25.12.09

बवासीर रोग की सरल चिकित्सा. how to cure piles with home remedies?



       बवासीर आजकल एक आम बीमारी के रूप में प्रचलित है। इस रोग मे गुदे की खून की नसें (शिराएं) फ़ूलकर शोथयुक्त हो जाती हैं,जिससे दर्द,जलन,और कभी कभी रक्तस्राव भी होता है।बवासीर का प्रधान कारण कब्ज का होना है।जिगर मे रक्त संकुलता भी इस रोग कारण होती है। मोटापा, व्यायाम नहीं करना और भोजन में रेशे(फ़ाईबर) की कमी से भी इस रोग की उत्पत्ति होती है।
बवासीर दो प्रकार की होती है-
1. खूनी बवासीर :- अंदर की बवासीर से खून निकलता है इसलिए इसे खूनी बवासीर कहते हैं।
2. बादी-बवासीर :- बाहर की बवासीर में दर्द तो होता है लेकिन उनसे खून नहीं निकलता है इसलिए इसे बादी-बवासीर कहते हैं

बवासीर रोग होने के  कारण :

मलत्याग करते समय में अधिक जोर लगाकर मलत्याग करना।
बार-बार जुलाव का सेवन करना।
बार-बार दस्त लाने वाली दवाईयों का सेवन करना।
उत्तेजक पदार्थों का अधिक सेवन करना।
अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
अधिक कब्ज की समस्या होना।
वंशानुगत रोग या यकृत रोग होना।
शारीरिक कार्य बिल्कुल न करना।
शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना।
पेचिश रोग कई बार होना।
निम्नस्तरीय चिकनाई रहित खुराक लेना।
घुड़सवारी करना।
गर्भावस्था के समय में अधिक कष्ट होना तथा इस समय में कमर पर अधिक कपड़ें का दबाव रखना।
रात के समय में अधिक जागना।
मूत्र त्याग करने के लिए अधिक जोर लगना।
    मस्से के लिये कई घरेलू ईलाज हैं,लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और आधार भूत बात यह है कि रोगी को २४ घंटे में 4-5 लीटर  लिटर पानी पीने की आदत डालनी चाहिये। ज्यादा पानी पीने से शरीर से विजातीय पदार्थ बाहर निकलते रहेंगे और रोगी को कब्ज नहीं रहेगी जो इस रोग का मूल कारण है।
   हरी पत्तेदार सब्जियां,फ़ल और ज्यादा रेशे वाले पदार्थों का सेवन करना जरुरी है।
    बवासीर रोग में निम्न घरेलू  उपचार  परम हितकारी हैं:-
१.) कलमी शोरा और रसोंत बराबर मात्रा में लेकर मूली के रस में पीस लें,यह पेस्ट बवासिर के मस्सो पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
२)  जमींकंद को भोभर मे भून लें और दही के साथ खाएं।
3)   कमल का हरा पता पीसकर  उसमे, मिश्री  मिलाकर  खाने से बवासीर का खून बंद हो जाता है|
 ४) नाग केशर ,मिश्री और ताजा मक्खन सम भाग मिलाकर खाने से  बवासीर  रोग नियंत्रण में आ जाता है|
५) गुड़ के साठ हरड खाने से  बवासीर में लाभ मिलता है|
६)  बवासीर में  छाछ  अमृत तुल्य है|  छाछ  में सैंधा  नमक मिलाकर लेना उचित है|
७)  मूली के नियमित सेवन से बवासीर ठीक होने के प्रमाण मिले हैं|
८) गेंदे के हरे पत्ते   १० ग्राम,काली मिर्च के ५ दाने मिश्री १० ग्राम सबको ५० मिली पानी में  पीस कर मिला दें |  ऐसा  मिश्रण चार दिन तक लेते रहने से खूनी बवासीर खत्म हो जाती है|
९ )  बिदारीकंद और पीपल समान भाग लेकर  चूर्ण बनालें। ३ ग्राम चूर्ण बकरी के दूध के साथ पियें।
१०)  .कडवी तोरई की जड को पीसकर यह पेस्ट मस्से पर लगाने से लाभ होता है।
११ )  करंज,हरसिंगार.बबूल,जामुन,बकायन,ईमली इन छ: की बीजों की गिरी और काली मिर्च  इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में लेकर कूट पीसकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बनालें। २ गोली दिन में दो बार छाछ के साथ लेने से बवासिर में अचूक लाभ होता है।
  १२ ) आक के पत्ते और तम्बाखू के पत्ते गीले कपडे मे लपेटकर गरम राख में रखकर सेक लें। फ़िर इन पत्तों को निचोडने से जो रस निकले उसे मस्सों पर लगाने से मस्से समाप्त होते हैं।
१३ ) कनेर के पत्ते,नीम के पत्ते ,सहजन के पत्ते और आक के पत्ते
पीसकर मस्सों पर लगावें जरूर फ़ायदा होगा।
१४ ) चिरायता,सोंठ,दारूहल्दी,नागकेशर,लाल चन्दन,खिरेंटी इन सबको समान मात्रा मे लेकर चूर्ण बनालें। ५ ग्राम चूर्ण दही के साथ लेने से पाईल्स ठीक होंगे।
१५) एलोवेरा( ग्वार पाठा) का गूदा मस्सों पर लगाने से सूजन दूर होती है।
१६ ) विटामिन सी (एस्कोर्बिक एसीड) खून की नलिकाओं को स्वस्थ बनाती है। ५०० एम जी की २ गोली रोज लेना उपकारी है।

