5.5.10

दमा रोग की सरल चिकित्सा. . :How to cure asthama with home remedies?


            दमा(अस्थमा) के सरल उपचार.

                                                                             




  श्वास अथवा दमा श्वसन तंत्र की भयंकर कष्टदायी बीमारी है। यह रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।श्वास पथ की मांसपेशियों में आक्षेप होने से सांस लेने निकालने में कठिनाई होती है।खांसी का वेग होने और श्वासनली में कफ़ जमा हो जाने पर तकलीफ़ ज्यादा बढ जाती है।रोगी बुरी तरह हांफ़ने लगता है।


            एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थ या वातावरण के संपर्क में आने से,बीडी,सिगरेट धूम्रपान करने से,ज्यादा सर्द या ज्यादा गर्म मौसम,सुगन्धित पदार्थों,आर्द्र हवा,ज्यादा कसरत करने और मानसिक तनाव से दमा का रोग उग्र हो जाता है।

            यहां ऐसे घरेलू नुस्खों का उळ्लेख किया जा रहा है जो इस रोग ठीक करने,दौरे को नियंत्रित करने,और श्वास की कठिनाई में राहत देने वाल सिद्ध हुए हैं-


१) तुलसी के १५-२० पत्ते पानी से साफ़ करलें फ़िर उन पर काली मिर्च का पावडर बुरककर खाने से दमा मे राहत मिलती है।


२) एक केला छिलका सहित भोभर या हल्की आंच पर भुन लें। छिलका उतारने के बाद काली मिर्च का पावडर उस पर बुरककर खाने से श्वास की कठिनाई तुरंत दूर होती है।


३) दमा के दौरे को नियंत्रित करने के लिये हल्दी एक चम्मच दो चम्मच शहद में मिलाकर चाटलें।

४)  तुलसी के पत्ते पानी के साथ पीस लें ,इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दमा रोग में लाभ मिलता है।
५)  पहाडी नमक सरसों के तेल मे मिलाकर छाती पर मालिश करने से फ़ोरन शांति मिलती है।
६)   मैथी के बीज १० ग्राम एक गिलास पानी मे उबालें तीसरा हिस्सा रह जाने पर ठंडा करलें और पी जाएं। यह उपाय दमे के अलावा शरीर के अन्य अनेकों रोगों में फ़ायदेमंद   है।

७)  एक चम्मच हल्दी एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से दमा रोग काबू मे रहता है।एलर्जी नियंत्रित होती है।

८)  सूखे अंजीर ४ नग रात भर पानी मे गलाएं,सुबह खाली पेट खाएं।इससे श्वास नली में जमा बलगम ढीला होकर बाहर निकलता है।

९)  सहजन की पत्तियां उबालें।छान लें उसमें चुटकी भर नमक,एक चौथाई निंबू का रस,और काली मिर्च का पावडर मिलाकर पियें।दमा का बढिया इलाज माना गया है।
१०)  शहद दमा की अच्छी औषधि है।शहद भरा बर्तन रोगी के नाक के नीचे रखें और शहद की गन्ध श्वास के साथ लेने से दमा में राहत मिलती है।

११)  दमा में नींबू का उपयोग हितकर है।एक नींबू का रस एक गिलास जल के साथ भोजन के साथ पीना चाहिये।

१२)  लहसुन की  ५  कली चाकू से बारीक काटकर  ५० मिलि दूध में उबालें।यह मिक्श्चर सुबह-शाम लेना बेहद लाभकारी है।

१३)-अनुसंधान में यह देखने में आया है कि आंवला दमा रोग में अमृत समान गुणकारी है।एक चम्मच आंवला रस मे दो चम्मच शहद मिलाकर लेने से फ़ेफ़डे ताकतवर बनते हैं।

14) दमे का मरीज उबलते हुए पानी मे अजवाईन डालकर उठती हुई भाप सांस में खींचे ,इससे श्वास-कष्ट में तुरंत राहत मिलती है।

१५) लौंग ४-५ नग लेकर १०० मिलिलिटर पानी में उबालें आधा रह जाने पर छान लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर गरम गरम पीयें। ऐसा काढा बनाकर  दिन में तीन बार पीने से रोग नियंत्रित होकर दमे में आशातीत लाभ होता है।
१६) चाय बनाते वक्त २ कली लहसुन की पीसकर डाल दें। यह दमे में राहत पहुंचाता है। सुबह-शाम पीयें।

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9 टिप्‍पणियां:

dilip rathore shamgarh ने कहा…

दमा रोग खासकर बूढे लोगों की बीमारी मानी जाती है लेकिन आजकल तो नई उमर के लोगों में भी यह रोग प्रकट हो रहा है। अंग्रेजी दवाई जैसे सालबुटामोल वगैरह से तुरंत लाभ तो मिल जाता है लेकिन इस रोग को समूल नष्ट करने के लिये इस आलेख में जो भी बातें लिखी गई हैं उनका पालन करना चाहिये.स्वास्थ्य-चिंतन आधारित लेख के लिये बधाई!

satya vachan ने कहा…

श्वास रोग की घरेलू नुस्खों के जरिये चिकित्सा सराहनीय है। डा.साब आप ऐसे ही चिकित्सा लेख लिखते रहिये और मानव सेवा करते रहें।आभार!

ashutosh ने कहा…

दमा रोग पर बेहतरीन लेख के लिये बधाई!

Dr.Damodar ने कहा…

very useful and pracyicle article.I admire it.thanks.

vinod ने कहा…

दमा रोग नियंत्रित करने वाले बहुत अच्छे नुस्खे। ाआभार!

JAGDISH ने कहा…

दमा रोग पर बढिया प्रकाश दाला गया है। आपका अभिनंदन!

ankit ने कहा…

you are a donor to society such as Bill Gates and other influential tycoons of world.They know the value of giving.Very valuable advice for asthama patients.Thanks
Regards
Ankit Choudhary

ankit ने कहा…

you are a donor to society such as Bill Gates and other influential tycoons of world.They know the value of giving.Very valuable advice for asthama patients.Thanks
Regards
Ankit Choudhary

ramesh ashutosh ने कहा…

अन्कित चौधरीजी ने बहुत सुन्दर शब्दों में इस लेख की सराहना की है। मैं उनसे पूरी तरह सहमत हूं।आभार!