6.12.09

पित्त पथरी (gallstone) के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार . easy remedies for gall stones














     गाल ब्लाडर में पथरी (gallstones) बनना एक भयंकर पीडादायक रोग है। इसे ही पित्त पथरी कहते हैं। पित्ताषय में दो तरह की पथरी बनती है।
प्रथम कोलेस्ट्रोल निर्मित पथरी।
 दूसरी पिग्मेन्ट से बननेवाली पथरी।
      ध्यान देने योग्य है कि लगभग८०% पथरी कोलेस्ट्रोल तत्व से ही बनती हैं।वैसे तो यह रोग किसी को भी और किसी भी आयु में हो सकता है लेकिन महिलाओं में इस रोग के होने की सम्भावना पुरुषों की तुलना में  लगभग  दूगनी हुआ करती है।पित्त लिवर में बनता है और इसका भंडारण गाल ब्लाडर में होता है।यह पित्त वसायुक्त भोजन को पचाने में मदद करता है। जब इस पित्त में कोलेस्ट्रोल और बिलरुबिन की मात्रा  ज्यादा हो जाती है,तो पथरी निर्माण के लिये उपयुक्त स्थिति बन जाती है।
पथरी रोग में मुख्य रूप से पेट के दायें हिस्से में तेज  या साधारण दर्द होता है।भोजन के बाद पेट फ़ूलना,अजीर्ण होना,दर्द और उल्टी होना  इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
  प्रेग्नेन्सी,मोटापा,मधुमेह,,अधिक बैठे रेहने की जीवन शैली, तेल घी अधिकता वाले भोजन,और शरीरमें खून की कमी से पित्त पथरी रोग होने की सम्भावना बढ जाती है।
     दो या अधिक बच्चों की माताओं में भी इस रोग की प्रबलता देखी जाती है।
      अब मैं कुछ आसान घरेलू नुस्खे प्रस्तुत कर रहा हूं जिनका उपयोग करने से  इस भंयकर रोग से होने वाली पीडा में राहत मिल जाती है और निर्दिष्ट अवधि तक इलाज जारी रखने पर ३ से ४ एम एम  तक की पित्त  पथरी से मुक्ति मिल जाती है।
   १) गाजर और ककडी का रस प्रत्येक १०० मिलिलिटर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पीयें। अत्यन्त लाभ दायक  उपचार है।
 २)  नींबू  का रस ५० मिलिलिटर की मात्रा में सुबह खाली पेट पीयें। यह उपाय एक सप्ताह तक जारी रखना उचित है।
३)  सूरजमुखी या ओलिव आईल ३० मिलि खाली पेट पीयें।इसके तत्काल बाद में १२० मिलि अन्गूर का रस या निम्बू का रस पीयें।  इसे  कुछ हफ़्तों तक जारी रखने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं।
४)  नाशपती का फ़ल खूब खाएं। इसमें पाये जाने वाले रसायनिक तत्व से पित्ताषय के रोग दूर होते हैं।
५)  विटामिन सी याने एस्कोर्बिक एसिड के प्रयोग से शरीर का इम्युन सिस्टम मजबूत बनता है।यह कोलेस्ट्रोल को पित्त में बदल देता है। ३-४ गोली नित्य लें।
2013 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पथरी की समस्‍या कम करता है। एक लाल शिमला मिर्च में लगभग 95 मिलीग्राम विटामिन सी होता है, यह मात्रा पथरी को रोकने के लिए काफी होती है। इसलिए अपने आहार में शिमला मिर्च को शामिल करें।
 ६)  पित्त पथरी रोगी भोजन में प्रचुर मात्रा में हरी सब्जीयां और फ़ल शामिल करें। ये कोलेस्ट्रोल रहित पदार्थ है।
७) तली-गली,मसालेदार चीजों का परहेज जरुरी है।
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8) शराब,चाय,काफ़ी एवं शकरयुक्त पेय हानिकारक है।
९) एक बार में ज्यादा भोजन न करें। ज्यादा भोजन से अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रोल निर्माण होगा जो हांनिकारक है।
१०) आयुर्वेद में उल्लेखित कतिपय औषधियां इस रोग में लाभदायक साबित हो सकती हैं।कुटकी चूर्ण,त्रिकटु चूर्ण,आरोग्य वर्धनी वटी,फ़लत्रिकादि चूर्ण,जैतुन का तैल ,नींबू का रस आदि औषधियां व्यवहार में लाई जाती हैं। ११)   सर्जरी  में  पित्त पथरी  नहीं निकाली जाती है  बल्कि  पूरे  पित्ताशय को ही  काटकर  निकाल दिया जाता है जिसके  दुष्परिणाम  रोगी को  जीवन भर  भुगतने  पड़ते हैं|  अत: जहां तक हो सके सर्जरी के बजाय औषधि से  चिकित्सा करना श्रेष्ठ  है|
१२) पुदीने में टेरपेन नामक प्राकृतिक तत्‍व होता है, जो पित्त से पथरी को घुलाने के लिए जाना जाता है। यह पित्त प्रवाह और अन्य पाचक रस को उत्तेजित करता है, इसलिए यह पाचन में भी सहायक होता है। पित्त की पथरी के लिए घरेलू उपाय के रूप में पुदीने की चाय का इस्‍तेमाल करें।
विशिष्ट परामर्श-
सिर्फ हर्बल चिकित्सा ही इस रोग में सफल परिणाम देती है| वैध्य श्री दामोदर की हर्बल दवा से 10 mm साईज़ तक की पथरी नष्ट हो जाती है और मरीज आपरेशन से बच जाता है| पथरी के भयंकर कष्ट और उपद्रवों से निजात मिल जाती है| दवा के लिए 98267-95656 पर संपर्क कर सकते हैं|