१७)  पके केले को बीच से चीरकर दो टुकडे कर लें और उसपर कत्था पीसकर छिडक दें,इसके बाद उस केले को खुली जगह पर शाम को रख दें,सुबह  शौच से निवृत्त होने के बाद  उस केले को खालें, केवल  १५ दिन  तक यह उपचार करने से  भयंकर से भयंकर बवासीर समाप्त हो जाती है।
८ ) हारसिंगार के फ़ूल तीन ग्राम काली मिर्च एक ग्राम और पीपल एक ग्राम सभी को पीसकर उसका चूर्ण तीस ग्राम शकर की चासनी में मिला लें,रात को सोते समय पांच छ: दिन तक इसे खायें। इस उपचार से खूनी बवासीर में आशातीत लाभ होता है। कब्ज करने वाले भोजन पदार्थ वर्जित हैं।



१९) दही और मट्ठे के नियमित उपयोग से बवासीर में हितकारी प्रभाव होता है।
२०) प्याज के छोटे छोटे टुकडे करने के बाद सुखालें,सूखे टुकडे दस ग्राम घी में तलें,बाद में एक ग्राम तिल और बीस ग्राम मिश्री मिलाकर रोजाना खाने से बवासीर का नाश होता है|
२१) एक नीबू  लेकर उसे काट लें,और दोनो फ़ांकों पर पांच ग्राम कत्था पीस कर छिडक दें, खुली जगह पर रात भर रहने दें,सुबह  बासी मुंह  दोनो फ़ांकों को चूस लें,कैसी भी खूनी बबासीर दो या तीन हफ़्तों में ठीक हो जायेगी।
२२)   आम की गुठली का चूर्ण  शहद या पानी के साथ एक चम्मच की मात्रा में लेते रहने से खूनी बवासीर ठीक होती है।
२३)  सूखे आंवले का चूर्ण रात को सोते वक्त मामूली गरम जल से  लें । अर्श में लाभ होगा।
२४)  अब मैं यहां खूनी बवासीर  का एक उपचार प्रस्तुत कर रहा हूं जो आश्चर्य जनक  रूप से लाभकारी है और एक ही रोज में खून गिरना बंद कर देता है।  नारियल की जटा को जलाकर भस्म(राख) करलें और एक शीशी में भरलें। करना ये है कि ३ ग्राम  भस्म एक गिलास मट्ठे या दही के साथ उपयोग करें। उपचार खाली पेट लेना है।  ऐसी खुराक दिन मे  तीन बार लेना है। बस एक दिन में ही खूनी बवासीर ठीक करने का यह अनोखा उपचार है।
२५) बवासीर रोग की कारगर  हर्बल चिकित्सा के लिये वैध्य दामोदर  से   098267-95656 पर संपर्क कर सकते हैं।सैंकडों रोगी लाभान्वित हुए हैं|
२६)  मैं होमियोपैथी की मदरटिंचर हेमेमिलिस और बायोकाम्बिनेशन नम्बर सत्रह से बवासीर के अनेक केस ठीक कर चुका हूँ। पाँच-पाँच बूंद हेमेमिलिस आधा कप पानी में मिला कर दिन में तीन बार और बायोकाम्बिनेशन सत्रह की चार-चार गोलियाँ तीन बार लेने से खूनी और साधारण बवासीर ठीक हो जाती है।
२७ मंत्र-चिकित्सा सिस्टम में बवासीर और भगंदर का रामबाण ईलाज मंत्र के माध्यम से करने का निर्देश है:-
रोज रात को पानी रखकर सोवे तथा सुबह उठकर इस मन्त्र से 21 बार अभिमंत्रित करे तथा अभिमंत्रित जल से गुदा को धोना है।ऊंगली गुदा में प्रविष्ट कर मालिश भी करना है।
७ दिवस में फ़र्क नजर आने लगेगा और एक माह में रोग से पूर्णत: मुक्ति मिल जाती है। मंत्र इस प्रकार है--
"ॐ काका कर्ता क्रोरी कर्ता ॐ कर्ता से होय यरसना दश हंस प्रगटे खुनी बादी बवासीर न होय मन्त्र जानकर न बतावे तो द्वादश ब्रहम हत्या का पाप होय लाख पढ़े उसके वंश में न होय शब्द सांचा पिण्ड काचा फुरो मन्त्र इश्वरो वाचा" 

