समस्याओं से भी निजात दिलाता है|
८) खून की कमी दूर करता है- 
 प्याज में उपस्थित सल्फर में एक विशेष तेल रहता है जो एनीमिया ठीक करने में सहायक है| प्याज को पकाने पर यह तत्त्व खत्म हो जाता है| इसलिए कच्चा प्याज खाना उचित है|
९) बूढ़ों और बच्चों को ज्यादा कफ हो जाने पर प्याज के रस में मिश्री मिलाकर चटाने से फायदा मिलता है।
१०). प्याज के रस और नमक का मिश्रण मसूड़ो की सूजन और दांत दर्द को कम करता है।
 
११) . मुख्य रूप से प्याज सफेद और लाल रंग के होते हैं। सफेद प्याज दिल की समस्याओं के लिए गुणकारी हो-ता है, जबकि लाल प्याज शरीर को बल देने वाला होता है। सिर दर्द होने पर प्याज के सफेद कंद को तोड़कर सूंघना चाहिए। इसके अलावा चंदन में कपूर घिसकर कपाल पर लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है।
१२) वीर्यवृद्धि के लिए-
 सफेद प्याज के रस के साथ शहद लेने पर फायदा होता है।
१३) पातालकोट के आदिवासी मधुमक्खी या ततैया के काटे जाने पर घाव पर प्याज का रस लगाते हैं।
१४) बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्याज और गुड़ के सेवन की सलाह गुजरात के डांगी आदिवासी देते है।
१५) आदिवासियों का मानना है कि प्याज के सफेद कंद का रस, शहद, अदरक रस और घी का मिश्रण 21 दिनों तक लगातार लेने से नपुंसकता दूर होकर पौरूषत्व प्राप्त होता है