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13 टिप्‍पणियां:

deshbhakt ने कहा…

अन्य देशों के मुकाबले भारत में पित्त पथरी के मामले कम मिलते हैं। जानकार लोग मानते हैं कि भारत में हल्दी का उपयोग ज्यादा होने से पित्त पथरी कम बनती है। याने हल्दी का खुलकर् उपयोग करने से गाल स्टोन रोग से बचाव होता है। डा. आलोक अनुभवी हर्बेलिस्ट हैं, इस कठिन रोग से मुक्ति हेतु लेखक के बताये नुस्खों पर अमल करना फ़ायेदे मंद होगा।

rahul rathore ने कहा…

पित्त पथरी के बारे मे डा.आलोक का यह आर्टिकल हिन्दी भाषा में उपयोगी चिट्ठा है।अगर इन आसान उपायों से इस भयंकर बीमारी से निजात मिल जाए तो चीर फ़ाड की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। अच्छे लेख के लिये धन्यवाद!

Rector Kathuria ने कहा…

बहुत ही अच्छा, ज्ञान वर्धक और लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने वाला है...
....ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है....मैंने आज आपका ब्लॉग पहली बार देखा..इसके लिए चिठ्ठाजगत और समीर लाल जी का भी आभारी हूँ....वह हर रोज़ अच्छे अच्छे ब्लागों से परिचय करवाते रहते हैं.....
कभी संभव हो तो लुधियाना का रुख भी करिए...

आपका अपना ही...
रेक्टर कथूरिया

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

अच्छे लेख के लिये धन्यवाद!

E-Guru Rajeev ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


"टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

E-Guru Rajeev ने कहा…

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } ने कहा…

" बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,

साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

satya vachan ने कहा…

आधुनिक चिकित्सा में गाल स्टोन का कोइ इलाज नहीं है। ये घरेलू नुस्खे अगर इस बीमारी को ठीक करें तो रोगियों को कष्ट से निजात मिलेगी। आजकल इस बीमारी को लेकर सर्जरी में भी काफ़ी उलझने पैदा हो रही हैं। जानकारीपूर्ण लेख के लिये डा.साब का आभार!

JAGDISH ने कहा…

लोकोपयोगी लेख के लिए धन्यवाद!

dilip rathore shamgarh ने कहा…

very good article on gall stone disease.practicle home remedies are given.thanks

ramesh ashutosh ने कहा…

जन हित में बतादूं कि पित्ताषय में बनने वाली पथरी का ईलाज हर्बल दवा से वैध्य दामोदर करते हैं और जहां तक मुझे जानकारी है लॊगों को लाभ भी होता है।लोकोपयोगी लेख के लिये डा.आलोकजी का आभार!

Virender Kumar ने कहा…

I have 29 mm stone in my gallbladder