11 टिप्‍पणियां:

dr.anil damodar ने कहा…

बवासीर के मामले में उपयोगी जानकारी के आर्टीकल के लिये बहुत -बहुत धन्यवाद!

बेनामी ने कहा…

i hear that a mantra is very powerfull in piles so please told about this mantra .

जीवन का उद्देश ने कहा…

आदर्नीय डा.साहेब, आप का ब्लोग काफी अच्छा और लाभदायक है। समाज की सेवा करते रहिये और पूण्य प्राप्त करें, आप ने जो टिप्पणी लिखी उस में से कुच्छ अपनी जगह सत्य है परन्तु समाज में भैली हुई खराबी धर्म की वास्तविक शिक्षा नही, क्या हिन्दु समाज में भैली हुई बुराई , हिन्दु धर्म ग्रन्थों के अनुसार है ?

'उदय' ने कहा…

... बेहद प्रभावशाली लेखन व प्रसंशनीय ब्लाग !!!

ramesh ashutosh ने कहा…

बवासीर पर यह लेख सेहत जगत की अमूल्य निधि है।आज की बहु प्रचलित बीमारी पर प्रभावी सरल नुस्खों की बौछार के लिये आपका धन्यवाद,आभार!

kapil ने कहा…

ब्लाग केटलाग के माध्यम से आपका बवासीर पर आलेख पढने को मिला। बेहद लोकोपयोगी लेख के लिये आभार,धन्यवाद!

ramesh ashutosh ने कहा…

ver nice post.thanks.

Meditations ने कहा…

आप बहुत बडा कार्य कर रहे है आपका आभार

मेरा एक प्रश्न है पेशाब मे बद्बु आना और स्वप्न दोष का कोइ ईलाज है मे कुमार रहना चाहता हु आपसे बिन्ती है

dharmdeo ने कहा…

janhit ke liye dil se dhanyawad

बेनामी ने कहा…

Dr shab
mai jb toilet jata hu us samay mere guda marg suj kr bhar nikal jata hai.mujhe dard to nai hota hai bs guda marg m sujan hai.
please mujhe is bimari ka pakka ilaj batane ki kirpa kre.meri mail id hai
govind.chufal@yahoo.com

बेनामी ने कहा…

Dr. Sahab
m piles se pidit hu. 2 saal pahle mere mal blood aaya maine dhyan nhi diya. Ab pichle kuch mahino se problem jyada ho gai h. Mal tyag ke samay jalan hoti h ,sujan bhi h ,jalan kai der tak hoti h .mujhe tension ho rhi h pls. Aap koi sahi ilaj bataye jisse jindgibhar is problem se dur rhu bhagwan aapka bhla kare meri age 20 year h . Jaipur ke aas-pas koi achcha docter h to uske bare me bataye
meri email id rmahich@yahoo.com h